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Sender
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Message
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40449691 |
गुरु आर्जव वाणी New 3️⃣ |
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*गुरु चरणों में नतमस्तक...... महान व्यक्तित्व* |
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2026-06-12 19:33:16 |
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| 225253 |
40449710 |
11. वात्सल्य वारिधि |
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धन्य है वह प्रतिष्ठित, दानवीर एवं धर्मनिष्ठ चूड़ीवाल परिवार, जिसकी सेवा-भक्ति, समर्पण एवं गुरु श्रद्धा की अनुमोदना स्वयं जैन भामाशाह अशोक जी पाटनी (RK Marble) जैसे महानुभाव इस प्रकार करें—
यह निस्संदेह आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज के आशीर्वाद एवं गुरु माँ आर्यिका श्री सुपार्श्वमती माताजी के श्रेष्ठ संस्कारों का प्रतिफल है।
संपन्नता, वैभव और प्रतिष्ठा अपने स्थान पर हैं, किन्तु वास्तविक गौरव तब है जब धन धर्म की सेवा में समर्पित हो जाए और आपकी सेवा-भक्ति की अनुमोदना समाज के अग्रणी दानवीर भी करें। चूड़ीवाल परिवार ने यह सिद्ध किया है कि जीवन की सबसे बड़ी कमाई केवल धन नहीं, बल्कि गुरु कृपा, श्रेष्ठ संस्कार, पुण्य और समाज की हृदय से प्राप्त अनुमोदना है।
"धनवान तो अनेक होते हैं, पर धन को धर्म के चरणों में समर्पित कर सम्मान पाने वाले विरले ही होते हैं।" ??
? इस भावपूर्ण वीडियो को अवश्य देखें एवं अधिक से अधिक जैन समाज के समूहों में साझा करें, ताकि ऐसी गुरु भक्ति, सेवा और समर्पण की प्रेरणा जन-जन तक पहुँच सके। |
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2026-06-12 19:33:15 |
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| 225254 |
40449710 |
11. वात्सल्य वारिधि |
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धन्य है वह प्रतिष्ठित, दानवीर एवं धर्मनिष्ठ चूड़ीवाल परिवार, जिसकी सेवा-भक्ति, समर्पण एवं गुरु श्रद्धा की अनुमोदना स्वयं जैन भामाशाह अशोक जी पाटनी (RK Marble) जैसे महानुभाव इस प्रकार करें—
यह निस्संदेह आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज के आशीर्वाद एवं गुरु माँ आर्यिका श्री सुपार्श्वमती माताजी के श्रेष्ठ संस्कारों का प्रतिफल है।
संपन्नता, वैभव और प्रतिष्ठा अपने स्थान पर हैं, किन्तु वास्तविक गौरव तब है जब धन धर्म की सेवा में समर्पित हो जाए और आपकी सेवा-भक्ति की अनुमोदना समाज के अग्रणी दानवीर भी करें। चूड़ीवाल परिवार ने यह सिद्ध किया है कि जीवन की सबसे बड़ी कमाई केवल धन नहीं, बल्कि गुरु कृपा, श्रेष्ठ संस्कार, पुण्य और समाज की हृदय से प्राप्त अनुमोदना है।
"धनवान तो अनेक होते हैं, पर धन को धर्म के चरणों में समर्पित कर सम्मान पाने वाले विरले ही होते हैं।" ??
? इस भावपूर्ण वीडियो को अवश्य देखें एवं अधिक से अधिक जैन समाज के समूहों में साझा करें, ताकि ऐसी गुरु भक्ति, सेवा और समर्पण की प्रेरणा जन-जन तक पहुँच सके। |
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2026-06-12 19:33:15 |
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| 225251 |
40449677 |
तीर्थ बचाओ धर्म बचाओ जन आंदोलन |
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प्राकृत विद्या शिक्षण शिविर श्री गौराबाई दिगंबर जैन मंदिर, नमक मंडी कटरा, सागर,
राष्ट्रीय संयोजक :- डॉ. आशीष जैन आचार्य, क्षेत्रीय संयोजक :- अनिल जैन साहित्याचार्य
निर्देशन:- डॉ. राजेश जैन शास्त्री ललितपुर
पंडित अरुण जैन शास्त्री जबलपुर
पंडित विवेक जैन शास्त्री बलदेवगढ़ |
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2026-06-12 19:32:24 |
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| 225252 |
40449677 |
तीर्थ बचाओ धर्म बचाओ जन आंदोलन |
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प्राकृत विद्या शिक्षण शिविर श्री गौराबाई दिगंबर जैन मंदिर, नमक मंडी कटरा, सागर,
राष्ट्रीय संयोजक :- डॉ. आशीष जैन आचार्य, क्षेत्रीय संयोजक :- अनिल जैन साहित्याचार्य
निर्देशन:- डॉ. राजेश जैन शास्त्री ललितपुर
पंडित अरुण जैन शास्त्री जबलपुर
पंडित विवेक जैन शास्त्री बलदेवगढ़ |
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2026-06-12 19:32:24 |
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40449677 |
तीर्थ बचाओ धर्म बचाओ जन आंदोलन |
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2026-06-12 19:32:22 |
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| 225249 |
40449677 |
तीर्थ बचाओ धर्म बचाओ जन आंदोलन |
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2026-06-12 19:32:21 |
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| 225247 |
40449670 |
SRI DIGAMBER JN SAMAJ BANGALORE |
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*सोहे जिन की छवि सुविद्यमान जिन-सी...* ✍?
