WhatsApp Messages Dashboard

Total Records in Table: 15084

Records Matching Filters: 15084

From: To: Global Search:

Messages

ID Chat ID
Chat Name
Sender
Phone
Message
Status
Date View
72635 40449710 11. वात्सल्य वारिधि णमोकार महामंत्र में अरिहंत, सिद्ध ,आचार्य उपाध्याय और सर्व साधु परम पद निहित है आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महावीर जैन शिक्षा परिषद के तत्वाधान में श्री महावीर स्कूल सी स्कीम जयपुर में आयोजित सामूहिक णमोकार मंत्र के पाठ के लिए आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज संघ सहित पधारे इस अवसर पर आचार्य श्री ने उपदेश में बताया कि णमोकार मंत्र में पांच परमेष्ठि को नमन किया जाता है अरिहंत, सिद्ध ,आचार्य ,उपाध्याय और सर्व साधु इन परम पद को पाने के लिए आपको धर्म की राह पर चलकर भावना बनाकर जीवन को त्याग की ओर करने का पुरुषार्थ करना होगा। राजेश पंचोलिया के अनुसार आचार्य श्री ने आगे बताया कि विश्व के भीतर अनेक पद है उन पदों के लिए होड़ लगती है लौकिक शिक्षा में भी उच्च पद आर्थिक लक्ष्य को रखकर शिक्षा प्राप्त की जाती है जीवन को संस्कारित बनाकर स्वयं के लिए, परिवार, समाज, राष्ट्र हित की भावना जागृत होना चाहिए। उमरावमल संघी, सुनील बक्शी ,महेश काला,राजेश सेठी ने बताया कि आचार्य श्री के प्रवचन के पूर्व मुनि श्री हितेंद्र सागर जी ने णमोकार मंत्र को अनादि निधन मंत्र बताया जब से सूर्य ,चंद्रमा, हवा अग्नि ,वृक्ष ,सृष्टि निर्मित है तब से यह मंत्र अनादि निधन है स्वयं से होने के कारण यह शाश्वत और अनिष्ट है जीवन में सभी का लक्ष्य सकारात्मक होकर जीवन का नवनीत प्राप्त करने का लक्ष्य होना चाहिए। राजेश पंचोलिया इंदौर 2026-04-09 16:56:06
72636 40449710 11. वात्सल्य वारिधि णमोकार महामंत्र में अरिहंत, सिद्ध ,आचार्य उपाध्याय और सर्व साधु परम पद निहित है आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महावीर जैन शिक्षा परिषद के तत्वाधान में श्री महावीर स्कूल सी स्कीम जयपुर में आयोजित सामूहिक णमोकार मंत्र के पाठ के लिए आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज संघ सहित पधारे इस अवसर पर आचार्य श्री ने उपदेश में बताया कि णमोकार मंत्र में पांच परमेष्ठि को नमन किया जाता है अरिहंत, सिद्ध ,आचार्य ,उपाध्याय और सर्व साधु इन परम पद को पाने के लिए आपको धर्म की राह पर चलकर भावना बनाकर जीवन को त्याग की ओर करने का पुरुषार्थ करना होगा। राजेश पंचोलिया के अनुसार आचार्य श्री ने आगे बताया कि विश्व के भीतर अनेक पद है उन पदों के लिए होड़ लगती है लौकिक शिक्षा में भी उच्च पद आर्थिक लक्ष्य को रखकर शिक्षा प्राप्त की जाती है जीवन को संस्कारित बनाकर स्वयं के लिए, परिवार, समाज, राष्ट्र हित की भावना जागृत होना चाहिए। उमरावमल संघी, सुनील बक्शी ,महेश काला,राजेश सेठी ने बताया कि आचार्य श्री के प्रवचन के पूर्व मुनि श्री हितेंद्र सागर जी ने णमोकार मंत्र को अनादि निधन मंत्र बताया जब से सूर्य ,चंद्रमा, हवा अग्नि ,वृक्ष ,सृष्टि निर्मित है तब से यह मंत्र अनादि निधन है स्वयं से होने के कारण यह शाश्वत और अनिष्ट है जीवन में सभी का लक्ष्य सकारात्मक होकर जीवन का नवनीत प्राप्त करने का लक्ष्य होना चाहिए। राजेश पंचोलिया इंदौर 2026-04-09 16:56:06
