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Chat ID
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Chat Name
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Sender
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Phone
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Message
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Status
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Date |
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| 77691 |
40449721 |
माँ विशुद्ध भक्त परिवार?6 |
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वात्सल्य वारिधी पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्धमान सागर जी से दीक्षित अनेक शिष्य जयपुर से है मुनि श्री हितेंद्र सागर जी , मुनि श्री प्रभव सागर जी ,मुनि श्री विवर्जित सागर जी, मुनि श्री भुवन सागर जी मुनि श्री गुणोदय सागर जी आदि श्याम नगर जयपुर के श्री आदिनाथ जिनालय में आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने 14 मई से 19 मई वर्ष 2015 में पंच कल्याणक कराया।श्याम नगर जयपुर एक प्रसिद्ध कॉलोनी उपनगर हैं जहां पर प्रथमाचार्य श्री शांति सागर की परंपरा के अनेक पूर्वाचार्यों के गुरु भक्त इस कॉलोनी में रहते हैं। श्रद्धेय स्व श्री हुलास मल ने संघ पति बनकर वात्सल्य वारिधी पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्धमान सागर जी की कर्नाटक यात्रा कराई। श्री सुरेश जी सबलावत , श्री राजकुमार सेठी सहित अनेक गुरुभक्त इसी उपनगर के निवासी है श्री राजेश सेठी भी श्याम नगर के निवासी होकर आपके पिता मुनि श्री प्रभव सागर जी है तथा आपकी मम्मी श्री तारा दादी भी विगत 15 से ज्यादा वर्षों से चौका लगा रही है जिनके नाम नहीं लिख पाए उन परिवार से क्षमा चाहता हूं श्री चैनरूप जी बाकलीवाल ,श्री हुलासमल जी सबलावत श्री कंवरी लाल जी काला श्री बछराज जी पांड्या आदि ने आचार हैएजाअr्य श्री को वर्ष 2006 श्री बाहुबली भगवान के मस्तकाभिषेक का के लिए चलने हेतु निवेदन किया ओर निवेदन किया विहार की पूरी तैयारी हो गई।एक प्रसंग अनुसार फरवरी 2005 में श्री हुलास मल जी बिहार में चौका आहार के लिए कुआं ढूंढने गए , वह खोजते खोजते थक गए किंतु कुआं नहीं मिला उन्होंने आचार्य श्री वर्धमान सागर जी को बताया कि जहां आगे आहार होना है उसके आसपास कहीं कुआं नहीं है कैसे आहार होगा? जहां कुआं है उसके पहले एक आहार होना जरूरी है।आचार्य श्री बोले चिंता मत करो जैसा भी होगा देखेंगे। रात्रि में श्री हुलासमल जी सबलावत को नींद से उठाकर एक वृद्ध बोलता है सेठजी चलो में कुआं दिखाता हूं थोड़ी दूर पर भले मानुष ने कुआं दिखाया पानी निकाल कर यकीन किया जैसे ही मुड़कर उसे इनाम देना चाहा वह व्यक्ति गायब हो गया उस हुलिए का उस गांव में भी कोई नहीं रहता था। आचार्य श्री वर्धमान सागर जी की चतुर्थ कालीन चर्या की व्यवस्था देवता भी करते हैं। |
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2026-04-11 16:08:23 |
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| 77692 |
40449721 |
माँ विशुद्ध भक्त परिवार?6 |
