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2846 48340398 ???गुरु भगवान??? 20 मुनि सुव्रतनाथ चालीसा का बहुत महात्म्य माना गया है। जो भी व्यक्ति चालीस दिन तक चालीस बार इसका पाठ करता है, वह श्री मुनि की राह का पथिक बन जाता है और इस भवसागर से उसका बेड़ा पार हो जाता है। मुनि सुव्रतनाथ चालीसा का अक्षर-अक्षर ऊर्जा से परिपूर्ण है। इस ऊर्जा को अपने जीवन में धारण करने का तरीक़ा है इस चालीसा का प्रतिदिन पाठ। पढ़ें मुनि सुव्रतनाथ चालीसा– यह भी पढ़ें – भगवान मुनि सुव्रतनाथ की आरती  श्री मुनि सुव्रतनाथ का चिह्न – कछुआ दोहा अरिहंत सिद्ध आचार्य को,
शत्-शत करूँ प्रणाम।
उपाध्याय सर्वसाधु,
करते स्वपर कल्याण॥ जिनधर्म, जिनागम,
जिन मन्दिर पवित्र धाम।
वीतराग की प्रतिमा को,
कोटि-कोटि प्रणाम॥ चौपाई जय मुनिसुव्रत दया के सागर,
नाम प्रभु का लोक उजागर स्मित्र॥ राजा के तुम नन्दा,
माँ शामा की आंखों के चन्दा॥ श्यामवर्ण मरत प्रभु की प्यारी,
गुणगान करे निशदिन नर नारी॥ मुनिसुव्रत जिन हो अन्तरयामी,
श्रद्धा भाव सहित तुम्हें प्रणामी॥ भक्ति आपकी जो निशदिन करता,
पाप ताप भय संकट हरता। प्रभू संकटमोचन नाम तुम्हारा,
दीन दुखी जीवों का सहारा। कोई दरिद्री या तन का रोगी,
प्रभु दर्शन से होते हैं निरोगी। मिथ्या तिमिर भयो अति भारी,
भव भव की बाधा हरो हमारी॥ यह संसार महा दुखाई,
सुख नहीं यहां दुख की खाई॥ मोह जाल में फंसा है बंदा,
काटो प्रभु भव भव का फंदा॥ रोग शोक भय व्याधि मिटावो,
भव सागर से पार लगाओ॥ घिरा कर्म से चौरासी भटका,
मोह माया बन्धन में अटका॥ संयोग-वियोग भव-भव का नाता,
राग द्वेष जग में भटकाता॥ हित मित प्रिय प्रभु की वाणी,
स्वपर कल्याण करे मुनि ध्यानी॥ भव सागर बीच नाव हमारी,
प्रभु पार करो यह विरद तिहारी॥ मन विवेक मेरा अन जागा,
प्रभु दर्शन से कर्ममल भागा॥ नाम आपका जपे जो भाई,
लोका लोक सुख सम्पदा पाई॥ कृपा दृष्टि जब आपकी होवे,
धन आरोग्य सुख समृद्धि पावे॥ प्रभू चरणन में जो जो आवे,
श्रद्ध भक्ति फल वांछित पावे॥ प्रभु आपका चमत्कार है प्यारा,
संकट मोचन प्रभु नाम तुम्हारा॥ सर्वज्ञ अनंत चतुष्टय के धारी,
मन वच तन वंदना हमारी॥ सम्मेद शिखर से मोक्ष सिधारे,
उद्धार करो मैं शरण तिहारे॥ महाराष्ट्र का पैठण तीर्थ,
सुप्रसिद्ध यह अतिशय क्षेत्र। मनोज्ञ मन्दिर बना है भारी,
वीतराग की प्रतिमा सुखकारी॥

चतुर्थ कालीन मूर्ति है निराली,
मुनिसुव्रत प्रभु की छवि है प्यारी॥ मानस्तंभ उत्तंग की शोभा न्यारी,
देखत गलत मान कषाय भारी॥ मुनिसुव्रत शनिग्रह अधिष्टाता,
