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Chat ID
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Chat Name
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Sender
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Message
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Date |
View |
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40449665 |
2.0 Jain Dharam ? जैन धर्म |
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2026-04-10 13:47:20 |
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| 74748 |
40449665 |
2.0 Jain Dharam ? जैन धर्म |
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2026-04-10 13:47:20 |
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| 74745 |
49028270 |
1.श्री सम्मेद शिखर जी |
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_जो कवियों ने ऋषियों ने लिखा है, *सभी मुद्राओं को देखकर के ऐसा लगता है* कि, *मैं अकेले ही प्रसन्न नहीं हूं, सारा जगत ही प्रसन्न है*_
????
_महाकवि आचार्य ज्ञानसागर जी महाराज के समाधि दिवस पर उनकी अनुपम कृति जयोदय महाकाव्य पर राष्ट्रीय विद्वत् संगोष्ठी, पपौरा जी (जिला-टीकमगढ़, म.प्र.) १४-१५ मई २०१८, में राष्ट्रहित चिंतक *आचार्य विद्यासागर जी महाराज* का प्रवचनांश-_
<a href="https://youtu.be/gPcVOCgL_fc?si=m5PyWlfQ1XgZKjo8" target="_blank">https://youtu.be/gPcVOCgL_fc?si=m5PyWlfQ1XgZKjo8</a>
_(देखें 3.50 से 6.44 तक)_
*_15 मि. का प्रवचनांश पूरा अवश्य सुनें_*
????????
हम ही सब कुछ हैं
यूँ कहता है 'ही' सदा,
तुम तो तुच्छ, कुछ नहीं हो !
और,
'भी' का कहना है कि
*हम भी हैं*
*तुम भी हो*
*सब कुछ !*
*'ही' देखता है हीन दृष्टि से पर को*
*'भी' देखता है समीचीन दृष्टि से सब को*
- _मूकमाटी :: पृ १७२,१७३_
- _आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज_ |
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2026-04-10 13:46:49 |
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| 74746 |
49028270 |
1.श्री सम्मेद शिखर जी |
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_जो कवियों ने ऋषियों ने लिखा है, *सभी मुद्राओं को देखकर के ऐसा लगता है* कि, *मैं अकेले ही प्रसन्न नहीं हूं, सारा जगत ही प्रसन्न है*_
????
_महाकवि आचार्य ज्ञानसागर जी महाराज के समाधि दिवस पर उनकी अनुपम कृति जयोदय महाकाव्य पर राष्ट्रीय विद्वत् संगोष्ठी, पपौरा जी (जिला-टीकमगढ़, म.प्र.) १४-१५ मई २०१८, में राष्ट्रहित चिंतक *आचार्य विद्यासागर जी महाराज* का प्रवचनांश-_
<a href="https://youtu.be/gPcVOCgL_fc?si=m5PyWlfQ1XgZKjo8" target="_blank">https://youtu.be/gPcVOCgL_fc?si=m5PyWlfQ1XgZKjo8</a>
_(देखें 3.50 से 6.44 तक)_
*_15 मि. का प्रवचनांश पूरा अवश्य सुनें_*
????????
हम ही सब कुछ हैं
यूँ कहता है 'ही' सदा,
तुम तो तुच्छ, कुछ नहीं हो !
और,
'भी' का कहना है कि
*हम भी हैं*
*तुम भी हो*
*सब कुछ !*
*'ही' देखता है हीन दृष्टि से पर को*
*'भी' देखता है समीचीन दृष्टि से सब को*
- _मूकमाटी :: पृ १७२,१७३_
- _आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज_ |
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2026-04-10 13:46:49 |
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| 74743 |
40449703 |
गणिनी आर्यिका जिनदेवी माँ |
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2026-04-10 13:46:36 |
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| 74744 |
40449703 |
गणिनी आर्यिका जिनदेवी माँ |
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2026-04-10 13:46:36 |
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| 74742 |
40449703 |
गणिनी आर्यिका जिनदेवी माँ |
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होळकर वाडा
पंढरपूर |
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2026-04-10 13:46:34 |
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| 74741 |
40449703 |
गणिनी आर्यिका जिनदेवी माँ |
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होळकर वाडा
पंढरपूर |
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2026-04-10 13:46:33 |
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| 74740 |
49028270 |
1.श्री सम्मेद शिखर जी |
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*निषेध! निषेध!!निषेध!!!*
*JAIN परिवार भारत* की ओर से हम यह सार्वजनिक निषेध दर्ज कर रहे हैं कि:
हाल ही में मंत्री मंगलप्रभात जी लोढ़ा द्वारा जैन धर्म के संबंध में दिए गए बयान पूरी तरह से गलत ❌, भ्रामक ⚠️ और जैन समाज की भावनाओं को आहत करने वाले हैं ?।
?️ जैन धर्म एक अत्यंत प्राचीन और स्वतंत्र धर्म है, जिसके सिद्धांत अन्य किसी भी धर्म से अलग और विशिष्ट हैं।
☮️ जैन धर्म एक अहिंसावादी धर्म है और यह सभी जीवों के प्रति करुणा ❤️, संयम ? और सत्य ✔️ के सिद्धांतों पर आधारित है।
? लाखों वर्षों की परंपरा वाले इस धर्म का किसी अन्य धर्म में विलय करने की बात करना अत्यंत निंदनीय है ❗
? इस प्रकार के बयान जैन धर्मावलंबियों की भावनाओं को ठेस पहुँचाने का स्पष्ट इरादा दर्शाते हैं, और इसे जैन समाज कभी बर्दाश्त नहीं करेगा।
? धन्यवाद ?
*JAIN परिवार भारत* |
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2026-04-10 13:45:17 |
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| 74739 |
49028270 |
1.श्री सम्मेद शिखर जी |
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*निषेध! निषेध!!निषेध!!!*
*JAIN परिवार भारत* की ओर से हम यह सार्वजनिक निषेध दर्ज कर रहे हैं कि:
हाल ही में मंत्री मंगलप्रभात जी लोढ़ा द्वारा जैन धर्म के संबंध में दिए गए बयान पूरी तरह से गलत ❌, भ्रामक ⚠️ और जैन समाज की भावनाओं को आहत करने वाले हैं ?।
?️ जैन धर्म एक अत्यंत प्राचीन और स्वतंत्र धर्म है, जिसके सिद्धांत अन्य किसी भी धर्म से अलग और विशिष्ट हैं।
☮️ जैन धर्म एक अहिंसावादी धर्म है और यह सभी जीवों के प्रति करुणा ❤️, संयम ? और सत्य ✔️ के सिद्धांतों पर आधारित है।
? लाखों वर्षों की परंपरा वाले इस धर्म का किसी अन्य धर्म में विलय करने की बात करना अत्यंत निंदनीय है ❗
? इस प्रकार के बयान जैन धर्मावलंबियों की भावनाओं को ठेस पहुँचाने का स्पष्ट इरादा दर्शाते हैं, और इसे जैन समाज कभी बर्दाश्त नहीं करेगा।
? धन्यवाद ?
*JAIN परिवार भारत* |
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2026-04-10 13:45:16 |
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