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3678 40449676 राष्ट्रीय मुनी सेवा संघ #universe #sky #nature #ᴛʀᴇɴᴅɪɴɢsᴏɴɢ #guru <a href="https://www.instagram.com/reel/DUvAzYcDPkj/?igsh=dG05aDhnM3k0NjBn" target="_blank">https://www.instagram.com/reel/DUvAzYcDPkj/?igsh=dG05aDhnM3k0NjBn</a> 2026-02-14 15:52:24
3677 49028270 1.श्री सम्मेद शिखर जी *24 तीर्थंकरों के प्राकृत नाम* आज हम जैन तीर्थंकरों को जिन नामों से जानते है, वह उनके मूल नाम नहीं है. मूल नाम प्राकृत भाषा के है. बाद में इनको संस्कृत नामों में बदला गया. ऐसा करते वक्त सिर्फ अनुवाद नहीं किया गया, बल्कि कई नामों के पीछे 'नाथ' यह शब्द जोड़ा गया. कुछ जगह नाम ही बदल दिए गए. पढ़िए तीर्थंकरों के मूल प्राकृत नाम कौनसे हैं: <a href="https://jainmission.theywon.in/24-teerthankar-names/" target="_blank">https://jainmission.theywon.in/24-teerthankar-names/</a> 2026-02-14 15:51:51
3676 40449686 सैतवाल मुखपत्र ? अखिल दिगंबर जैन सैतवाल संस्थेचे राष्ट्रीय अध्यक्ष दिगंबर जैन सैतवाल संस्थेच्या समाजासाठी अहोरात्र झटणारे वरिष्ठ पदावर असलेले आदरणीय माननीय दिलीपरावजी घेवारे साहेबांना व ताई साहेबांना लग्नाच्या वाढदिवसाच्या खूप खूप शुभेच्छा ??? 2026-02-14 15:50:40
3675 40449754 Rajesh ji + SS + AM + Ank जी धन्यवाद 2026-02-14 15:50:28
3674 40449750 107 ? ए बी जैन न्यूज़ ◆ जैन कम्युनिटी ग्रुप *श्री मज्जिनेन्द्र पंचकल्याणक प्रतिष्ठा एवं गजरथ महोत्सव, बुढ़ार जिला- शहडोल, मध्यप्रदेश* ■ _पूज्य मुनिश्री प्रमाण सागर जी महाराज ससंघ के पावन सानिध्य में आगामी 25 फरवरी से 2 मार्च 2026 तक बुढ़ार नगर में श्री पंचकल्याणक महोत्सव आयोजित होंगे। आयोजन को भव्यता प्रदान करने हेतु सामाजिक स्तर पर तैयारियाँ की जा रही हैं।_ _नवनिर्मित जिनालय के मूलनायक श्री 1008 शांतिनाथ भगवान एवम् चौबीसी एवं नवग्रह जिनविम्बों की भव्य अगवानी, बाल ब्रह्मचारी अभय भैया जी "आदित्य" के सानिध्य में दिनांक 17 फरवरी 2026 दिन मंगलवार को दोपहर 1:00 बजे से बुढ़ार नगर में होगी। अगवानी शोभायात्रा श्री 1008 वासूपूज्य जिनालय कॉलेज कॉलोनी से प्रारंभ होकर नगर के प्रमुख मार्गो से होकर श्री 1008 नवीन शांतिनाथ जिनालय पहुंचेगी।_ _बुढ़ार नगर के इतिहास में ऐसा पहली बार होगा जब 34 नवीन जिनबिंबो का पदार्पण एक साथ होगा। ऐसा सुनहरा पल बुढ़ार वासियों के लिए बहुत ही अद्भुत होगा। महासभा न्यास बुढार, सकल दिगंबर जैन समाज बुढार/ धनपुरी ने सभी समाजजनों से आयोजन में पधारकर पुण्यार्जन करने का अनुरोध किया है।_ ■ *अनिल जैन बड़कुल, ए बी जैन न्यूज़* <a href="https://whatsapp.com/channel/0029VaGkk2NGzzKNg9qY8P1b" target="_blank">https://whatsapp.com/channel/0029VaGkk2NGzzKNg9qY8P1b</a> 2026-02-14 15:49:46
3673 40449657 ?️?SARVARTHASIDDHI ??️ 2026-02-14 15:47:38
3672 40449754 Rajesh ji + SS + AM + Ank ?????? 2026-02-14 15:47:25
3671 49028270 1.श्री सम्मेद शिखर जी ? *जिन देशना* — *राग से संसार, वीतराग से मोक्ष* ? ? १. *राग और संसार का अनंत विस्तार* जैन सिद्धांत के अनुसार जीव का संसार में भ्रमण (संसार-चक्र) किसी बाहरी ईश्वर द्वारा नहीं, बल्कि *स्वयं के राग-द्वेष* से होता है। ? *राग = किसी वस्तु, व्यक्ति, स्थिति या सुख की आसक्ति* ? *द्वेष = अप्रिय से घृणा* ये दोनों मिलकर कर्म बंध का कारण बनते हैं। «जहाँ राग है, वहाँ कर्म है; जहाँ कर्म है, वहाँ जन्म-मरण है।» इसलिए कहा — जिनको रागियों की महिमा प्रिय है, उनके पक्ष में *अनंत संसार* है। ✨✨✨ ? *२. वीतराग और मोक्ष का संबंध*+ वीतराग = *राग-द्वेष से पूर्णतः मुक्त अवस्था*। जैन