दुख संकट हरे देवे सुख साता॥ शनि अमावस की महिमा भारी,
दूर-दूर से यहां आते नर नारी॥ दोहा सम्यक् श्रद्धा से चालीसा,
चालीस दिन पढ़िये नर-नार। मुनि पथ के राही बन,
भक्ति से होवे भव पार॥ जाप – ॐ ह्रीं अर्हं श्री मुनिसुव्रतनाथाय नम:॥ 2026-02-14 05:52:45
2845 48340398 ???गुरु भगवान??? 2026-02-14 05:52:43
2844 40449665 2.0 Jain Dharam ? जैन धर्म *??दिन की शुरुआत सत्य और अहिंसा के साथ ??* *?? आप सभी आत्मीय स्नेही स्वजनों को सादर सविनय जय जिनेन्द्र आत्म वंदन नमन ??* *??दिन का समापन आप सभी से उत्तम क्षमा के साथ ??* 2026-02-14 05:51:56
2843 40476112 +120363390826692662 2026-02-14 05:48:59
2842 40449660 Acharya PulakSagarji 07 ?????️???? आज का दिनाँक ***14/2/2026 आज का सूर्योदय ***7,10 आज का सुर्यास्त ***18,36 मुंबई आज की तिथि**फाल्गुन कृष्ण पक्ष बारस ?????? 1008 श्री मुनिसब्रत नाथ भगवान जी मोक्ष कल्याणक पर्व है सभी को बहुत बहुत बधाई शुभकामनाएं सभी निर्वाण लाडू चढ़ाएं पूजा करें जय हो जय हो जय हो ???????? वार **शनिवार शनिवार **तेल का त्याग ?????????????? तीन कम नौ करोड़ मुनियों के चरणों में कोटि कोटि नमन नमोस्तु नमोस्तु नमोस्तु ???????????? आज का सूत्र *** हमेशा अच्छा करो और अच्छा करने से अपने आपको कभी मत रोको फिर चाहे उसके लिए उस समय आपकी सराहना या प्रशंसा हो या ना हो !!!*** ????????? ???ॐ नमः???? सब को क्षमा सब से क्षमा उत्तम क्षमा हम सभी का दिन मंगलमय हो** सुप्रभात ???जय जिनेन्द्र??? ???मंजू बड़जात्या ??? ?????????? 2026-02-14 05:48:37
2841 40449749 जिनोदय?JINODAYA ????⚘️? >>>>>>>>>> जयपुर < 2026-02-14 05:47:38
2840 40476112 +120363390826692662 जय जिनेेन्द्र जी!! दिनाँक: १४/०२/२०२६ तिथि : फाल्गुन कृष्ण द्वादशी, २५५२ दिन : शनिवार कल्याणक: आज *श्री मुनिसुव्रतनाथ भगवान का मोक्ष कल्याणक* है। आज *चिप्स, कुरकुरे खाने का त्याग और निर्वाणकाण्ड पढ़ने का नियम* रखें। कल का संभावित नियम : भोजन जूठा छोड़ने का त्याग अगर आप - आज १ दिन का नियम करना चाहते हैं तो देव-शास्त्र-गुरु का स्मरण करते हुए संकल्प करें कि मै आज उपरोक्त नियम का पालन करुँगा/करूँगी। ?? *मेरे दोनों नियम हैैं।*?? 2026-02-14 05:47:15
2839 49028270 1.श्री सम्मेद शिखर जी ????⚘️? >>>>>>>>>> जयपुर < 2026-02-14 05:46:53
2838 40449665 2.0 Jain Dharam ? जैन धर्म ????⚘️? >>>>>>>>>> जयपुर < 2026-02-14 05:46:38
2837 40449677 तीर्थ बचाओ धर्म बचाओ जन आंदोलन 2026-02-14 05:46:06