WhatsApp Messages Dashboard

Total Records in Table: 15212

Records Matching Filters: 15212

From: To: Global Search:

Messages

ID Chat ID
Chat Name
Sender
Phone
Message
Status
Date View
81673 40449688 3. विद्याशिरोमणी आचार्य श्री समयसागर जी ? *द्वितीय दिवस* ? ? *श्री 1008 मज्जिनेन्द्र पंचकल्याणक महामहोत्सव* ? *आदीश्वरधाम, बाजार गांव पंचकल्याणक, नागपुर* ? *12 अप्रैल 2026* ✨ *गर्भकल्याणक – पूर्वार्द्ध* _आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज_ के आशीर्वाद से _आचार्य श्री समयसागर जी महाराज_ ससंघ सान्निध्य ? <a href="https://youtube.com/@samaysagarguruji" target="_blank">https://youtube.com/@samaysagarguruji</a> 2026-04-13 07:32:34
81674 40449688 3. विद्याशिरोमणी आचार्य श्री समयसागर जी ? *द्वितीय दिवस* ? ? *श्री 1008 मज्जिनेन्द्र पंचकल्याणक महामहोत्सव* ? *आदीश्वरधाम, बाजार गांव पंचकल्याणक, नागपुर* ? *12 अप्रैल 2026* ✨ *गर्भकल्याणक – पूर्वार्द्ध* _आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज_ के आशीर्वाद से _आचार्य श्री समयसागर जी महाराज_ ससंघ सान्निध्य ? <a href="https://youtube.com/@samaysagarguruji" target="_blank">https://youtube.com/@samaysagarguruji</a> 2026-04-13 07:32:34
81672 40449699 3️⃣ ಜಿನೇಂದ್ರ ವಾಣಿ (G-3️⃣) ?????????? ಜೈ ಜಿನೇಂದ್ರ ಎಲ್ಲರಿಗೂ ಶುಭ ದಿನದ ಶುಭೋದಯ ? 2026-04-13 07:32:28
81671 40449699 3️⃣ ಜಿನೇಂದ್ರ ವಾಣಿ (G-3️⃣) ?????????? ಜೈ ಜಿನೇಂದ್ರ ಎಲ್ಲರಿಗೂ ಶುಭ ದಿನದ ಶುಭೋದಯ ? 2026-04-13 07:32:27
81670 50889696 श्री सर्वतोभद्र नवग्रह तीर्थ प्रतिष्ठान क्षेत्र आर्यिका श्री चंद्रामती माताजी मंगसुळी <a href="https://youtu.be/6x9x2MJ2MC8?si=cFm0IBy2zXME0Z56" target="_blank">https://youtu.be/6x9x2MJ2MC8?si=cFm0IBy2zXME0Z56</a> विधि:—प्रातः ब्रह्ममुहूर्त में उठकर, स्नान आदि दैनिक क्रियाओं से निवृत्त होकर, स्वच्छ एवं पवित्र वस्त्र धारण करें। फिर शान्त मन, शुद्ध हृदय और श्रद्धा-भक्ति से इन पावन मन्त्रों का पाठ करें अथवा उनका श्रवण करें। विशेष फल प्राप्ति के लिए, एक शुद्ध घी का दीपक जलाकर पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके इन मन्त्रों का पाठ या श्रवण लगातार 9 बार करें। ऐसा करने से साधक के चारों ओर एक पवित्र ऊर्जा का सञ्चार होता है, जिससे उसका मन स्थिर और चित्त प्रसन्न रहता है। नियमित रूप से ऐसा करने पर: 1. साधक के समस्त विघ्न, क्लेश और बाधाएँ शान्त होती हैं। 2. गृह में सुख, शान्ति और समृद्धि का वास होता है। 3. व्यापार और कार्यों में उत्तरोत्तर वृद्धि होती है। 4. आत्मा में आध्यात्मिक बल और ऊर्जा का जागरण होता है। ये पावन मन्त्र अदम्य शक्ति और ऊर्जा से ओत-प्रोत, श्रुताराधक सन्त क्षुल्लक श्री प्रज्ञांशसागर जी गुरुदेव के श्रीमुख से उच्चारित हैं। इनका श्रद्धापूर्वक श्रवण अथवा पाठ आपके जीवन में दिव्यता और स्थायित्व लाएगा। 2026-04-13 07:31:51
81669 50889696 श्री सर्वतोभद्र नवग्रह तीर्थ प्रतिष्ठान क्षेत्र आर्यिका श्री चंद्रामती माताजी मंगसुळी <a href="https://youtu.be/6x9x2MJ2MC8?si=cFm0IBy2zXME0Z56" target="_blank">https://youtu.be/6x9x2MJ2MC8?si=cFm0IBy2zXME0Z56</a> विधि:—प्रातः ब्रह्ममुहूर्त में उठकर, स्नान आदि दैनिक क्रियाओं से निवृत्त होकर, स्वच्छ एवं पवित्र वस्त्र धारण करें। फिर शान्त मन, शुद्ध हृदय और श्रद्धा-भक्ति से इन पावन मन्त्रों का पाठ करें अथवा उनका श्रवण करें। विशेष फल प्राप्ति के लिए, एक शुद्ध घी का दीपक जलाकर पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके इन मन्त्रों का पाठ या श्रवण लगातार 9 बार करें। ऐसा करने से साधक के चारों ओर एक पवित्र ऊर्जा का सञ्चार होता है, जिससे उसका मन स्थिर और चित्त प्रसन्न रहता है। नियमित रूप से ऐसा करने पर: 1. साधक के समस्त विघ्न, क्लेश और बाधाएँ शान्त होती हैं। 2. गृह में सुख, शान्ति और समृद्धि का वास होता है। 3. व्यापार और कार्यों में उत्तरोत्तर वृद्धि होती है। 4. आत्मा में आध्यात्मिक बल और ऊर्जा का जागरण होता है। ये पावन मन्त्र अदम्य शक्ति और ऊर्जा से ओत-प्रोत, श्रुताराधक सन्त क्षुल्लक श्री प्रज्ञांशसागर जी गुरुदेव के श्रीमुख से उच्चारित हैं। इनका श्रद्धापूर्वक श्रवण अथवा पाठ आपके जीवन में दिव्यता और स्थायित्व लाएगा। 2026-04-13 07:31:50
81667 50889696 श्री सर्वतोभद्र नवग्रह तीर्थ प्रतिष्ठान क्षेत्र आर्यिका श्री चंद्रामती माताजी मंगसुळी 2026-04-13 07:31:40
81668 50889696 श्री सर्वतोभद्र नवग्रह तीर्थ प्रतिष्ठान क्षेत्र आर्यिका श्री चंद्रामती माताजी मंगसुळी 2026-04-13 07:31:40
81665 50889696 श्री सर्वतोभद्र नवग्रह तीर्थ प्रतिष्ठान क्षेत्र आर्यिका श्री चंद्रामती माताजी मंगसुळी 2026-04-13 07:31:34
81666 50889696 श्री सर्वतोभद्र नवग्रह तीर्थ प्रतिष्ठान क्षेत्र आर्यिका श्री चंद्रामती माताजी मंगसुळी 2026-04-13 07:31:34