72633 40449701 ??संत शिरोमणि अपडेट?? *युग श्रेष्ठ आचार्य भगवन विद्यासागर महामुनिराज जी संस्मरण* शांति विद्या युट्युब चैनल <a href="https://youtube.com/shorts/-Gjd2xgXUTY?si=pH5k8f95w7ECQF5T" target="_blank">https://youtube.com/shorts/-Gjd2xgXUTY?si=pH5k8f95w7ECQF5T</a> 2026-04-09 16:54:12
72634 40449701 ??संत शिरोमणि अपडेट?? *युग श्रेष्ठ आचार्य भगवन विद्यासागर महामुनिराज जी संस्मरण* शांति विद्या युट्युब चैनल <a href="https://youtube.com/shorts/-Gjd2xgXUTY?si=pH5k8f95w7ECQF5T" target="_blank">https://youtube.com/shorts/-Gjd2xgXUTY?si=pH5k8f95w7ECQF5T</a> 2026-04-09 16:54:12
72632 40449657 ?️?SARVARTHASIDDHI ??️ णमोकार महामंत्र में अरिहंत, सिद्ध ,आचार्य उपाध्याय और सर्व साधु परम पद निहित है आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महावीर जैन शिक्षा परिषद के तत्वाधान में श्री महावीर स्कूल सी स्कीम जयपुर में आयोजित सामूहिक णमोकार मंत्र के पाठ के लिए आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज संघ सहित पधारे इस अवसर पर आचार्य श्री ने उपदेश में बताया कि णमोकार मंत्र में पांच परमेष्ठि को नमन किया जाता है अरिहंत, सिद्ध ,आचार्य ,उपाध्याय और सर्व साधु इन परम पद को पाने के लिए आपको धर्म की राह पर चलकर भावना बनाकर जीवन को त्याग की ओर करने का पुरुषार्थ करना होगा। राजेश पंचोलिया के अनुसार आचार्य श्री ने आगे बताया कि विश्व के भीतर अनेक पद है उन पदों के लिए होड़ लगती है लौकिक शिक्षा में भी उच्च पद आर्थिक लक्ष्य को रखकर शिक्षा प्राप्त की जाती है जीवन को संस्कारित बनाकर स्वयं के लिए, परिवार, समाज, राष्ट्र हित की भावना जागृत होना चाहिए। उमरावमल संघी, सुनील बक्शी ,महेश काला,राजेश सेठी ने बताया कि आचार्य श्री के प्रवचन के पूर्व मुनि श्री हितेंद्र सागर जी ने णमोकार मंत्र को अनादि निधन मंत्र बताया जब से सूर्य ,चंद्रमा, हवा अग्नि ,वृक्ष ,सृष्टि निर्मित है तब से यह मंत्र अनादि निधन है स्वयं से होने के कारण यह शाश्वत और अनिष्ट है जीवन में सभी का लक्ष्य सकारात्मक होकर जीवन का नवनीत प्राप्त करने का लक्ष्य होना चाहिए। राजेश पंचोलिया इंदौर 2026-04-09 16:50:19
72631 40449657 ?️?SARVARTHASIDDHI ??️ णमोकार महामंत्र में अरिहंत, सिद्ध ,आचार्य उपाध्याय और सर्व साधु परम पद निहित है आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महावीर जैन शिक्षा परिषद के तत्वाधान में श्री महावीर स्कूल सी स्कीम जयपुर में आयोजित सामूहिक णमोकार मंत्र के पाठ के लिए आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज संघ सहित पधारे इस अवसर पर आचार्य श्री ने उपदेश में बताया कि णमोकार मंत्र में पांच परमेष्ठि को नमन किया जाता है अरिहंत, सिद्ध ,आचार्य ,उपाध्याय और सर्व साधु इन परम पद को पाने के लिए आपको धर्म की राह पर चलकर भावना बनाकर जीवन को त्याग की ओर करने का पुरुषार्थ करना होगा। राजेश पंचोलिया के अनुसार आचार्य श्री ने आगे बताया कि विश्व के भीतर अनेक पद है उन पदों के लिए होड़ लगती है लौकिक शिक्षा में भी उच्च पद आर्थिक लक्ष्य को रखकर शिक्षा प्राप्त की जाती है जीवन को संस्कारित बनाकर स्वयं के लिए, परिवार, समाज, राष्ट्र हित की भावना जागृत होना चाहिए। उमरावमल संघी, सुनील बक्शी ,महेश काला,राजेश सेठी ने बताया कि आचार्य श्री के प्रवचन के पूर्व मुनि श्री हितेंद्र सागर जी ने णमोकार मंत्र को अनादि निधन मंत्र बताया जब से सूर्य ,चंद्रमा, हवा अग्नि ,वृक्ष ,सृष्टि निर्मित है तब से यह मंत्र अनादि निधन है स्वयं से होने के कारण यह शाश्वत और अनिष्ट है जीवन में सभी का लक्ष्य सकारात्मक होकर जीवन का नवनीत प्राप्त करने का लक्ष्य होना चाहिए। राजेश पंचोलिया इंदौर 2026-04-09 16:50:18
