| ID |
Chat ID
|
Chat Name
|
Sender
|
Phone
|
Message
|
Status
|
Date |
View |
| 10378 |
47671409 |
गुरु माँ सुनयमती परिवार 1 |
|
|
|
|
2026-02-19 15:52:57 |
|
| 10377 |
40449750 |
107 ? ए बी जैन न्यूज़ ◆ जैन कम्युनिटी ग्रुप |
|
|
????️??️????
_दीक्षा प्रदाता आचार्यश्रीजी एवं उनके करकमलों से सम्पन्न हुई ऐतिहासिक दीक्षाएं........_
_पांच सौ से भी अधिक मुनि, एलक, आर्यिका, क्षुल्लक, क्षुल्लिका दीक्षा प्रदाता आचार्यश्रीजी के सानिध्य में होने वाले पंचकल्याणको में एवं विभिन्न अवसरों पर होने वाली संभावित दीक्षाओ के, अनुमानों के, अपुष्ट समाचार सुनकर, सैकड़ों ब्रम्हचारी भैया बहने एवं हजारों गुरुभक्त गुरुचरणों में डेरा डालने लगते थे....._ _लेकिन अनेको बार सारे अनुमान गलत निकल जाते थे_
_और कई बार ऐसे भी अवसर आये जब दीक्षार्थियों को गुरुदेव द्वारा एक दिन पहले केशलोंच एवं उपवास के संकेत प्राप्त हुए और आचार्यश्रीजी के पावन कर कमलों से उनकी दीक्षाएं भी संपन्न हुई_
_अब देखो न, द्रोणगिरि में 8 मार्च 1980, के दिन किसे सोचा था कि आज बुंदेलखंड में विराजे युवाचार्य आचार्यश्रीजी के संघ में प्रवेश हेतु प्रथम बाल ब्रम्हचारी, युवा मुनि दीक्षा होगी, इस दिन प्रातः पर्वत पर वंदना के समय कुछ ही ब्रम्हचारी भैया दीदियों और कुछ श्रावकों को ही आचार्यश्री के करकमलों से प्रथम मुनिश्री समयसागर जी (वर्तमान में नवाचार्यश्री समयसागरजी महाराज) की प्रथम मुनि दीक्षा देखने का महापुण्य मिला था...._
_इसके बाद तो आचार्यश्रीजी के करकमलों से दीक्षाओं का अनवरत क्रम आरंभ हो गया और अब तो कम से कम दो से अधिक दीक्षाएं और 24 से अधिक मुनि दीक्षाओं के दर्शन होने लगे और बड़े बाबा के नए दरबार कुंडलपुर में गुरुदेव के करकमलों से 57 आर्यिका दीक्षा का भव्य कीर्तिमान भी बना था_
_कीर्तिमानों के उत्तुंग हिमालय, यदि चाहते तो उनसे व्रत लिए दीक्षा की प्रतीक्षा में वाट जोहते सैकड़ों उच्च शिक्षित ब्रह्मचारी भैया बहने आस लगाए बैठे थे गुरुदेव का मन होता तो, एक बार में ही 1008 दीक्षाएँ दे सकते थे_
_लेकिन गुरुदेव को संख्या बढ़ा कर संघ की वृद्धि करना स्वीकार नहीं था और सबसे बड़ी बात, उनके मन की थाह पाना इतना आसान भला कब था_
_सोचे जरा..... यदि आचार्यश्रीजी यदि बड़े बाबा के दरबार में एक साथ 1008 दीक्षा देते तो वह दृश्य कितना अद्भुत होता...._
_सिद्ध क्षेत्र द्रोणगिरि में प्रथम एकल मुनि दीक्षा के बाद बरसों बाद, आचार्यश्रीजी द्वारा अतिशयकारी, चैतन्य चमत्कारी, अंतरिक्ष पार्श्वनाथ भगवान की साक्षी में मुनि एवं क्षुल्लक दीक्षाएं सम्पन्न हुईं_
_लेकिन इस दीक्षा समारोह की मुख्य विशेषता यह थी कि एक मात्र मुनि दीक्षा लेने वाले अष्टगे परिवार के लगभग 80 वर्षीय ज्येष्ठ भ्राता थे और गुरुमुख से उन्हें नूतन नाम मुनिश्री उत्कृष्ट सागरजी महाराज मिला था शेष सभी क्षुल्लक दीक्षाये हुई थी_
_और इस तरह आचार्यश्रीजी का पूरा संघ 'समय ' के साथ साथ पूर्ण 'योग ' पूर्वक 'उत्कृष्ट ' बन गया_
_एक सुखद संयोग, यह भी रहा कि आचार्यश्रीजी के द्वारा सबसे पहले गृहस्थ जीवन सबसे छोटे भ्राता को मिली और अंतिम मुनि दीक्षा सबसे बड़े भ्राता को...._