विगत कई दिनों से मन बहुत दुःखी था, समझ में नहीं आ रहा था क्या लिखूं, परंतु आज इस अत्यन्त शुभ समाचार ने लिखने की अल्प सामर्थ्य प्रदान की है।
आप सभी को विदित होगा कि श्री सीमन्धर जिनालय गुना में पूज्य गुरुदेवश्री कानजी स्वामी के प्रभावना योग में प्रतिष्ठित एवं वर्षों से सकल जैन समाज द्वारा पूजित श्री जिनबिम्बों को स्टेच्यू कहकर पुनः पंचकल्याणक प्रतिष्ठा कराने का दुस्साहसपूर्ण संकल्प भरी समाज में एक पदधारी व्यक्ति विशेष द्वारा किया गया था। एक ढुलमुल प्रकृति के मुमुक्षुभासी परिवार के मूर्खतापूर्ण निर्णय ने समस्त मुमुक्षु जगत को झकझोर दिया था।
गुना मुमुक्षु समाज की अथाह भक्ति और अथक प्रयासों से उन पूजनीय जिनप्रतिमाओं में से लगभग 30 हमें वापस मिल गयी हैं, मात्र 10 प्रतिमाएं जो मिश्र विचारधारा वाले व्यक्तियों द्वारा दी गयी थी, उनके पास शेष हैं।
सूरिमन्त्र के नाम पर हमारे आराध्य जिनबिम्बों के साथ ऐसा औरंगजेबी खिलवाड़ सचमुच ऐतिहासिक है। न ही जनता और न ही कर्म इस दुष्कृत्य को कभी भूल पाएंगे।
पूज्य गुरुदेव श्री कानजी स्वामी के मंगल प्रभावना योग में विराजमान जिनप्रतिमाओं को दुर्वचन कहना, शुद्ध तेरापन्थ आम्नाय के होने के बावजूद उन्हें अपशब्द कहना, साक्षात अधोगति का द्योतक है।
अश्रुपूरित नयनों से अत्यन्त भक्ति भाव पूर्वक *'अपने जिनबिम्ब अपने जिनमन्दिर में'* विराजमान हो गए हैं।
जैनं जयतु शासनम्।।
?️ दिव्यध्वनि प्रसारण |
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2026-06-12 19:32:08 |
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| 225248 |
40449670 |
SRI DIGAMBER JN SAMAJ BANGALORE |
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*सोहे जिन की छवि सुविद्यमान जिन-सी...* ✍?
विगत कई दिनों से मन बहुत दुःखी था, समझ में नहीं आ रहा था क्या लिखूं, परंतु आज इस अत्यन्त शुभ समाचार ने लिखने की अल्प सामर्थ्य प्रदान की है।
आप सभी को विदित होगा कि श्री सीमन्धर जिनालय गुना में पूज्य गुरुदेवश्री कानजी स्वामी के प्रभावना योग में प्रतिष्ठित एवं वर्षों से सकल जैन समाज द्वारा पूजित श्री जिनबिम्बों को स्टेच्यू कहकर पुनः पंचकल्याणक प्रतिष्ठा कराने का दुस्साहसपूर्ण संकल्प भरी समाज में एक पदधारी व्यक्ति विशेष द्वारा किया गया था। एक ढुलमुल प्रकृति के मुमुक्षुभासी परिवार के मूर्खतापूर्ण निर्णय ने समस्त मुमुक्षु जगत को झकझोर दिया था।
गुना मुमुक्षु समाज की अथाह भक्ति और अथक प्रयासों से उन पूजनीय जिनप्रतिमाओं में से लगभग 30 हमें वापस मिल गयी हैं, मात्र 10 प्रतिमाएं जो मिश्र विचारधारा वाले व्यक्तियों द्वारा दी गयी थी, उनके पास शेष हैं।
सूरिमन्त्र के नाम पर हमारे आराध्य जिनबिम्बों के साथ ऐसा औरंगजेबी खिलवाड़ सचमुच ऐतिहासिक है। न ही जनता और न ही कर्म इस दुष्कृत्य को कभी भूल पाएंगे।
पूज्य गुरुदेव श्री कानजी स्वामी के मंगल प्रभावना योग में विराजमान जिनप्रतिमाओं को दुर्वचन कहना, शुद्ध तेरापन्थ आम्नाय के होने के बावजूद उन्हें अपशब्द कहना, साक्षात अधोगति का द्योतक है।
अश्रुपूरित नयनों से अत्यन्त भक्ति भाव पूर्वक *'अपने जिनबिम्ब अपने जिनमन्दिर में'* विराजमान हो गए हैं।
जैनं जयतु शासनम्।।
?️ दिव्यध्वनि प्रसारण |
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2026-06-12 19:32:08 |
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| 225246 |
49028270 |
1.श्री सम्मेद शिखर जी |
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<a href="https://www.youtube.com/live/E2XxAQ-hcVM?si=4t97yvAOMAI2X_zN" target="_blank">https://www.youtube.com/live/E2XxAQ-hcVM?si=4t97yvAOMAI2X_zN</a>
*{पृच्छा समाधान}*
युवा संस्कार प्रणेता मुनिश्री विनंदसागर जी मुनिराज
सैतवाल जैन मंदिर बुधवारा अमरावती,महाराष्ट्र |
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2026-06-12 19:31:28 |
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