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वात्सल्य वारिधी पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्धमान सागर जी से दीक्षित अनेक शिष्य जयपुर से है मुनि श्री हितेंद्र सागर जी , मुनि श्री प्रभव सागर जी ,मुनि श्री विवर्जित सागर जी, मुनि श्री भुवन सागर जी मुनि श्री गुणोदय सागर जी आदि श्याम नगर जयपुर के श्री आदिनाथ जिनालय में आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने 14 मई से 19 मई वर्ष 2015 में पंच कल्याणक कराया।श्याम नगर जयपुर एक प्रसिद्ध कॉलोनी उपनगर हैं जहां पर प्रथमाचार्य श्री शांति सागर की परंपरा के अनेक पूर्वाचार्यों के गुरु भक्त इस कॉलोनी में रहते हैं। श्रद्धेय स्व श्री हुलास मल ने संघ पति बनकर वात्सल्य वारिधी पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्धमान सागर जी की कर्नाटक यात्रा कराई। श्री सुरेश जी सबलावत , श्री राजकुमार सेठी सहित अनेक गुरुभक्त इसी उपनगर के निवासी है श्री राजेश सेठी भी श्याम नगर के निवासी होकर आपके पिता मुनि श्री प्रभव सागर जी है तथा आपकी मम्मी श्री तारा दादी भी विगत 15 से ज्यादा वर्षों से चौका लगा रही है जिनके नाम नहीं लिख पाए उन परिवार से क्षमा चाहता हूं श्री चैनरूप जी बाकलीवाल ,श्री हुलासमल जी सबलावत श्री कंवरी लाल जी काला श्री बछराज जी पांड्या आदि ने आचार हैएजाअr्य श्री को वर्ष 2006 श्री बाहुबली भगवान के मस्तकाभिषेक का के लिए चलने हेतु निवेदन किया ओर निवेदन किया विहार की पूरी तैयारी हो गई।एक प्रसंग अनुसार फरवरी 2005 में श्री हुलास मल जी बिहार में चौका आहार के लिए कुआं ढूंढने गए , वह खोजते खोजते थक गए किंतु कुआं नहीं मिला उन्होंने आचार्य श्री वर्धमान सागर जी को बताया कि जहां आगे आहार होना है उसके आसपास कहीं कुआं नहीं है कैसे आहार होगा? जहां कुआं है उसके पहले एक आहार होना जरूरी है।आचार्य श्री बोले चिंता मत करो जैसा भी होगा देखेंगे। रात्रि में श्री हुलासमल जी सबलावत को नींद से उठाकर एक वृद्ध बोलता है सेठजी चलो में कुआं दिखाता हूं थोड़ी दूर पर भले मानुष ने कुआं दिखाया पानी निकाल कर यकीन किया जैसे ही मुड़कर उसे इनाम देना चाहा वह व्यक्ति गायब हो गया उस हुलिए का उस गांव में भी कोई नहीं रहता था। आचार्य श्री वर्धमान सागर जी की चतुर्थ कालीन चर्या की व्यवस्था देवता भी करते हैं। |
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2026-04-11 16:08:23 |
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| 77690 |
40449675 |
?विराग विशुद्ध विनिश्चल गुरुभक्त परिवार? |
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<a href="https://www.youtube.com/live/QGSDdWwh_ZM?si=m9q6vUFv8I4Tu4pA" target="_blank">https://www.youtube.com/live/QGSDdWwh_ZM?si=m9q6vUFv8I4Tu4pA</a> |
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2026-04-11 16:05:49 |
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| 77689 |
40449675 |
?विराग विशुद्ध विनिश्चल गुरुभक्त परिवार? |
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<a href="https://www.youtube.com/live/QGSDdWwh_ZM?si=m9q6vUFv8I4Tu4pA" target="_blank">https://www.youtube.com/live/QGSDdWwh_ZM?si=m9q6vUFv8I4Tu4pA</a> |
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2026-04-11 16:05:48 |
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| 77687 |
49028270 |
1.श्री सम्मेद शिखर जी |
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????????
????????? ?????
?︎?︎?︎?︎?︎?︎?︎?︎?︎
?︎?︎?︎?︎?︎
?????????
*11.4.2026*
??? ????
?? ??????
*हर मास एक उपवास* |
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2026-04-11 16:05:37 |
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| 77688 |
49028270 |
1.श्री सम्मेद शिखर जी |
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????????
????????? ?????
?︎?︎?︎?︎?︎?︎?︎?︎?︎
?︎?︎?︎?︎?︎
?????????
*11.4.2026*
??? ????
?? ??????