_शायद आपको स्मरण हो पिछले कुछ समय पहले सोशल मीडिया पर अद्वितीय निर्यापक श्रमण मुनिश्री योगसागर जी महाराज की हास्य मिश्रित बुंदेली में छोटी सी कविता में आचार्यश्रीजी और अष्टगे परिवार का परिचय प्रचारित हुई थी_
_शायद पूज्यवर के भाव इस प्रकार थे...._
_मंझले, बड्डे हो गये_
_बड्डे, हल्के हो गये_
_हल्के, मंझले हो गये_
_और सझले सन्झले ही रह गए_
_आज सिद्धक्षेत्र मुक्तागिरजी में मुनि दीक्षाएँ सम्पन्न होने जा रहीं हैं_
_आचार्यश्री से प्रथम दीक्षित मुनिराज वर्तमान के आचार्यश्रीजी के करकमलों से आज पहली बार दीक्षाएं हो रहीं है लेकिन पिछले 46 वर्षों से हो रही मुनि दीक्षाओं की तरह मन कहता है कि, सिद्धक्षेत्र मुक्तगिरि में आज भी आचार्यश्रीजी वही चिरपरिचित मुद्रा में उसी सिंहासन पर विराजित रहेंगे_
_हो सकता है कुछ देर के लिये उनकी वही चिरपरिचित जानी पहचानी मुद्रा किंचित बदली सी लगे_
_लेकिन यदि जरा ध्यान से देखेंगे तो दीक्षा के समय भव्य, विशाल मंच पर आचार्यश्रीजी ही अपनी मोहक मुद्रा में ही नजर आएंगे_
_हो सकता है यह मेरा अपना भ्रम हो..... लेकिन अब करें तो क्या करें.... नजरें तो नजरें है कैसे समझाएं मन को आचार्यश्रीजी ओझल भी तो नहीं हो पाते इतनी आसानी से...._
_शब्द, भाव ,अनुभूति प्रसून मम आराध्य आचार्यश्रीजी के पावन चरणों में....._
_राजेश जैन भिलाई_
????️??️???? |
|
2026-02-19 15:51:49 |
|
| 10376 |
40449666 |
निर्यापक समय सागर जी भक्त |
|
|
sabhi ko sadar Jai jinendra ji ? विद्या पूर्ण धर्म प्रभावना का app आ गया है । सभी सदस्य नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके तुरंत ही जुड़ें और अपना सदस्य Community कार्ड प्राप्त करे - Powered by Kutumb App
<a href="https://primetrace.com/group/7374/post/1179755003?utm_source=android_post_share_web&referral_code=JBHJP&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=PENDING" target="_blank">https://primetrace.com/group/7374/post/1179755003?utm_source=android_post_share_web&referral_code=JBHJP&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=PENDING</a> |
|
2026-02-19 15:50:02 |
|
| 10375 |
40449677 |
तीर्थ बचाओ धर्म बचाओ जन आंदोलन |
|
|
<a href="https://www.facebook.com/share/v/1aDfbJppQ6/" target="_blank">https://www.facebook.com/share/v/1aDfbJppQ6/</a> |
|
2026-02-19 15:49:32 |
|
| 10374 |
40449751 |
Akola Vishistashri Mataji Vihar |
|
|
भ. महावीर जन्मकल्याणक महोत्सव की छुट्टी नही चाहिए
रमेश तोरावत जैन
अकोला
दिनांक.. 2.9.2025
भ. महावीर स्वामी जैनियो के साथ साथ पूरे विश्व के लिए पूजनीय है.. उनके आदर्श, उनके सिद्धांत जग को मोह लेते हैं.. खास कर जियो और जीने दो के सिद्धांत को दुनिया बहुत पसंद करती है.. जैनियो की पहचान के रूप में भगवान महावीर स्वामी सर्वोपरि है.. हालीका उन से पहले तेईस और तीर्थंकर हो चुके हैं मगर आम जनमानस में महावीर स्वामी ही एक मजबूत और पुख्ता पहचान के साथ खड़े हैं.
