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Chat ID
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Chat Name
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Sender
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Phone
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Message
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Status
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Date |
View |
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40449688 |
3. विद्याशिरोमणी आचार्य श्री समयसागर जी |
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2026-04-11 16:44:31 |
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| 77726 |
40449688 |
3. विद्याशिरोमणी आचार्य श्री समयसागर जी |
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2026-04-11 16:44:31 |
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| 77724 |
49028270 |
1.श्री सम्मेद शिखर जी |
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जैन धर्म के सबसे पुरातन धर्म होने के और हिंदू से अलग अस्तित्व के बारे में कोर्ट के फैसले ?? |
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2026-04-11 16:39:45 |
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| 77723 |
49028270 |
1.श्री सम्मेद शिखर जी |
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जैन धर्म के सबसे पुरातन धर्म होने के और हिंदू से अलग अस्तित्व के बारे में कोर्ट के फैसले ?? |
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2026-04-11 16:39:44 |
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| 77722 |
40449688 |
3. विद्याशिरोमणी आचार्य श्री समयसागर जी |
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_*सही अहिंसा को समझें - 2*_
????
*द्रव्य हिंसा तो हो रही किंतु, अहिंसा भीतर छिपी हुई है*
- आचार्य श्री समयसागर जी
- 10/4/26, नागपुर
???
*'सावधानी पूर्वक प्रवृत्ति करें'* विषय पर *मंगल प्रवचन-*
<a href="https://youtu.be/ei4xfLuulXk?si=BX8zUh20cNvutx5j" target="_blank">https://youtu.be/ei4xfLuulXk?si=BX8zUh20cNvutx5j</a>
_(देखें 29.35 से 30.45 तक)_
????
"नहीं... नहीं... नहीं
लौटना नहीं!
अभी नहीं... कभी भी नहीं...
क्योंकि अभी
आतंकवाद गया नहीं,
उससे संघर्ष करना है अभी
वह कृत-संकल्प है
अपने ध्रुव पर दृढ़।
*जब तक जीवित है आतंकवाद*
*शान्ति का श्वास ले नहीं सकती*
*धरती यह,*
ये आँखें अब
आतंकवाद को देख नहीं सकतीं,
ये कान अब
आतंक का नाम सुन नहीं सकते,
*यह जीवन भी कृत संकल्पित है कि*
*उसका रहे या इसका*
*यहाँ अस्तित्व एक का रहेगा*
- _मूकमाटी :: ४४१_
- _आचार्य श्री विद्यासागर जी_ |
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2026-04-11 16:38:37 |
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| 77721 |
40449688 |
3. विद्याशिरोमणी आचार्य श्री समयसागर जी |
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_*सही अहिंसा को समझें - 2*_
????
*द्रव्य हिंसा तो हो रही किंतु, अहिंसा भीतर छिपी हुई है*
- आचार्य श्री समयसागर जी
- 10/4/26, नागपुर
???
*'सावधानी पूर्वक प्रवृत्ति करें'* विषय पर *मंगल प्रवचन-*
<a href="https://youtu.be/ei4xfLuulXk?si=BX8zUh20cNvutx5j" target="_blank">https://youtu.be/ei4xfLuulXk?si=BX8zUh20cNvutx5j</a>
_(देखें 29.35 से 30.45 तक)_
????
"नहीं... नहीं... नहीं
लौटना नहीं!
अभी नहीं... कभी भी नहीं...
क्योंकि अभी
आतंकवाद गया नहीं,
उससे संघर्ष करना है अभी
वह कृत-संकल्प है
अपने ध्रुव पर दृढ़।
*जब तक जीवित है आतंकवाद*
*शान्ति का श्वास ले नहीं सकती*
*धरती यह,*
ये आँखें अब
आतंकवाद को देख नहीं सकतीं,
ये कान अब
आतंक का नाम सुन नहीं सकते,
*यह जीवन भी कृत संकल्पित है कि*
*उसका रहे या इसका*
*यहाँ अस्तित्व एक का रहेगा*
- _मूकमाटी :: ४४१_
- _आचार्य श्री विद्यासागर जी_ |
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2026-04-11 16:38:36 |
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| 77720 |
40449701 |
??संत शिरोमणि अपडेट?? |
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*शांति पथ प्रदर्शन - 18* ???? |
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2026-04-11 16:37:29 |
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| 77719 |
40449701 |
??संत शिरोमणि अपडेट?? |
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*शांति पथ प्रदर्शन - 18* ???? |
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2026-04-11 16:37:28 |
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| 77717 |
40449701 |
??संत शिरोमणि अपडेट?? |
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<a href="https://youtu.be/yX68CUvmAoI?si=uqFLShTC1FYbwLr4" target="_blank">https://youtu.be/yX68CUvmAoI?si=uqFLShTC1FYbwLr4</a> |
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2026-04-11 16:37:23 |
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| 77718 |
40449701 |
??संत शिरोमणि अपडेट?? |
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<a href="https://youtu.be/yX68CUvmAoI?si=uqFLShTC1FYbwLr4" target="_blank">https://youtu.be/yX68CUvmAoI?si=uqFLShTC1FYbwLr4</a> |
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2026-04-11 16:37:23 |
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