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77093 40449727 GROUP ??दसा नरसिंहपुरा समाज?? *भगवान मुनिसुव्रतनाथ का केवलज्ञान नक्षत्र बताइए* महावीर 2550 वां निर्वाण महोत्सव का app आ गया है । सभी सदस्य नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके तुरंत ही जुड़ें और अपना सदस्य Community कार्ड प्राप्त करे - Powered by Kutumb App <a href="https://primetrace.com/group/2044159/post/1183894149?utm_source=android_post_share_web&amp;referral_code=C4Q5R&amp;utm_screen=post_share&amp;utm_referrer_state=PENDING" target="_blank">https://primetrace.com/group/2044159/post/1183894149?utm_source=android_post_share_web&amp;referral_code=C4Q5R&amp;utm_screen=post_share&amp;utm_referrer_state=PENDING</a> 2026-04-11 12:20:35
77094 40449727 GROUP ??दसा नरसिंहपुरा समाज?? *भगवान मुनिसुव्रतनाथ का केवलज्ञान नक्षत्र बताइए* महावीर 2550 वां निर्वाण महोत्सव का app आ गया है । सभी सदस्य नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके तुरंत ही जुड़ें और अपना सदस्य Community कार्ड प्राप्त करे - Powered by Kutumb App <a href="https://primetrace.com/group/2044159/post/1183894149?utm_source=android_post_share_web&amp;referral_code=C4Q5R&amp;utm_screen=post_share&amp;utm_referrer_state=PENDING" target="_blank">https://primetrace.com/group/2044159/post/1183894149?utm_source=android_post_share_web&amp;referral_code=C4Q5R&amp;utm_screen=post_share&amp;utm_referrer_state=PENDING</a> 2026-04-11 12:20:35
77092 40449667 संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर जी *?? व्यवहार सदा ही शाब्दिक ज्ञान से उत्तम होता है ??* ?कुछ लोग कुछ शास्त्रों को पढ़कर *अभिमानी* हो जाते हैं, और यह समझते हैं, कि *"अब हम पूर्ण विद्वान बन गए।" "जबकि उन पढ़ी सुनी बातों पर वे लोग आचरण नहीं करते।"?* ?तो केवल शब्द ज्ञान प्राप्त करके व्यक्ति को मिथ्या संतोष नहीं कर लेना चाहिए, कि *"मैंने बहुत सीख लिया है," "जब तक उन बातों को वह आचरण में न उतार ले।"?* *?"शाब्दिक ज्ञान से आचरण सदा उत्तम होता है। शाब्दिक ज्ञान तो रावण के पास भी बहुत था। परंतु वह ज्ञान उसके आचरण में नहीं उतरा, इसलिए फलीभूत नहीं हुआ।" "आचार्यों, मुनि श्री जी महाराज ने वेदों /शास्त्रों का अध्ययन किया। शब्द शास्त्र भी पढ़ा, और उसे आचरण में भी उतारा। इसलिए वे पूज्य हो गए। और आज संसार के सभी लोग उनका सम्मान, अनुसरण कर रहे हैं।"?* *?"अतः शाब्दिक ज्ञान से संतुष्ट न हो जाएं। आचार्य, मुनि जी महाराज के समान उसे अपने जीवन में भी उतारें, तभी आपका कल्याण होगा, अन्यथा नहीं।"?* *?"आपका जीवन मंगलमय हो"?*। *? आपका मोक्ष मार्ग प्रशस्त हो ?* *?? विद्या पूर्ण धर्म प्रभावना का ऐप है ??* <a href="https://primetrace.com/group/7374/post/1183950686?utm_source=android_post_share_web&amp;referral_code=N29CX&amp;utm_screen=post_share&amp;utm_referrer_state=BROADCASTER" target="_blank">https://primetrace.com/group/7374/post/1183950686?utm_source=android_post_share_web&amp;referral_code=N29CX&amp;utm_screen=post_share&amp;utm_referrer_state=BROADCASTER</a> 2026-04-11 12:20:23