72630 40449712 72. वात्सल्य वारिधि णमोकार महामंत्र में अरिहंत, सिद्ध ,आचार्य उपाध्याय और सर्व साधु परम पद निहित है आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महावीर जैन शिक्षा परिषद के तत्वाधान में श्री महावीर स्कूल सी स्कीम जयपुर में आयोजित सामूहिक णमोकार मंत्र के पाठ के लिए आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज संघ सहित पधारे इस अवसर पर आचार्य श्री ने उपदेश में बताया कि णमोकार मंत्र में पांच परमेष्ठि को नमन किया जाता है अरिहंत, सिद्ध ,आचार्य ,उपाध्याय और सर्व साधु इन परम पद को पाने के लिए आपको धर्म की राह पर चलकर भावना बनाकर जीवन को त्याग की ओर करने का पुरुषार्थ करना होगा। राजेश पंचोलिया के अनुसार आचार्य श्री ने आगे बताया कि विश्व के भीतर अनेक पद है उन पदों के लिए होड़ लगती है लौकिक शिक्षा में भी उच्च पद आर्थिक लक्ष्य को रखकर शिक्षा प्राप्त की जाती है जीवन को संस्कारित बनाकर स्वयं के लिए, परिवार, समाज, राष्ट्र हित की भावना जागृत होना चाहिए। उमरावमल संघी, सुनील बक्शी ,महेश काला,राजेश सेठी ने बताया कि आचार्य श्री के प्रवचन के पूर्व मुनि श्री हितेंद्र सागर जी ने णमोकार मंत्र को अनादि निधन मंत्र बताया जब से सूर्य ,चंद्रमा, हवा अग्नि ,वृक्ष ,सृष्टि निर्मित है तब से यह मंत्र अनादि निधन है स्वयं से होने के कारण यह शाश्वत और अनिष्ट है जीवन में सभी का लक्ष्य सकारात्मक होकर जीवन का नवनीत प्राप्त करने का लक्ष्य होना चाहिए। राजेश पंचोलिया इंदौर 2026-04-09 16:49:25
72629 40449712 72. वात्सल्य वारिधि णमोकार महामंत्र में अरिहंत, सिद्ध ,आचार्य उपाध्याय और सर्व साधु परम पद निहित है आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महावीर जैन शिक्षा परिषद के तत्वाधान में श्री महावीर स्कूल सी स्कीम जयपुर में आयोजित सामूहिक णमोकार मंत्र के पाठ के लिए आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज संघ सहित पधारे इस अवसर पर आचार्य श्री ने उपदेश में बताया कि णमोकार मंत्र में पांच परमेष्ठि को नमन किया जाता है अरिहंत, सिद्ध ,आचार्य ,उपाध्याय और सर्व साधु इन परम पद को पाने के लिए आपको धर्म की राह पर चलकर भावना बनाकर जीवन को त्याग की ओर करने का पुरुषार्थ करना होगा। राजेश पंचोलिया के अनुसार आचार्य श्री ने आगे बताया कि विश्व के भीतर अनेक पद है उन पदों के लिए होड़ लगती है लौकिक शिक्षा में भी उच्च पद आर्थिक लक्ष्य को रखकर शिक्षा प्राप्त की जाती है जीवन को संस्कारित बनाकर स्वयं के लिए, परिवार, समाज, राष्ट्र हित की भावना जागृत होना चाहिए। उमरावमल संघी, सुनील बक्शी ,महेश काला,राजेश सेठी ने बताया कि आचार्य श्री के प्रवचन के पूर्व मुनि श्री हितेंद्र सागर जी ने णमोकार मंत्र को अनादि निधन मंत्र बताया जब से सूर्य ,चंद्रमा, हवा अग्नि ,वृक्ष ,सृष्टि निर्मित है तब से यह मंत्र अनादि निधन है स्वयं से होने के कारण यह शाश्वत और अनिष्ट है जीवन में सभी का लक्ष्य सकारात्मक होकर जीवन का नवनीत प्राप्त करने का लक्ष्य होना चाहिए। राजेश पंचोलिया इंदौर 2026-04-09 16:49:24
72627 40449685 ?2️⃣Pragya Shraman network? 2026-04-09 16:48:57
72628 40449685 ?2️⃣Pragya Shraman network? 2026-04-09 16:48:57