इन्ही भगवान महावीर स्वामी के जन्मकल्याणक पर सरकारी छुट्टी घोषित है.. जिन लोगो को जन्मकल्याणक के सही अर्थ नही पता हो तो बता दु की इसे आप आम भाषा जन्म जयंती के रूप में समझते हैं.. चूंकि जैन दर्शन की मान्यताओं के हिसाब से आम मनुष्यों की जन्म जयंती मनाई जाती है भगवान की नही.. भगवान के जन्मकल्याणक होते हैं.. इसीलिए शास्त्रों में जन्मकल्याणक शब्द पर जोर है मगर सरकारी कागजो में ये गूढ़ अर्थ लापता हैं सो वहां भी भगवान महावीर जयंती का उल्लेख है.. भगवान महावीर के प्रति अपनी अगाध श्रद्धा को दर्शाते हुए उनके जन्म के दिन सरकारी छुट्टी घोषित है.
तो विषय भगवान के जन्मकल्याणक पर छुट्टी का है.. दुनिया भर के लोग अपने अपने आराध्यदेव के.. अपने महापुरुषों के नाम से सरकार से छुट्टी की मांग करते हैं.. दुनिया समझती है कि सरकारी छुट्टी की घोषणा एक बहुत बड़ा सम्मान है.. वे सही समझते हैं.. अपने त्यौहार अपने देवता की मान्यताओं पर मुहर है.
पहले मैंने प्रथम तीर्थंकर श्री आदिनाथ जी के जन्मकल्याणक महोत्सव के निमित्त से सरकार से छुट्टी की मांग की थी.. जब तार यानी कि टेलीग्राम का चलन था तब आदिनाथ भगवान और पयुर्षण पर्व की शुभकामनाओं के संदेश को सरकारी दस्तावेजों में सुरक्षित करने का निवेदन किया था.. भगवान आदिनाथ जी की छुट्टी तो मंजूर नही हुई मगर टेलीग्राम पर संदेश के लिए स्वीकृति मिली थी.. मगर अब मैं सोचता हूं कि भगवान महावीर स्वामी के नाम से सरकारी छुट्टी रदद् हो जानी चाहिए.. आप मे से कई लोग इस बात से मुझ से खफ़ा हो सकते हैं कि मैं यह क्या अनर्थ मांग करने जा रहा हु.. सरकारी छुट्टियां बड़ी मुश्किलों से घोषित होती है.. मैं घोषित छुट्टी को वापस लेने की बात क्यो कर रहा हु..?