77091 40449667 संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर जी *?? व्यवहार सदा ही शाब्दिक ज्ञान से उत्तम होता है ??* ?कुछ लोग कुछ शास्त्रों को पढ़कर *अभिमानी* हो जाते हैं, और यह समझते हैं, कि *"अब हम पूर्ण विद्वान बन गए।" "जबकि उन पढ़ी सुनी बातों पर वे लोग आचरण नहीं करते।"?* ?तो केवल शब्द ज्ञान प्राप्त करके व्यक्ति को मिथ्या संतोष नहीं कर लेना चाहिए, कि *"मैंने बहुत सीख लिया है," "जब तक उन बातों को वह आचरण में न उतार ले।"?* *?"शाब्दिक ज्ञान से आचरण सदा उत्तम होता है। शाब्दिक ज्ञान तो रावण के पास भी बहुत था। परंतु वह ज्ञान उसके आचरण में नहीं उतरा, इसलिए फलीभूत नहीं हुआ।" "आचार्यों, मुनि श्री जी महाराज ने वेदों /शास्त्रों का अध्ययन किया। शब्द शास्त्र भी पढ़ा, और उसे आचरण में भी उतारा। इसलिए वे पूज्य हो गए। और आज संसार के सभी लोग उनका सम्मान, अनुसरण कर रहे हैं।"?* *?"अतः शाब्दिक ज्ञान से संतुष्ट न हो जाएं। आचार्य, मुनि जी महाराज के समान उसे अपने जीवन में भी उतारें, तभी आपका कल्याण होगा, अन्यथा नहीं।"?* *?"आपका जीवन मंगलमय हो"?*। *? आपका मोक्ष मार्ग प्रशस्त हो ?* *?? विद्या पूर्ण धर्म प्रभावना का ऐप है ??* <a href="https://primetrace.com/group/7374/post/1183950686?utm_source=android_post_share_web&amp;referral_code=N29CX&amp;utm_screen=post_share&amp;utm_referrer_state=BROADCASTER" target="_blank">https://primetrace.com/group/7374/post/1183950686?utm_source=android_post_share_web&amp;referral_code=N29CX&amp;utm_screen=post_share&amp;utm_referrer_state=BROADCASTER</a> 2026-04-11 12:20:22
77089 40449666 निर्यापक समय सागर जी भक्त *?? व्यवहार सदा ही शाब्दिक ज्ञान से उत्तम होता है ??* ?कुछ लोग कुछ शास्त्रों को पढ़कर *अभिमानी* हो जाते हैं, और यह समझते हैं, कि *"अब हम पूर्ण विद्वान बन गए।" "जबकि उन पढ़ी सुनी बातों पर वे लोग आचरण नहीं करते।"?* ?तो केवल शब्द ज्ञान प्राप्त करके व्यक्ति को मिथ्या संतोष नहीं कर लेना चाहिए, कि *"मैंने बहुत सीख लिया है," "जब तक उन बातों को वह आचरण में न उतार ले।"?* *?"शाब्दिक ज्ञान से आचरण सदा उत्तम होता है। शाब्दिक ज्ञान तो रावण के पास भी बहुत था। परंतु वह ज्ञान उसके आचरण में नहीं उतरा, इसलिए फलीभूत नहीं हुआ।" "आचार्यों, मुनि श्री जी महाराज ने वेदों /शास्त्रों का अध्ययन किया। शब्द शास्त्र भी पढ़ा, और उसे आचरण में भी उतारा। इसलिए वे पूज्य हो गए। और आज संसार के सभी लोग उनका सम्मान, अनुसरण कर रहे हैं।"?* *?"अतः शाब्दिक ज्ञान से संतुष्ट न हो जाएं। आचार्य, मुनि जी महाराज के समान उसे अपने जीवन में भी उतारें, तभी आपका कल्याण होगा, अन्यथा नहीं।"?* *?"आपका जीवन मंगलमय हो"?*। *? आपका मोक्ष मार्ग प्रशस्त हो ?