WhatsApp Messages Dashboard

Total Records in Table: 11815

Records Matching Filters: 11815

From: To: Global Search:

Messages

ID Chat ID
Chat Name
Sender
Phone
Message
Status
Date View
395 40449688 3. विद्याशिरोमणी आचार्य श्री समयसागर जी *मुक्तागिरि दीक्षा 19 फरवरी* ??? 2026-02-12 10:22:18
394 40449688 3. विद्याशिरोमणी आचार्य श्री समयसागर जी *मुक्तगिरि दीक्षा 19 फरवरी* ??? 2026-02-12 10:21:38
393 48925761 आचार्य श्री 108 समयसागर जी महाराज.3 *मुक्तगिरि दीक्षा 19 फरवरी* ??? 2026-02-12 10:21:29
392 48925761 आचार्य श्री 108 समयसागर जी महाराज.3 _नर्मदा जी के सुरम्य तट पर परमयोगी_ *आचार्य श्री समयसागर जी महाराज* के पावन सान्निध्य का यह _पूर्व का दिव्य प्रसंग ??_ सागर का जल क्षार क्यों, सरिता मीठी सार। बिन श्रम संग्रह अरुचि है, रुचिकर श्रम उपकार ।।१४।। ? *सर्वोदय शतक* ? बूँद बूँद के मिलन से, जल में गति आ जाय। सरिता बन सागर मिले, सागर बूँद समाय ।।४७।। ? *सर्वोदय शतक* ? आचार्य श्री विद्यासागर जी महामुनिराज 2026-02-12 10:19:50
391 42131354 जिनधर्म प्रभावक प्रकोष्ठ (JAIN INFLUENCER), विश्व जैन संगठन हाईकोर्ट की यह टिप्पणी, कैसे करें स्वीकार? जैन घुसपैठिए, आक्रमणकारी <a href="https://www.channelmahalaxmi.com/jain-invaders/" target="_blank">https://www.channelmahalaxmi.com/jain-invaders/</a> via @Channel Mahalaxmi ॰ मद्रास हाइकोर्ट की मदुरै बेंच द्वारा निर्णय में की यह टिप्पणी ॰ ऐसी टिप्पणी पूरी महानतम जैन संस्कृति को कर देगी शर्मसार ॰ क्या इसको हटवाने व सही बात रखने के लिये आगे आयेंगी ‘जिंदा’ जैन संस्थायें मुकदमा संख्या 3188/2025 के दिनांक 16 जनवरी 2026 के 170 पेज के निर्णय में 8वें क्रमांक में मद्रास हाइकोर्ट की मदुरै बैंच ने 8वें क्रम में जैनों को भारत से बाहर का, आक्रमणकारी, घुसपैठिया ‘INVADERS’ तक कह दिया। माननीय अदालत को यह संदर्भ और ऐसे प्रमाण किस रूप में, किनके द्वारा प्रदर्शित किये गये, जहां एक तरफ अदालत के निर्णय सबको माननीय होते हैं, पर उसके साथ इस तरह की टिप्पणी, किसी एक व्यक्ति, वर्ग नहीं, इस भारत के सनातन परम्परा के दो धर्मों में से एक, वहीं स्वयं जिसके प्रथम महाराजा ऋषभ देव हुए, जो पहले तीर्थंकर बने, उन्हीं के ज्येष्ठ पुत्र ‘चक्रवर्ती भरत’ के नाम पर हमारे देश का नाम ‘भारत’ पड़ा, उसी श्रेष्ठतम धर्म जैन के लिये यह नि:संदेह पूरी तरह गलत, अशोभनीय व अस्वीकार योग्य है, जो क्रमांक 8 पर लिखी गई। क्या इस्लाम की तरह जैन घुसपैठिये रहे? क्या आक्रमणकारी रहे? अपने निर्णय में क्रमांक ‘8’ पर लिखा गया - For a long time Hindu Temples and structures of Hindu religion were along the foothill and on the hill. Rest of the hills remained unoccupied. Later Jain’s cave and it’s inscriptions were carved. This was followed by Dhargah of Sufi Saint by name ‘Sikkandar Badhusha’. These structures are not of contemporaneous period. They were put on the rocks of the hill at different place at different period, obviously, only much after, the followers of Jainism and Islam came to this part of the country either as preachers or as Invaders. Due to the presence of those structures which came later, the hill also identified by few as ‘Samanar Hill’ (Hill of Jains) or ‘Sikkandar Hill’ (After the Sufi Saint) इस टिप्पणी से जैन इतिहास में, संस्कृति में वह काला अध्याय जुड़ सकता है, जिसे पाठ्य पुस्तकों में, प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में, सरकारी व अन्य दस्तावेजों में जैनों को गलत ढंग से पेश किया जाएगा, जैसा आज हमारे देश की लोकतंत्रीय व्यवस्था के मंदिर ‘संसद’ की गैलरी में जैन संस्कृति को मात्र 2650 वर्ष का बताया जाता है, और उस पर भी सबसे शिक्षित व सम्मानीय समाज की आवाज नहीं निकलती। जिस जैन संस्कृति में, आज तक किसी पर आक्रमण नहीं किया गया, जो पूरी दुनिया में अहिंसक समाज के नाम से विख्यात है, जहां युद्ध भी अगर लड़ा गया, तो अहिंसक रूप से