| ID |
Chat ID
|
Chat Name
|
Sender
|
Phone
|
Message
|
Status
|
Date |
View |
| 6736 |
40449699 |
3️⃣ ಜಿನೇಂದ್ರ ವಾಣಿ (G-3️⃣) |
|
|
<a href="https://youtube.com/shorts/jcrlX4FjaKE?si=EmuCI93JQ78O_VAm" target="_blank">https://youtube.com/shorts/jcrlX4FjaKE?si=EmuCI93JQ78O_VAm</a> |
|
2026-02-17 06:11:24 |
|
| 6735 |
40449703 |
गणिनी आर्यिका जिनदेवी माँ |
|
|
वंदामि माताजी ?? |
|
2026-02-17 06:11:06 |
|
| 6734 |
40449703 |
गणिनी आर्यिका जिनदेवी माँ |
|
|
??वंदामी माताजी??
???????????? |
|
2026-02-17 06:10:38 |
|
| 6733 |
49028270 |
1.श्री सम्मेद शिखर जी |
|
|
??????
>>>>>>>>>>> जयपुर < |
|
2026-02-17 06:09:23 |
|
| 6732 |
40449657 |
?️?SARVARTHASIDDHI ??️ |
|
|
*विदेश में बसे बच्चों से माता-पिता की चिंता की अपेक्षा — या पासपोर्ट जब्ती का प्रावधान?*
लेखक: संजय बज
छिंदवाड़ा
17/2/26
*राज्यसभा सांसद डॉ. राधा मोहन अग्रवाल ने राज्यसभा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील प्रस्ताव रखा है। उनका सुझाव है कि यदि कोई बेटा या बेटी विदेश में रहकर अपने माता-पिता की उपेक्षा कर रहा है, उनकी देखभाल और चिंता नहीं कर रहा है, तो ऐसे बच्चों के पासपोर्ट को जब्त अथवा रद्द करने का प्रावधान होना चाहिए।*
आज यह दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति बार-बार समाचारों में देखने को मिलती है कि घर से दुर्गंध आने पर पड़ोसियों को पता चलता है कि *वृद्ध माता-पिता की मृत्यु हुए 15–20 दिन बीत चुके हैं। शव सड़ चुका होता है, पहचान करना भी कठिन हो जाता है।* यह केवल एक सामाजिक त्रासदी नहीं, बल्कि हमारी पारिवारिक व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न है।
*ऐसी परिस्थितियों को देखते हुए सांसद महोदय द्वारा उठाया गया विषय निस्संदेह विचारणीय है।*
आवश्यक प्रारंभिक व्यवस्था
सरकार को चाहिए कि जो भी बच्चे विदेश पढ़ाई या नौकरी के लिए जा रहे हों, वे प्रस्थान से पूर्व अपने माता-पिता के रहने, भोजन, चिकित्सा और मासिक खर्च की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करें।
*इसके लिए एक स्पष्ट नियम बनाया जा सकता है कि विदेश जाने से पहले संबंधित संतान निकटतम थाने में लिखित सूचना दे, जिसमें निम्न जानकारी दर्ज हो—*
माता-पिता की देखभाल की व्यवस्था का विवरण
माता-पिता का मोबाइल नंबर
निकटतम रिश्तेदारों की जानकारी
स्वयं का विदेशी मोबाइल नंबर और विदेश का पता
यह व्यवस्था केवल नियंत्रण के लिए नहीं, बल्कि सुरक्षा और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए होनी चाहिए।
नियमित संवाद की अनिवार्यता
विदेश में रहने वाले बच्चों को प्रतिदिन या कम से कम दो-तीन दिन में अपने माता-पिता से संपर्क करना चाहिए। यदि किसी कारणवश संपर्क नहीं हो पाता, तो तत्काल संबंधित थाने को सूचना देना अनिवार्य किया जा सकता है।
साथ ही, प्रत्येक तीन माह में बच्चे अपने माता-पिता से वीडियो कॉल या फोन पर बात करने के साथ-साथ स्थानीय थाने में भी सूचना दें कि वे नियमित संपर्क में हैं। इससे प्रशासन को भी यह जानकारी रहेगी कि बुजुर्ग अकेले तो हैं, परंतु उपेक्षित नहीं।
सांसद महोदय के सुझाव के अनुसार, पुलिस भी प्रत्येक छह माह में माता-पिता से संपर्क कर यह सुनिश्चित करे कि—
क्या बच्चे नियमित बात कर रहे हैं?
क्या आर्थिक सहयोग मिल रहा है?
क्या स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति हो रही है?