* *?? विद्या पूर्ण धर्म प्रभावना का ऐप है ??* <a href="https://primetrace.com/group/7374/post/1183950686?utm_source=android_post_share_web&amp;referral_code=N29CX&amp;utm_screen=post_share&amp;utm_referrer_state=BROADCASTER" target="_blank">https://primetrace.com/group/7374/post/1183950686?utm_source=android_post_share_web&amp;referral_code=N29CX&amp;utm_screen=post_share&amp;utm_referrer_state=BROADCASTER</a> 2026-04-11 12:20:18
77090 40449666 निर्यापक समय सागर जी भक्त *?? व्यवहार सदा ही शाब्दिक ज्ञान से उत्तम होता है ??* ?कुछ लोग कुछ शास्त्रों को पढ़कर *अभिमानी* हो जाते हैं, और यह समझते हैं, कि *"अब हम पूर्ण विद्वान बन गए।" "जबकि उन पढ़ी सुनी बातों पर वे लोग आचरण नहीं करते।"?* ?तो केवल शब्द ज्ञान प्राप्त करके व्यक्ति को मिथ्या संतोष नहीं कर लेना चाहिए, कि *"मैंने बहुत सीख लिया है," "जब तक उन बातों को वह आचरण में न उतार ले।"?* *?"शाब्दिक ज्ञान से आचरण सदा उत्तम होता है। शाब्दिक ज्ञान तो रावण के पास भी बहुत था। परंतु वह ज्ञान उसके आचरण में नहीं उतरा, इसलिए फलीभूत नहीं हुआ।" "आचार्यों, मुनि श्री जी महाराज ने वेदों /शास्त्रों का अध्ययन किया। शब्द शास्त्र भी पढ़ा, और उसे आचरण में भी उतारा। इसलिए वे पूज्य हो गए। और आज संसार के सभी लोग उनका सम्मान, अनुसरण कर रहे हैं।"?* *?"अतः शाब्दिक ज्ञान से संतुष्ट न हो जाएं। आचार्य, मुनि जी महाराज के समान उसे अपने जीवन में भी उतारें, तभी आपका कल्याण होगा, अन्यथा नहीं।"?* *?"आपका जीवन मंगलमय हो"?*। *? आपका मोक्ष मार्ग प्रशस्त हो ?* *?? विद्या पूर्ण धर्म प्रभावना का ऐप है ??* <a href="https://primetrace.com/group/7374/post/1183950686?utm_source=android_post_share_web&amp;referral_code=N29CX&amp;utm_screen=post_share&amp;utm_referrer_state=BROADCASTER" target="_blank">https://primetrace.com/group/7374/post/1183950686?utm_source=android_post_share_web&amp;referral_code=N29CX&amp;utm_screen=post_share&amp;utm_referrer_state=BROADCASTER</a> 2026-04-11 12:20:18
77087 40449689 ? विद्या शरणम ०१ ? ?*अभी देखिये* ? *कार्यक्रम- तप कल्याणक महोत्सव भाग- 2* *स्थान- शान्तोदय अतिशय तीर्थ ललितपुर (उ.प्र.)* *सानिध्य-प.पू.निर्यापक श्रमण मुनिपुंगवश्री सुधासागर जी महाराज* *दिनांक-11अप्रैल 2026* ?????? ?? *विशेष प्रसारण लिंक* ?? <a href="https://youtube.com/live/a-M5y-pxqy4?feature=share" target="_blank">https://youtube.com/live/a-M5y-pxqy4?feature=share</a> *उत्तर प्रदेश के जिला-ललितपुर स्थित श्री दिगम्बर जैन शान्तोदय अतिशय तीर्थ क्षेत्र चाँदपुर-जहाजपुर (धौर्रा) में की धरा पर प.पू. संतशिरोमणि आचार्यश्री 108 विद्यासागर जी महाराज के मंगल आशीर्वाद एवं प.पू.निर्यापक श्रमण मुनिपुंगवश्री 108 सुधासागर जी महाराज ससंंघ के पावन सानिध्य में 08 से 13 अप्रैल 2026 तक आयोजित हो रहे तीर्थ शिरोमणि श्री 1008 श्री मज्जिनेन्द्र पंचकल्याणक प्रतिष्ठा त्रय गजरथ महोत्सव एवं विश्वशांति महायज्ञ का विशेष प्रसारण।* 2026-04-11 12:20:06
