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Chat ID
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Sender
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Message
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Status
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Date |
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40449666 |
निर्यापक समय सागर जी भक्त |
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*विद्या पूर्ण धर्म प्रभावना का app आ गया है* एक ऐसे महामना, भव्य पुण्यात्मा—जिनका जन्म भी तथा समाधि भी तीर्थंकर प्रभु के कल्याणक दिवस पर संयोगवश हुआ।
1008 श्री धर्मनाथ भगवान के केवलज्ञान कल्याणक दिवस के पावन अवसर से यह अद्भुत संयोग जुड़ा रहा कि दीक्षा के पश्चात उनका नाम भी श्री धर्मसागर जी हुआ।
अंतर्विलय समाधि
*वैशाख कृष्ण नवमी, विक्रम* *संवत 2044 (सन 1987)*
स्थान: *सीकर, राजस्थान*
श्री मुनिसुव्रतनाथ भगवान के केवलज्ञान कल्याणक के पावन दिन—ऐसे दिव्य पुण्यात्मा, जिनका जन्म तथा समाधि दोन... <a href="https://primetrace.com/group/7374/post/1183960957?utm_source=android_post_share_web&referral_code=JBHJP&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=PENDING" target="_blank">https://primetrace.com/group/7374/post/1183960957?utm_source=android_post_share_web&referral_code=JBHJP&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=PENDING</a> |
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2026-04-11 14:33:48 |
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| 77390 |
40449666 |
निर्यापक समय सागर जी भक्त |
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*विद्या पूर्ण धर्म प्रभावना का app आ गया है* एक ऐसे महामना, भव्य पुण्यात्मा—जिनका जन्म भी तथा समाधि भी तीर्थंकर प्रभु के कल्याणक दिवस पर संयोगवश हुआ।
1008 श्री धर्मनाथ भगवान के केवलज्ञान कल्याणक दिवस के पावन अवसर से यह अद्भुत संयोग जुड़ा रहा कि दीक्षा के पश्चात उनका नाम भी श्री धर्मसागर जी हुआ।
अंतर्विलय समाधि
*वैशाख कृष्ण नवमी, विक्रम* *संवत 2044 (सन 1987)*
स्थान: *सीकर, राजस्थान*
श्री मुनिसुव्रतनाथ भगवान के केवलज्ञान कल्याणक के पावन दिन—ऐसे दिव्य पुण्यात्मा, जिनका जन्म तथा समाधि दोन... <a href="https://primetrace.com/group/7374/post/1183960957?utm_source=android_post_share_web&referral_code=JBHJP&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=PENDING" target="_blank">https://primetrace.com/group/7374/post/1183960957?utm_source=android_post_share_web&referral_code=JBHJP&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=PENDING</a> |
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2026-04-11 14:33:48 |
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| 77388 |
40449675 |
?विराग विशुद्ध विनिश्चल गुरुभक्त परिवार? |
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2026-04-11 14:33:41 |
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| 77387 |
40449675 |
?विराग विशुद्ध विनिश्चल गुरुभक्त परिवार? |
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2026-04-11 14:33:40 |
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| 77385 |
40449675 |
?विराग विशुद्ध विनिश्चल गुरुभक्त परिवार? |
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??*श्रुत वाणी प्रतियोगिता*??
~ मुनि श्री १०८ विनिबोध सागर जी ~
*दिनाक: 11 अप्रैल*
*प्रश्न हल हेतु ग्रन्थ देखे: सद देशना भाग एक (पेज नो. 178-180)*??
??????????
<a href="https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSfsU3aVaUHgoQUFdIMTeCkKCyOYp6AmLTojwJthfhMyocGP4g/viewform" target="_blank">https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSfsU3aVaUHgoQUFdIMTeCkKCyOYp6AmLTojwJthfhMyocGP4g/viewform</a> |
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2026-04-11 14:33:39 |
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| 77386 |
40449675 |
?विराग विशुद्ध विनिश्चल गुरुभक्त परिवार? |
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??*श्रुत वाणी प्रतियोगिता*??
~ मुनि श्री १०८ विनिबोध सागर जी ~
*दिनाक: 11 अप्रैल*
*प्रश्न हल हेतु ग्रन्थ देखे: सद देशना भाग एक (पेज नो. 178-180)*??
??????????