*हर मास एक उपवास* |
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2026-04-11 16:05:37 |
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| 77686 |
49028270 |
1.श्री सम्मेद शिखर जी |
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*निषेध! निषेध!!निषेध!!!*
*यह सार्वजनिक निषेध दर्ज कर रहे हैं कि:*
हाल ही में मंत्री मंगलप्रभात जी लोढ़ा द्वारा जैन धर्म के संबंध में दिए गए बयान पूरी तरह से गलत ❌, भ्रामक ⚠️ और जैन समाज की भावनाओं को आहत करने वाले हैं ?।
?️ *जैन धर्म एक अत्यंत प्राचीन और स्वतंत्र धर्म है, जिसके सिद्धांत अन्य किसी भी धर्म से अलग और विशिष्ट हैं*।
☮️ जैन धर्म एक अहिंसावादी धर्म है और यह सभी जीवों के प्रति करुणा ❤️, संयम ? और सत्य ✔️ के सिद्धांतों पर आधारित है।
? लाखों वर्षों की परंपरा वाले इस धर्म का किसी अन्य धर्म में विलय करने की बात करना अत्यंत निंदनीय है ❗
? इस प्रकार के बयान जैन धर्मावलंबियों की भावनाओं को ठेस पहुँचाने का स्पष्ट इरादा दर्शाते हैं, और इसे जैन समाज कभी बर्दाश्त नहीं करेगा।
? धन्यवाद ??♾️??️? |
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2026-04-11 16:01:09 |
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| 77685 |
49028270 |
1.श्री सम्मेद शिखर जी |
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*निषेध! निषेध!!निषेध!!!*
*यह सार्वजनिक निषेध दर्ज कर रहे हैं कि:*
हाल ही में मंत्री मंगलप्रभात जी लोढ़ा द्वारा जैन धर्म के संबंध में दिए गए बयान पूरी तरह से गलत ❌, भ्रामक ⚠️ और जैन समाज की भावनाओं को आहत करने वाले हैं ?।
?️ *जैन धर्म एक अत्यंत प्राचीन और स्वतंत्र धर्म है, जिसके सिद्धांत अन्य किसी भी धर्म से अलग और विशिष्ट हैं*।
☮️ जैन धर्म एक अहिंसावादी धर्म है और यह सभी जीवों के प्रति करुणा ❤️, संयम ? और सत्य ✔️ के सिद्धांतों पर आधारित है।
? लाखों वर्षों की परंपरा वाले इस धर्म का किसी अन्य धर्म में विलय करने की बात करना अत्यंत निंदनीय है ❗
? इस प्रकार के बयान जैन धर्मावलंबियों की भावनाओं को ठेस पहुँचाने का स्पष्ट इरादा दर्शाते हैं, और इसे जैन समाज कभी बर्दाश्त नहीं करेगा।
? धन्यवाद ??♾️??️? |
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2026-04-11 16:01:08 |
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| 77683 |
49028270 |
1.श्री सम्मेद शिखर जी |
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*217. प्रभु आत्म संदेश.*
जब तक अंतर्मन की ध्वनि नहीं सुनोगे तब तक शांति का वेदन संभव नहीं । लौकिक सफलता की भी यदि चाह है तो अंतर्मन की ध्वनि को सुनना शुरू करो।
बाहर में सिर्फ कोलाहल है,जो कि मात्र कलह को बढ़ावा देगा। जबकि अंतर्मन की आवाज में छिपा है सुकून,आनंद और परम शांति का वेदन...
तो आप भी रुकिए नहीं आज से शुरू कीजिए अपने अंतर्मन की आवाज तक पहुंचने का प्रयत्न...हटिए बाह्य कोलाहल से दूर और जुड़िए अपने अंतरंग अंतर्मन से...और अनुभव कीजिए सिर्फ शांति एवं सुकून का...
*विचारना...* |
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2026-04-11 15:56:43 |
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| 77684 |
49028270 |
1.श्री सम्मेद शिखर जी |
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*217. प्रभु आत्म संदेश.*
जब तक अंतर्मन की ध्वनि नहीं सुनोगे तब तक शांति का वेदन संभव नहीं । लौकिक सफलता की भी यदि चाह है तो अंतर्मन की ध्वनि को सुनना शुरू करो।
बाहर में सिर्फ कोलाहल है,जो कि मात्र कलह को बढ़ावा देगा। जबकि अंतर्मन की आवाज में छिपा है सुकून,आनंद और परम शांति का वेदन...
तो आप भी रुकिए नहीं आज से शुरू कीजिए अपने अंतर्मन की आवाज तक पहुंचने का प्रयत्न...हटिए बाह्य कोलाहल से दूर और जुड़िए अपने अंतरंग अंतर्मन से...और अनुभव कीजिए सिर्फ शांति एवं सुकून का...
*विचारना...* |
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2026-04-11 15:56:43 |
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