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78019 40449686 सैतवाल मुखपत्र ? श्री दिगंबर जैन युवक मंडळ ( सैतवाळ) एवं महिला शाखा,नागपुर ?जिव्हाळा? ???संयुक्त परिवाराचा??? 2026-04-11 19:58:02
78020 40449686 सैतवाल मुखपत्र ? श्री दिगंबर जैन युवक मंडळ ( सैतवाळ) एवं महिला शाखा,नागपुर ?जिव्हाळा? ???संयुक्त परिवाराचा??? 2026-04-11 19:58:02
78017 40449702 Mahaveer Ki Pathshala Main प्रतियोगिता स्टार्ट ज्वाइन करें सभी 2026-04-11 19:53:11
78018 40449702 Mahaveer Ki Pathshala Main प्रतियोगिता स्टार्ट ज्वाइन करें सभी 2026-04-11 19:53:11
78015 40449675 ?विराग विशुद्ध विनिश्चल गुरुभक्त परिवार? <a href="https://www.instagram.com/reel/DW9J76AjTHT/?igsh=MTd0aTc5OHVsdDg2" target="_blank">https://www.instagram.com/reel/DW9J76AjTHT/?igsh=MTd0aTc5OHVsdDg2</a> 2026-04-11 19:48:54
78016 40449675 ?विराग विशुद्ध विनिश्चल गुरुभक्त परिवार? <a href="https://www.instagram.com/reel/DW9J76AjTHT/?igsh=MTd0aTc5OHVsdDg2" target="_blank">https://www.instagram.com/reel/DW9J76AjTHT/?igsh=MTd0aTc5OHVsdDg2</a> 2026-04-11 19:48:54
78013 40449660 Acharya PulakSagarji 07 <a href="https://www.instagram.com/reel/DW9J76AjTHT/?igsh=MTd0aTc5OHVsdDg2" target="_blank">https://www.instagram.com/reel/DW9J76AjTHT/?igsh=MTd0aTc5OHVsdDg2</a> 2026-04-11 19:48:52
78014 40449660 Acharya PulakSagarji 07 <a href="https://www.instagram.com/reel/DW9J76AjTHT/?igsh=MTd0aTc5OHVsdDg2" target="_blank">https://www.instagram.com/reel/DW9J76AjTHT/?igsh=MTd0aTc5OHVsdDg2</a> 2026-04-11 19:48:52
78012 49028270 1.श्री सम्मेद शिखर जी ?? *प्रेरक वाणी*? अनुकूलताओं में जीने के अभ्यस्त व्यक्ति जरा सी प्रतिकूलताओं से विचलित हो जाते हैं। इसकी वजह है विषम परिस्थितियों को स्वीकार न करने की मनोवृत्ति। प्रकृति (कर्म) प्रदत्त परिस्थितियों को टालना लगभग नामुमकिन है। ऐसे में शांत और सुकून से जीने का एकमात्र उपाय है आने वाली समस्त परिस्थितियों को सहजता से स्वीकार करते हुए चला जाए। सामान्य परिस्थितियों में अनुकूल संयोगों का सहारा लेने से बचे। *जय जिनेंद्र*? 2026-04-11 19:47:16
78011 49028270 1.श्री सम्मेद शिखर जी ?? *प्रेरक वाणी*? अनुकूलताओं में जीने के अभ्यस्त व्यक्ति जरा सी प्रतिकूलताओं से विचलित हो जाते हैं। इसकी वजह है विषम परिस्थितियों को स्वीकार न करने की मनोवृत्ति। प्रकृति (कर्म) प्रदत्त परिस्थितियों को टालना लगभग नामुमकिन है। ऐसे में शांत और सुकून से जीने का एकमात्र उपाय है आने वाली समस्त परिस्थितियों को सहजता से स्वीकार करते हुए चला जाए। सामान्य परिस्थितियों में अनुकूल संयोगों का सहारा लेने से बचे। *जय जिनेंद्र*? 2026-04-11 19:47:15