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71641 40449749 जिनोदय?JINODAYA जैन धर्म ईस पृथ्वी का सबसे प्राचीन धर्म है !! यह धर्म प्री वैदिक है! भगवान आदिनाथ की स्तुति वेदों में की है! अयोध्या के प्रथम महाराजा आदिनाथ भगवान थे ! महाराष्ट्र के मंत्री मंगल प्रसाद लोढ़ा जी को अपने नाम के साथ “ जैन “शब्द लगानेका कोईभी अधिकार नहीं है ! धिक्कार है ऐसे लोगों का ! 2026-04-09 10:14:20
71642 40449749 जिनोदय?JINODAYA जैन धर्म ईस पृथ्वी का सबसे प्राचीन धर्म है !! यह धर्म प्री वैदिक है! भगवान आदिनाथ की स्तुति वेदों में की है! अयोध्या के प्रथम महाराजा आदिनाथ भगवान थे ! महाराष्ट्र के मंत्री मंगल प्रसाद लोढ़ा जी को अपने नाम के साथ “ जैन “शब्द लगानेका कोईभी अधिकार नहीं है ! धिक्कार है ऐसे लोगों का ! 2026-04-09 10:14:20
71639 40449749 जिनोदय?JINODAYA *भारतीय इतिहास का सबसे जघन्य हत्याकांड था 8000 जैन संतों और श्रावकों की निर्मम हत्या* क्योंकि *इन्होंने अपना धर्म नहीं त्यागा* लेकिन *वर्तमान में महाराष्ट्र के मंत्री लोढ़ा (जैन) अपने कुतर्क और राजनीति की चिकनी चुपड़ी बातों से जैन धर्म की स्वतंत्र पहचान और सिद्धांतों को त्यागकर अन्य धर्म का हिस्सा बनाने का दुस्साहस कर रहे है?, लेकिन कम जनसंख्या वाले अल्पसंख्यक सिख और बौद्ध धर्म को स्वतंत्र धर्म का हिस्सा मानते है। क्यों???* क्या भारत का लाखों करोड़ो वर्ष प्राचीन मूल जैन धर्म और समाज इतना कमजोर हो गया कि अपनी स्वतंत्र पहचान का अधिकारी नहीं? समय के अनुसार जैन समाज की संख्या कम या अधिक रही और कुछ डरपोक जैनों ने अपना धर्म परिवर्तन किया लेकिन अधिकतर जोनों ने किसी के डर या बहकावे में अपने धर्म को न छोड़ा और न छोड़ेंगे ?? देश का सबसे अधिक पढ़ा लिखा जैन समाज अपनी स्वतंत्र पहचान, तीर्थ संरक्षण और संवैधानिक अधिकारों के लिए प्रयास करता आया है और करता रहेगा। प्राचीन जैन तीर्थों और प्रतिमाओं का स्वरूप परिवर्तन किया गया और करने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन हमारे कुछ बंधु कुछ नहीं बोलते क्योंकि उनका अपने धर्म के प्रति समर्पण ही नहीं। कृपया अपने स्वतंत्र धर्म की पहचान के लिए आवाज उठाएं और आज इस आवश्यक विषय में अवश्य चर्चा करें...संजय जैन अनुमोदना - डॉ कल्याण गंगवाल पुणे ??जैनम जयतु शासनम??। जागो जैनियों जागो ! आपनी ओरसे निषेध करो ! 2026-04-09 10:14:18
71640 40449749 जिनोदय?JINODAYA *भारतीय इतिहास का सबसे जघन्य हत्याकांड था 8000 जैन संतों और श्रावकों की निर्मम हत्या* क्योंकि *इन्होंने अपना धर्म नहीं त्यागा* लेकिन *वर्तमान में महाराष्ट्र के मंत्री लोढ़ा (जैन) अपने कुतर्क और राजनीति की चिकनी चुपड़ी बातों से जैन धर्म की स्वतंत्र पहचान और सिद्धांतों को त्यागकर अन्य धर्म का हिस्सा बनाने का दुस्साहस कर रहे है?, लेकिन कम जनसंख्या वाले अल्पसंख्यक सिख और बौद्ध धर्म को स्वतंत्र धर्म का हिस्सा मानते है। क्यों???* क्या भारत का लाखों करोड़ो वर्ष प्राचीन मूल जैन धर्म और समाज इतना कमजोर हो गया कि अपनी स्वतंत्र पहचान का अधिकारी नहीं? समय के अनुसार जैन समाज की संख्या कम या अधिक रही और कुछ डरपोक जैनों ने अपना धर्म परिवर्तन किया लेकिन अधिकतर जोनों ने किसी के डर या बहकावे में अपने धर्म को न छोड़ा और न छोड़ेंगे ?? देश का सबसे अधिक पढ़ा लिखा जैन समाज अपनी स्वतंत्र पहचान, तीर्थ संरक्षण और संवैधानिक अधिकारों के लिए प्रयास करता आया है और करता रहेगा। प्राचीन जैन तीर्थों और प्रतिमाओं का स्वरूप परिवर्तन किया गया और करने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन हमारे कुछ बंधु कुछ नहीं बोलते क्योंकि उनका अपने धर्म के प्रति समर्पण ही नहीं। कृपया अपने स्वतंत्र धर्म की पहचान के लिए आवाज उठाएं और आज इस आवश्यक विषय में अवश्य चर्चा करें...संजय जैन अनुमोदना - डॉ कल्याण गंगवाल पुणे ??जैनम जयतु शासनम??। जागो जैनियों जागो ! आपनी ओरसे निषेध करो ! 2026-04-09 10:14:18
71638 40449677 तीर्थ बचाओ धर्म बचाओ जन आंदोलन Jay Jinendra ji Maine ek chitthi email Shri Anurag Jain jo ki chief secretary Hain madhyapradesh shasan ko likhiye CM portal CM DGM and SP jitne bhi stakeholder Hain Jo ki police vibhag mein Hai un sab Ko humne email ke jarie is per apni pratikriya diye 2026-04-09 10:13:44
71637 40449677 तीर्थ बचाओ धर्म बचाओ जन आंदोलन Jay Jinendra ji Maine ek chitthi email Shri Anurag Jain jo ki chief secretary Hain madhyapradesh shasan ko likhiye CM portal CM DGM and SP jitne bhi stakeholder Hain Jo ki police vibhag mein Hai un sab Ko humne email ke jarie is per apni pratikriya diye 2026-04-09 10:13:43
71635 40449695 www yug marble stone work.Com 2026-04-09 10:12:01
71636 40449695 www yug marble stone work.Com 2026-04-09 10:12:01
71634 40449703 गणिनी आर्यिका जिनदेवी माँ Wandami mataji??? 2026-04-09 10:11:27
71633 40449703 गणिनी आर्यिका जिनदेवी माँ Wandami mataji??? 2026-04-09 10:11:26