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2388 49028270 1.श्री सम्मेद शिखर जी 2026-02-13 18:33:50
2387 49028270 1.श्री सम्मेद शिखर जी 2026-02-13 18:33:48
2386 49028270 1.श्री सम्मेद शिखर जी 2026-02-13 18:33:47
2385 49028270 1.श्री सम्मेद शिखर जी 2026-02-13 18:33:45
2384 49028270 1.श्री सम्मेद शिखर जी ?? *प्रेरक वाणी??* कितना प्रयास किया जाए कि ओस की बूंद से प्यास बुझ जाए, उत्तर यही मिलेगा, "न भूतो न भविष्यति"। ठीक यही स्थिति भौतिक संयोगों के साथ है। किसी भौतिक पदार्थ में सुख नाम का गुण है ही नहीं यदि होता तो व्यक्ति को चीर स्थाई सुख की प्राप्ति हो जाती। मात्र भ्रम से कुछ समय के लिए सुख मानने मात्र का सुख है। किसी परिस्थितिवश शोक संतप्त व्यक्ति को वही सुख शूल की भांति महसूस होने लगते हैं। *जय जिनेंद्र*? 2026-02-13 18:33:33
2383 40449664 ?सम्पूर्ण भारतवर्ष जैन मुनि विहार एवं माता जी विहार समूह ?और गणमान्यगण? कामां नगरी में मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज संसघ और आचार्य विनीत सागर जी महाराज का भव्य मंगल मिलन हुआ। नमोस्तु गुरवर, नमोस्तु गुरुवर, नमोस्तु गुरुवर ?????? 2026-02-13 18:23:17
2382 40449750 107 ? ए बी जैन न्यूज़ ◆ जैन कम्युनिटी ग्रुप *हर गांव, नगर की इच्छा,* *मुक्तागिरि में देखेंगे दीक्षा* *"हर ओर मुक्तागिरि में दीक्षा की चर्चा"* ------------------------ अनिल बड़कुल ■ _सिद्धक्षेत्र मुक्तागिरि में विद्याशिरोमणि परम्पराचार्य श्री समयसागर जी महाराज के द्वारा दीक्षा प्रदान किये जाने की खबर मिली, लगा जैसे उसे बड़े पंख लग गए। सोशल मीडिया हो सड़क हो या मंदिर जी, हर ओर बस एक ही चर्चा। उत्साह एवम उल्लास का माहौल। लंबे समय से प्रतीक्षित ऐलक जी, छुल्लक जी, ब्रह्मचारी भैया सभी को अपना मोक्षमार्ग प्रशस्त होते दिखाई देने लगा। सम्भावना के चलते कई निर्यापक श्रमण, मुनिराजों ने अपने संगस्थ ऐलक जी, छुल्लक जी को गुरुचरणों की ओर अग्रिम दीक्षा हेतु विहार करने के संकेत दिए।_ _आखिर वह शुभ घड़ी आने की आहट मिल ही गई जब पूज्य आचार्यश्री जी द्वारा दीक्षाएँ प्रदान की जावेंगी। मुक्तागिरि में 17-18-19 फरवरी को त्रिदिवसीय आयोजन होगा जिसमें खासकर 19 को दीक्षा दिवस होने से, इस दिन देश भर से श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह भर उठा है। अनेक स्थानों से चार पहिया वाहनों के अलावा कई स्थानों से स्पेशल बसों से भी लोगों के पहुंचने की सूचनाएं मिल रही हैं। गुना, सागर सहित अन्य नगरों से भी बसों से मुक्तागिरि जाने की योजना बन रही है। अभी तो कुछ दिन शेष हैं। आगे-आगे देखिए होता है क्या ....!!_ ■ *अनिल जैन बड़कुल, ए बी जैन न्यूज़* <a href="https://whatsapp.com/channel/0029VaGkk2NGzzKNg9qY8P1b" target="_blank">https://whatsapp.com/channel/0029VaGkk2NGzzKNg9qY8P1b</a> 2026-02-13 18:22:57
