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Chat ID
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Chat Name
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Sender
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Phone
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Message
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Status
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Date |
View |
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40449677 |
तीर्थ बचाओ धर्म बचाओ जन आंदोलन |
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<a href="https://youtu.be/ItLX0aoiXJk?si=aw1ROuMxsxMsquL4" target="_blank">https://youtu.be/ItLX0aoiXJk?si=aw1ROuMxsxMsquL4</a> |
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2026-04-12 11:37:35 |
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| 79659 |
40449677 |
तीर्थ बचाओ धर्म बचाओ जन आंदोलन |
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<a href="https://youtu.be/ItLX0aoiXJk?si=aw1ROuMxsxMsquL4" target="_blank">https://youtu.be/ItLX0aoiXJk?si=aw1ROuMxsxMsquL4</a> |
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2026-04-12 11:37:34 |
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| 79657 |
40449665 |
2.0 Jain Dharam ? जैन धर्म |
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<a href="https://youtu.be/ItLX0aoiXJk?si=aw1ROuMxsxMsquL4" target="_blank">https://youtu.be/ItLX0aoiXJk?si=aw1ROuMxsxMsquL4</a> |
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2026-04-12 11:37:23 |
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| 79658 |
40449665 |
2.0 Jain Dharam ? जैन धर्म |
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<a href="https://youtu.be/ItLX0aoiXJk?si=aw1ROuMxsxMsquL4" target="_blank">https://youtu.be/ItLX0aoiXJk?si=aw1ROuMxsxMsquL4</a> |
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2026-04-12 11:37:23 |
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| 79655 |
40449688 |
3. विद्याशिरोमणी आचार्य श्री समयसागर जी |
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2026-04-12 11:35:43 |
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| 79656 |
40449688 |
3. विद्याशिरोमणी आचार्य श्री समयसागर जी |
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2026-04-12 11:35:43 |
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| 79653 |
40449687 |
अध्यात्मयोगी |
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<a href="https://youtube.com/shorts/JBY0D8HrR4Y?feature=share" target="_blank">https://youtube.com/shorts/JBY0D8HrR4Y?feature=share</a> |
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2026-04-12 11:35:37 |
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| 79654 |
40449687 |
अध्यात्मयोगी |
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<a href="https://youtube.com/shorts/JBY0D8HrR4Y?feature=share" target="_blank">https://youtube.com/shorts/JBY0D8HrR4Y?feature=share</a> |
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2026-04-12 11:35:37 |
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| 79652 |
40449688 |
3. विद्याशिरोमणी आचार्य श्री समयसागर जी |
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*_मुझे तीर्थंकर बनने का कोई भी विकल्प नही_*
- आचार्य श्री विद्यासागर जी
????
_प्रातः स्मरणीय परम पूज्य वर्तमान *आचार्य श्री समयसागर जी महाराज*, आदीश्वर धाम, पंचकल्याणक, नागपुर (11/4/26, प्रथम दिवस, प्रवचन)_
<a href="https://youtu.be/7zRg4ajdXaU?si=uqyc1p2RVKoNatlX" target="_blank">https://youtu.be/7zRg4ajdXaU?si=uqyc1p2RVKoNatlX</a>
_(देखें 7.51 से 10.56 तक)_
???
*वह तुलना की क्रिया ही*
*प्रकारान्तर से स्पर्धा है,*
*स्पर्धा प्रकाश में लाती है*
*कहीं... सुदूर... जा... भीतर बैठी*
*अहंकार की सूक्ष्म सत्ता को।*
फिर, अहंकार को सन्तोष कहाँ ?
बिना सन्तोष, जीवन सदोष है
यही एक कारण है, कि
प्रशंसा-यश की तृष्णा से झुलसा
यह सदोष जीवन
सहज जय-घोषों की, सुखद गुणों की
सघन-शीतल छाँव से वंचित रहता है।
- _मूकमाटी :: ३३९_
- _आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज_ |
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2026-04-12 11:35:21 |
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| 79651 |
40449688 |
3. विद्याशिरोमणी आचार्य श्री समयसागर जी |
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*_मुझे तीर्थंकर बनने का कोई भी विकल्प नही_*
- आचार्य श्री विद्यासागर जी
????
_प्रातः स्मरणीय परम पूज्य वर्तमान *आचार्य श्री समयसागर जी महाराज*, आदीश्वर धाम, पंचकल्याणक, नागपुर (11/4/26, प्रथम दिवस, प्रवचन)_
<a href="https://youtu.be/7zRg4ajdXaU?si=uqyc1p2RVKoNatlX" target="_blank">https://youtu.be/7zRg4ajdXaU?si=uqyc1p2RVKoNatlX</a>
_(देखें 7.51 से 10.56 तक)_
???
*वह तुलना की क्रिया ही*
*प्रकारान्तर से स्पर्धा है,*
*स्पर्धा प्रकाश में लाती है*
*कहीं... सुदूर... जा... भीतर बैठी*
*अहंकार की सूक्ष्म सत्ता को।*
फिर, अहंकार को सन्तोष कहाँ ?
बिना सन्तोष, जीवन सदोष है
यही एक कारण है, कि
प्रशंसा-यश की तृष्णा से झुलसा
यह सदोष जीवन
सहज जय-घोषों की, सुखद गुणों की
सघन-शीतल छाँव से वंचित रहता है।
- _मूकमाटी :: ३३९_
- _आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज_ |
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2026-04-12 11:35:20 |
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