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75396 40449663 ? आचार्य सुधीन्द्र संदेश ? ?*??जय जिनेन्द्र??* ? ह्रीं श्रीं क्लीं ऐं अर्हं श्री मुनिसुव्रत जिनेन्द्राय नमः? तिथि -वैशाख ,कृष्णा , नवमी वीर निर्वाण संवत २५५२, तारीख 11/04/2026 शनिवार आज का त्याग ,नियम (काला चना खाने का )? ? त्याग ,नियम ही जैन धर्म का आधार है? 2026-04-10 19:41:14
75395 40449663 ? आचार्य सुधीन्द्र संदेश ? ?*??जय जिनेन्द्र??* ? ह्रीं श्रीं क्लीं ऐं अर्हं श्री मुनिसुव्रत जिनेन्द्राय नमः? तिथि -वैशाख ,कृष्णा , नवमी वीर निर्वाण संवत २५५२, तारीख 11/04/2026 शनिवार आज का त्याग ,नियम (काला चना खाने का )? ? त्याग ,नियम ही जैन धर्म का आधार है? 2026-04-10 19:41:13
75394 49028270 1.श्री सम्मेद शिखर जी ?️अहिंसा परमो धर्म की जय जय जिनेन्द्र देव की द्वादशांग जिनवाणी माँ की जय ?? ?वीर निर्वाण संवत २५५२ वैशाख कृष्ण पक्ष नवमी दिनाक 11.4.2026 शनिवार देवाधिदेव श्री 1008 20वें तीर्थंकर भगवान मुनिसुव्रतनाथ जी का ज्ञान कल्याणक - जय हो जय हो जय हो ?️ 1. देव दर्शन - प्रक्षाल पूजा करे - श्री दिगंबर जैन मंदिरजी के सपरिवार ?️ 2. 9 मिनट स्वाध्याय करें 3. ओम ह्रीं नमः की एक शुभ माला फेरे ?️ 4. मंदिरजी में - आरती का समय 7.00 p.m. कृपया जाइये ?️ 5. सुबह स्वाध्याय कक्षा में उपस्थित रहें ?️ नियम :- माँ -पिताजी और बड़ों के पैर छूना ?️ BSJDMBBRSSCIAANJ9 2026-04-10 19:36:41
75393 49028270 1.श्री सम्मेद शिखर जी ?️अहिंसा परमो धर्म की जय जय जिनेन्द्र देव की द्वादशांग जिनवाणी माँ की जय ?? ?वीर निर्वाण संवत २५५२ वैशाख कृष्ण पक्ष नवमी दिनाक 11.4.2026 शनिवार देवाधिदेव श्री 1008 20वें तीर्थंकर भगवान मुनिसुव्रतनाथ जी का ज्ञान कल्याणक - जय हो जय हो जय हो ?️ 1. देव दर्शन - प्रक्षाल पूजा करे - श्री दिगंबर जैन मंदिरजी के सपरिवार ?️ 2. 9 मिनट स्वाध्याय करें 3. ओम ह्रीं नमः की एक शुभ माला फेरे ?️ 4. मंदिरजी में - आरती का समय 7.00 p.m. कृपया जाइये ?️ 5. सुबह स्वाध्याय कक्षा में उपस्थित रहें ?️ नियम :- माँ -पिताजी और बड़ों के पैर छूना ?️ BSJDMBBRSSCIAANJ9 2026-04-10 19:36:40
75392 40449657 ?️?SARVARTHASIDDHI ??️ ?गंधोदक संपुर्ण शरीर पर लगा सकते हैं।- ?उत्तर पुराण, गाथा 50, पर्व 54 उसने (राजा श्रीषेण) जिनेन्द्र भगवान के संसर्ग से मंगल रूप हुए गंधोदक से रानी के साथ स्वयं स्नान किया...। *शुभाशीर्वाद: आचार्यश्री पावनकीर्तिजी गुरुदेव* 2026-04-10 19:34:06
75391 40449657 ?️?SARVARTHASIDDHI ??️ ?गंधोदक संपुर्ण शरीर पर लगा सकते हैं।- ?उत्तर पुराण, गाथा 50, पर्व 54 उसने (राजा श्रीषेण) जिनेन्द्र भगवान के संसर्ग से मंगल रूप हुए गंधोदक से रानी के साथ स्वयं स्नान किया...। *शुभाशीर्वाद: आचार्यश्री पावनकीर्तिजी गुरुदेव* 2026-04-10 19:34:05
75389 40449675 ?विराग विशुद्ध विनिश्चल गुरुभक्त परिवार? 2026-04-10 19:33:18
75390 40449675 ?विराग विशुद्ध विनिश्चल गुरुभक्त परिवार? 2026-04-10 19:33:18
75387 50892187 श्री जिनेन्द्र भक्तमण्डल ग्वालियर ।। श्री मुनिसुब्रत नाथाय नमः।। 2026-04-10 19:33:12
75388 50892187 श्री जिनेन्द्र भक्तमण्डल ग्वालियर ।। श्री मुनिसुब्रत नाथाय नमः।। 2026-04-10 19:33:12