सरकारी छुट्टी एक त्यौहार सी होती है.. यह लोगो के मौज मजे और खाने पीने का समय होता है.. इस दिन ऐसे हजारो लोग मिल जाएंगे जो कि इस दिन का आनंद शराब और मांसाहार के साथ उठाते हैं.. मैं यह दावा नही करता कि पूरे देश की जनता ऐसा ही करती है मगर मैं यह दावा जरूर करता हु की अधिकतर लोग छुट्टी को इसी तरह से मनाते हैं.. मौज मस्ती के साथ.. दारू कबाब के साथ.. देश की बहुत बड़ी जनता मांसाहारी है और उन्हें इंतजार रहता है किन्ही खास विशेष दिनों का जिसका की वे मांसाहारी व्यंजनों का लाभ ले सके.. जब मैं पढ़ता था तब अक्सर माँ कहती थी कि इस छुट्टी को ये पकवान बनाएंगे.. उस के बाद कि छुट्टी पर वो पकवान बनाएंगे.. छुट्टियां हमारे खाने पीने की पहचान बन गयी है.. जो लोग शाकाहारी है वे शाकाहारी भोज पर चर्चा करते हैं और मांसाहार जिन्हें पसंद है वे मांस के बने पदार्थों पर ध्यान करते हैं.. जिस भगवान ने जियो और जीने दो का नारा जयघोष किया उन्ही के नाम पर उन्ही के जन्मदिन पर लाचार बेबस मूक पशु पक्षियों की हत्या हो रही है.. कोई यह दावा भी कर सकता है कि उस दिन कत्लखानों को बंद रखने के आदेश है तो बताना चाहूंगा कि आदेश ही है.. मगर कोई इक्का दुक्का ही बंद रहते हैं.. बाकी तो सरेआम खुले रहते हैं.. अवैध बूचड़खानों को मैने कभी बन्द नही देखा है.. कई बार मैने महावीर जन्मकल्याणक महोत्सव पर अवैध कत्लखानों पर कार्यवाही की पहल की है.. एक बार तो पुलिस की सहायता से मैंने अपनी पूरी टीम के साथ सामुहिक कार्यवाही भी की थी.. मांस व्यापारी भागे मगर हमारे जाते ही पुनः उन्होंने अपनी दुकानें सजा ली.. जबरन कत्लखाने बंद भी रखवाए तो लोंगो पर निजी रूप से ऐसी कोई बंदिशे नही है कि वे अपने घरों में पशुओं की हत्या न करे.. होटलो में बड़ी आसानी से मांस मिल जाता है.. तो भगवान के नाम की छुट्टी और फिर उसी दिन हिंसा का तांडव.. यह नही होना चाहिए.. छुट्टी का अवसर में बदलना स्वाभाविक है.. दुनिया मे कई लोग इसलिए भी शरीफ है कि उन्हें बदमाशी करने का मौका नही मिलता.. मैं मौका देने के खिलाफ हु.. मैं हिंसा के खिलाफ हु.. छुट्टियां अवसर में तब्दील हो जाती है.. मनुष्यों के अवसर मूक पशुओं पर शामत बनकर आते हैं.. दया और करुणा के देवता भगवान महावीर स्वामी यह कभी नही चाहेंगे कोई भी जीव अपनी स्वाभाविक मौत न मरे.. वे तो गाय और शेर के एक ही घाट पर पानी पीने के समर्थक थे.. उनकी आड़ में.. उनके नाम से घोर हिंसा अब रुकनी चाहिए.. महावीर जयंती की छुट्टी रदद् होनी चाहिए.. सरकारी नोकरी में तैनात कुछ जैन बन्धुओ को समस्या हो सकती है मगर मैं जानता हूं कि इस दिन ऐच्छिक छुट्टी ले सकते.. अधिक से अधिक क्या होंगा..? मात्र एक दिन की पगार ही तो कटेंगी न..! लाखो जीवो की रक्षा के निमित्त से एक दिन का वेतन कटा देना उन्हें दुनिया दुनिया का सब से अमीर आदमी बना देंगा.. सभी जैन भाई बहन इस विषय पर गम्भीरता से मनन करे.. जांच करे कि लोग छुट्टी किस तरह से मनाते हैं और फिर सब सरकार से मांग करे कि जैन समाज को भगवान महावीर जन्मकल्याणक महोत्सव के निमित्त दी जा रही छुट्टी को रद्द किया जाए.. अपनी तरफ से यह मांग सरकार से मैं जल्द करने जा रहा हु.. अनेक अनेक धन्यवाद.