77088 40449689 ? विद्या शरणम ०१ ? ?*अभी देखिये* ? *कार्यक्रम- तप कल्याणक महोत्सव भाग- 2* *स्थान- शान्तोदय अतिशय तीर्थ ललितपुर (उ.प्र.)* *सानिध्य-प.पू.निर्यापक श्रमण मुनिपुंगवश्री सुधासागर जी महाराज* *दिनांक-11अप्रैल 2026* ?????? ?? *विशेष प्रसारण लिंक* ?? <a href="https://youtube.com/live/a-M5y-pxqy4?feature=share" target="_blank">https://youtube.com/live/a-M5y-pxqy4?feature=share</a> *उत्तर प्रदेश के जिला-ललितपुर स्थित श्री दिगम्बर जैन शान्तोदय अतिशय तीर्थ क्षेत्र चाँदपुर-जहाजपुर (धौर्रा) में की धरा पर प.पू. संतशिरोमणि आचार्यश्री 108 विद्यासागर जी महाराज के मंगल आशीर्वाद एवं प.पू.निर्यापक श्रमण मुनिपुंगवश्री 108 सुधासागर जी महाराज ससंंघ के पावन सानिध्य में 08 से 13 अप्रैल 2026 तक आयोजित हो रहे तीर्थ शिरोमणि श्री 1008 श्री मज्जिनेन्द्र पंचकल्याणक प्रतिष्ठा त्रय गजरथ महोत्सव एवं विश्वशांति महायज्ञ का विशेष प्रसारण।* 2026-04-11 12:20:06
77085 49028270 1.श्री सम्मेद शिखर जी ?*अभी देखिये* ? *कार्यक्रम- तप कल्याणक महोत्सव भाग- 2* *स्थान- शान्तोदय अतिशय तीर्थ ललितपुर (उ.प्र.)* *सानिध्य-प.पू.निर्यापक श्रमण मुनिपुंगवश्री सुधासागर जी महाराज* *दिनांक-11अप्रैल 2026* ?????? ?? *विशेष प्रसारण लिंक* ?? <a href="https://youtube.com/live/a-M5y-pxqy4?feature=share" target="_blank">https://youtube.com/live/a-M5y-pxqy4?feature=share</a> *उत्तर प्रदेश के जिला-ललितपुर स्थित श्री दिगम्बर जैन शान्तोदय अतिशय तीर्थ क्षेत्र चाँदपुर-जहाजपुर (धौर्रा) में की धरा पर प.पू. संतशिरोमणि आचार्यश्री 108 विद्यासागर जी महाराज के मंगल आशीर्वाद एवं प.पू.निर्यापक श्रमण मुनिपुंगवश्री 108 सुधासागर जी महाराज ससंंघ के पावन सानिध्य में 08 से 13 अप्रैल 2026 तक आयोजित हो रहे तीर्थ शिरोमणि श्री 1008 श्री मज्जिनेन्द्र पंचकल्याणक प्रतिष्ठा त्रय गजरथ महोत्सव एवं विश्वशांति महायज्ञ का विशेष प्रसारण।* 2026-04-11 12:20:01
77086 49028270 1.श्री सम्मेद शिखर जी ?*अभी देखिये* ? *कार्यक्रम- तप कल्याणक महोत्सव भाग- 2* *स्थान- शान्तोदय अतिशय तीर्थ ललितपुर (उ.प्र.)* *सानिध्य-प.पू.निर्यापक श्रमण मुनिपुंगवश्री सुधासागर जी महाराज* *दिनांक-11अप्रैल 2026* ?????? ?? *विशेष प्रसारण लिंक* ?? <a href="https://youtube.com/live/a-M5y-pxqy4?feature=share" target="_blank">https://youtube.com/live/a-M5y-pxqy4?feature=share</a> *उत्तर प्रदेश के जिला-ललितपुर स्थित श्री दिगम्बर जैन शान्तोदय अतिशय तीर्थ क्षेत्र चाँदपुर-जहाजपुर (धौर्रा) में की धरा पर प.पू. संतशिरोमणि आचार्यश्री 108 विद्यासागर जी महाराज के मंगल आशीर्वाद एवं प.पू.निर्यापक श्रमण मुनिपुंगवश्री 108 सुधासागर जी महाराज ससंंघ के पावन सानिध्य में 08 से 13 अप्रैल 2026 तक आयोजित हो रहे तीर्थ शिरोमणि श्री 1008 श्री मज्जिनेन्द्र पंचकल्याणक प्रतिष्ठा त्रय गजरथ महोत्सव एवं विश्वशांति महायज्ञ का विशेष प्रसारण।* 2026-04-11 12:20:01