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Chat ID
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Chat Name
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Sender
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Phone
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Message
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Status
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Date |
View |
| 9998 |
40449681 |
JAINAM JAYATI SHASANAM |
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"संसार की हदों को छोड़ कर, आत्मिक सुख की ओर चलें थे....
प्रेमचंद से निस्पृह सागर बने थे
संयम की डोर थाम कर, त्याग की राह पर बडे,
मोक्ष का मार्ग कठिन है, पर निश्चय ही मिलेगा आपको.....
*आपके समाधि दिवस पर कोटिश नमन*
???? |
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2026-02-19 10:14:41 |
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| 9997 |
40449783 |
DJW All India Vihar Info |
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"संसार की हदों को छोड़ कर, आत्मिक सुख की ओर चलें थे....
प्रेमचंद से निस्पृह सागर बने थे
संयम की डोर थाम कर, त्याग की राह पर बडे,
मोक्ष का मार्ग कठिन है, पर निश्चय ही मिलेगा आपको.....
*आपके समाधि दिवस पर कोटिश नमन*
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2026-02-19 10:11:33 |
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| 9996 |
40449703 |
गणिनी आर्यिका जिनदेवी माँ |
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Wandami mataji |
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2026-02-19 10:09:41 |
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| 9995 |
49028270 |
1.श्री सम्मेद शिखर जी |
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2026-02-19 10:08:16 |
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| 9994 |
49028270 |
1.श्री सम्मेद शिखर जी |
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bhartiya vidya Vani group ke sabhi mambero ko sader Jai jinendra r k भारतीय विद्यावाणी समूह का app आ गया है । सभी सदस्य नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके तुरंत ही जुड़ें और अपना सदस्य Community कार्ड प्राप्त करे - Powered by Kutumb App
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2026-02-19 10:07:55 |
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| 9993 |
49028270 |
1.श्री सम्मेद शिखर जी |
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shree sakel digambar Jain samaj samiti ke sabhi mambero ko sader Jai jinendra r k श्री सकल दिगम्बर जैन समाज समिति का app आ गया है । सभी सदस्य नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके तुरंत ही जुड़ें और अपना सदस्य Community कार्ड प्राप्त करे - Powered by Kutumb App
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2026-02-19 10:07:53 |
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| 9992 |
40449770 |
1दिगजैनविकी All India Grp |
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"संसार की हदों को छोड़ कर, आत्मिक सुख की ओर चलें थे....
प्रेमचंद से निस्पृह सागर बने थे
संयम की डोर थाम कर, त्याग की राह पर बडे,
मोक्ष का मार्ग कठिन है, पर निश्चय ही मिलेगा आपको.....
*आपके समाधि दिवस पर कोटिश नमन*
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2026-02-19 10:07:47 |
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| 9991 |
40449678 |
1)जैन गुरुकुल से एकता, धर्म और समाज का उत्थान और तीर्थ रक्षा |
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"संसार की हदों को छोड़ कर, आत्मिक सुख की ओर चलें थे....
प्रेमचंद से निस्पृह सागर बने थे
संयम की डोर थाम कर, त्याग की राह पर बडे,
मोक्ष का मार्ग कठिन है, पर निश्चय ही मिलेगा आपको.....
*आपके समाधि दिवस पर कोटिश नमन*
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2026-02-19 10:07:14 |
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| 9990 |
49028270 |
1.श्री सम्मेद शिखर जी |
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2026-02-19 10:05:51 |
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| 9989 |
40449703 |
गणिनी आर्यिका जिनदेवी माँ |
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?? |
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2026-02-19 10:05:38 |
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