रमेश तोरावत जैन
अकोला
Mob 9028371436 |
|
2026-02-19 15:44:42 |
|
| 10373 |
40449688 |
3. विद्याशिरोमणी आचार्य श्री समयसागर जी |
|
|
दीक्षा संस्कार शुरू हो गए है |
|
2026-02-19 15:39:37 |
|
| 10372 |
40449689 |
? विद्या शरणम ०१ ? |
|
|
मुक्तागिरी जी से सीधा प्रसारण पारस और जिनवाणी चैनल पर दीक्षा समारोह देखें |
|
2026-02-19 15:38:47 |
|
| 10371 |
40449688 |
3. विद्याशिरोमणी आचार्य श्री समयसागर जी |
|
|
✨? *ऐतिहासिक एवं दुर्लभ क्षण* ?✨
? *19 फ़रवरी 2026 | गुरुवार*
? *प्रथम भव्य जैनेश्वरी मुनि दीक्षा महोत्सव* ?
*आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के आशीर्वाद से*
*आचार्य श्री 108 समयसागर जी महाराज के कर-कमलों द्वारा*
? *मुक्तागिरी सिद्ध क्षेत्र*
? *सीधा LIVE दर्शन*
▶️ <a href="https://www.youtube.com/live/EC6XuubgbGs�" target="_blank">https://www.youtube.com/live/EC6XuubgbGs�</a>
? *इस दिव्य क्षण का पुण्य लाभ घर बैठे प्राप्त करें।*
? *जय जिनेन्द्र*? |
|
2026-02-19 15:38:01 |
|
| 10370 |
40449660 |
Acharya PulakSagarji 07 |
|
|
*?✨ इस अष्टानिका महापर्व ✨?*
*आओ अहिंसक वस्त्र पहनने का संकल्प लें ??*
पवित्र पर्व में अपनाएं सादगी, शुद्धता और अहिंसा का मार्ग ?
चुनें हाथकरघा (Hathkargha) वस्त्र – परंपरा और धर्म के साथ।
*? Hathkargha Cloth – New Stock Available*
*सीमित मात्रा • श्रेष्ठ गुणवत्ता • सात्विक चयन ?*
*? Arham Kalpataru*
यूनिट नं. C-1, अपर बेसमेंट फ़्लोर,
राम रघु प्लाज़ो, चर्च रोड, आगरा
? <a href="https://maps.app.goo.gl/5KNbqti5htXLsA4R6" target="_blank">https://maps.app.goo.gl/5KNbqti5htXLsA4R6</a>
*? Call / WhatsApp:* 8267916688 | 9650712880
*इस अष्टानिका में…*
*अहिंसा को जीवन में उतारें,* *अहिंसक वस्त्र अपनाएं ?✨* |
|
2026-02-19 15:34:56 |
|
| 10369 |
40449667 |
संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर जी |
|
|
सभी परिवार सदस्य को जय जिनेंद्र जी धरती के भगवान आचार्य विद्यासागर महाराज की जय हो जय हो ?????????? विद्या पूर्ण धर्म प्रभावना का app आ गया है । सभी सदस्य नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके तुरंत ही जुड़ें और अपना सदस्य Community कार्ड प्राप्त करे - Powered by Kutumb App
<a href="https://primetrace.com/group/7374/post/1179806688?utm_source=android_post_share_web&referral_code=AI04B&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=PENDING" target="_blank">https://primetrace.com/group/7374/post/1179806688?utm_source=android_post_share_web&referral_code=AI04B&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=PENDING</a> |
|
2026-02-19 15:25:09 |
|