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Chat ID
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Chat Name
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Sender
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Phone
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Message
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Status
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Date |
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40449759 |
?ಸ್ವಾಧ್ಯಾಯ स्वाध्याय?swadhyay |
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<a href="https://youtu.be/4RmuLuy9PWg?si=GPUtb2mjhBLZl5gQ" target="_blank">https://youtu.be/4RmuLuy9PWg?si=GPUtb2mjhBLZl5gQ</a> |
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2026-06-14 22:16:16 |
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| 230649 |
40449688 |
3. विद्या शिरोमणि आचार्य श्री समयसागर जी |
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2026-06-14 22:13:05 |
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| 230650 |
40449688 |
3. विद्या शिरोमणि आचार्य श्री समयसागर जी |
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2026-06-14 22:13:05 |
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| 230647 |
40449677 |
तीर्थ बचाओ धर्म बचाओ जन आंदोलन |
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2026-06-14 22:12:35 |
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| 230648 |
40449677 |
तीर्थ बचाओ धर्म बचाओ जन आंदोलन |
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2026-06-14 22:12:35 |
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| 230646 |
40449675 |
?विराग विशुद्ध विनिश्चल गुरुभक्त परिवार? |
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2026-06-14 22:11:47 |
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| 230645 |
40449675 |
?विराग विशुद्ध विनिश्चल गुरुभक्त परिवार? |
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2026-06-14 22:11:46 |
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| 230643 |
49028270 |
1.श्री सम्मेद शिखर जी |
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परम पूज्य आचार्य श्री जी ने उपदेश दिया था कि *कम से कम पाँच वस्त्र हथकरघा के अवश्य होने चाहिए*, जिनमें से *एक वस्त्र श्री जी के प्रक्षाल हेतु* होना चाहिए। ?
आज जब अनेक वस्त्रों के निर्माण में हिंसक पदार्थों का उपयोग होता है, वह कभी शुद्ध नहीं हो सकता, चाहे कितना भी धो लें।
*हथकरघा अपनाएँ* — क्योंकि यह केवल वस्त्र नहीं, *भारतीयता, अहिंसा* और हजारों हथकरघा कलाकारों के *सम्मानजनक रोजगार* का माध्यम है। ??
? *ऑनलाइन ऑर्डर करें:* www.shramdaan.in
? *संपर्क:* 9589583939 | 6350461095
? *श्रमदान एवं अपनापन*
*"कुछ अच्छा खरीदें, कुछ अच्छे के लिए"*
? *भले दूर हूँ, निकट भेज देता — अपनापन।* |
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2026-06-14 22:11:04 |
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| 230644 |
49028270 |
1.श्री सम्मेद शिखर जी |
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परम पूज्य आचार्य श्री जी ने उपदेश दिया था कि *कम से कम पाँच वस्त्र हथकरघा के अवश्य होने चाहिए*, जिनमें से *एक वस्त्र श्री जी के प्रक्षाल हेतु* होना चाहिए। ?
आज जब अनेक वस्त्रों के निर्माण में हिंसक पदार्थों का उपयोग होता है, वह कभी शुद्ध नहीं हो सकता, चाहे कितना भी धो लें।
*हथकरघा अपनाएँ* — क्योंकि यह केवल वस्त्र नहीं, *भारतीयता, अहिंसा* और हजारों हथकरघा कलाकारों के *सम्मानजनक रोजगार* का माध्यम है। ??
? *ऑनलाइन ऑर्डर करें:* www.shramdaan.in
? *संपर्क:* 9589583939 | 6350461095
? *श्रमदान एवं अपनापन*
*"कुछ अच्छा खरीदें, कुछ अच्छे के लिए"*
? *भले दूर हूँ, निकट भेज देता — अपनापन।* |
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2026-06-14 22:11:04 |
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| 230642 |
40449678 |
1)जैन गुरुकुल से एकता, धर्म और समाज का उत्थान और तीर्थ रक्षा |
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परम पूज्य आचार्य श्री जी ने उपदेश दिया था कि *कम से कम पाँच वस्त्र हथकरघा के अवश्य होने चाहिए*, जिनमें से *एक वस्त्र श्री जी के प्रक्षाल हेतु* होना चाहिए। ?
आज जब अनेक वस्त्रों के निर्माण में हिंसक पदार्थों का उपयोग होता है, वह कभी शुद्ध नहीं हो सकता, चाहे कितना भी धो लें।
*हथकरघा अपनाएँ* — क्योंकि यह केवल वस्त्र नहीं, *भारतीयता, अहिंसा* और हजारों हथकरघा कलाकारों के *सम्मानजनक रोजगार* का माध्यम है। ??
? *ऑनलाइन ऑर्डर करें:* www.shramdaan.in
? *संपर्क:* 9589583939 | 6350461095
? *श्रमदान एवं अपनापन*
*"कुछ अच्छा खरीदें, कुछ अच्छे के लिए"*
? *भले दूर हूँ, निकट भेज देता — अपनापन।* |
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2026-06-14 22:10:41 |
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