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Chat ID
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Chat Name
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Sender
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Phone
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Message
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Status
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Date |
View |
| 71510 |
40449665 |
2.0 Jain Dharam ? जैन धर्म |
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*दिनांक :09/04/26*
*?आत्मचिंतन?*
एक दिन एक व्यक्ति ऑटो से रेलवे स्टेशन जा रहा था। ऑटो वाला बड़े आराम से ऑटो चला रहा था। एक कार अचानक ही पार्किंग से निकलकर रोड पर आ गयी। ऑटो चालक ने तेजी से ब्रेक लगाया और कार, ऑटो से टकराते टकराते बची।
कार चालक गुस्से में ऑटो वाले को ही भला-बुरा कहने लगा जबकि गलती कार- चालक की थी।
ऑटो चालक एक सत्संगी (सकारात्मक विचार सुनने-सुनाने वाला) था। उसने कार वाले की बातों पर गुस्सा नहीं किया और क्षमा माँगते हुए आगे बढ़ गया।
ऑटो में बैठे व्यक्ति को कार वाले की हरकत पर गुस्सा आ रहा था और उसने ऑटो वाले से पूछा तुमने उस कार वाले को बिना कुछ कहे ऐसे ही क्यों जाने दिया। उसने तुम्हें भला-बुरा कहा जबकि गलती तो उसकी थी। हमारी किस्मत अच्छी है, नहीं तो उसकी वजह से हम अभी अस्पताल में होते।
ऑटो वाले ने कहा साहब बहुत से लोग गार्बेज ट्रक (कूड़े का ट्रक) की तरह होते हैं। वे बहुत सारा कूड़ा अपने दिमाग में भरे हुए चलते हैं। जिन चीजों की जीवन में कोई ज़रूरत नहीं होती उनको मेहनत करके जोड़ते रहते हैं जैसे क्रोध, घृणा, चिंता, निराशा आदि। जब उनके दिमाग में इनका कूड़ा बहुत अधिक हो जाता है तो वे अपना बोझ हल्का करने के लिए इसे दूसरों पर फेंकने का मौका ढूँढ़ने लगते हैं।
इसलिए मैं ऐसे लोगों से दूरी बनाए रखता हूँ और उन्हें दूर से ही मुस्कराकर अलविदा कह देता हूँ। क्योंकि अगर उन जैसे लोगों द्वारा गिराया हुआ कूड़ा मैंने स्वीकार कर लिया तो मैं भी एक कूड़े का ट्रक बन जाऊँगा और अपने साथ साथ आसपास के लोगों पर भी वह कूड़ा गिराता रहूँगा।
मैं सोचता हूँ जिंदगी बहुत ख़ूबसूरत है इसलिए जो हमसे अच्छा व्यवहार करते हैं उन्हें धन्यवाद कहो और जो हमसे अच्छा व्यवहार नहीं करते उन्हें मुस्कुराकर माफ़ कर दो। हमें यह याद रखना चाहिए कि सभी मानसिक रोगी केवल अस्पताल में ही नहीं रहते हैं। कुछ हमारे आस-पास खुले में भी घूमते रहते हैं ।
प्रकृति के नियम: *यदि खेत में बीज न डाले जाएँ तो कुदरत उसे घास-फूस से भर देती है।*
*उसी तरह से यदि दिमाग में सकारात्मक विचार न भरें जाएँ तो नकारात्मक विचार अपनी जगह बना ही लेते हैं।*
*दूसरा नियम है कि जिसके पास जो होता है वह वही बाँटता है। "सुखी" सुख बाँटता है, "दु:खी" दुःख बाँटता है, "ज्ञानी" ज्ञान बाँटता है, भ्रमित भ्रम बाँटता है, और "भयभीत" भय बाँटता है। जो खुद डरा हुआ है वह औरों को डराता है, दबा हुआ दबाता है ,चमका हुआ चमकाता है।*
???
*जो प्राप्त है-पर्याप्त है*
*जिसका मन मस्त है*
*उसके पास समस्त है!!*
????????
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????????