यदि कोई संतान जानबूझकर अपने माता-पिता की उपेक्षा करती है, तो पासपोर्ट रद्द करने जैसी सख्त कार्यवाही एक अनुशासनात्मक कदम हो सकती है। यह पहल समाज में एक सकारात्मक संदेश दे सकती है कि माता-पिता की जिम्मेदारी से भागना स्वीकार्य नहीं है।
एक महत्वपूर्ण प्रश्न
फिर भी एक जटिल प्रश्न शेष रहता है—जो बच्चे विदेश में स्थायी रूप से बस गए हैं और वहाँ की नागरिकता ग्रहण कर चुके हैं, उनके लिए पासपोर्ट रद्द करने का क्या प्रभाव रह जाएगा? जब *भारतीय पासपोर्ट का उपयोग ही समाप्त हो चुका है, तब यह दंड कितना प्रभावी होगा?*
ऐसी स्थिति में सरकार को अन्य वैधानिक प्रावधानों पर विचार करना होगा—जैसे संपत्ति संबंधी नियम, वित्तीय दायित्व, या माता-पिता के अधिकारों को सशक्त बनाने वाले कानून।
यह भी कटु सत्य है कि कई बार विदेशी नागरिकता लेने के बाद कुछ संतानें अपने मूल परिवार से भावनात्मक दूरी बना लेती हैं। वे आर्थिक रूप से सक्षम होते हुए भी अपने पालकों की चिंता से विमुख हो जाती हैं।
*निष्कर्ष*
हम डॉ. राधा मोहन अग्रवाल के इस प्रस्ताव का तहे दिल से स्वागत करते हैं। उन्होंने उन बुजुर्ग माता-पिता की पीड़ा को स्वर दिया है, जिन्हें उनकी ही संतानें विदेशों में बसकर अकेला छोड़ गई हैं।
सुन्दर समाज वही है जहाँ प्रगति और संवेदना साथ-साथ चलें। यदि बच्चे विश्व के किसी भी कोने में हों, परंतु उनके मन में माता-पिता के प्रति कर्तव्य और सम्मान जीवित हो, तभी हमारी संस्कृति की आत्मा सुरक्षित रह सकती है। |
|
2026-02-17 06:08:19 |
|
| 6731 |
40449682 |
तन्मय सागर प्रभावना ग्रुप |
|
|
|
|
2026-02-17 06:08:18 |
|
| 6730 |
40449657 |
?️?SARVARTHASIDDHI ??️ |
|
|
|
|
2026-02-17 06:08:01 |
|
| 6729 |
40449665 |
2.0 Jain Dharam ? जैन धर्म |
|
|
*आज मंगलवार का दिन है*
*१००८ श्री वासुपूज्य भगवान की जय बोलो*
*दिन की शुरुआत १००८ श्री वासुपूज्य भगवान के दर्शन से*
?????????
*अन्यथा शरणं नास्ति, त्वमेव शरणं मम।*
*तस्मात्कारुण्यभावेन, रक्ष रक्ष जिनेश्वर:॥ दर्शन करे अति प्राचीन, अति सुंदर प्रतिमा*
*ॐ ह्री श्री वासुपूज्य जिनेंद्राय नमः*
*खेये धुप सुगंध, वासुपूज्य प्रभु ध्यान के |*
*कर्म भार सब तार, रूप स्वरुप निहार के ||*
*मती जो मन में होय,रहे वेसीहो गति आय के*
*करो सुमत रसपान, सरल निजातम पाय के ||*
*सबका भला हो* ???❤❤❤?
*??देव शास्त्र गुरु के चरणों मे प्रातःकालीन नमन नमोस्तु वन्दन??*
*??प्रातःकालीन अभिवादन वन्दन??*
?❤❤❤????
? *जय जिनेन्द्र शुभ प्रभात*?
? *आपका दिन मंगलमय हो* ?
? ?
?❤❤❤❤❤?
*आप के यशस्वी वर्चस्वी स्वस्थ जीवन के लिए बहुत बहुत मंगल शुभकामनाएं????????* |
|
2026-02-17 06:07:59 |
|
| 6728 |
40449664 |
?सम्पूर्ण भारतवर्ष जैन मुनि विहार एवं माता जी विहार समूह ?और गणमान्यगण? |
|
|
*इस संसार में……..*
*सबसे बढ़िया दवा “हंसी”…*
*सबसे बड़ी सम्पत्ति “बुद्धि”…*
*सबसे बड़ा हथियार “धैर्य”…*
*सबसे अच्छी सुरक्षा “विश्वास”…*
*और सबसे आनंद की बात सब निःशुल्क है*।।
*जय जिनेंद्र??????*
*आपका हर पल मंगलमय हो???* |
|
2026-02-17 06:05:28 |
|
| 6727 |
40449699 |
3️⃣ ಜಿನೇಂದ್ರ ವಾಣಿ (G-3️⃣) |
|
|
????????????? ಜೈ ಜಿನೇಂದ್ರ ಎಲ್ಲರಿಗೂ ಶುಭ ದಿನದ ಶುಭೋದಯ ?? |
|
2026-02-17 06:05:27 |
|