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82948 48925761 आचार्य श्री 108 समयसागर जी महाराज.3 _*आचार्य श्री समयसागर जी* द्वारा मानवता एवं धर्म के स्वरूप का प्ररूपण एवं *मोहन भागवत जी* के प्रति मंगल कामना, 13/4/26, नागपुर_ <a href="https://youtu.be/ZRJ6pGZADrg?si=c-ZFwiMcGAzcMxyq" target="_blank">https://youtu.be/ZRJ6pGZADrg?si=c-ZFwiMcGAzcMxyq</a> _(देखें 6.43 से 8.01 तक)_ ???? _*भारत देश की अमरता का रहस्य 'संतों के उपकार'* विषय पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के वर्तमान और छठे सरसंघचालक, मोहन भागवत जी का वक्तव्य, परम सान्निध्य *आचार्य श्री समयसागर जी महाराज* (ससंघ), आदीश्वरधाम पंचकल्याणक, 13/4/26, नागपुर_ <a href="https://youtu.be/VlKPcyIAOy0?si=QrrlbYtAvduhceCB" target="_blank">https://youtu.be/VlKPcyIAOy0?si=QrrlbYtAvduhceCB</a> 2026-04-13 16:25:32
82947 48925761 आचार्य श्री 108 समयसागर जी महाराज.3 _*आचार्य श्री समयसागर जी* द्वारा मानवता एवं धर्म के स्वरूप का प्ररूपण एवं *मोहन भागवत जी* के प्रति मंगल कामना, 13/4/26, नागपुर_ <a href="https://youtu.be/ZRJ6pGZADrg?si=c-ZFwiMcGAzcMxyq" target="_blank">https://youtu.be/ZRJ6pGZADrg?si=c-ZFwiMcGAzcMxyq</a> _(देखें 6.43 से 8.01 तक)_ ???? _*भारत देश की अमरता का रहस्य 'संतों के उपकार'* विषय पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के वर्तमान और छठे सरसंघचालक, मोहन भागवत जी का वक्तव्य, परम सान्निध्य *आचार्य श्री समयसागर जी महाराज* (ससंघ), आदीश्वरधाम पंचकल्याणक, 13/4/26, नागपुर_ <a href="https://youtu.be/VlKPcyIAOy0?si=QrrlbYtAvduhceCB" target="_blank">https://youtu.be/VlKPcyIAOy0?si=QrrlbYtAvduhceCB</a> 2026-04-13 16:25:31
82946 40449749 जिनोदय?JINODAYA *मरने के बाद की दिखावटी संवेदनाएं, जीते जी की सच्ची उपेक्षा* इंसान के मरने के बाद अक्सर एक अजीब सा दृश्य देखने को मिलता है। हर रिश्तेदार, हर परिचित बड़ी सहजता से कहता है—“रोटी हमारी तरफ से होगी”, “व्यवस्था हम करेंगे”, “कोई कमी नहीं रहने देंगे।” उस समय मानो संवेदनाओं की बाढ़ आ जाती है, पर यही लोग तब कहीं नजर नहीं आते जब वही इंसान ज़िंदा होता है, दर्द में होता है, बीमारी से जूझ रहा होता है। जब वह अस्पताल के चक्कर काट रहा होता है, दवाइयों के लिए पैसे जोड़ रहा होता है, मन से टूटा हुआ होता है—तब कोई यह नहीं कहता कि “दवाई मेरी तरफ से होगी”, “इलाज की चिंता मत करो”, “मैं साथ खड़ा हूं।” उस समय रिश्तों की असली परीक्षा होती है, और दुर्भाग्य से अधिकांश रिश्ते वहीं फेल हो जाते हैं। आज समाज में एक खतरनाक प्रवृत्ति विकसित हो गई है—जीते जी साथ देने से बचना और मरने के बाद दिखावा करना। क्योंकि जीते जी मदद करने में त्याग करना पड़ता है, समय देना पड़ता है, पैसा खर्च करना पड़ता है और सबसे बड़ी बात—दिल से जुड़ना पड़ता है। जबकि मृत्यु के बाद की व्यवस्थाओं में केवल समाज को दिखाने का अवसर होता है, जहां संवेदना कम और प्रदर्शन अधिक होता है। यह कटु सत्य है कि आज रिश्ते भावनाओं से नहीं, अवसरों और दिखावे से संचालित हो रहे हैं। किसी के दुःख में उसके साथ खड़ा होना कठिन लगता है, पर उसके जाने के बाद अपनी उपस्थिति दर्ज कराना आसान लगता है। यही कारण है