| ID |
Chat ID
|
Chat Name
|
Sender
|
Phone
|
Message
|
Status
|
Date |
View |
| 230949 |
40449699 |
3️⃣ ಜಿನೇಂದ್ರ ವಾಣಿ (G-3️⃣) |
|
|
Jai Jinendra ?? |
|
2026-06-15 05:39:08 |
|
| 230947 |
47534159 |
Maharstra (kartick) |
|
|
*आत्मचिंतन - (नं. 2639)*
*******************************
*श्रीतत्त्वार्थसूत्र तथा मोक्षशास्त्र*
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
(*249*)
*श्रीतत्त्वार्थसूत्र* अपरनाम *मोक्षशास्त्र* जैन दर्शन का सुंदर विश्लेषण वाला एक बहुत ही महत्वपूर्ण ग्रंथ / आगम / शास्त्र है। हम इसे स्टेप बाय स्टेप समझ रहे हैं -
*|| अध्याय तीसरा II*
*चतुर्दशनदीसहस्त्रपरिवृता गंगासिन्ध्वादयो नद्य:॥*
( अध्याय 3 / सूत्र 24 )
*चतुर्दश नदीसहस्त्रपरिवृता गंगा सिंधू आदय: नद्य: ॥2/24॥*
*मतलब -*
~~~~~~
बताई गई 14 नदियों, जैसे गंगा, सिंधु, वगैरह, के कई सहायक परिवारों के साथ बड़े बेसिन हैं। आचार्यश्री ने इस सूत्र में इनके बारे में बताया है..
*भाषा -*
~~~~~~~~
*=> चतुर्दश = चौदह,*
*=> नदी = नदियाँ,*
*=> सहस्र = हज़ार,*
*=> परिवृता = परिवार*
*मतलब -*
~~~~~~~
गंगा, सिंधु जैसी 14 नदियाँ 14000 सहायक नदियों के परिवार हैं।
उसके बाद, एक के बाद एक आने वाली सभी नदियाँ दोगुनी संख्या में नदियों के परिवार बन जाती हैं, ऐसा आचार्यश्री कहते हैं..
*( क्रमसे ) ( ता. 15/06/2026 )*
*--डॉ. अजीत जे. पाटिल जैन, सांगली, महाराष्ट्र*
???
(कु.9887/आ.3307) |
|
2026-06-15 05:38:54 |
|
| 230948 |
47534159 |
Maharstra (kartick) |
|
|
*आत्मचिंतन - (नं. 2639)*
*******************************
*श्रीतत्त्वार्थसूत्र तथा मोक्षशास्त्र*
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
(*249*)
*श्रीतत्त्वार्थसूत्र* अपरनाम *मोक्षशास्त्र* जैन दर्शन का सुंदर विश्लेषण वाला एक बहुत ही महत्वपूर्ण ग्रंथ / आगम / शास्त्र है। हम इसे स्टेप बाय स्टेप समझ रहे हैं -
*|| अध्याय तीसरा II*
*चतुर्दशनदीसहस्त्रपरिवृता गंगासिन्ध्वादयो नद्य:॥*
( अध्याय 3 / सूत्र 24 )
*चतुर्दश नदीसहस्त्रपरिवृता गंगा सिंधू आदय: नद्य: ॥2/24॥*
*मतलब -*
~~~~~~
बताई गई 14 नदियों, जैसे गंगा, सिंधु, वगैरह, के कई सहायक परिवारों के साथ बड़े बेसिन हैं। आचार्यश्री ने इस सूत्र में इनके बारे में बताया है..
*भाषा -*
~~~~~~~~
*=> चतुर्दश = चौदह,*
*=> नदी = नदियाँ,*
*=> सहस्र = हज़ार,*
*=> परिवृता = परिवार*
*मतलब -*
~~~~~~~
गंगा, सिंधु जैसी 14 नदियाँ 14000 सहायक नदियों के परिवार हैं।
उसके बाद, एक के बाद एक आने वाली सभी नदियाँ दोगुनी संख्या में नदियों के परिवार बन जाती हैं, ऐसा आचार्यश्री कहते हैं..
*( क्रमसे ) ( ता. 15/06/2026 )*
*--डॉ. अजीत जे. पाटिल जैन, सांगली, महाराष्ट्र*
???