धर्म में परम आदर्श वही है जिसे वीतराग कहा गया — जैसे । जब जीव — ✔ *आसक्ति से मुक्त होता है* ✔ *कषाय (क्रोध, मान, माया, लोभ) शांत करता है* ✔ *आत्मा में स्थित होता है* तब *संवर* (कर्म बंध रुकना) और *निर्जरा* (कर्म क्षय) होती है। अंतिम परिणाम — *मोक्ष* = अनंत सुख ? इसलिए कहा — जिन्हें *वीतरागों की महिमा है, उनके पक्ष में अनंत सुख* है। ✨✨✨ ? ३. *“तनिक-सी सुखभासी कल्पना”* — जैन मनोविज्ञान जैन दर्शन कहता है: «संसार का सुख वास्तव में सुख नहीं, सुख का भ्रम है।» इसे सुखाभास कहा गया है — ? *स्वाद → क्षणिक* ? *धन → अस्थिर* ? *शरीर → नश्वर* ? *संबंध → परिवर्तनशील* लेकिन आत्मा का सुख — ? *अनंत* ? *शाश्वत* ? *स्वतंत्र* ? *स्वभाविक* हम छोटी-सी कल्पना के कारण अनंत सुख खो देते हैं — यही अनादिकालीन भूल है। ✨✨✨ ? ४. *हम स्वभाव से दुःखी नहीं हैं* आत्मा का स्वभाव है — ? *अनंत ज्ञान* ? *अनंत दर्शन* ? *अनंत सुख* ? *अनंत शक्ति* दुःख आत्मा का गुण नहीं, बल्कि कर्मों का परिणाम है। «दुःख आगंतुक है, सुख स्वभाविक है।» ✨✨✨ ? *५. वीतरागता प्रकट करने का मार्ग* जैन धर्म का मुक्ति मार्ग — रत्नत्रय ? 1️⃣ *सम्यग्दर्शन — मैं आत्मा हूँ* 2️⃣ *सम्यग्ज्ञान — सत्य का ज्ञान* 3️⃣ *सम्यक्चरित्र — राग-द्वेष का क्षय* व्यवहार में — ? *आत्म ध्यान* ⏳ *अनित्य चिंतन* ? *कषाय निरीक्षण* ? *संयम* ? *स्वाध्याय* इन्हीं से *वीतरागता* प्रकट होती है। ✨✨✨ ? ६. समय का सदुपयोग मनुष्य जन्म महान अवसर है क्योंकि — ✔ *विवेक संभव है* ✔ *साधना संभव है* ✔ *मोक्षमार्ग संभव है* «एक क्षण का सही उपयोग अनंत भविष्य बदल सकता है।» इसलिए — *अभी जागो, अभी संभलो, अभी आत्मा में स्थित* हो जाओ। ? ✨✨✨ ? *अंतिम निष्कर्ष* *राग = बंधन* ❌ *वीतराग = मुक्ति* ✅ *संसार सुखाभास = भ्रम*❌ *आत्मसुख = वास्तविकता* ✅ «जिस सुख को हम बाहर खोज रहे हैं, वह वास्तव में हमारे भीतर ही है। ✨» — *राजेश जैन, मैनपुरी*? 2026-02-14 15:47:16
3670 40449660 Acharya PulakSagarji 07 ? ? *हिन्दू गर्जना... ? ?* ? *व्यभिचार दिवस...* ? ?? *वैलेंटाइन को सपोर्ट और प्रोमोट करने वाले लोग :~* बॉलीवुड, टीवी सीरियल, प्राइवेट न्यूज चैनल, FM रेडियो, वामपंथी, महिलावादी.. ? *इसमें फॅंसने और मरने वाली आसान टारगेट :~* छोटे शहरों की मध्यमवर्गीय और निचले तबके की ज्यादातर पढ़ी लिखी लड़कियाॅं.. जिनके सीधे-साधे परिवार में कोई राजनीतिक और क़ानूनी पकड़ नहीं होती...! दुनियादारी से अनजान, भोली भाली और बेवकूफ़ टाइप की लड़कियाँ... जिनके माँ-बाप और भाई केवल नौकरी, गृहस्थी की उलझन में ही उलझे रहते हैं..!! ????? *दिसम्बर से फरवरी तक... एक मास्टर लेवल की स्क्रिप्ट रची जाती है... फिर बड़ी सफाई से प्यार-मोहब्बत-आशिकी के नाम पर बड़े स्तर पर लड़कियों को फॅंसाकर, मारकर उनके मानव अंगों (Human Organs) का अरबों रूपयों का देशी-विदेशी वैश्विक व्यापार होता है...!?!* ? *वैलेंटाइन कोई त्यौहार नहीं बल्कि, एक विश्वस्तरीय बड़े लेवल का "बिजनेस इवेंट" है...* ? ?? फरवरी लड़कियों के लिए सबसे खतरनाक महीना है... अपनी बेटियों और बच्चों का विशेष ध्यान रखें...!! ? "जो अन्य लड़कियों के साथ हो रहा है.... वो आपकी बेटी के साथ नहीं होगा... उसकी कोई गारंटी नहीं...!!" ? आजकल प्यार के नाम पर कुछ भी अचानक से नहीं होता... उसके पीछे कारण होता है... और, वो कारण है... *सिर्फ पैसा, पैसा और पैसा...* ? *आज के दौर में प्रेम-प्यार के नाम पर धोखा, स्वार्थ, वासना और पैसों की "हवस" का फ़ैशन, जोरों से चल रहा है...!!* ? ?? विचार अवश्य कीजिए... ? !!??!! *जय हिन्द* !!??!! 2026-02-14 15:47:02
3669 40449665 2.0 Jain Dharam ? जैन धर्म नमोस्तु भगवन् 2026-02-14 15:46:29