| ID |
Chat ID
|
Chat Name
|
Sender
|
Phone
|
Message
|
Status
|
Date |
View |
| 8670 |
40449694 |
तन्मय आराधना ग्रुप |
|
|
?जय जय श्रीराधे? |
|
2026-02-18 11:01:27 |
|
| 8669 |
40449664 |
?सम्पूर्ण भारतवर्ष जैन मुनि विहार एवं माता जी विहार समूह ?और गणमान्यगण? |
|
|
|
|
2026-02-18 10:58:39 |
|
| 8667 |
40449674 |
JAIN MAHILAMANDAL |
|
|
??? |
|
2026-02-18 10:57:39 |
|
| 8668 |
40449689 |
? विद्या शरणम ०१ ? |
|
|
*परम पूज्य संत शिरोमणि आचार्य श्री 108 विद्यासागरजी महाराज के द्वितीय समाधि दिवस पर उनके चरणों में शत-शत नमन।*
*उनका तप, त्याग, साधना और करुणा जैन दर्शन ही नहीं, सम्पूर्ण मानवता के लिए प्रकाशस्तंभ है। उनकी दिव्य स्मृति आत्मचिंतन, संयम और अहिंसा के पथ पर निरंतर प्रेरित करती रहे।*?? |
|
2026-02-18 10:57:39 |
|
| 8666 |
49028270 |
1.श्री सम्मेद शिखर जी |
|
|
|
|
2026-02-18 10:56:40 |
|
| 8665 |
48340398 |
???गुरु भगवान??? |
|
|
*इंतजार की घड़ियां हुई समाप्त, जिस घड़ी का हम सभी को लंबे समय से था इंतज़ार*
*श्री दिगम्बर जैन सिद्ध क्षेत्र पावागिरिजी ऊन मप्र से आई है खुशियों की बहार*
*निम्मित ज्ञानी, वात्सल्य रत्नाकर आचार्य श्री 108 विमल सागर जी महामुनिराज, वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री 108 वर्धमान सागर जी एवं चर्या शिरोमणि पट्टाचार्य श्री आचार्य श्री 108 विशुद्धसगर जी महामुनिराज के मंगल आशीर्वाद से*
*एवं पट्टाचार्य श्री 108 विप्रणत सागर जी महामुनिराज के पावन सनिध्य एवं ब.ब्र. पंडित श्री धर्मचंद जी शास्त्री, ब. ब्र. श्री अक्षय भैयाजी एवं पंडित श्री नितिन जी झांझरी के निर्देशन में दिनांक 06-07-08 मार्च 2026* रंगपंचमी के पावन अवसर पर आयोजित होने जा रहा है *20 वाँ वार्षिक मेला* *साथ ही सहस्त्रकूट जिनालय की वेदी प्रतिष्ठा एवं श्रीजी को विराजमान किया जाएगा।*
सहस्त्रकूट जिनालय में प्रतिमा विराजमान करना चाहते है तो मात्र ₹2100/-की राशि में यह अभूतपूर्व अवसर आपके जीवन में अनंतानंत पुण्य संचय कर देगा ।
*आज ही संपर्क करे* :
*अशोक जैन झांझरी* 9425939648
*सुधीर जैन चौधरी* 9826533049
*संजय जैन बडूद* 9926402888
*अरुण जैन धनोते* 9425333461
*अतुल जैन कासलीवाल* 9329078271
*कमलेश जैन मंडलोई* 9826062521 |
|
2026-02-18 10:55:30 |
|
| 8664 |
40449684 |
?(5)णमोकार मंत्र तीर्थ उद्धारक आचार्य श्री प्रबल सागर |
|
|
मेरे सभी नियम है जी
????
आप भी अपनी-अपनी
सुविधानुसार
1,2,34,5,6,7,8,9,10,11,
या सारे नियम ले सकते है जी
?????? |
|
2026-02-18 10:54:37 |
|
| 8663 |
40449684 |
?(5)णमोकार मंत्र तीर्थ उद्धारक आचार्य श्री प्रबल सागर |
|
|
*दीपीका दिलखुश जैन?*
*?जय जिनेन्द्र जी सभी को*?
*?♀️जिनागम 1वाणी पाठशालाएं*
??????
*अनंतानंत सिद्ध परमेष्ठि के* *चरणो में कोटि-कोटि नमन*
?????
*जैन धर्म बढे चलो*
?????
???????
? *सभी दिंगबर जैन साधुओं और माताजी ,ऐलक जी, क्षूलक जी, क्षूलिका जी , त्यागी व्रती, भट्टाकरक जी सभी के निर्विघ्न आहार हो ये भावनाएं भाती हूं जी।*????????
*?प्रथमाचार्य श्री शांतिसागर गुरूवे नमो नमः* ????
*आचार्य श्री संभव सागराय नमः*
????
*आचार्य गुरूदेव विद्यासागराय नमः*
????
