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40449664 |
?सम्पूर्ण भारतवर्ष जैन मुनि विहार एवं माता जी विहार समूह ?और गणमान्यगण? |
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2026-06-20 05:17:13 |
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?सम्पूर्ण भारतवर्ष जैन मुनि विहार एवं माता जी विहार समूह ?और गणमान्यगण? |
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2026-06-20 05:17:12 |
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40449664 |
?सम्पूर्ण भारतवर्ष जैन मुनि विहार एवं माता जी विहार समूह ?और गणमान्यगण? |
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2026-06-20 05:17:10 |
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40449664 |
?सम्पूर्ण भारतवर्ष जैन मुनि विहार एवं माता जी विहार समूह ?और गणमान्यगण? |
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2026-06-20 05:17:10 |
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40449664 |
?सम्पूर्ण भारतवर्ष जैन मुनि विहार एवं माता जी विहार समूह ?और गणमान्यगण? |
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जय जिनेन्द्र ?
आज श्रुत पंचमी का पावन पर्व है।
श्रुत पंचमी का अर्थ:
“श्रुत” का अर्थ है — सुना हुआ ज्ञान, अर्थात भगवान महावीर स्वामी की दिव्य वाणी और जिनवाणी। यह दिन जैन आगमों और शास्त्रों के संरक्षण एवं पूजन का पर्व माना जाता है। दिगंबर जैन परंपरा में यह दिन आचार्य धरसेन जी के शिष्यों आचार्य पुष्पदंत और आचार्य भूतबलि द्वारा षट्खंडागम की रचना पूर्ण होने की स्मृति से जुड़ा माना जाता है।
इस दिन हमें क्या करना चाहिए:
? जिनवाणी और जैन शास्त्रों की पूजा करें।
? मंदिर जाकर भगवान जिनेंद्र के दर्शन करें।
? आगम ग्रंथों का पाठ या स्वाध्याय करें।
? ज्ञान का सम्मान करें और बच्चों को धर्म एवं संस्कारों की शिक्षा दें।
? क्रोध, अहंकार और नकारात्मक विचारों को छोड़कर आत्मचिंतन करें।
? सामर्थ्य अनुसार दान, सेवा और जीव दया के कार्य करें।
आज का संदेश —
“धन से बड़ा ज्ञान है, और ज्ञान से बड़ा आत्मज्ञान है। जिनवाणी का श्रवण और मनन आत्मा को मुक्ति के मार्ग पर ले जाता है।”
जय जिनेन्द्र ?
— जिनेन्द्र जैन |
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2026-06-20 05:17:09 |
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40449664 |
?सम्पूर्ण भारतवर्ष जैन मुनि विहार एवं माता जी विहार समूह ?और गणमान्यगण? |
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जय जिनेन्द्र ?
आज श्रुत पंचमी का पावन पर्व है।
श्रुत पंचमी का अर्थ:
“श्रुत” का अर्थ है — सुना हुआ ज्ञान, अर्थात भगवान महावीर स्वामी की दिव्य वाणी और जिनवाणी। यह दिन जैन आगमों और शास्त्रों के संरक्षण एवं पूजन का पर्व माना जाता है। दिगंबर जैन परंपरा में यह दिन आचार्य धरसेन जी के शिष्यों आचार्य पुष्पदंत और आचार्य भूतबलि द्वारा षट्खंडागम की रचना पूर्ण होने की स्मृति से जुड़ा माना जाता है।
इस दिन हमें क्या करना चाहिए:
? जिनवाणी और जैन शास्त्रों की पूजा करें।
? मंदिर जाकर भगवान जिनेंद्र के दर्शन करें।
? आगम ग्रंथों का पाठ या स्वाध्याय करें।
? ज्ञान का सम्मान करें और बच्चों को धर्म एवं संस्कारों की शिक्षा दें।
? क्रोध, अहंकार और नकारात्मक विचारों को छोड़कर आत्मचिंतन करें।
? सामर्थ्य अनुसार दान, सेवा और जीव दया के कार्य करें।
आज का संदेश —
“धन से बड़ा ज्ञान है, और ज्ञान से बड़ा आत्मज्ञान है। जिनवाणी का श्रवण और मनन आत्मा को मुक्ति के मार्ग पर ले जाता है।”
जय जिनेन्द्र ?
— जिनेन्द्र जैन |
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2026-06-20 05:17:08 |
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55046411 |
सुबल प्रभावना मंच ❣️SUBAL |
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Jai jinendra aj ka tyag h |
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2026-06-20 05:17:01 |
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| 245725 |
55046411 |
सुबल प्रभावना मंच ❣️SUBAL |
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Jai jinendra aj ka tyag h |
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2026-06-20 05:17:01 |
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| 245722 |
42709912 |
विद्या के कुन्थु (Vidya ke Kunthu) |
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<a href="https://youtube.com/shorts/uZc0Li25IOY?si=4M7dnMgXxb6VZZWx" target="_blank">https://youtube.com/shorts/uZc0Li25IOY?si=4M7dnMgXxb6VZZWx</a> |
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2026-06-20 05:11:15 |
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42709912 |
विद्या के कुन्थु (Vidya ke Kunthu) |
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<a href="https://youtube.com/shorts/uZc0Li25IOY?si=4M7dnMgXxb6VZZWx" target="_blank">https://youtube.com/shorts/uZc0Li25IOY?si=4M7dnMgXxb6VZZWx</a> |
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2026-06-20 05:11:15 |
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