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| 79684 |
40449678 |
1)जैन गुरुकुल से एकता, धर्म और समाज का उत्थान और तीर्थ रक्षा |
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*प्रेस रिलीज़*
तारीख: 6 अप्रैल 2026
विषय: श्री मंगलप्रभातजी लोढ़ा के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया
*“जैन धर्म कोई सब-सेक्ट नहीं बल्कि एक स्वतंत्र और प्राचीन दर्शन है – माइनॉरिटी स्टेटस छोड़ने का सवाल ही नहीं उठता”: ललित गांधी*
----------------------------
मुंबई: ऑल इंडिया जैन माइनॉरिटी फेडरेशन के नेशनल प्रेसिडेंट, ललित गांधी ने महाराष्ट्र के कैबिनेट मिनिस्टर श्री मंगलप्रभात लोढ़ा के इस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है कि “जैन धर्म हिंदू कल्चर का हिस्सा है और उन्हें माइनॉरिटी स्टेटस छोड़ने पर विचार करना चाहिए”।
ललित गांधी ने कहा:
“यह बात अज्ञानता में कही गई है या पहले से बनी सोच का हिस्सा है। जैन धर्म भारत में एक आज़ाद, पुराना और साइंटिफिक फ़िलॉसफ़ी है। इसके अपने तीर्थंकर हैं, अपना मेटाफ़िज़िक्स है और मोक्ष का रास्ता है। हम हिंदू कल्चर को मानने वाले हैं, लेकिन कोई ब्रांच या सब-ब्रांच नहीं। धर्म और कल्चर बिल्कुल अलग चीज़ें हैं!
माइनॉरिटी का दर्जा कोई भीख मांगने वाली चीज़ नहीं है बल्कि हमारा संवैधानिक अधिकार है। यह हमारी अलग पहचान का सम्मान है। इस दर्जे को छोड़ना हमारे होने को ही नकारना है। हम ऐसी किसी भी सोच का हर |
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2026-04-12 11:42:35 |
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| 79683 |
40449678 |
1)जैन गुरुकुल से एकता, धर्म और समाज का उत्थान और तीर्थ रक्षा |
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*प्रेस रिलीज़*
तारीख: 6 अप्रैल 2026
विषय: श्री मंगलप्रभातजी लोढ़ा के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया
*“जैन धर्म कोई सब-सेक्ट नहीं बल्कि एक स्वतंत्र और प्राचीन दर्शन है – माइनॉरिटी स्टेटस छोड़ने का सवाल ही नहीं उठता”: ललित गांधी*
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मुंबई: ऑल इंडिया जैन माइनॉरिटी फेडरेशन के नेशनल प्रेसिडेंट, ललित गांधी ने महाराष्ट्र के कैबिनेट मिनिस्टर श्री मंगलप्रभात लोढ़ा के इस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है कि “जैन धर्म हिंदू कल्चर का हिस्सा है और उन्हें माइनॉरिटी स्टेटस छोड़ने पर विचार करना चाहिए”।
ललित गांधी ने कहा:
“यह बात अज्ञानता में कही गई है या पहले से बनी सोच का हिस्सा है। जैन धर्म भारत में एक आज़ाद, पुराना और साइंटिफिक फ़िलॉसफ़ी है। इसके अपने तीर्थंकर हैं, अपना मेटाफ़िज़िक्स है और मोक्ष का रास्ता है। हम हिंदू कल्चर को मानने वाले हैं, लेकिन कोई ब्रांच या सब-ब्रांच नहीं। धर्म और कल्चर बिल्कुल अलग चीज़ें हैं!
माइनॉरिटी का दर्जा कोई भीख मांगने वाली चीज़ नहीं है बल्कि हमारा संवैधानिक अधिकार है। यह हमारी अलग पहचान का सम्मान है। इस दर्जे को छोड़ना हमारे होने को ही नकारना है। हम ऐसी किसी भी सोच का हर |
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2026-04-12 11:42:34 |
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| 79681 |
40449678 |
1)जैन गुरुकुल से एकता, धर्म और समाज का उत्थान और तीर्थ रक्षा |
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*निषेध! निषेध!!निषेध!!!*
*JAIN परिवार भारत* की ओर से हम यह सार्वजनिक निषेध दर्ज कर रहे हैं कि:
हाल ही में मंत्री मंगलप्रभात जी लोढ़ा द्वारा जैन धर्म के संबंध में दिए गए बयान पूरी तरह से गलत ❌, भ्रामक ⚠️ और जैन समाज की भावनाओं को आहत करने वाले हैं ?।
?️ जैन धर्म एक अत्यंत प्राचीन और स्वतंत्र धर्म है, जिसके सिद्धांत अन्य किसी भी धर्म से अलग और विशिष्ट हैं।
☮️ जैन धर्म एक अहिंसावादी धर्म है और यह सभी जीवों के प्रति करुणा ❤️, संयम ? और सत्य ✔️ के सिद्धांतों पर आधारित है।
? लाखों वर्षों की परंपरा वाले इस धर्म का किसी अन्य धर्म में विलय करने की बात करना अत्यंत निंदनीय है ❗
? इस प्रकार के बयान जैन धर्मावलंबियों की भावनाओं को ठेस पहुँचाने का स्पष्ट इरादा दर्शाते हैं, और इसे जैन समाज कभी बर्दाश्त नहीं करेगा।
? धन्यवाद ?