*?आर्यिका श्री उदित मति माताजी के चरणों में नमः।*
*?जय जिनेंद्र जी सभी को*
???????
*चौबीस भगवान के चरणों में कोटि-कोटि नमन*
??????
*?♀️ॐ ह्रीं श्रुतज्ञान प्राप्ताये गणिनी श्री प्रमुख ज्ञानमती मात्रे नमः*
*↪️ज्ञानमती माताजी के चरणों में कोटी कोटी नमन बारम्बार प्रणाम*
??????❤️❤️❤️
? *आज के नियम*
*?️?दिए गए सभी नियम आप जब ले रहे तब से 24 घंटे का है जी*
???????
1️⃣आज ? भारत से बाहर जाने का त्याग है जी ।
बीत चीत करने को छोड़कर ।
आज? 100किलोमीटर की यात्रा छोड़कर बाकी सभी दिशाओं का त्याग है जी।
आज ?देव दर्शन करने का नियम है जी जैसे सुविधाएं उपलब्ध हैं जी।
या
आज ? आहार देने या देखने का नियम है जी।
आज? किसी की 1घंटे क्रोध नहीं करनी है जी।
आज? आज पुड़ी खाने का त्याग है ।
???♂️?♀️?♂️
2️⃣??आज 20वस्त्र छोड़कर बाकी सभी के त्याग है। आज पहनने के लिए।
???♀️?♂️?♀️?♂️
3️⃣?? आज पांच मिठाई छोड़कर बाकी सभी के त्याग है।
???♀️?♂️?♀️?♂️
4️⃣??आज बीस हरी छोड़कर बाकी सबके त्याग है।
???♀️?♂️?♀️?
5️⃣??शांति नाथ भगवान जी तीर्थंकर की जाप
*?? ॐ ह्रीं श्री शांतिनाथाय जगत् शांति कराय सर्वोपद्रव शांतिं कुरु कुरु ह्रीं नम: स्वाहा:*
*?नो बार जाप*
*?या एक माला*
*?ॐ ह्र णमो लोए सव्वसाहूणं*
*की एक माला करने का नियम है*
*? ॐ ह्रीं अर्हं णमो सव्वसिद्धायदणाणं मनोवांछित सिद्धि दायकं भवतु स्वाहा:*
*?एक माला या नो बार जाप*
???????
*?एक माला या नो बार करे जी*
?????????
6️⃣??आज पांच घर जाने की छोडकर बाकी सबके त्याग है।
?आज पांच बिस्तर ,पांच पंलग छोड़कर बाकी सभी के त्याग है।
???♀️?♂️?♀️?♂️
7️⃣??आज दशों दिशा में जितना आवागमन होता है। उसको छोड़कर बाकी बची सभी दिशाओं का आवागमन का त्याग रहेगा ।
???♀️?♂️?♀️?♂️
8️⃣ ??आज 20 मिनट, या 10मिनट स्वाध्याय करने का नियम है।
???♀️?♂️?♀️?♂️
9️⃣??आज ? जमीकंद में पांच वस्तुएं छोड़कर बाकी सभी के त्याग है जी।
*? बीस प्रकार के अनाज, धान*
*छोड़कर बाकी सभी के त्याग है जी*
*भूल चूक माफ ।*
???♀️?♂️?♀️?♂️
???20मिनट या 30 मिनट ,या 10, मिनट का मोन का नियम है।
???♀️?♀️?♀️?♂️
1️⃣1️⃣? आज? निर्वाण कांड भाषा पढ़ने का नियम है जी।
या
आज? बाहुबली स्तोत्र पढने का नियम है
???♀️?♂️?♀️?♂️
??????
*यथा शक्ति नियम पालन करते*??
*आज तिथि फाल्गुन शुक्ल एकम*
??????
सपरिवार नियम पालन करने वालों को विशेष धन्यवाद ?
?छोटे से छोटे से भी नियम मुक्ति मिल सकती ह।
*?आज का नियम पालन करने वाले कृपया नियम हैं लिखकर ग्रृप में भेजे*
??????
*नोट:? एक नियम भी*
*पालन कर सकते ह जी*
?????
*एडमिन*
*दीपीका दिलखुश जैन*
*बैंगलोर कर्नाटक*
???????