कि समाज में संवेदनशीलता धीरे-धीरे समाप्त होती जा रही है। हमें यह समझना होगा कि असली धर्म, असली मानवता और असली रिश्ते वही हैं जो किसी के बुरे समय में काम आएं। अंतिम संस्कार में रोटी देने से कहीं बड़ा पुण्य उस समय होता है जब आप किसी की बीमारी में उसका सहारा बनते हैं, उसकी दवाई का खर्च उठाते हैं, उसे मानसिक बल देते हैं। जरूरत इस बात की है कि हम अपने व्यवहार में बदलाव लाएं। दिखावे की इस परंपरा को तोड़ें और सच्चे अर्थों में रिश्तों को निभाएं। किसी के जाने के बाद नहीं, बल्कि उसके जीते जी उसके काम आएं। क्योंकि मरने के बाद की रोटी से ज्यादा मूल्यवान जीते जी की दवाई होती है, और दिखावे की भीड़ से ज्यादा कीमती एक सच्चा साथ होता है। यदि हम सच में समाज को बेहतर बनाना चाहते हैं, तो हमें अपनी प्राथमिकताएं बदलनी होंगी—दिखावे से हटकर संवेदनाओं की ओर, औपचारिकता से हटकर वास्तविकता की ओर। नितिन जैन संयोजक — जैन तीर्थ श्री पार्श्व पद्मावती धाम, पलवल (हरियाणा) जिलाध्यक्ष — अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन, पलवल मोबाइल: 9215635871 2026-04-13 16:24:55
82945 40449749 जिनोदय?JINODAYA *मरने के बाद की दिखावटी संवेदनाएं, जीते जी की सच्ची उपेक्षा* इंसान के मरने के बाद अक्सर एक अजीब सा दृश्य देखने को मिलता है। हर रिश्तेदार, हर परिचित बड़ी सहजता से कहता है—“रोटी हमारी तरफ से होगी”, “व्यवस्था हम करेंगे”, “कोई कमी नहीं रहने देंगे।” उस समय मानो संवेदनाओं की बाढ़ आ जाती है, पर यही लोग तब कहीं नजर नहीं आते जब वही इंसान ज़िंदा होता है, दर्द में होता है, बीमारी से जूझ रहा होता है। जब वह अस्पताल के चक्कर काट रहा होता है, दवाइयों के लिए पैसे जोड़ रहा होता है, मन से टूटा हुआ होता है—तब कोई यह नहीं कहता कि “दवाई मेरी तरफ से होगी”, “इलाज की चिंता मत करो”, “मैं साथ खड़ा हूं।” उस समय रिश्तों की असली परीक्षा होती है, और दुर्भाग्य से अधिकांश रिश्ते वहीं फेल हो जाते हैं। आज समाज में एक खतरनाक प्रवृत्ति विकसित हो गई है—जीते जी साथ देने से बचना और मरने के बाद दिखावा करना। क्योंकि जीते जी मदद करने में त्याग करना पड़ता है, समय देना पड़ता है, पैसा खर्च करना पड़ता है और सबसे बड़ी बात—दिल से जुड़ना पड़ता है। जबकि मृत्यु के बाद की व्यवस्थाओं में केवल समाज को दिखाने का अवसर होता है, जहां संवेदना कम और प्रदर्शन अधिक होता है। यह कटु सत्य है कि आज रिश्ते भावनाओं से नहीं, अवसरों और दिखावे से संचालित हो रहे हैं। किसी के दुःख में उसके साथ खड़ा होना कठिन लगता है, पर उसके जाने के बाद अपनी उपस्थिति दर्ज कराना आसान लगता है। यही कारण है कि समाज में संवेदनशीलता धीरे-धीरे समाप्त होती जा रही है। हमें यह समझना होगा कि असली धर्म, असली मानवता और असली रिश्ते वही हैं जो किसी के बुरे समय में काम आएं। अंतिम संस्कार में रोटी देने से कहीं बड़ा पुण्य उस समय होता है जब आप किसी की बीमारी में उसका सहारा बनते हैं, उसकी दवाई का खर्च उठाते हैं, उसे मानसिक बल देते हैं। जरूरत इस बात की है कि हम अपने व्यवहार में बदलाव लाएं। दिखावे की इस परंपरा को तोड़ें और सच्चे अर्थों में रिश्तों को निभाएं। किसी के जाने के बाद नहीं, बल्कि उसके जीते जी उसके काम आएं। क्योंकि मरने के बाद की रोटी से ज्यादा मूल्यवान जीते जी की दवाई होती है, और दिखावे की भीड़ से ज्यादा कीमती एक सच्चा साथ होता है। यदि हम सच में समाज को बेहतर बनाना चाहते हैं, तो हमें अपनी प्राथमिकताएं बदलनी होंगी—दिखावे से हटकर संवेदनाओं की ओर, औपचारिकता से हटकर वास्तविकता की ओर। नितिन जैन संयोजक — जैन तीर्थ श्री पार्श्व पद्मावती धाम, पलवल (हरियाणा) जिलाध्यक्ष — अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन, पलवल मोबाइल: 9215635871 2026-04-13 16:24:54
