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227009 40449701 ??संत शिरोमणि अपडेट?? *?दिगंम्बर जैन परवार मंदिर?* *?नागपुर,महाराष्ट्र ?* *आहार अपडेट* *?संत शिरोमणी आचार्य गुरुदेव विद्यासागर जी महामुनिराज* के *परम शिष्य* *?विद्या कुल शिरोमणि आचार्य श्री समय सागर जी महाराजजी,ससंघ* *पडगाहन-दृष्य.* ------‐---------‐----------------------- साभार-दिपक जैन,नागपुर --------------------------------------- संकलन- *?शांति विद्या धर्म प्रभावना संघ?* 2026-06-13 11:40:47
227007 40449667 संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर जी अहिंसा परमो धर्म: अहिंसा को जब सबसे बड़ा धर्म कहा जब पाँच अनुव्रतों में अहिंसा को ले लिया तो झूठ चोरी कुशील परिग्रह को क्यों लिया गया ?? एक साधे सब सधे तो अन्यों को क्यों जोड़ा गया पाँच अणुव्रतों में ? अरे ! अन्य चार जो जोड़े वो इस अहिंसा व्रत की बाड़ जानो क्योंकि इन चारों में भी हिंसा हो ही रही होती इनको रोकेंगे तो अहिंसा व्रत पलेगा अच्छे से,,, जैन धर्म में राग द्वेष में भी हिंसा बताई राग द्वेष थमेंगे तो अहिंसा पलेगी,,,,, साधु पाले पांचो व्रतों को अखंड अणुव्रती पाले शक्तिसम... <a href="https://primetrace.com/group/7374/post/1188693930?utm_source=android_post_share_web&amp;referral_code=JBHJP&amp;utm_screen=post_share&amp;utm_referrer_state=PENDING" target="_blank">https://primetrace.com/group/7374/post/1188693930?utm_source=android_post_share_web&amp;referral_code=JBHJP&amp;utm_screen=post_share&amp;utm_referrer_state=PENDING</a> 2026-06-13 11:37:37
227008 40449667 संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर जी अहिंसा परमो धर्म: अहिंसा को जब सबसे बड़ा धर्म कहा जब पाँच अनुव्रतों में अहिंसा को ले लिया तो झूठ चोरी कुशील परिग्रह को क्यों लिया गया ?? एक साधे सब सधे तो अन्यों को क्यों जोड़ा गया पाँच अणुव्रतों में ? अरे ! अन्य चार जो जोड़े वो इस अहिंसा व्रत की बाड़ जानो क्योंकि इन चारों में भी हिंसा हो ही रही होती इनको रोकेंगे तो अहिंसा व्रत पलेगा अच्छे से,,, जैन धर्म में राग द्वेष में भी हिंसा बताई राग द्वेष थमेंगे तो अहिंसा पलेगी,,,,, साधु पाले पांचो व्रतों को अखंड अणुव्रती पाले शक्तिसम... <a href="https://primetrace.com/group/7374/post/1188693930?utm_source=android_post_share_web&amp;referral_code=JBHJP&amp;utm_screen=post_share&amp;utm_referrer_state=PENDING" target="_blank">https://primetrace.com/group/7374/post/1188693930?utm_source=android_post_share_web&amp;referral_code=JBHJP&amp;utm_screen=post_share&amp;utm_referrer_state=PENDING</a> 2026-06-13 11:37:37
227006 40449682 तन्मय सागर प्रभावना ग्रुप *दुनिया को हमारे ज्ञान से* *ज़्यादा* *हँसमुख व्यवहार की* *ज़रूरत है* *हँसमुख व्यक्ति वह फुहार है* *जिसके छींटे...* *हर दुःखी मन को राहत* *देते हैं !!* *?सुप्रभात ?*Jay Jinendra ji???❤️* 2026-06-13 11:37:30
227005 40449682 तन्मय सागर प्रभावना ग्रुप *दुनिया को हमारे ज्ञान से* *ज़्यादा* *हँसमुख व्यवहार की* *ज़रूरत है* *हँसमुख व्यक्ति वह फुहार है* *जिसके छींटे...* *हर दुःखी मन को राहत* *देते हैं !!* *?सुप्रभात ?*Jay Jinendra ji???❤️* 2026-06-13 11:37:29