*JAIN परिवार भारत* |
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2026-04-12 11:42:33 |
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| 79682 |
40449678 |
1)जैन गुरुकुल से एकता, धर्म और समाज का उत्थान और तीर्थ रक्षा |
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*निषेध! निषेध!!निषेध!!!*
*JAIN परिवार भारत* की ओर से हम यह सार्वजनिक निषेध दर्ज कर रहे हैं कि:
हाल ही में मंत्री मंगलप्रभात जी लोढ़ा द्वारा जैन धर्म के संबंध में दिए गए बयान पूरी तरह से गलत ❌, भ्रामक ⚠️ और जैन समाज की भावनाओं को आहत करने वाले हैं ?।
?️ जैन धर्म एक अत्यंत प्राचीन और स्वतंत्र धर्म है, जिसके सिद्धांत अन्य किसी भी धर्म से अलग और विशिष्ट हैं।
☮️ जैन धर्म एक अहिंसावादी धर्म है और यह सभी जीवों के प्रति करुणा ❤️, संयम ? और सत्य ✔️ के सिद्धांतों पर आधारित है।
? लाखों वर्षों की परंपरा वाले इस धर्म का किसी अन्य धर्म में विलय करने की बात करना अत्यंत निंदनीय है ❗
? इस प्रकार के बयान जैन धर्मावलंबियों की भावनाओं को ठेस पहुँचाने का स्पष्ट इरादा दर्शाते हैं, और इसे जैन समाज कभी बर्दाश्त नहीं करेगा।
? धन्यवाद ?
*JAIN परिवार भारत* |
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2026-04-12 11:42:33 |
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| 79680 |
49028270 |
1.श्री सम्मेद शिखर जी |
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*_मुझे तीर्थंकर बनने का कोई भी विकल्प नही_*
- आचार्य श्री विद्यासागर जी
????
_प्रातः स्मरणीय परम पूज्य वर्तमान *आचार्य श्री समयसागर जी महाराज*, आदीश्वर धाम, पंचकल्याणक, नागपुर (11/4/26, प्रथम दिवस, प्रवचन)_
<a href="https://youtu.be/7zRg4ajdXaU?si=uqyc1p2RVKoNatlX" target="_blank">https://youtu.be/7zRg4ajdXaU?si=uqyc1p2RVKoNatlX</a>
_(देखें 7.51 से 10.56 तक)_
???
*वह तुलना की क्रिया ही*
*प्रकारान्तर से स्पर्धा है,*
*स्पर्धा प्रकाश में लाती है*
*कहीं... सुदूर... जा... भीतर बैठी*
*अहंकार की सूक्ष्म सत्ता को।*
फिर, अहंकार को सन्तोष कहाँ ?
बिना सन्तोष, जीवन सदोष है
यही एक कारण है, कि
प्रशंसा-यश की तृष्णा से झुलसा
यह सदोष जीवन
सहज जय-घोषों की, सुखद गुणों की
सघन-शीतल छाँव से वंचित रहता है।
- _मूकमाटी :: ३३९_
- _आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज_ |
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2026-04-12 11:42:28 |
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| 79679 |
49028270 |
1.श्री सम्मेद शिखर जी |
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*_मुझे तीर्थंकर बनने का कोई भी विकल्प नही_*
- आचार्य श्री विद्यासागर जी
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_प्रातः स्मरणीय परम पूज्य वर्तमान *आचार्य श्री समयसागर जी महाराज*, आदीश्वर धाम, पंचकल्याणक, नागपुर (11/4/26, प्रथम दिवस, प्रवचन)_
<a href="https://youtu.be/7zRg4ajdXaU?si=uqyc1p2RVKoNatlX" target="_blank">https://youtu.be/7zRg4ajdXaU?si=uqyc1p2RVKoNatlX</a>
_(देखें 7.51 से 10.56 तक)_
???
*वह तुलना की क्रिया ही*
*प्रकारान्तर से स्पर्धा है,*
*स्पर्धा प्रकाश में लाती है*
*कहीं... सुदूर... जा... भीतर बैठी*
*अहंकार की सूक्ष्म सत्ता को।*
फिर, अहंकार को सन्तोष कहाँ ?
बिना सन्तोष, जीवन सदोष है
यही एक कारण है, कि
प्रशंसा-यश की तृष्णा से झुलसा
यह सदोष जीवन
सहज जय-घोषों की, सुखद गुणों की
सघन-शीतल छाँव से वंचित रहता है।
- _मूकमाटी :: ३३९_
- _आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज_ |
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2026-04-12 11:42:27 |
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| 79677 |
40449663 |
? आचार्य सुधीन्द्र संदेश ? |
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2026-04-12 11:41:09 |
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| 79678 |
40449663 |
? आचार्य सुधीन्द्र संदेश ? |
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2026-04-12 11:41:09 |
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| 79675 |
40449678 |
1)जैन गुरुकुल से एकता, धर्म और समाज का उत्थान और तीर्थ रक्षा |
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2026-04-12 11:40:42 |
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| 79676 |
40449678 |
1)जैन गुरुकुल से एकता, धर्म और समाज का उत्थान और तीर्थ रक्षा |
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2026-04-12 11:40:42 |
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