<a href="https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSfsU3aVaUHgoQUFdIMTeCkKCyOYp6AmLTojwJthfhMyocGP4g/viewform" target="_blank">https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSfsU3aVaUHgoQUFdIMTeCkKCyOYp6AmLTojwJthfhMyocGP4g/viewform</a> |
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2026-04-11 14:33:39 |
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| 77381 |
40449668 |
आ,गुरु विद्यासागरजी कहां विराजमान है |
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*विद्या पूर्ण धर्म प्रभावना का app आ गया है* एक ऐसे महामना, भव्य पुण्यात्मा—जिनका जन्म भी तथा समाधि भी तीर्थंकर प्रभु के कल्याणक दिवस पर संयोगवश हुआ।
1008 श्री धर्मनाथ भगवान के केवलज्ञान कल्याणक दिवस के पावन अवसर से यह अद्भुत संयोग जुड़ा रहा कि दीक्षा के पश्चात उनका नाम भी श्री धर्मसागर जी हुआ।
अंतर्विलय समाधि
*वैशाख कृष्ण नवमी, विक्रम* *संवत 2044 (सन 1987)*
स्थान: *सीकर, राजस्थान*
श्री मुनिसुव्रतनाथ भगवान के केवलज्ञान कल्याणक के पावन दिन—ऐसे दिव्य पुण्यात्मा, जिनका जन्म तथा समाधि दोन... <a href="https://primetrace.com/group/7374/post/1183960957?utm_source=android_post_share_web&referral_code=JBHJP&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=PENDING" target="_blank">https://primetrace.com/group/7374/post/1183960957?utm_source=android_post_share_web&referral_code=JBHJP&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=PENDING</a> |
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2026-04-11 14:33:06 |
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40449667 |
संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर जी |
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*विद्या पूर्ण धर्म प्रभावना का app आ गया है* एक ऐसे महामना, भव्य पुण्यात्मा—जिनका जन्म भी तथा समाधि भी तीर्थंकर प्रभु के कल्याणक दिवस पर संयोगवश हुआ।
1008 श्री धर्मनाथ भगवान के केवलज्ञान कल्याणक दिवस के पावन अवसर से यह अद्भुत संयोग जुड़ा रहा कि दीक्षा के पश्चात उनका नाम भी श्री धर्मसागर जी हुआ।
अंतर्विलय समाधि
*वैशाख कृष्ण नवमी, विक्रम* *संवत 2044 (सन 1987)*
स्थान: *सीकर, राजस्थान*
श्री मुनिसुव्रतनाथ भगवान के केवलज्ञान कल्याणक के पावन दिन—ऐसे दिव्य पुण्यात्मा, जिनका जन्म तथा समाधि दोन... <a href="https://primetrace.com/group/7374/post/1183960957?utm_source=android_post_share_web&referral_code=JBHJP&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=PENDING" target="_blank">https://primetrace.com/group/7374/post/1183960957?utm_source=android_post_share_web&referral_code=JBHJP&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=PENDING</a> |
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2026-04-11 14:33:06 |
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आ,गुरु विद्यासागरजी कहां विराजमान है |
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*विद्या पूर्ण धर्म प्रभावना का app आ गया है* एक ऐसे महामना, भव्य पुण्यात्मा—जिनका जन्म भी तथा समाधि भी तीर्थंकर प्रभु के कल्याणक दिवस पर संयोगवश हुआ।
1008 श्री धर्मनाथ भगवान के केवलज्ञान कल्याणक दिवस के पावन अवसर से यह अद्भुत संयोग जुड़ा रहा कि दीक्षा के पश्चात उनका नाम भी श्री धर्मसागर जी हुआ।
अंतर्विलय समाधि
*वैशाख कृष्ण नवमी, विक्रम* *संवत 2044 (सन 1987)*
स्थान: *सीकर, राजस्थान*
श्री मुनिसुव्रतनाथ भगवान के केवलज्ञान कल्याणक के पावन दिन—ऐसे दिव्य पुण्यात्मा, जिनका जन्म तथा समाधि दोन... <a href="https://primetrace.com/group/7374/post/1183960957?utm_source=android_post_share_web&referral_code=JBHJP&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=PENDING" target="_blank">https://primetrace.com/group/7374/post/1183960957?utm_source=android_post_share_web&referral_code=JBHJP&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=PENDING</a> |
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2026-04-11 14:33:06 |
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40449667 |
संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर जी |
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*विद्या पूर्ण धर्म प्रभावना का app आ गया है* एक ऐसे महामना, भव्य पुण्यात्मा—जिनका जन्म भी तथा समाधि भी तीर्थंकर प्रभु के कल्याणक दिवस पर संयोगवश हुआ।
1008 श्री धर्मनाथ भगवान के केवलज्ञान कल्याणक दिवस के पावन अवसर से यह अद्भुत संयोग जुड़ा रहा कि दीक्षा के पश्चात उनका नाम भी श्री धर्मसागर जी हुआ।
अंतर्विलय समाधि
*वैशाख कृष्ण नवमी, विक्रम* *संवत 2044 (सन 1987)*
स्थान: *सीकर, राजस्थान*
श्री मुनिसुव्रतनाथ भगवान के केवलज्ञान कल्याणक के पावन दिन—ऐसे दिव्य पुण्यात्मा, जिनका जन्म तथा समाधि दोन... <a href="https://primetrace.com/group/7374/post/1183960957?utm_source=android_post_share_web&referral_code=JBHJP&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=PENDING" target="_blank">https://primetrace.com/group/7374/post/1183960957?utm_source=android_post_share_web&referral_code=JBHJP&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=PENDING</a> |
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2026-04-11 14:33:06 |
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