227003 40449666 नव आचार्य समय सागर जी भक्त अहिंसा परमो धर्म: अहिंसा को जब सबसे बड़ा धर्म कहा जब पाँच अनुव्रतों में अहिंसा को ले लिया तो झूठ चोरी कुशील परिग्रह को क्यों लिया गया ?? एक साधे सब सधे तो अन्यों को क्यों जोड़ा गया पाँच अणुव्रतों में ? अरे ! अन्य चार जो जोड़े वो इस अहिंसा व्रत की बाड़ जानो क्योंकि इन चारों में भी हिंसा हो ही रही होती इनको रोकेंगे तो अहिंसा व्रत पलेगा अच्छे से,,, जैन धर्म में राग द्वेष में भी हिंसा बताई राग द्वेष थमेंगे तो अहिंसा पलेगी,,,,, साधु पाले पांचो व्रतों को अखंड अणुव्रती पाले शक्तिसम... <a href="https://primetrace.com/group/7374/post/1188693930?utm_source=android_post_share_web&amp;referral_code=JBHJP&amp;utm_screen=post_share&amp;utm_referrer_state=PENDING" target="_blank">https://primetrace.com/group/7374/post/1188693930?utm_source=android_post_share_web&amp;referral_code=JBHJP&amp;utm_screen=post_share&amp;utm_referrer_state=PENDING</a> 2026-06-13 11:37:22
227004 40449666 नव आचार्य समय सागर जी भक्त अहिंसा परमो धर्म: अहिंसा को जब सबसे बड़ा धर्म कहा जब पाँच अनुव्रतों में अहिंसा को ले लिया तो झूठ चोरी कुशील परिग्रह को क्यों लिया गया ?? एक साधे सब सधे तो अन्यों को क्यों जोड़ा गया पाँच अणुव्रतों में ? अरे ! अन्य चार जो जोड़े वो इस अहिंसा व्रत की बाड़ जानो क्योंकि इन चारों में भी हिंसा हो ही रही होती इनको रोकेंगे तो अहिंसा व्रत पलेगा अच्छे से,,, जैन धर्म में राग द्वेष में भी हिंसा बताई राग द्वेष थमेंगे तो अहिंसा पलेगी,,,,, साधु पाले पांचो व्रतों को अखंड अणुव्रती पाले शक्तिसम... <a href="https://primetrace.com/group/7374/post/1188693930?utm_source=android_post_share_web&amp;referral_code=JBHJP&amp;utm_screen=post_share&amp;utm_referrer_state=PENDING" target="_blank">https://primetrace.com/group/7374/post/1188693930?utm_source=android_post_share_web&amp;referral_code=JBHJP&amp;utm_screen=post_share&amp;utm_referrer_state=PENDING</a> 2026-06-13 11:37:22
227001 40449663 ? आचार्य सुधीन्द्र संदेश ? *दुनिया को हमारे ज्ञान से* *ज़्यादा* *हँसमुख व्यवहार की* *ज़रूरत है* *हँसमुख व्यक्ति वह फुहार है* *जिसके छींटे...* *हर दुःखी मन को राहत* *देते हैं !!* *?सुप्रभात ?*Jay Jinendra ji???❤️* 2026-06-13 11:37:05
227002 40449663 ? आचार्य सुधीन्द्र संदेश ? *दुनिया को हमारे ज्ञान से* *ज़्यादा* *हँसमुख व्यवहार की* *ज़रूरत है* *हँसमुख व्यक्ति वह फुहार है* *जिसके छींटे...* *हर दुःखी मन को राहत* *देते हैं !!* *?सुप्रभात ?*Jay Jinendra ji???❤️* 2026-06-13 11:37:05
227000 40449668 आ,गुरु विद्यासागरजी कहां विराजमान है घर में स्वाध्याय करते समय क्या क्या बरतनी चाहिए हमें सावधानियाँ जिससे अवहेलना न हो हमसे माँ जिनवाणी की ,,,,? अरे ! घर में जो भी धार्मिक ग्रंथ जिनवाणी को रखो उच्च पवित्र स्थान पर जब भी पढ़े उन्हें उठाओ / धरो विनयपूर्वक शुद्ध धुले हुए हाथों से झूठे हाथों से न करें स्पर्श जिनवाणी को ,,, स्वाध्याय के लिए रखें ग्रंथ को ऊँची चौकी पे बेड पर / सोफा पर बैठकर न पढ़ें स्वच्छ स्थान अलग हो जो पापो से विरक्त हो वहीं बैठकर स्वाध्याय करें,,, स्वाध्याय करते हुए न करें घर गृहस्थ की बाते मोबाइ... <a href="https://primetrace.com/group/7374/post/1188694145?utm_source=android_post_share_web&amp;referral_code=JBHJP&amp;utm_screen=post_share&amp;utm_referrer_state=PENDING" target="_blank">https://primetrace.com/group/7374/post/1188694145?utm_source=android_post_share_web&amp;referral_code=JBHJP&amp;utm_screen=post_share&amp;utm_referrer_state=PENDING</a> 2026-06-13 11:36:37