*आप भी अपने जानकर , दोस्त और परिवार के सदस्यों को add कर सकते है जिससे सभी को कहानी से प्रेरणा मिल सके और ज्यादा से ज्यादा लाभ हो धन्यवाद।*
*?धन्यवाद?*
*✍?संकलन कर्ता-*
*आशीष जैन 9893070101*
*?Gopachal Grow Consultant?*
*हमारा आदर्श: सरल/सहज़/सुगम*
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2026-04-09 09:36:26 |
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| 71509 |
40449665 |
2.0 Jain Dharam ? जैन धर्म |
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*दिनांक :09/04/26*
*?आत्मचिंतन?*
एक दिन एक व्यक्ति ऑटो से रेलवे स्टेशन जा रहा था। ऑटो वाला बड़े आराम से ऑटो चला रहा था। एक कार अचानक ही पार्किंग से निकलकर रोड पर आ गयी। ऑटो चालक ने तेजी से ब्रेक लगाया और कार, ऑटो से टकराते टकराते बची।
कार चालक गुस्से में ऑटो वाले को ही भला-बुरा कहने लगा जबकि गलती कार- चालक की थी।
ऑटो चालक एक सत्संगी (सकारात्मक विचार सुनने-सुनाने वाला) था। उसने कार वाले की बातों पर गुस्सा नहीं किया और क्षमा माँगते हुए आगे बढ़ गया।
ऑटो में बैठे व्यक्ति को कार वाले की हरकत पर गुस्सा आ रहा था और उसने ऑटो वाले से पूछा तुमने उस कार वाले को बिना कुछ कहे ऐसे ही क्यों जाने दिया। उसने तुम्हें भला-बुरा कहा जबकि गलती तो उसकी थी। हमारी किस्मत अच्छी है, नहीं तो उसकी वजह से हम अभी अस्पताल में होते।
ऑटो वाले ने कहा साहब बहुत से लोग गार्बेज ट्रक (कूड़े का ट्रक) की तरह होते हैं। वे बहुत सारा कूड़ा अपने दिमाग में भरे हुए चलते हैं। जिन चीजों की जीवन में कोई ज़रूरत नहीं होती उनको मेहनत करके जोड़ते रहते हैं जैसे क्रोध, घृणा, चिंता, निराशा आदि। जब उनके दिमाग में इनका कूड़ा बहुत अधिक हो जाता है तो वे अपना बोझ हल्का करने के लिए इसे दूसरों पर फेंकने का मौका ढूँढ़ने लगते हैं।
इसलिए मैं ऐसे लोगों से दूरी बनाए रखता हूँ और उन्हें दूर से ही मुस्कराकर अलविदा कह देता हूँ। क्योंकि अगर उन जैसे लोगों द्वारा गिराया हुआ कूड़ा मैंने स्वीकार कर लिया तो मैं भी एक कूड़े का ट्रक बन जाऊँगा और अपने साथ साथ आसपास के लोगों पर भी वह कूड़ा गिराता रहूँगा।
मैं सोचता हूँ जिंदगी बहुत ख़ूबसूरत है इसलिए जो हमसे अच्छा व्यवहार करते हैं उन्हें धन्यवाद कहो और जो हमसे अच्छा व्यवहार नहीं करते उन्हें मुस्कुराकर माफ़ कर दो। हमें यह याद रखना चाहिए कि सभी मानसिक रोगी केवल अस्पताल में ही नहीं रहते हैं। कुछ हमारे आस-पास खुले में भी घूमते रहते हैं ।
प्रकृति के नियम: *यदि खेत में बीज न डाले जाएँ तो कुदरत उसे घास-फूस से भर देती है।*
*उसी तरह से यदि दिमाग में सकारात्मक विचार न भरें जाएँ तो नकारात्मक विचार अपनी जगह बना ही लेते हैं।*
*दूसरा नियम है कि जिसके पास जो होता है वह वही बाँटता है। "सुखी" सुख बाँटता है, "दु:खी" दुःख बाँटता है, "ज्ञानी" ज्ञान बाँटता है, भ्रमित भ्रम बाँटता है, और "भयभीत" भय बाँटता है। जो खुद डरा हुआ है वह औरों को डराता है, दबा हुआ दबाता है ,चमका हुआ चमकाता है।*
???
*जो प्राप्त है-पर्याप्त है*
*जिसका मन मस्त है*
*उसके पास समस्त है!!*
????????
*अगर कहानी अच्छी लगी हो तो लिंक द्वारा ग्रुप ज्वाइन करें एवं अपने मित्रों तथा परिचितों को शेयर करें और इमोजी रूपी आशीर्वाद अवश्य दें ?*
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*?धन्यवाद?*
*✍?संकलन कर्ता-*
*आशीष जैन 9893070101*
*?Gopachal Grow Consultant?*
*हमारा आदर्श: सरल/सहज़/सुगम*
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2026-04-09 09:36:25 |
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| 71505 |
40449685 |
?2️⃣Pragya Shraman network? |
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|
*णमोकार महामंत्र महायज्ञ*
*स्थान- श्री रत्नत्रय दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र श्री नसिया जी मन्दिर, कोटला रोड, फिरोजाबाद*
णमोकार दिवस 09/04/2026 |
|
2026-04-09 09:33:51 |
|
| 71506 |
40449755 |
वर्णी आश्रम पारसनाथ ईसरी |
|
|
|
|
2026-04-09 09:33:51 |
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| 71507 |
40449755 |
वर्णी आश्रम पारसनाथ ईसरी |
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2026-04-09 09:33:51 |
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| 71508 |
40449685 |
?2️⃣Pragya Shraman network? |
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*णमोकार महामंत्र महायज्ञ*
*स्थान- श्री रत्नत्रय दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र श्री नसिया जी मन्दिर, कोटला रोड, फिरोजाबाद*
णमोकार दिवस 09/04/2026 |
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2026-04-09 09:33:51 |
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| 71503 |
49028270 |
1.श्री सम्मेद शिखर जी |
|
|
जितना झगड़ा हम अधिकारों
के लिए करते हैं
क्या उतना ध्यान हमारा
कर्तव्यों पर जाता है..?
*जयजिनेंद्र??सुप्रभात...* |
|
2026-04-09 09:33:36 |
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| 71504 |
49028270 |
1.श्री सम्मेद शिखर जी |
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जितना झगड़ा हम अधिकारों
के लिए करते हैं
क्या उतना ध्यान हमारा
कर्तव्यों पर जाता है..?
*जयजिनेंद्र??सुप्रभात...* |
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2026-04-09 09:33:36 |
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| 71501 |
40449703 |
गणिनी आर्यिका जिनदेवी माँ |
|
|
Wandami Mataji ??? |
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2026-04-09 09:33:09 |
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| 71502 |
40449703 |
गणिनी आर्यिका जिनदेवी माँ |
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Wandami Mataji ??? |
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2026-04-09 09:33:09 |
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