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Chat ID
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Chat Name
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Sender
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Phone
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Message
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Status
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Date |
View |
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40449660 |
Acharya PulakSagarji 07 |
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2026-04-11 10:45:06 |
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| 76859 |
40449660 |
Acharya PulakSagarji 07 |
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2026-04-11 10:45:05 |
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| 76857 |
40449660 |
Acharya PulakSagarji 07 |
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2026-04-11 10:45:03 |
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| 76858 |
40449660 |
Acharya PulakSagarji 07 |
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2026-04-11 10:45:03 |
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| 76856 |
40449668 |
आ,गुरु विद्यासागरजी कहां विराजमान है |
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??? महान जैन धर्म की जयजयकार हो ????? विद्या पूर्ण धर्म प्रभावना का app आ गया है । सभी सदस्य नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके तुरंत ही जुड़ें और अपना सदस्य Community कार्ड प्राप्त करे - Powered by Kutumb App
<a href="https://primetrace.com/group/7374/post/1183952097?utm_source=android_post_share_web&referral_code=JBHJP&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=PENDING" target="_blank">https://primetrace.com/group/7374/post/1183952097?utm_source=android_post_share_web&referral_code=JBHJP&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=PENDING</a> |
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2026-04-11 10:44:43 |
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| 76855 |
40449668 |
आ,गुरु विद्यासागरजी कहां विराजमान है |
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??? महान जैन धर्म की जयजयकार हो ????? विद्या पूर्ण धर्म प्रभावना का app आ गया है । सभी सदस्य नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके तुरंत ही जुड़ें और अपना सदस्य Community कार्ड प्राप्त करे - Powered by Kutumb App
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2026-04-11 10:44:42 |
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| 76854 |
47671409 |
गुरु माँ सुनयमती परिवार 1 |
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<a href="https://www.youtube.com/live/tFNI5-Mt3bk?si=gR_a9gcJCZPYsvpd//" target="_blank">https://www.youtube.com/live/tFNI5-Mt3bk?si=gR_a9gcJCZPYsvpd//</a>
*परम पूज्य आचार्य श्री सुंदर सागर जी गुरुदेव की शिष्या आर्यिका सुनयमति माताजी ससंघ अरिहंत नगर छत्रपती संभाजी नगर में विराजमान है* ।
प. पू. आर्यिकाश्री १०५ सुनयमती माताजी द्वारा *मंगल प्रवचन* 11 अप्रैल 2026
प्रतिदिन सुबह 8:30 और शाम 7:30 बजे youtube पर live देखे
<a href="https://www.youtube.com/@SuparvSagar" target="_blank">https://www.youtube.com/@SuparvSagar</a>
आप सभी आकर धर्म लाभ लेवे।
*निवेदक*
अरिहंत नगर आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर
*गुरू भक्त*
*भरत अभय कुमार ठोळे मसरूळ नासिक संपर्क*
9921940552
------------------
*? संघ संचालिका* ?
*बा.ब्र. करिश्मा दीदी*
+91 96195 65895 |
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2026-04-11 10:44:23 |
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| 76853 |
47671409 |
गुरु माँ सुनयमती परिवार 1 |
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<a href="https://www.youtube.com/live/tFNI5-Mt3bk?si=gR_a9gcJCZPYsvpd//" target="_blank">https://www.youtube.com/live/tFNI5-Mt3bk?si=gR_a9gcJCZPYsvpd//</a>
*परम पूज्य आचार्य श्री सुंदर सागर जी गुरुदेव की शिष्या आर्यिका सुनयमति माताजी ससंघ अरिहंत नगर छत्रपती संभाजी नगर में विराजमान है* ।
प. पू. आर्यिकाश्री १०५ सुनयमती माताजी द्वारा *मंगल प्रवचन* 11 अप्रैल 2026
प्रतिदिन सुबह 8:30 और शाम 7:30 बजे youtube पर live देखे
<a href="https://www.youtube.com/@SuparvSagar" target="_blank">https://www.youtube.com/@SuparvSagar</a>
आप सभी आकर धर्म लाभ लेवे।
*निवेदक*
अरिहंत नगर आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर
*गुरू भक्त*
*भरत अभय कुमार ठोळे मसरूळ नासिक संपर्क*
9921940552
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*? संघ संचालिका* ?
