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1.श्री सम्मेद शिखर जी |
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[2/13, 5:50 PM] Khushi Jain: <a href="https://youtu.be/d5uZOvR4zTM" target="_blank">https://youtu.be/d5uZOvR4zTM</a>
[2/13, 5:50 PM] Khushi Jain: ??????????????????
स्वप्न में मृत्यु देखना शुभ है या अशुभ? जानिए रहस्य
?????????
सपने में किसी की मृत्यु दिखे तो घबराएँ नहीं — संकेत समझें
?????????
क्या सपना सच में संकेत देता है? स्वप्न में मृत्यु का अर्थ
स्वप्न में मृत्यु
??????????????????????????? |
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2026-02-13 17:53:30 |
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40449665 |
2.0 Jain Dharam ? जैन धर्म |
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<a href="https://youtube.com/shorts/Sc9sJt1IjO0?si=yQNopwDYKNXY3jK6" target="_blank">https://youtube.com/shorts/Sc9sJt1IjO0?si=yQNopwDYKNXY3jK6</a> |
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2026-02-13 17:52:21 |
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40449701 |
??संत शिरोमणि अपडेट?? |
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2026-02-13 17:51:20 |
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40449663 |
? आचार्य सुधीन्द्र संदेश ? |
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2026-02-13 17:51:20 |
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40449687 |
अध्यात्मयोगी |
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2026-02-13 17:48:19 |
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49028270 |
1.श्री सम्मेद शिखर जी |
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संघ को स्वाध्याय कराती हुई गुरु मां आर्यिका विजिज्ञासा श्री माताजी |
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2026-02-13 17:46:21 |
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40449663 |
? आचार्य सुधीन्द्र संदेश ? |
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*कोई हमारे पास आता है तो हम समाधि की वृद्धि हो, ऐसा आशीर्वाद देते हैं, समता भाव रहेगा तो निश्चित रूप से अंत में भला होगा।*
युगश्रेष्ठ संतशिरोमणी
आचार्य श्री विद्यासागर जी महामुनिराज
???✨✨???
????????
???⭐⭐???
जो ‘ज्ञानसागर' सुधी गुरु हैं हितैषी,
शुद्धात्म में निरत नित्य हितोपदेशी।
वे पाप- ग्रीष्म ऋतु में जल हैं सयाने,
पूजें उन्हें सतत केवल-ज्ञान पाने ॥४॥
? *श्रमण शतक* ?
आचार्य श्री विद्यासागर जी महामुनिराज |
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2026-02-13 17:45:01 |
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40449677 |
तीर्थ बचाओ धर्म बचाओ जन आंदोलन |
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<a href="https://www.instagram.com/reel/DUsTl-Lk6ZE/?igsh=MTBpcWNubnJ4NmNoYw==" target="_blank">https://www.instagram.com/reel/DUsTl-Lk6ZE/?igsh=MTBpcWNubnJ4NmNoYw==</a> |
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2026-02-13 17:43:39 |
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40449749 |
जिनोदय?JINODAYA |
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*वजन शरीर में नहीं, शब्दों में हो — वरना चुप रहना ही बेहतर है*
आप में वजन हो या न हो, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। लेकिन अगर आपके शब्दों में वजन नहीं है, तो बोलना भी बेकार है। खोखले शब्द हवा में उड़ जाते हैं, जबकि सच्चे और तीखे शब्द सामने वाले की नींद उड़ा देते हैं। शब्द ऐसे होने चाहिए कि अगर उन्हें फेंक कर मारा जाए, तो गलत करने वाला तिलमिला जाए, बिलबिला जाए और छुपने के रास्ते ढूँढने लगे।
यह दौर शरीरिक ताक़त का नहीं, मानसिक और वैचारिक ताक़त का है। यहाँ मुक्के नहीं, शब्द फैसले करते हैं। लेकिन ध्यान रहे—हर शब्द नहीं, सिर्फ़ वही शब्द असर करता है जिसमें सच की आग हो। झूठ, चालाकी और मीठी बातों से भरे शब्द सिर्फ़ तालियाँ दिला सकते हैं, बदलाव नहीं ला सकते।
गलत करने वाला गाली से नहीं डरता, वह डरता है बेनकाब होने से। उसे डर लगता है सवालों से, तथ्यों से और खुले शब्दों से। जब आईना सामने रख दिया जाता है, तब उसके चेहरे का नक़ाब अपने आप गिरने लगता है। इसलिए शब्दों को सजाने में नहीं, धार देने में भरोसा रखिए। बिना चिल्लाए, बिना गिड़गिड़ाए—सीधा वार कीजिए।
आज समाज में सबसे बड़ा अपराध है चुप्पी। जो जानकर भी नहीं बोलता, वह भी उतना ही दोषी है जितना गलत करने वाला। इसलिए या तो मजबूती से बोलिए, या फिर ईमानदारी से खामोश रहिए। बीच का रास्ता सबसे कायराना होता है। आधे-अधूरे शब्द न किसी को सुधारते हैं, न किसी को डराते हैं।
शब्दों का वजन अनुभव से आता है, लेकिन उनकी आग चरित्र से आती है। जो खुद भीतर से कमजोर होता है, उसके शब्द चाहे जितने ऊँचे हों, असर नहीं करते। और जो भीतर से मजबूत होता है, उसके साधारण से शब्द भी तूफ़ान खड़ा कर देते हैं।
इसलिए शरीर का वजन नहीं, शब्दों का वजन बढ़ाइए। ऐसे शब्द बोलिए जो गलत को गलत कह सकें, चाहे सामने कोई भी हो। जब शब्द सही निशाने पर लगते हैं, तब लाठी की ज़रूरत नहीं पड़ती। |
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2026-02-13 17:41:58 |
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49028270 |
1.श्री सम्मेद शिखर जी |
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2026-02-13 17:41:33 |
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