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Chat ID
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Chat Name
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Sender
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Message
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Status
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Date |
View |
| 224650 |
40449749 |
जिनोदय?JINODAYA |
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2026-06-12 14:47:00 |
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| 224648 |
40449710 |
11. वात्सल्य वारिधि |
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2026-06-12 14:45:31 |
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| 224647 |
40449710 |
11. वात्सल्य वारिधि |
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2026-06-12 14:45:30 |
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| 224645 |
40449710 |
11. वात्सल्य वारिधि |
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✿༺ मंगल विहार सूचना ༻✿
वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज ससंघ (37 पिच्छिका) का संभावित मंगल विहार एवं अल्प प्रवास सूचना
दिनांक 12 जून 2026
को आज
श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर, बेगस, जिला जयपुर मैं विराजमान है।
?
<a href="https://maps.app.goo.gl/YZNfi7Vumy6mbWn1A?g_st=ac" target="_blank">https://maps.app.goo.gl/YZNfi7Vumy6mbWn1A?g_st=ac</a>
???????????
दिनांक 13 जून 2026 को
प्रातः विहार 5.15 बजे से
5.6 किलोमीटर
बेगस से
गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल, चक बैगास
?
<a href="https://maps.app.goo.gl/oxLs4Hs6p9ybA7eVA?g_st=ac" target="_blank">https://maps.app.goo.gl/oxLs4Hs6p9ybA7eVA?g_st=ac</a>
नोट:- ससंघ का 13 जून का रात्रि विश्राम यहीं होगा।
➤⃪➤⃪➤⃪➤⃪➤⃪➤⃪➤⃪➤⃪➤⃪
➡️ विहार दिशा जोबनेर की ओर
════════════
सूचना प्रदाता
वात्सल्य वारिधि भक्त परिवार
➖➖➖➖♾➖➖➖➖ |
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2026-06-12 14:45:28 |
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| 224646 |
40449710 |
11. वात्सल्य वारिधि |
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✿༺ मंगल विहार सूचना ༻✿
वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज ससंघ (37 पिच्छिका) का संभावित मंगल विहार एवं अल्प प्रवास सूचना
दिनांक 12 जून 2026
को आज
श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर, बेगस, जिला जयपुर मैं विराजमान है।
?
<a href="https://maps.app.goo.gl/YZNfi7Vumy6mbWn1A?g_st=ac" target="_blank">https://maps.app.goo.gl/YZNfi7Vumy6mbWn1A?g_st=ac</a>
???????????
दिनांक 13 जून 2026 को
प्रातः विहार 5.15 बजे से
5.6 किलोमीटर
बेगस से
गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल, चक बैगास
?
<a href="https://maps.app.goo.gl/oxLs4Hs6p9ybA7eVA?g_st=ac" target="_blank">https://maps.app.goo.gl/oxLs4Hs6p9ybA7eVA?g_st=ac</a>
नोट:- ससंघ का 13 जून का रात्रि विश्राम यहीं होगा।
➤⃪➤⃪➤⃪➤⃪➤⃪➤⃪➤⃪➤⃪➤⃪
➡️ विहार दिशा जोबनेर की ओर
════════════
सूचना प्रदाता
वात्सल्य वारिधि भक्त परिवार
➖➖➖➖♾➖➖➖➖ |
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2026-06-12 14:45:28 |
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| 224644 |
40449667 |
संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर जी |
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स्वाभिमानी और अभिमानी को व्यवहार से कैसे जाने ? बता दो इसकी युक्ति हमें ,,, अरे ! स्वाभिमानी वो जिसके विनय हो विनयशील व्यक्ति चलता झुक के अपनी गलती भी न हो स्वीकार लेता गलती को विवाद में पड़ने से बचने के लिए ,,,, अभिमानी तो पहचाना जाता दूर से वो अपने से बड़ा नहीं समझता किसी को अपने को सही ठहराता दिखेगा कैसी भी बात क्यों न हो चाहे सौ झूठ उसे बोलने पड़े ,,,, इतना ही मूल भेद जानो उनका व्यवहार में ! नमोस्तु गुरूवर मुनिपुंगव श्री सुधासागर जी महाराज !!! अनिल जैन “राजधानी” श्रुत संवर्ध... <a href="https://primetrace.com/group/7374/post/1188629204?utm_source=android_post_share_web&referral_code=JBHJP&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=PENDING" target="_blank">https://primetrace.com/group/7374/post/1188629204?utm_source=android_post_share_web&referral_code=JBHJP&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=PENDING</a> |
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2026-06-12 14:44:52 |
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| 224643 |
40449667 |
संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर जी |
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स्वाभिमानी और अभिमानी को व्यवहार से कैसे जाने ? बता दो इसकी युक्ति हमें ,,, अरे ! स्वाभिमानी वो जिसके विनय हो विनयशील व्यक्ति चलता झुक के अपनी गलती भी न हो स्वीकार लेता गलती को विवाद में पड़ने से बचने के लिए ,,,, अभिमानी तो पहचाना जाता दूर से वो अपने से बड़ा नहीं समझता किसी को अपने को सही ठहराता दिखेगा कैसी भी बात क्यों न हो चाहे सौ झूठ उसे बोलने पड़े ,,,, इतना ही मूल भेद जानो उनका व्यवहार में ! नमोस्तु गुरूवर मुनिपुंगव श्री सुधासागर जी महाराज !!! अनिल जैन “राजधानी” श्रुत संवर्ध... <a href="https://primetrace.com/group/7374/post/1188629204?utm_source=android_post_share_web&referral_code=JBHJP&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=PENDING" target="_blank">https://primetrace.com/group/7374/post/1188629204?utm_source=android_post_share_web&referral_code=JBHJP&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=PENDING</a> |
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2026-06-12 14:44:51 |
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| 224641 |
40449663 |
? आचार्य सुधीन्द्र संदेश ? |
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2026-06-12 14:44:48 |
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| 224642 |
40449663 |
? आचार्य सुधीन्द्र संदेश ? |
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2026-06-12 14:44:48 |
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| 224639 |
40449666 |
नव आचार्य समय सागर जी भक्त |
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अभिषेक के लिए जल की शुद्धि करते कई मंदिरों में क्या ये होता आगम सम्मत ? आगम में कहीं नहीं मिलता जल शुद्धि करने का मंत्रों के माध्यम से ,,, चतुर्कोण जल कलशों की स्थापना तो की जाती अभिषेक के लिए जो प्रासुक जल लाते पाण्डुक शिला के चारों कोणों पर स्थापित करते,,,, जल शुद्धि की परंपरा देखने में आती कई जगह करते हैं तो वो करें नहीं कर रहे तो न शुरू करें कोई आगम की ऐसी अनिवार्यता नहीं बताई गई ,,, नमोस्तु गुरूवर मुनिपुंगव श्री सुधासागर जी महाराज !!! अनिल जैन “राजधानी” श्रुत संवर्धक ६... <a href="https://primetrace.com/group/7374/post/1188629214?utm_source=android_post_share_web&referral_code=JBHJP&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=PENDING" target="_blank">https://primetrace.com/group/7374/post/1188629214?utm_source=android_post_share_web&referral_code=JBHJP&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=PENDING</a> |
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2026-06-12 14:44:29 |
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