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75030 40449730 True Jainism *मंगल प्रभात लोढ़ा के जैन धर्म को हिन्दू धर्म में विलीन करने की मंशा पर हिन्दू और सनातन धर्म की हकीकत पर थोड़ी चर्चा जरूरी…..!*???हिन्दू न धर्म है न संस्कृति है न कोई दर्शन व संस्कार है.जिसे हिन्दू धर्म कहा जाता है वो तो वास्तव में वैदिक धर्म है,वैदिक दर्शन व वैदिक संस्कृति और ब्राह्मणवादी व्यवस्था है. उसी तरह हिन्द,हिन्दू और हिंदुस्तान भारत की भौगोलिक पहचान का पर्याय मात्र है.सिंधु नदी के उस पार के देश को याने भारत को इंगित करने वाला दिया गया पहचान का विदेशी नाम है.भाषा की बोली का शाब्दिक उच्चारण ही को सी बोलने के कारण इसे सिंधु की जगह हिन्दू कहा गया है.अरब व विशेषकर मुस्लिमों ने हिन्द,हिंदू और हिंदुस्तान जैसे शब्दों को खूब अधिक जोर से प्रचारित किया.वैसे हिन्दू शब्द हमारे देश के किसी भी धार्मिक ग्रंथ और किसी भी भारतीय डिक्सनेरी का नहीं बल्कि यह विदेश से आया,लाया और भारतीयों पर जबरिया थोपा गया शब्द है.दुनिया में यह हिन्दू शब्द तो पारसी भाषा के शब्दकोष के अलावा कहीं भी नहीं मिलेगा. पारसी भाषा में यह शब्द एक भद्दी गाली और अपमानित,हेय व हिकारती कृत्य के लिए उपयुक्त होता है.उसी तरह सनातन धर्म नहीं होता बल्कि सनातन शब्द सिर्फ प्राचीनता का द्योतक होता है.अपनी अपनी प्राचीनता के दावे के साथ वैदिक व श्रमण संस्कृति को मानने वाले जैन व बौद्ध धर्म भी सनातन शब्द को सदियों से अपने धर्म के साथ जोड़े हुए है.याने हिन्दू धर्म व सनातन धर्म कोई धर्म नहीं है बल्कि इसे सिर्फ़ और सिर्फ़ वैदिक धर्म के दायरे को विराट बनाकर उसे सीमित दायरे से बाहर लाकर विशाल बनाने हेतु भारत के सारे के सारे सभी ग़ैर मुस्लिम व ईसाई धर्मों को वैदिक धर्म की ही शाखा,हिस्सा व संप्रदाय बनाते उनका मालिक बनने और वैदिक धर्म की सत्ता सब पर स्थापित करने के एक गहरे षड्यंत्र के साथ वैदिक धर्म और वर्णवादी याने ब्राह्मणवादी जाति व्यवस्था की पैशाचिक मान्यता के नाम पर हुए युगों के अति भयावह शोषण,भीषण दोहन व अत्याचार को छिपाते वैदिक धर्म को अब हिन्दू धर्म व सनातन धर्म के नाम पर प्रचारित कर भारत को दो भागों याने हिन्दू और मुस्लिम में बांटने का एक प्रायोजित धार्मिक वितृंडावाद,सत्ता को हड़पने का हँगामी हूस्टंड और सत्ता क़ब्ज़ाने का धारधार औजार है जो आज खूब सर चढ़कर बोल रहा है.जैन धर्म हो,बौद्ध धर्म हो या सिख धर्म या फिर दूसरी ओर अट्ठारह करोड़ सभी तरह के आदिवासी और पूर्वोत्तर राज्यों के वनवासी हो जो अपने को हिन्दू नहीं बल्कि अलग से अपने को सरन धर्मी कहते है,उसी तरह करोड़ों अंबेडकर वादी हिन्दू धर्म का विरोध करते है और करोड़ों दक्षिण के लिंगायत जो अपनी गणना अलग से करने पर जोर देते अपने को हिन्दू धर्मी नहीं मानते है,जो हिन्दू धर्म से अपनी अलग पहचान के लिए वे सैकड़ों वर्षों से खूब संघर्ष कर रहे.