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4058 40449703 गणिनी आर्यिका जिनदेवी माँ 2026-02-14 21:59:17
4057 40449703 गणिनी आर्यिका जिनदेवी माँ 2026-02-14 21:59:16
4056 40449703 गणिनी आर्यिका जिनदेवी माँ 2026-02-14 21:59:14
4055 40449703 गणिनी आर्यिका जिनदेवी माँ 2026-02-14 21:59:12
4054 40449681 JAINAM JAYATI SHASANAM <a href="https://www.facebook.com/share/v/1FFjGKS99H/" target="_blank">https://www.facebook.com/share/v/1FFjGKS99H/</a> तीन लेयर वाली दुनिया की सबसे अनोखी प्रतिमा 2026-02-14 21:55:36
4053 40449681 JAINAM JAYATI SHASANAM अमरीका में बढ़ रहे क्यों जैन?॰ एक बड़ा खुलासा, कर देगा दंग ! <a href="https://www.channelmahalaxmi.com/usa-jain/" target="_blank">https://www.channelmahalaxmi.com/usa-jain/</a> via @Channel Mahalaxmi आपको हैरानगी होगी कि इस समय अमरीका में युवा तेजी से जैन धर्म की ओर झुकने लगे हैं, ऐसा खुलासा हो रहा है, वहां के बड़े विश्वविद्यालयों से। विश्व के लोकप्रिय विश्वविद्यालयों में से एक, स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की एक छात्रा ने जब इसके कारणों का खुलासा किया, तो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया, वहीं विश्वविद्यालय की प्रतिक्रिया का अभी इंतजार है। वैसे इस छात्रा के लेख और उसमें लगाये आरोपों की भी पूरी जांच होनी बाकी है। अमरीका के बड़े अखबार ‘द न्यूयार्क टाइम्स’ में स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी की एक छात्रा एल्सा जानसन ने दावा किया है कि युवा छात्र जैन धर्म से जुड़ने का दिखावा कर रहे हैं, अपनी फीस को बचाने के लिये। अपने लेख में उसने कहा है कि वे सवा सात लाख रुपये बचाने के लिये ऐसा कर रहे हैं, जबकि उन्हें जैन धर्म से कुछ लेना-देना नहीं, केवल अपने आवेदन में ही लिखा है कि वे जैन हैं। इसका कारण है 2025-26 के एकेडमिक ईयर से 7,944 अमरीकी डालर का मील प्लान। वहां पढ़ने वाले हर छात्र को वहीं से भोजन लेना पड़ता है, जिसकी लागत है लगभग 7 लाख 20 हजार रुपये। इससे बचने का एक ही विकल्प है कि उस भोजन को चुने, जो वहां उपलब्ध नहीं। और इससे एक विकल्प सामने आता है, जैन धर्म और जैन फूड। इस तरह वो विश्वविद्यालय के बंधे खाने से ही नहीं बचते, बल्कि बाहर से अपनी मर्जी का भोजन भी खाते हैं और वो सस्ता भी पड़ता है। यही कारण है कि वहां अब युवा छात्र अपने को जैन धर्म से जोड़ रहे हैं। इस बारे में पूरी जानकारी चैनल महालक्ष्मी के ऐपिसोड नं. 3620 में प्राप्त कर सकते हैं। चैनल महालक्ष्मी चिंतन : यह सही है कि अमरीका के बड़े विश्वविद्यालयों में वहीं से खाना लेने की व्यवस्था है, इसके लिये उन्हें बड़ी राशि देनी पड़ती है और वही बंधा खाना लेना पड़ता है। अपने खाने के बिल में बचत और आॅफ केम्पस किराना स्टोर व रेस्टोरेंटों से विभिन्न वैरायटी और सादा खाना मिल जाये, तो इस तरह के झूठे दावे करते हैं कि वो खास जैन धर्म के हैं और जैन फूड्स की यूनिवर्सिटी में उपलब्धता नहीं होने से, उन्हें विकल्प के लिये छूट मिलती है, जिसे स्वीकारने में देर नहीं लगती। 2026-02-14 21:55:18
4052 40449681 JAINAM JAYATI SHASANAM 432 साल का इंतजार अब हो गया खत्म <a href="https://www.instagram.com/reel/DUvbEqxE_Pa/?igsh=MWZiM2ptZjBrMWphZw==" target="_blank">https://www.instagram.com/reel/DUvbEqxE_Pa/?igsh=MWZiM2ptZjBrMWphZw==</a> 2026-02-14 21:55:17
4051 40449663 ? आचार्य सुधीन्द्र संदेश ? 2026-02-14 21:54:49
4050 40449663 ? आचार्य सुधीन्द्र संदेश ? 2026-02-14 21:54:41
4049 40449663 ? आचार्य सुधीन्द्र संदेश ? 2026-02-14 21:53:30