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6798 40449696 ?? श्री सम्मेद शिखर जी ?? 2026-02-17 06:54:20
6797 40449703 गणिनी आर्यिका जिनदेवी माँ ???? Wandami Matajii ???? Jai Jinendra Didi ?? 2026-02-17 06:53:58
6795 40449699 3️⃣ ಜಿನೇಂದ್ರ ವಾಣಿ (G-3️⃣) 2026-02-17 06:53:53
6796 40449696 ?? श्री सम्मेद शिखर जी ?? जय जिनेेन्द्र जी!! दिनाँक: १७/०२/२०२६ तिथि : फाल्गुन कृष्ण अमावस्या, २५५२ दिन : मंगलवार कल्याणक: आज *लड्डू खाने का त्याग और श्रावक प्रतिक्रमण पढ़ने का नियम* रखें। कल का संभावित नियम- पापड़ खाने का त्याग अगर आप - आज १ दिन का नियम करना चाहते हैं तो देव-शास्त्र-गुरु का स्मरण करते हुए संकल्प करें कि मै आज उपरोक्त नियम का पालन करुँगा/करूँगी। ?? *मेरे दोनों नियम हैैं।*?? 2026-02-17 06:53:53
6794 41139993 +120363368584592632 2026-02-17 06:53:16
6793 40449660 Acharya PulakSagarji 07 ?? *शोक सभाओं का दुर्भाग्यपूर्ण आयोजन* ?? शोक सभाएं आजकल दुःख बांटने और मृतक के परिवार को सांत्वना देने के अपने मूल उद्देश्य से भटक गईं हैं। आजकल शोक सभाओं के आयोजन के लिए विशाल मंडप लगाए जा रहे हैं, सफेद पर्दे और कालीन बिछाई जाती है या किसी बड़े बैंक्वेट हाल में भव्य सभा का आयोजन किया जाता है जिससे यह लगता है कि कोई उत्सव हो रहा है। इसमें शोक की भावना कम, और प्रदर्शन की प्रवृत्ति ज्यादा दिखाई देती है। मृतक का बड़ा फोटो सजाकर भव्यता के माहौल में स्टेज पर रखा जाता है। यहां तक कि मृतक के परिवार के सदस्य भी अच्छी तरह सज-संवरकर आते हैं। उनका आचरण और पहनावा किसी दुःख का संकेत ही नहीं देता। बल्कि ऐसा लगता है मानो पिण्ड छूटा हो समाज में अपनी प्रतिष्ठा दिखाने की होड़ में अब शोक सभा भी शामिल हो गई है। सभा में कितने लोग आए, कितनी कारें आईं, कितने नेता पहुंचे, कितने अफ़सर आए - इसकी चर्चा भी खूब होती है । नेताओं द्वारा प्रेषित शोक संदेश को ऐसे पढ़ा जाता है मानो उनको ही सारा दुख हुआ है जबकि मृतक के कभी काम नही आये । ये सब परिवार की सामाजिक प्रतिष्ठा के आधार बन गए हैं। उच्च वर्ग को तो छोड़िए, छोटे और मध्यमवर्गीय परिवार भी इस अवांछित दिखावे की चपेट में आ गए हैं। शोक सभा का आयोजन अब आर्थिक बोझ बनता जा रहा है। कई परिवार इस बोझ को उठाने में कठिनाई महसूस करते हैं पर देखा-देखी की होड़ में वे न चाहकर भी इसे करने के लिए मजबूर होते हैं। इस आयोजन में खाना, चाय, कॉफी, मिनरल वाटर, जैसी चीजों पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है। यह पूरी सभा अब शोक सभा की बजाय एक भव्य आयोजन का रूप ले रही है। शोकसभा में जाते हैं तब लगता ही नहीं कि हम लोग शोकसभा में आए हैं, रीति रिवाज उठावने की बजाय नए नए रिवाज बनने लगे हैं।कोई कविता पढ़ रहा है तो कोई भाषण देकर अपनी शाब्दिक विशेषता दर्शा रहा है । ,,अंतिम क्रिया के समय शमशान में भी भाषण का दौर चलता है जबकि वो समय मौन प्रार्थना करने का है । सब से विनम्र प्रार्थना- ???? 1. शोक सभाओं को अत्यंत सादगीपूर्ण और आडंबर रहित ही होनी चाहिए। 2. सभी संपन्न समाज और संपन्न परिवार इस ओर ध्यान दे ... 3. अन्य परिवार वाले इनकी देखा देखी कर दिवंगत के प्रति श्रद्धा का उपहास नही कर । जय जिनेन्द्र शुभ रात्रि 2026-02-17 06:53:15
6792 41139993 +120363368584592632 2026-02-17 06:52:55
6791 40449660 Acharya PulakSagarji 07 ⛳⭕〽️ *जय जिनेन्द्र* ?????? *सुप्रभात* ⛱️ *मंगलवार* ?️‍? *17-02-2026* ?️‍? *मंजिलें क्या हैं,रास्ता क्या है* ... *हौंसला हो तो फासला क्या है*.... *जिसने संघर्ष को अपना साथी बना* *लिया उसने ही इस दुनिया में खुद को काबिल बना लिया*.... *तीर को भी आगे छोड़ने से पहले* *पीछे खींचना पड़ता है उसी तरह* *अच्छे दिनों के लिए बुरे दिनों से* *लड़ना पड़ता है*.....*!!!* ?? *सुप्रभात* ?? 2026-02-17 06:52:52
6790 41139993 +120363368584592632 2026-02-17 06:52:50
6789 40449749 जिनोदय?JINODAYA ? आप सभी को सादर जय जिनेंद्र? ? आज का दिन शुभ एवं मंगलमय हो? ☎️?"व्हाट्सएप नंबर"-9977608466? श्री सकल दिगम्बर जैन समाज समिति का app आ गया है । सभी सदस्य नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके तुरंत ही जुड़ें और अपना सदस्य Community कार्ड प्राप्त करे - Powered by Kutumb App <a href="https://primetrace.com/group/12738/post/1179584878?utm_source=android_post_share_web&amp;referral_code=EIZ7X&amp;utm_screen=post_share&amp;utm_referrer_state=PENDING" target="_blank">https://primetrace.com/group/12738/post/1179584878?utm_source=android_post_share_web&amp;referral_code=EIZ7X&amp;utm_screen=post_share&amp;utm_referrer_state=PENDING</a> 2026-02-17 06:52:10