देश में सारी संस्कृतियों को खत्म कर वैदिक संस्कृति व मनुवादी संहिता को लादने के नाम पर समान नागरिक संहिता याने यू सी सी का विरोध सभी ग़ैर वैदिक धर्म कर रहे है मगर जैसे ही अट्ठारह करोड़ आदिवासियों व वनवासियों ने कहा कि अगर हमारी संस्कृति को मिटाने के लिए हम पर यू सी सी लादा गया तो न केवल हम मोदी की सरकार को उखाड़ फेंकेंगे बल्कि अलग से हम आदिवासी राष्ट्र की मांग करेंगे क्योंकि हम हिन्दू धर्मी नहीं बल्कि हमारा धर्म अलग से सरन धर्म है,उसकी अलग पहचान है,उनकी धमकी के बाद आदिवासियों को यू सी सी से अलग रखने पर मोदी सरकार ने घुटने टेक लिए है. *महाराष्ट्र के क़ाबिना मंत्री भाई मंगल प्रभात लोढ़ा ने जैन धर्म के स्वतंत्र अस्तित्व को मिटाते उसे हिन्दू धर्म में विलीन करने और जैनों के* *अल्पसंख्यक के मिले वैधानिक व संवैधानिक अधिकारों के खात्मे की जो ख़तरनाक चाहत रखी है,उनके इस आत्मघाती चाहना पर चर्चा अगले लेख में…!*✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️ *पत्रकार:सोहन मेहता”क्रान्ति”जोधपुर,राज.* 2026-04-10 16:17:12
75029 40449730 True Jainism *मंगल प्रभात लोढ़ा के जैन धर्म को हिन्दू धर्म में विलीन करने की मंशा पर हिन्दू और सनातन धर्म की हकीकत पर थोड़ी चर्चा जरूरी…..!*???हिन्दू न धर्म है न संस्कृति है न कोई दर्शन व संस्कार है.जिसे हिन्दू धर्म कहा जाता है वो तो वास्तव में वैदिक धर्म है,वैदिक दर्शन व वैदिक संस्कृति और ब्राह्मणवादी व्यवस्था है. उसी तरह हिन्द,हिन्दू और हिंदुस्तान भारत की भौगोलिक पहचान का पर्याय मात्र है.सिंधु नदी के उस पार के देश को याने भारत को इंगित करने वाला दिया गया पहचान का विदेशी नाम है.भाषा की बोली का शाब्दिक उच्चारण ही को सी बोलने के कारण इसे सिंधु की जगह हिन्दू कहा गया है.अरब व विशेषकर मुस्लिमों ने हिन्द,हिंदू और हिंदुस्तान जैसे शब्दों को खूब अधिक जोर से प्रचारित किया.वैसे हिन्दू शब्द हमारे देश के किसी भी धार्मिक ग्रंथ और किसी भी भारतीय डिक्सनेरी का नहीं बल्कि यह विदेश से आया,लाया और भारतीयों पर जबरिया थोपा गया शब्द है.दुनिया में यह हिन्दू शब्द तो पारसी भाषा के शब्दकोष के अलावा कहीं भी नहीं मिलेगा. पारसी भाषा में यह शब्द एक भद्दी गाली और अपमानित,हेय व हिकारती कृत्य के लिए उपयुक्त होता है.उसी तरह सनातन धर्म नहीं होता बल्कि सनातन शब्द सिर्फ प्राचीनता का द्योतक होता है.अपनी अपनी प्राचीनता के दावे के साथ वैदिक व श्रमण संस्कृति को मानने वाले जैन व बौद्ध धर्म भी सनातन शब्द को सदियों से अपने धर्म के साथ जोड़े हुए है.