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Chat ID
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Sender
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Message
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Date |
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श्री सर्वतोभद्र नवग्रह तीर्थ प्रतिष्ठान क्षेत्र आर्यिका श्री चंद्रामती माताजी मंगसुळी |
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*अच्छे मनुष्य की पहचान उसके पहनावे से नही,उसके आचरण,गुण,त्याग की भावना और कर्मों से होती है।*
?*_क्षु0 जिनदत्त सागर जी_* ✍️ |
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2026-06-14 05:35:52 |
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| 228540 |
50889696 |
श्री सर्वतोभद्र नवग्रह तीर्थ प्रतिष्ठान क्षेत्र आर्यिका श्री चंद्रामती माताजी मंगसुळी |
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*मनुष्य यदि अपनी इच्छाओं को घटाकर देखे, तो खुशियों का संसार नजर आयेगा। जिंदगी में एक दूसरे के जैसा होना आवश्यक नहीं है, बल्कि एक दूसरे के लिए होना आवश्यक है...*
?*_क्षु0 जिनदत्त सागर जी_* ✍️ |
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2026-06-14 05:35:51 |
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| 228539 |
50889696 |
श्री सर्वतोभद्र नवग्रह तीर्थ प्रतिष्ठान क्षेत्र आर्यिका श्री चंद्रामती माताजी मंगसुळी |
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*मनुष्य यदि अपनी इच्छाओं को घटाकर देखे, तो खुशियों का संसार नजर आयेगा। जिंदगी में एक दूसरे के जैसा होना आवश्यक नहीं है, बल्कि एक दूसरे के लिए होना आवश्यक है...*
?*_क्षु0 जिनदत्त सागर जी_* ✍️ |
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2026-06-14 05:35:50 |
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| 228537 |
50889696 |
श्री सर्वतोभद्र नवग्रह तीर्थ प्रतिष्ठान क्षेत्र आर्यिका श्री चंद्रामती माताजी मंगसुळी |
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2026-06-14 05:35:49 |
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श्री सर्वतोभद्र नवग्रह तीर्थ प्रतिष्ठान क्षेत्र आर्यिका श्री चंद्रामती माताजी मंगसुळी |
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2026-06-14 05:35:49 |
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श्री सर्वतोभद्र नवग्रह तीर्थ प्रतिष्ठान क्षेत्र आर्यिका श्री चंद्रामती माताजी मंगसुळी |
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2026-06-14 05:35:47 |
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श्री सर्वतोभद्र नवग्रह तीर्थ प्रतिष्ठान क्षेत्र आर्यिका श्री चंद्रामती माताजी मंगसुळी |
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2026-06-14 05:35:47 |
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श्री सर्वतोभद्र नवग्रह तीर्थ प्रतिष्ठान क्षेत्र आर्यिका श्री चंद्रामती माताजी मंगसुळी |
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2026-06-14 05:35:46 |
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श्री सर्वतोभद्र नवग्रह तीर्थ प्रतिष्ठान क्षेत्र आर्यिका श्री चंद्रामती माताजी मंगसुळी |
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2026-06-14 05:35:46 |
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श्री सर्वतोभद्र नवग्रह तीर्थ प्रतिष्ठान क्षेत्र आर्यिका श्री चंद्रामती माताजी मंगसुळी |
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⏰?*सुप्रभात*⏰?
मात्र ₹10 का नोट कहीं से चिपका हुआ हो, टेप लगी हो उसके लिए कितना छल कर सकता है व्यक्ति, कल्पना से भी परे है। भय युक्त मनोभाव के साथ पूरा प्रयास करता है, सामने वाले के सामने भेद न खुले। कदाचित पता लगने पर मनगढ़ंत बहाने बनाता है। उस ₹10 के नोट को चलाने के लिए व्यक्तियों की एक श्रृंखला बन जाती है। यह एकमात्र छोटा सा उदाहरण है। व्यक्ति छोटी-छोटी परिस्थितियों के लिए छल, ईर्ष्या के द्वारा अपनी ही मनोवृति से अपने को दुखों के संसार में डाल देता है।
???*आपका दिन शुभ मंगलमय हो* ???
?*_क्षु0 जिनदत्त सागर जी_* ✍️ |
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2026-06-14 05:35:44 |
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