(कु.9887/आ.3307) |
|
2026-06-15 05:38:54 |
|
| 230946 |
40449705 |
☸️ अच्छीबातेअमृतवाणी ग्रुप |
|
|
*लोग कहते ज़रूर है की खुश रहो …*
*पर मजाल है कि कोई रहने दे।*
सुप्रभात |
|
2026-06-15 05:35:27 |
|
| 230945 |
40449705 |
☸️ अच्छीबातेअमृतवाणी ग्रुप |
|
|
*लोग कहते ज़रूर है की खुश रहो …*
*पर मजाल है कि कोई रहने दे।*
सुप्रभात |
|
2026-06-15 05:35:26 |
|
| 230943 |
40449678 |
1)जैन गुरुकुल से एकता, धर्म और समाज का उत्थान और तीर्थ रक्षा |
|
|
|
|
2026-06-15 05:32:52 |
|
| 230944 |
40449678 |
1)जैन गुरुकुल से एकता, धर्म और समाज का उत्थान और तीर्थ रक्षा |
|
|
|
|
2026-06-15 05:32:52 |
|
| 230941 |
40449678 |
1)जैन गुरुकुल से एकता, धर्म और समाज का उत्थान और तीर्थ रक्षा |
|
|
|
|
2026-06-15 05:32:50 |
|
| 230942 |
40449678 |
1)जैन गुरुकुल से एकता, धर्म और समाज का उत्थान और तीर्थ रक्षा |
|
|
|
|
2026-06-15 05:32:50 |
|
| 230940 |
40449678 |
1)जैन गुरुकुल से एकता, धर्म और समाज का उत्थान और तीर्थ रक्षा |
|
|
जय जिनेन्द्र, प्राचीन जैन तीर्थ श्री श्री गिरनार जी पर जैन धर्म के तीर्थ को फर्जी धूर्त कट्टर पंथी हिंदू धर्म के फर्जी पण्डो द्वारा हिंदू तीर्थ में बदलने के प्रयास की साजिश का एक ऐतिहासिक प्रमाण और खुलासा आज पूरे भारत के सामने रख रहे है किस तरह जैन तीर्थ श्री श्री गिरनार जी की 5 टोक पर फर्जी अवैध कब्जे के बाद हिंदुत्व के फर्जी टेकेदारो ने जैन तीर्थ श्री श्री गिरनार जी पर साजिश को और विस्तार दिया है अरिहंत तीर्थंकर प्रभु जी की प्रतिमा पर फर्जी तरीके से केसलीया रंग पोत देने का महा महा पाप किया गया है और जैन प्रतिमा को हिंदू देवी देवताओं की प्रतिमा की तरह परिवर्तित करने की महा साजिश फर्जी धूर्त पापी कट्टर हिन्दू पण्डो द्वारा करी गई है प्राचीन जैन तीर्थ श्री श्री गिरनार जी की 5 टोक जहा से 22 तीर्थांकर श्रीं नेमीनाथ प्रभु जी मोक्ष पधारे वहा साजिश कर तीर्थंकर भगवान की चरण को हिंदू देवी देवताओं के चरण में परिवर्तित कर दिया सभी नग्न अवस्था की जैन प्रतिमा को फर्जी तरीके से कपडे पहना कर केसलिया रंग पोत कर हिंदू देवी देवताओं की प्रतिमा में परिवर्तित कर दिया और यही साजिश 5 टोक पर फर्जी कब्जे के बाद 4 टोक में भी यही साजिश हिंदू धर्म के फर्जी धूर्त पापी पण्डो द्वारा 4 टोक में भी प्रारंभ कर दिया है सकल जैन समाज यह किसी भी परिस्थिति में यह अन्याय अत्याचार सहन नहीं करेगा और पूरी ताक़त से अन्याय अत्याचार का प्रतिकार किया जाएगा जैन प्राचीन तीर्थ श्री श्री गिरनार जी जैनों का था है और हमेशा हनेशा रहेगा और पूरे विश्व में किसी की ताक़त नहीं प्राचीन जैन तीर्थ श्री श्री गिरनार जी जैनों से फर्जी साजिश से के सके जय जय नेमी जय जय गिरनार जय जिनेन्द्र जय जिन शासन जी |
|
2026-06-15 05:32:49 |
|