याने हिन्दू धर्म व सनातन धर्म कोई धर्म नहीं है बल्कि इसे सिर्फ़ और सिर्फ़ वैदिक धर्म के दायरे को विराट बनाकर उसे सीमित दायरे से बाहर लाकर विशाल बनाने हेतु भारत के सारे के सारे सभी ग़ैर मुस्लिम व ईसाई धर्मों को वैदिक धर्म की ही शाखा,हिस्सा व संप्रदाय बनाते उनका मालिक बनने और वैदिक धर्म की सत्ता सब पर स्थापित करने के एक गहरे षड्यंत्र के साथ वैदिक धर्म और वर्णवादी याने ब्राह्मणवादी जाति व्यवस्था की पैशाचिक मान्यता के नाम पर हुए युगों के अति भयावह शोषण,भीषण दोहन व अत्याचार को छिपाते वैदिक धर्म को अब हिन्दू धर्म व सनातन धर्म के नाम पर प्रचारित कर भारत को दो भागों याने हिन्दू और मुस्लिम में बांटने का एक प्रायोजित धार्मिक वितृंडावाद,सत्ता को हड़पने का हँगामी हूस्टंड और सत्ता क़ब्ज़ाने का धारधार औजार है जो आज खूब सर चढ़कर बोल रहा है.जैन धर्म हो,बौद्ध धर्म हो या सिख धर्म या फिर दूसरी ओर अट्ठारह करोड़ सभी तरह के आदिवासी और पूर्वोत्तर राज्यों के वनवासी हो जो अपने को हिन्दू नहीं बल्कि अलग से अपने को सरन धर्मी कहते है,उसी तरह करोड़ों अंबेडकर वादी हिन्दू धर्म का विरोध करते है और करोड़ों दक्षिण के लिंगायत जो अपनी गणना अलग से करने पर जोर देते अपने को हिन्दू धर्मी नहीं मानते है,जो हिन्दू धर्म से अपनी अलग पहचान के लिए वे सैकड़ों वर्षों से खूब संघर्ष कर रहे.देश में सारी संस्कृतियों को खत्म कर वैदिक संस्कृति व मनुवादी संहिता को लादने के नाम पर समान नागरिक संहिता याने यू सी सी का विरोध सभी ग़ैर वैदिक धर्म कर रहे है मगर जैसे ही अट्ठारह करोड़ आदिवासियों व वनवासियों ने कहा कि अगर हमारी संस्कृति को मिटाने के लिए हम पर यू सी सी लादा गया तो न केवल हम मोदी की सरकार को उखाड़ फेंकेंगे बल्कि अलग से हम आदिवासी राष्ट्र की मांग करेंगे क्योंकि हम हिन्दू धर्मी नहीं बल्कि हमारा धर्म अलग से सरन धर्म है,उसकी अलग पहचान है,उनकी धमकी के बाद आदिवासियों को यू सी सी से अलग रखने पर मोदी सरकार ने घुटने टेक लिए है. *महाराष्ट्र के क़ाबिना मंत्री भाई मंगल प्रभात लोढ़ा ने जैन धर्म के स्वतंत्र अस्तित्व को मिटाते उसे हिन्दू धर्म में विलीन करने और जैनों के* *अल्पसंख्यक के मिले वैधानिक व संवैधानिक अधिकारों के खात्मे की जो ख़तरनाक चाहत रखी है,उनके इस आत्मघाती चाहना पर चर्चा अगले लेख में…!*✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️ *पत्रकार:सोहन मेहता”क्रान्ति”जोधपुर,राज.* 2026-04-10 16:17:11
75028 40449679 ಕರ್ನಾಟಕದಲ್ಲಿ ಜೈನಧರ್ಮ 2 2026-04-10 16:16:25
75027 40449679 ಕರ್ನಾಟಕದಲ್ಲಿ ಜೈನಧರ್ಮ 2 2026-04-10 16:16:24
75025 40449679 ಕರ್ನಾಟಕದಲ್ಲಿ ಜೈನಧರ್ಮ 2 *ईरान अमेरिका युद्ध* ??? 2026-04-10 16:14:47
75026 40449679 ಕರ್ನಾಟಕದಲ್ಲಿ ಜೈನಧರ್ಮ 2 *ईरान अमेरिका युद्ध* ??? 2026-04-10 16:14:47
75023 40449717 JES PUNE Chapter ( JESP) Don't know about this pl 2026-04-10 16:13:53
75024 40449717 JES PUNE Chapter ( JESP) Don't know about this pl 2026-04-10 16:13:53
75022 40449749 जिनोदय?JINODAYA 2026-04-10 16:11:36
75021 40449749 जिनोदय?JINODAYA 2026-04-10 16:11:35