दो भाइयों के बीच लड़ा गया, और जहां ‘महाभारत’ नहीं होती। ऐसे धर्म-संस्कृति के प्रति ऐसी टिप्पणी, हां! जैन को आहत अवश्य करेगी और इस पर भी ऐसी चुप्पी। चैनल महालक्ष्मी ने तुरंत जैन समाज के बड़े वकील से, इस आदेश से यह टिप्पणी हटाने की बात कही, पर शायद उस पर भी उचित कार्यवाही नहीं हो पाई। ‘मद्रास टू मदुरै’ तक 8वीं-9वीं सदी में जैनों के साथ क्या हुआ, हजारों का नरसंहार किसी से छिपा नहीं है, जिसके बारे में कभी नहीं बोला जाता और उसी जैन संस्कृति-धर्म पर वहीं की माननीय अदालत द्वारा अपने निर्णय में जैनों को आक्रमणकारी-घुसपैठिया (INVADERS) कह दिया जाता है। यह प्रार्थना लेटर्स पेटेंट के क्लॉज 15 के तरहत दायर रिट अपील में निवदेन किया गया था कि इस कोर्ट द्वारा एक दिसम्बर 2025 को दिये आदेश के खिलाफ यह रिट अपील स्वीकार की जाये। हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने फैसला दिया था कि तिरुपरंगुंद्रम देवस्थानम के कार्यकारी अधिकारी को तमिल कार्तिगई महीने की पूर्णिमा की शाम को पहाड़ पर पत्थर के दीपक स्तंभ पर दीपक जलाने का निर्देश दिया था। जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक द्वारा आशंका व्यक्त की गई कि इस आदेश को लागू होने से तमिलनाडू राज्य में सार्वजनिक शांति भंग होगी। हिंदू धार्मिक और धार्मिक विभाग का कहना था कि यह आदेश ‘आगम शास्त्र’ के खिलाफ है और कुछ विरोधियों का कहना था कि यह कोर्ट द्वारा बनाई गई नई प्रथा है। तब विभिन्न समाचार पत्रों में इसी तरह की खबरें भी प्रकाशित हुई, जो चैनल महालक्ष्मी के पास है। इस बारे में पूरी जानकारी चैनल महालक्ष्मी के एपीसोड नं. 3605 में देख सकते हैं। चैनल महालक्ष्मी चिंतन : बार-बार जैन संस्कृति पर हमले देखे गये हैं, इतिहास की परतों में सब कुछ छिपा है। इस तरह की माननीय अदालत की अवांछित व तथ्यहीन टिप्पणियों से जैन संस्कृति पर जैसे कुठाराघात हो रहा है। जैन कमेटियां व श्रेष्ठी वर्ग को तुरंत उचित पहल करे 3188/2025 के दिनांक 16 जनवरी 2026 के 170 पेज के निर्णय से जैन धर्म के प्रति इस टिप्पणी को तत्काल हटवाना होगा। अदालत भी इस बारे में स्वयं निर्णय ले सकती है। पर अफसोस यह कि सोने का बहाना करती जैन समाज को कौन जगाये। 2026-02-12 10:19:21
390 40449679 ಕರ್ನಾಟಕದಲ್ಲಿ ಜೈನಧರ್ಮ 2 2026-02-12 10:17:55
389 40449697 हथकरघा शांतिधारा पूर्णायु 1 *आर्गेनिक साबूत धनिया की बढ़ती मांग* *प्रियंका दीदी कोलकाता वालो ने 2 kg आर्गेनिक धनिया के साथ 2 kg अरहर की दाल भी आर्डर कर दी है, यदि आप भी जहर मुक्त आहार की शुरुआत करना चाहते है तो शीघ्र सम्पर्क करे, विद्यासागर इंटरप्राइजेज,9893112665*??? 2026-02-12 10:17:42
388 40449677 तीर्थ बचाओ धर्म बचाओ जन आंदोलन <a href="https://youtube.com/shorts/cyNQmpu52gU?feature=share" target="_blank">https://youtube.com/shorts/cyNQmpu52gU?feature=share</a> 2026-02-12 10:13:06
387 40449664 ?सम्पूर्ण भारतवर्ष जैन मुनि विहार एवं माता जी विहार समूह ?और गणमान्यगण? <a href="https://youtu.be/L7gU7THuVOk" target="_blank">https://youtu.be/L7gU7THuVOk</a> घर बैठे ?महा अतिशयकारी चतुर्थकालीन श्री 1008 आदिनाथ भगवान "सांगानेर वाले बाबा"? के दर्शन कर जीवन को धन्य करें दिनांक 12-2-2026 ?शांतिधारा नित प्रतिदिन प्राप्त करने हेतु अभी अपना व्हाट्सएप्प हमारे साथ रजिस्टर्ड कराएं? mobile no 8949317080 Update के लिए वीडियो को like, subscribe, share our comment जरूर करे ?Thanks For Watching?* -------------------------------------------- अधिक जानकारी हेतु मंदिर जी के निम्न पदाधिकारियों से भी संपर्क कर सकते है। Shree Digamber Jain Atishaya kshetra Mandir Sanghi ji Bank-SBI SANGANER A/c No. 10160627669 IFSC SBIN0007095 … सम्पर्क सूत्र - 9414339842 - 9829017875 (मंदिर कार्यालय)-9351155553 2026-02-12 10:12:43
386 49028270 1.श्री सम्मेद शिखर जी <a href="https://www.youtube.com/live/FcpajCF83KA?si=agFnWMfeUHGgiOYf" target="_blank">https://www.youtube.com/live/FcpajCF83KA?si=agFnWMfeUHGgiOYf</a> 2026-02-12 10:12:09