2381 40449749 जिनोदय?JINODAYA *प्रवचन वही सार्थक हैं जो पहले अपने आचरण में उतरें* धर्म के मंचों से रोज़ प्रवचन होते हैं। शब्द मधुर होते हैं, उदाहरण प्रभावशाली होते हैं और श्रोता तालियाँ भी बजाते हैं। लेकिन प्रश्न यह नहीं है कि प्रवचन कितना सुंदर था, प्रश्न यह है कि प्रवचन देने वाला स्वयं उन बातों को अपने जीवन में कितना जी रहा है। क्योंकि जो स्वयं आचरण में नहीं उतारता, उसके शब्द केवल भाषण रह जाते हैं, साधना नहीं बन पाते। धर्म का मूल उद्देश्य उपदेश देना नहीं, बल्कि जीवन को बदलना है। यदि कोई व्यक्ति सत्य, संयम, त्याग, करुणा और सरलता की बात करे लेकिन उसका अपना व्यवहार इससे उलटा हो, तो ऐसे प्रवचन समाज को दिशा नहीं देते, बल्कि भ्रम पैदा करते हैं। श्रोता भी कुछ समय बाद समझने लगते हैं कि यह केवल बोलने की कला है, जीने की नहीं। आचरणहीन प्रवचन खोखले होते हैं। जैसे खाली बर्तन ज़्यादा आवाज़ करते हैं, वैसे ही बिना आचरण के प्रवचन केवल शोर बन जाते हैं। धर्मग्रंथों में भी बार-बार कहा गया है कि पहले स्वयं सुधरो, फिर दूसरों को समझाओ। जो स्वयं नियमों का पालन नहीं करता, उसका उपदेश स्वीकार करने में मन संकोच करता है। सच्चा प्रवचन वही है जो जीवन में दिखाई दे। जब कोई साधारण जीवन जीते हुए संयम, मर्यादा और सत्य का पालन करता है, तो बिना बोले भी उसका आचरण प्रवचन बन जाता है। ऐसे व्यक्ति के शब्दों में वजन होता है, क्योंकि वे अनुभव से निकले होते हैं, दिखावे से नहीं। आज समाज को बड़े-बड़े भाषणों की नहीं, सच्चे उदाहरणों की ज़रूरत है। मंच पर खड़े होकर उपदेश देना आसान है, लेकिन अपने स्वभाव, व्यवहार और निर्णयों में धर्म को उतारना कठिन है। जो यह कठिन काम करता है, वही वास्तव में प्रवचन देने का अधिकारी है। इसलिए यह याद रखना आवश्यक है कि प्रवचन की सार्थकता शब्दों में नहीं, आचरण में है। पहले जीवन बदले, फिर वाणी बदले। तभी धर्म लोगों के दिलों तक पहुँचेगा और समाज में सकारात्मक परिवर्तन आएगा। — नितिन जैन संयोजक — जैन तीर्थ श्री पार्श्व पद्मावती धाम, पलवल (हरियाणा) जिलाध्यक्ष — अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन, पलवल मोबाइल: 9215635871 2026-02-13 18:22:05
2380 40449684 ?(5)णमोकार मंत्र तीर्थ उद्धारक आचार्य श्री प्रबल सागर Sonal Doshi 1 mala ???? 2026-02-13 18:21:24
2379 40449701 ??संत शिरोमणि अपडेट?? ?*जय जिनेन्द्र बंधुओं*? *जैन दर्शन में अष्टमी चतुर्दशी का विशेष महत्व बताया गया है । इसीलिए सभी जैन श्रावकों के लिए यह एक जगह पर संकलित करके साझा कर रहे हैं । हम आशा करते हैं आपके संयम में हर दिन वृद्धि हो ।* *इस पोस्ट में एक QR कोड है जिसे स्कैन करके आप हमारे whatsapp group से भी जुड़ सकते हैं, जहां आपके लिए हितकारी सूचना आपको समय समय पर प्राप्त होती रहेगी ।* *आप सभी से अनुरोध हैं कि इस पोस्ट को सभी ग्रुप्स में फॉरवर्ड करके पुण्य का संचय करें, जिससे यह भारत में हर उस श्रावक तक पहुंच पाए जिसे इसकी अवश्यकता है । धन्यावाद ।* 2026-02-13 18:15:53