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72309 40449668 आ,गुरु विद्यासागरजी कहां विराजमान है jai jinendra namostu gurudev विद्या पूर्ण धर्म प्रभावना का app आ गया है । सभी सदस्य नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके तुरंत ही जुड़ें और अपना सदस्य Community कार्ड प्राप्त करे - Powered by Kutumb App <a href="https://primetrace.com/group/7374/post/1183739377?utm_source=android_post_share_web&amp;referral_code=AI04B&amp;utm_screen=post_share&amp;utm_referrer_state=PENDING" target="_blank">https://primetrace.com/group/7374/post/1183739377?utm_source=android_post_share_web&amp;referral_code=AI04B&amp;utm_screen=post_share&amp;utm_referrer_state=PENDING</a> 2026-04-09 14:49:08
72310 40449668 आ,गुरु विद्यासागरजी कहां विराजमान है jai jinendra namostu gurudev विद्या पूर्ण धर्म प्रभावना का app आ गया है । सभी सदस्य नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके तुरंत ही जुड़ें और अपना सदस्य Community कार्ड प्राप्त करे - Powered by Kutumb App <a href="https://primetrace.com/group/7374/post/1183739377?utm_source=android_post_share_web&amp;referral_code=AI04B&amp;utm_screen=post_share&amp;utm_referrer_state=PENDING" target="_blank">https://primetrace.com/group/7374/post/1183739377?utm_source=android_post_share_web&amp;referral_code=AI04B&amp;utm_screen=post_share&amp;utm_referrer_state=PENDING</a> 2026-04-09 14:49:08
72307 40449678 1)जैन गुरुकुल से एकता, धर्म और समाज का उत्थान और तीर्थ रक्षा _*आहारचर्या* (पड़गाहन), 9/4/26, नागपुर, वर्तमान दिगंबर जैन *आचार्य श्री समयसागर जी महाराज*_ ??? _*'निमित्त का सदुपयोग'* विषय पर आज के *मंगल प्रवचन*, 9/4/26_ <a href="https://youtu.be/8HaMjOCkSrk?si=As5bOQYDzjYNycKs" target="_blank">https://youtu.be/8HaMjOCkSrk?si=As5bOQYDzjYNycKs</a> ???? और इसे एक *अच्छा मन्त्र* दो, परिणामस्वरूप आमूल जीवन इसका प्रशम-पूर्ण शम्य हो फिर, क्रमशः जीवन में वह भी समय आये- शरणागतों के लिए अभय-पूर्ण शरण्य हो। परम नम्य हो यह भी।” *इस पर शिल्पी कहता है*, कि *“मन्त्र न ही अच्छा होता है* *न ही बुरा* अच्छा, बुरा तो अपना मन होता है स्थिर मन ही वह महामन्त्र होता है और अस्थिर मन ही पापतन्त्र स्वच्छन्द होता है, एक सुख का सोपान है एक दुःख का ‘सो’ पान है।” - *मूकमाटी :: पृ १०८,१०९* - *आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज* ???????? ✨ *जब वह अच्छा मन्त्र मांग रहा था* ✨ तब गुरु जी ने स्पष्ट किया है कि ? *गुरु की आज्ञा शिष्य को जो मिल जाए वही उसके लिए अच्छा मन्त्र है।* मन की अस्थिरता के कारण यह नहीं सोचना चाहिए कि गुरु जी ने जो दिया है वह छोटा कार्य है या छोटा मन्त्र है। ??? *गुरु-संकेतों पर मन को* *कीलित कर अवधान करो* - _४९, बृहद द्रव्यसंग्रह पद्यानुवाद_ - _आचार्य श्री विद्यासागर जी_ 2026-04-09 14:46:32
72308 40449678 1)जैन गुरुकुल से एकता, धर्म और समाज का उत्थान और तीर्थ रक्षा _*आहारचर्या* (पड़गाहन), 9/4/26, नागपुर, वर्तमान दिगंबर जैन *आचार्य श्री समयसागर जी महाराज*_ ??? _*'निमित्त का सदुपयोग'* विषय पर आज के *मंगल प्रवचन*, 9/4/26_ <a href="https://youtu.be/8HaMjOCkSrk?si=As5bOQYDzjYNycKs" target="_blank">https://youtu.be/8HaMjOCkSrk?si=As5bOQYDzjYNycKs</a> ???? और इसे एक *अच्छा मन्त्र* दो, परिणामस्वरूप आमूल जीवन इसका प्रशम-पूर्ण शम्य हो फिर, क्रमशः जीवन में वह भी समय आये- शरणागतों के लिए अभय-पूर्ण शरण्य हो। परम नम्य हो यह भी।” *इस पर शिल्पी कहता है*, कि *“मन्त्र न ही अच्छा होता है* *न ही बुरा* अच्छा, बुरा तो अपना मन होता है स्थिर मन ही वह महामन्त्र होता है और अस्थिर मन ही पापतन्त्र स्वच्छन्द होता है, एक सुख का सोपान है एक दुःख का ‘सो’ पान है।” - *मूकमाटी :: पृ १०८,१०९* - *आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज* ???????? ✨ *जब वह अच्छा मन्त्र मांग रहा था* ✨ तब गुरु जी ने स्पष्ट किया है कि ? *गुरु की आज्ञा शिष्य को जो मिल जाए वही उसके लिए अच्छा मन्त्र है।