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Chat ID
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Chat Name
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Sender
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Message
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Status
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Date |
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40449703 |
गणिनी आर्यिका जिनदेवी माँ |
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2026-06-14 14:09:15 |
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| 229767 |
40449675 |
?विराग विशुद्ध विनिश्चल गुरुभक्त परिवार? |
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2026-06-14 14:09:13 |
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| 229768 |
40449703 |
गणिनी आर्यिका जिनदेवी माँ |
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2026-06-14 14:09:13 |
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| 229769 |
40449703 |
गणिनी आर्यिका जिनदेवी माँ |
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2026-06-14 14:09:13 |
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| 229770 |
40449675 |
?विराग विशुद्ध विनिश्चल गुरुभक्त परिवार? |
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2026-06-14 14:09:13 |
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| 229765 |
40449703 |
गणिनी आर्यिका जिनदेवी माँ |
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*सेठी कालोनी के अध्यक्ष श्रीमान दीनदयाल जी पाटनी, महामंत्री श्रीमान धर्मीचंद जी कासलीवाल और राकेश जी मुशर्रफ ने बताया कि*
रविवार,14 जून 2026 को सेठी कालोनी में देवाधिदेव 1008 श्री शांतिनाथ भगवान के जन्म, तप और मोक्ष कल्याणक के उपलक्ष में चांदी के 108 कलशों से श्री शांतिनाथ भगवान का अभिषेक, और शांति धारा की गई। अभिषेक के पश्चात गणिनीप्रमुख आर्यिकारत्न श्री जिनदेवी माताजी के प्रवचन हुए, माताजी ने बताया कि -
भगवान शांतिनाथ जैन धर्म के 16वें तीर्थंकर हैं। वे जैन परंपरा में अत्यंत पूजनीय माने जाते हैं। भगवान शांतिनाथ का जन्म हस्तिनापुर में राजा विश्वसेन और रानी अचीरा के यहाँ हुआ था। उनका लांछन हिरण है, जो शांति, सौम्यता और अहिंसा का प्रतीक माना जाता है। बचपन से ही वे दयालु, विनम्र और धर्मपरायण थे।
राजसी सुख-सुविधाओं के बीच रहने के बावजूद उनका मन सांसारिक भोगों में नहीं लगा। उन्होंने सत्य और आत्मकल्याण की खोज के लिए राजपाट का त्याग किया और कठोर तपस्या एवं साधना का मार्ग अपनाया। अपनी साधना के बल पर उन्होंने केवलज्ञान प्राप्त किया और संसार को धर्म, अहिंसा, संयम तथा करुणा का संदेश दिया। |
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2026-06-14 14:09:11 |
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| 229766 |
40449703 |
गणिनी आर्यिका जिनदेवी माँ |
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*सेठी कालोनी के अध्यक्ष श्रीमान दीनदयाल जी पाटनी, महामंत्री श्रीमान धर्मीचंद जी कासलीवाल और राकेश जी मुशर्रफ ने बताया कि*
रविवार,14 जून 2026 को सेठी कालोनी में देवाधिदेव 1008 श्री शांतिनाथ भगवान के जन्म, तप और मोक्ष कल्याणक के उपलक्ष में चांदी के 108 कलशों से श्री शांतिनाथ भगवान का अभिषेक, और शांति धारा की गई। अभिषेक के पश्चात गणिनीप्रमुख आर्यिकारत्न श्री जिनदेवी माताजी के प्रवचन हुए, माताजी ने बताया कि -
भगवान शांतिनाथ जैन धर्म के 16वें तीर्थंकर हैं। वे जैन परंपरा में अत्यंत पूजनीय माने जाते हैं। भगवान शांतिनाथ का जन्म हस्तिनापुर में राजा विश्वसेन और रानी अचीरा के यहाँ हुआ था। उनका लांछन हिरण है, जो शांति, सौम्यता और अहिंसा का प्रतीक माना जाता है। बचपन से ही वे दयालु, विनम्र और धर्मपरायण थे।
राजसी सुख-सुविधाओं के बीच रहने के बावजूद उनका मन सांसारिक भोगों में नहीं लगा। उन्होंने सत्य और आत्मकल्याण की खोज के लिए राजपाट का त्याग किया और कठोर तपस्या एवं साधना का मार्ग अपनाया। अपनी साधना के बल पर उन्होंने केवलज्ञान प्राप्त किया और संसार को धर्म, अहिंसा, संयम तथा करुणा का संदेश दिया। |
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2026-06-14 14:09:11 |
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| 229764 |
40449697 |
हथकरघा शांतिधारा पूर्णायु 1 |
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*पवन जी जैन गुडगाँव वालो ने 11 इंच वाले उच्च गुणवत्ता वाले 3 सेट परिवार मे गिफ्ट करने हेतु ऑर्डर कर दिए है, यदि आप भी प्योर पीतल निर्मित पूजन थाली सेट या बॉक्स सेट ऑर्डर करना चाहते है तो उपलब्ध है साइज 10 inch,11 inch,12 inch थाली मे व 7 inch बॉक्स मे, सम्पर्क सूत्र:- विद्यासागर इंटरप्राइजेज:9893112665*??? |
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2026-06-14 14:07:47 |
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40449697 |
हथकरघा शांतिधारा पूर्णायु 1 |
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*पवन जी जैन गुडगाँव वालो ने 11 इंच वाले उच्च गुणवत्ता वाले 3 सेट परिवार मे गिफ्ट करने हेतु ऑर्डर कर दिए है, यदि आप भी प्योर पीतल निर्मित पूजन थाली सेट या बॉक्स सेट ऑर्डर करना चाहते है तो उपलब्ध है साइज 10 inch,11 inch,12 inch थाली मे व 7 inch बॉक्स मे, सम्पर्क सूत्र:- विद्यासागर इंटरप्राइजेज:9893112665*??? |
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2026-06-14 14:07:46 |
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| 229762 |
40449660 |
Acharya PulakSagarji 07 |
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आदरणीय श्री मिलिंद फडे जी, जन्मदिवस के पावन अवसर पर आपको हार्दिक बधाई एवं मंगलमय शुभकामनाएँ।?
जैन समाज, जिनशासन एवं सामाजिक कार्यों के प्रति आपका समर्पण, सेवा-भाव और सक्रिय योगदान अत्यंत प्रेरणादायी है। महाराजश्री के चातुर्मास की व्यवस्थाओं से लेकर समाजोपयोगी अनेक आयोजनों एवं जनकल्याणकारी कार्यों में आपका सतत योगदान अनुकरणीय है।
भगवान महावीर प्रभु की कृपा से आप सदैव स्वस्थ, प्रसन्न, ऊर्जावान एवं यशस्वी रहें तथा सेवा और धर्म का यह पुण्य अभियान निरंतर नई ऊँचाइयों को प्राप्त करता रहे।
पुनः जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।???? |
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2026-06-14 14:06:50 |
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