*बा.ब्र. करिश्मा दीदी*
+91 96195 65895 |
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2026-04-11 10:44:22 |
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| 76852 |
40449857 |
Djw Rajesh Pancholi (1) |
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वात्सल्य वारिधी पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्धमान सागर जी से दीक्षित अनेक शिष्य जयपुर से है मुनि श्री हितेंद्रसागर जी , मुनि श्री प्रभव सागर जी ,मुनि श्री विवर्जित सागर जी, मुनि श्री भुवन सागर जी मुनि श्री गुणोदय सागर जी आदि जयपुर से है।श्याम नगर जयपुर के श्री आदिनाथ जिनालय में आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने 14 मई से 19 मई वर्ष 2015 में पंच कल्याणक कराया।श्याम नगर जयपुर एक प्रसिद्ध कॉलोनी उपनगर हैं जहां पर प्रथमाचार्य श्री शांति सागर की परंपरा के अनेक पूर्वाचार्यों के गुरुभक्त इस कॉलोनी में रहते हैं। श्रद्धेय स्व श्री हुलास मल सबलावत श्री कंवरी लाल जी काला आदि ने संघपति बनकर वात्सल्य वारिधी पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्धमान सागर जी की वर्ष 2005 की कर्नाटक यात्रा कराई। श्री सुरेश जी सबलावत , श्री राजकुमार सेठी सहित अनेक गुरुभक्त इसी उपनगर के निवासी है श्री राजेश सेठी भी श्याम नगर के निवासी होकर आपके पिता मुनि श्री प्रभव सागर जी है तथा आपकी मम्मी श्री तारा दादी भी विगत 15 से ज्यादा वर्षों से चौका लगा रही है जिनके नाम नहीं लिख पाए उन परिवार से क्षमा चाहता हूं श्री चैनरूप जी बाकलीवाल ,श्री हुलासमल जी सबलावत श्री कंवरी लाल जी काला श्री बछराज जी पांड्या आदि ने आचार्य श्री को वर्ष 2006 श्री बाहुबली भगवान के मस्तकाभिषेक के लिए चलने हेतु निवेदन कर अवगत कराया कि विहार की पूरी तैयारी हो गई।एक प्रसंग अनुसार फरवरी 2005 में श्री हुलासमल जी बिहार में चौका आहार के लिए दोपहर को पानी कुआं ढूंढने गए , वह खोजते खोजते थक गए ,किंतु कुआं नहीं मिला उन्होंने शाम को आचार्य श्री वर्धमान सागर जी को बताया कि जहां आगे आहार होना है उसके आसपास कहीं कुआं नहीं है कैसे आहार होगा? जहां कुआं है उसके पहले एक आहार होना जरूरी है।आचार्य श्री बोले चिंता मत करो जैसा भी होगा देखेंगे। रात्रि में श्री हुलासमल जी सबलावत को नींद से उठाकर एक वृद्ध बोलता है सेठजी चलो में कुआं दिखाता हूं थोड़ी दूर पर भलेमानुष ने कुआं दिखाया पानी निकाल कर यकीन किया जैसे ही मुड़कर उसे इनाम देना चाहा वह व्यक्ति गायब हो गया उस हुलिए का उस गांव में भी कोई नहीं रहता था। आचार्य श्री वर्धमान सागर जी की चतुर्थ कालीन चर्या की व्यवस्था देवता भी करते हैं।
गुरु भक्त
राजेश पंचोलिया इंदौर |
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2026-04-11 10:44:01 |
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| 76851 |
40449857 |
Djw Rajesh Pancholi (1) |
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वात्सल्य वारिधी पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्धमान सागर जी से दीक्षित अनेक शिष्य जयपुर से है मुनि श्री हितेंद्रसागर जी , मुनि श्री प्रभव सागर जी ,मुनि श्री विवर्जित सागर जी, मुनि श्री भुवन सागर जी मुनि श्री गुणोदय सागर जी आदि जयपुर से है।श्याम नगर जयपुर के श्री आदिनाथ जिनालय में आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने 14 मई से 19 मई वर्ष 2015 में पंच कल्याणक कराया।श्याम नगर जयपुर एक प्रसिद्ध कॉलोनी उपनगर हैं जहां पर प्रथमाचार्य श्री शांति सागर की परंपरा के अनेक पूर्वाचार्यों के गुरुभक्त इस कॉलोनी में रहते हैं। श्रद्धेय स्व श्री हुलास मल सबलावत श्री कंवरी लाल जी काला आदि ने संघपति बनकर वात्सल्य वारिधी पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्धमान सागर जी की वर्ष 2005 की कर्नाटक यात्रा कराई। श्री सुरेश जी सबलावत , श्री राजकुमार सेठी सहित अनेक गुरुभक्त इसी उपनगर के निवासी है श्री राजेश सेठी भी श्याम नगर के निवासी होकर आपके पिता मुनि श्री प्रभव सागर जी है तथा आपकी मम्मी श्री तारा दादी भी विगत 15 से ज्यादा वर्षों से चौका लगा रही है जिनके नाम नहीं लिख पाए उन परिवार से क्षमा चाहता हूं श्री चैनरूप जी बाकलीवाल ,श्री हुलासमल जी सबलावत श्री कंवरी लाल जी काला श्री बछराज जी पांड्या आदि ने आचार्य श्री को वर्ष 2006 श्री बाहुबली भगवान के मस्तकाभिषेक के लिए चलने हेतु निवेदन कर अवगत कराया कि विहार की पूरी तैयारी हो गई।एक प्रसंग अनुसार फरवरी 2005 में श्री हुलासमल जी बिहार में चौका आहार के लिए दोपहर को पानी कुआं ढूंढने गए , वह खोजते खोजते थक गए ,किंतु कुआं नहीं मिला उन्होंने शाम को आचार्य श्री वर्धमान सागर जी को बताया कि जहां आगे आहार होना है उसके आसपास कहीं कुआं नहीं है कैसे आहार होगा? जहां कुआं है उसके पहले एक आहार होना जरूरी है।आचार्य श्री बोले चिंता मत करो जैसा भी होगा देखेंगे। रात्रि में श्री हुलासमल जी सबलावत को नींद से उठाकर एक वृद्ध बोलता है सेठजी चलो में कुआं दिखाता हूं थोड़ी दूर पर भलेमानुष ने कुआं दिखाया पानी निकाल कर यकीन किया जैसे ही मुड़कर उसे इनाम देना चाहा वह व्यक्ति गायब हो गया उस हुलिए का उस गांव में भी कोई नहीं रहता था। आचार्य श्री वर्धमान सागर जी की चतुर्थ कालीन चर्या की व्यवस्था देवता भी करते हैं।
गुरु भक्त
राजेश पंचोलिया इंदौर |
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2026-04-11 10:44:00 |
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