82944 40449660 Acharya PulakSagarji 07 <a href="https://www.instagram.com/reel/DXEVMi8EkoE/?igsh=cnV2d2xybHRpN3Z6" target="_blank">https://www.instagram.com/reel/DXEVMi8EkoE/?igsh=cnV2d2xybHRpN3Z6</a> 2026-04-13 16:24:07
82943 40449660 Acharya PulakSagarji 07 <a href="https://www.instagram.com/reel/DXEVMi8EkoE/?igsh=cnV2d2xybHRpN3Z6" target="_blank">https://www.instagram.com/reel/DXEVMi8EkoE/?igsh=cnV2d2xybHRpN3Z6</a> 2026-04-13 16:24:06
82942 40449675 ?विराग विशुद्ध विनिश्चल गुरुभक्त परिवार? <a href="https://www.instagram.com/reel/DXEVMi8EkoE/?igsh=cnV2d2xybHRpN3Z6" target="_blank">https://www.instagram.com/reel/DXEVMi8EkoE/?igsh=cnV2d2xybHRpN3Z6</a> 2026-04-13 16:23:47
82941 40449675 ?विराग विशुद्ध विनिश्चल गुरुभक्त परिवार? <a href="https://www.instagram.com/reel/DXEVMi8EkoE/?igsh=cnV2d2xybHRpN3Z6" target="_blank">https://www.instagram.com/reel/DXEVMi8EkoE/?igsh=cnV2d2xybHRpN3Z6</a> 2026-04-13 16:23:46
82939 40449688 3. विद्याशिरोमणी आचार्य श्री समयसागर जी _*आचार्य श्री समयसागर जी* द्वारा मानवता एवं धर्म के स्वरूप का प्ररूपण एवं *मोहन भागवत जी* के प्रति मंगल कामना, 13/4/26, नागपुर_ <a href="https://youtu.be/ZRJ6pGZADrg?si=c-ZFwiMcGAzcMxyq" target="_blank">https://youtu.be/ZRJ6pGZADrg?si=c-ZFwiMcGAzcMxyq</a> _(देखें 6.43 से 8.01 तक)_ ???? _*भारत देश की अमरता का रहस्य 'संतों के उपकार'* विषय पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के वर्तमान और छठे सरसंघचालक, मोहन भागवत जी का वक्तव्य, परम सान्निध्य *आचार्य श्री समयसागर जी महाराज* (ससंघ), आदीश्वरधाम पंचकल्याणक, 13/4/26, नागपुर_ <a href="https://youtu.be/VlKPcyIAOy0?si=QrrlbYtAvduhceCB" target="_blank">https://youtu.be/VlKPcyIAOy0?si=QrrlbYtAvduhceCB</a> 2026-04-13 16:20:52
82940 40449688 3. विद्याशिरोमणी आचार्य श्री समयसागर जी _*आचार्य श्री समयसागर जी* द्वारा मानवता एवं धर्म के स्वरूप का प्ररूपण एवं *मोहन भागवत जी* के प्रति मंगल कामना, 13/4/26, नागपुर_ <a href="https://youtu.be/ZRJ6pGZADrg?si=c-ZFwiMcGAzcMxyq" target="_blank">https://youtu.be/ZRJ6pGZADrg?si=c-ZFwiMcGAzcMxyq</a> _(देखें 6.43 से 8.01 तक)_ ???? _*भारत देश की अमरता का रहस्य 'संतों के उपकार'* विषय पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के वर्तमान और छठे सरसंघचालक, मोहन भागवत जी का वक्तव्य, परम सान्निध्य *आचार्य श्री समयसागर जी महाराज* (ससंघ), आदीश्वरधाम पंचकल्याणक, 13/4/26, नागपुर_ <a href="https://youtu.be/VlKPcyIAOy0?si=QrrlbYtAvduhceCB" target="_blank">https://youtu.be/VlKPcyIAOy0?si=QrrlbYtAvduhceCB</a> 2026-04-13 16:20:52