* मन की अस्थिरता के कारण यह नहीं सोचना चाहिए कि गुरु जी ने जो दिया है वह छोटा कार्य है या छोटा मन्त्र है। ??? *गुरु-संकेतों पर मन को* *कीलित कर अवधान करो* - _४९, बृहद द्रव्यसंग्रह पद्यानुवाद_ - _आचार्य श्री विद्यासागर जी_ 2026-04-09 14:46:32
72306 49028270 1.श्री सम्मेद शिखर जी _*आहारचर्या* (पड़गाहन), 9/4/26, नागपुर, वर्तमान दिगंबर जैन *आचार्य श्री समयसागर जी महाराज*_ ??? _*'निमित्त का सदुपयोग'* विषय पर आज के *मंगल प्रवचन*, 9/4/26_ <a href="https://youtu.be/8HaMjOCkSrk?si=As5bOQYDzjYNycKs" target="_blank">https://youtu.be/8HaMjOCkSrk?si=As5bOQYDzjYNycKs</a> ???? और इसे एक *अच्छा मन्त्र* दो, परिणामस्वरूप आमूल जीवन इसका प्रशम-पूर्ण शम्य हो फिर, क्रमशः जीवन में वह भी समय आये- शरणागतों के लिए अभय-पूर्ण शरण्य हो। परम नम्य हो यह भी।” *इस पर शिल्पी कहता है*, कि *“मन्त्र न ही अच्छा होता है* *न ही बुरा* अच्छा, बुरा तो अपना मन होता है स्थिर मन ही वह महामन्त्र होता है और अस्थिर मन ही पापतन्त्र स्वच्छन्द होता है, एक सुख का सोपान है एक दुःख का ‘सो’ पान है।” - *मूकमाटी :: पृ १०८,१०९* - *आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज* ???????? ✨ *जब वह अच्छा मन्त्र मांग रहा था* ✨ तब गुरु जी ने स्पष्ट किया है कि ? *गुरु की आज्ञा शिष्य को जो मिल जाए वही उसके लिए अच्छा मन्त्र है।* मन की अस्थिरता के कारण यह नहीं सोचना चाहिए कि गुरु जी ने जो दिया है वह छोटा कार्य है या छोटा मन्त्र है। ??? *गुरु-संकेतों पर मन को* *कीलित कर अवधान करो* - _४९, बृहद द्रव्यसंग्रह पद्यानुवाद_ - _आचार्य श्री विद्यासागर जी_ 2026-04-09 14:46:12
72305 49028270 1.श्री सम्मेद शिखर जी _*आहारचर्या* (पड़गाहन), 9/4/26, नागपुर, वर्तमान दिगंबर जैन *आचार्य श्री समयसागर जी महाराज*_ ??? _*'निमित्त का सदुपयोग'* विषय पर आज के *मंगल प्रवचन*, 9/4/26_ <a href="https://youtu.be/8HaMjOCkSrk?si=As5bOQYDzjYNycKs" target="_blank">https://youtu.be/8HaMjOCkSrk?si=As5bOQYDzjYNycKs</a> ???? और इसे एक *अच्छा मन्त्र* दो, परिणामस्वरूप आमूल जीवन इसका प्रशम-पूर्ण शम्य हो फिर, क्रमशः जीवन में वह भी समय आये- शरणागतों के लिए अभय-पूर्ण शरण्य हो। परम नम्य हो यह भी।” *इस पर शिल्पी कहता है*, कि *“मन्त्र न ही अच्छा होता है* *न ही बुरा* अच्छा, बुरा तो अपना मन होता है स्थिर मन ही वह महामन्त्र होता है और अस्थिर मन ही पापतन्त्र स्वच्छन्द होता है, एक सुख का सोपान है एक दुःख का ‘सो’ पान है।” - *मूकमाटी :: पृ १०८,१०९* - *आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज* ???????? ✨ *जब वह अच्छा मन्त्र मांग रहा था* ✨ तब गुरु जी ने स्पष्ट किया है कि ? *गुरु की आज्ञा शिष्य को जो मिल जाए वही उसके लिए अच्छा मन्त्र है।* मन की अस्थिरता के कारण यह नहीं सोचना चाहिए कि गुरु जी ने जो दिया है वह छोटा कार्य है या छोटा मन्त्र है। ??? *गुरु-संकेतों पर मन को* *कीलित कर अवधान करो* - _४९, बृहद द्रव्यसंग्रह पद्यानुवाद_ - _आचार्य श्री विद्यासागर जी_ 2026-04-09 14:46:11
72304 40449749 जिनोदय?JINODAYA 2026-04-09 14:44:27
72303 40449749 जिनोदय?JINODAYA 2026-04-09 14:44:26
72301 40449749 जिनोदय?JINODAYA 2026-04-09 14:44:25
72302 40449749 जिनोदय?JINODAYA 2026-04-09 14:44:25