*सानिध्य भी हम सभी का*
*पुरुसार्थ भी हम सभी का*
??????? |
|
2026-02-18 10:54:35 |
|
| 8662 |
40449684 |
?(5)णमोकार मंत्र तीर्थ उद्धारक आचार्य श्री प्रबल सागर |
|
|
*हे भगवान संसार के सभी जीव सुखी रहें* *कोई दुखी ना रहें , अनाथ न रहें ,असहाय न, रहें पीड़ित ना रहें ,रोगी ना रहें ,सभी निरोग रहें ।*
*सभी आचार्य,उपाध्याय, सर्व साधु,* *आर्यिका, ऐलक , क्षुल्लक, क्षुल्लिका जी*
*व्रती ,महाव्रती भट्टारक जी के*
*सभी के निरंतराय आहार हों ,सभी* *स्वस्थ रहें ,सभी के द्वारा जिनधर्म की*
*दिन दूनी रात चौगुनी धर्म की प्रभावना हो*
*मैं यही भावना भाती हूंँ।*
*सारे संसार में ,देश में, राष्ट्र में ,समाज में,*
*घर में, परिवार में सुख, शांति, समृद्धि हो मुझे भी ,शक्ति दो ,भक्ति दो ,शांति दो,समृद्धि दो, चारित्र दो ,स्वास्थ्य दो, संकल्प दो जिससे आत्म कल्याण के साथ साथ दूसरों का भी कल्याण कर सकूँ*
*यही भावना भाती हूँ जी।*
??????
???????
???????
अनंतानंत सिद्ध परपेष्ठी के चरणों में मेरा
कोटि-कोटि प्रणाम नमन?????????????
पंच परमेष्ठी के चरणों मे कोटी कोटी नमन?????????????
नवदेवता के चरणों में बारम्बार प्रणाम नमन?????????????????????
बारह अंग चौदह पूर्वांग को धारण करने वाली सरस्वती माता को कोटी कोटी नमन
मुझें भी ज्ञानप्रदान करें
????????????
ढाई दीप मे समस्त साधु परमेष्ठि को मेरा नमन कोटि-कोटि नमोस्तु नमोस्तु नमोस्तु नमोस्तु????????????????
???????
समस्त आर्यिका श्री को वन्दामि
समस्त ऐलक क्षुल्लक क्षुल्लिका को इच्छामि कोटी नमन
????????????????
त्यागी व्रती भैयाजी और दीदी जी को वंदना ??????
सभी के निरंतराय आहार हो सभी का मंगल हो
सभी को सादर जय जिनेन्द्र जी
?????????????????????
सभी के दिन और रात मंगलमय हों???????????
सुप्रभात हों सभी के ?????????????
??
पंच परमेष्ठी भगवंतों को नमन
?????
संसार में जितने भी सम्यक्तवी आत्मा है उनको मेरा नमन है??????
चराचर जीव जगत के अनंतानंत
?????
जीवात्माओं से उत्तम क्षमा
?? ??? ??? ???
हे भगवान आज का दिन दिखाने के लिए धन्यवाद
धन्यवाद
धन्यवाद???????????
सभी से मेरी मैत्री हो
सभी मेरे मित्र है
????
?????
*हे भगवान!आपकी असीम कृपा से प्रातः काल की ??????*
❤️❤️❤️❤️❤️❤️???* *पावन बेला में ये भावना भाते है* *संसार में जितने भी रत्नत्रय धारी* *आचार्य, उपाध्याय, सर्वसाधु हैं सभी के रत्नत्रय की पूर्णता हो और जो रत्नत्रय धारण करना चाहते हैं उनको रत्नत्रय की प्राप्ती हो जाए तथा शेष जितने जीव हैं*???
*उन सबके योग्यतानुसार क्रम से रत्नत्रय धारण करने के भाव हो जाए यही भगवान से प्रार्थना करती हूँ जी*
??????????
*धन्यवाद* *धन्यवाद* *धन्यवाद*
?????????
मे एक एसा जादू है जो समस्त संसार में प्यार आशीर्वाद बनाए रखता है।
*धन्यवाद*????
उन लोगों का जो मुझसे नफ़रत करते है " क्यो की उन्होंने मुझे मजबूत बनाया "
*धन्यवाद*???
उन लोगों का जो मुझसे प्यार करते है " क्यो की उन्होंने मेरा दिल बड़ा कर दिया "
*धन्यवाद* ????
उन लोगों का जो मेरे लिए परेशान हुए " और मुझे बताया दर असल वो मेरा बहुत ख्याल रखते है "
*धन्यवाद* ???
उन लोगों का जिन्होंने मुझे अपना बनाकर छोड़ दिया " और मुझे अहसास दिलाया की दुनिया में हर चीज आखरी नही "
*धन्यवाद*??
उन लोगों का जो मेरी जिंदगी में शामिल हुए " और मुझे ऐसा बना दिया जैसा सोचा भी ना था "
*और सबसे ज्यादा धन्यवाद मेरे ईश्वर का* ???
जिसने मुझे हालात का सामना करने की हिम्मत दी
????
*धन्यवाद*
आप सभी का जो मुझे आपके साथ रहने का मोका मिला जी
????? |
|
2026-02-18 10:54:34 |
|
| 8661 |
40449664 |
?सम्पूर्ण भारतवर्ष जैन मुनि विहार एवं माता जी विहार समूह ?और गणमान्यगण? |
|
|
|
|
2026-02-18 10:54:04 |
|