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80365 49028270 1.श्री सम्मेद शिखर जी *जितना शांत बैठेगा, उतनी उसकी कर्म की निर्जरा ज्यादा होगी* - आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज - 27/3/2019, जबलपुर ??? *पूरा प्रवचन-* <a href="https://youtu.be/qW-3Y7W6-14?si=0CjaIa2ecEzMqEYB" target="_blank">https://youtu.be/qW-3Y7W6-14?si=0CjaIa2ecEzMqEYB</a> _(देखें 7.22 से 8.04 तक)_ ???? हमारे धवलिम भविष्य हेतु प्रभु की यह आज्ञा है कि : *"कहाँ बैठे हो तुम श्वास खोते* *सही-सही उद्यम करो* *पाप-पाखण्ड से परे हो* *कर पर कर दो* *बच जाओगे।* अन्यथा मेल में अन्ध हो जेल में बन्द हो पच पाओगे....!" - _मूकमाटी :: १२२, १२३_ - _आचार्य श्री विद्यासागर जी_ ??? <a href="https://youtube.com/live/rpdvzijeFyw?feature=share" target="_blank">https://youtube.com/live/rpdvzijeFyw?feature=share</a> *आज दोपहर की लाइव लिंक, 12/4/26, नागपुर* 2026-04-12 16:21:16
80366 49028270 1.श्री सम्मेद शिखर जी *जितना शांत बैठेगा, उतनी उसकी कर्म की निर्जरा ज्यादा होगी* - आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज - 27/3/2019, जबलपुर ??? *पूरा प्रवचन-* <a href="https://youtu.be/qW-3Y7W6-14?si=0CjaIa2ecEzMqEYB" target="_blank">https://youtu.be/qW-3Y7W6-14?si=0CjaIa2ecEzMqEYB</a> _(देखें 7.22 से 8.04 तक)_ ???? हमारे धवलिम भविष्य हेतु प्रभु की यह आज्ञा है कि : *"कहाँ बैठे हो तुम श्वास खोते* *सही-सही उद्यम करो* *पाप-पाखण्ड से परे हो* *कर पर कर दो* *बच जाओगे।* अन्यथा मेल में अन्ध हो जेल में बन्द हो पच पाओगे....!" - _मूकमाटी :: १२२, १२३_ - _आचार्य श्री विद्यासागर जी_ ??? <a href="https://youtube.com/live/rpdvzijeFyw?feature=share" target="_blank">https://youtube.com/live/rpdvzijeFyw?feature=share</a> *आज दोपहर की लाइव लिंक, 12/4/26, नागपुर* 2026-04-12 16:21:16
80363 40449678 1)जैन गुरुकुल से एकता, धर्म और समाज का उत्थान और तीर्थ रक्षा *जितना शांत बैठेगा, उतनी उसकी कर्म की निर्जरा ज्यादा होगी* - आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज - 27/3/2019, जबलपुर ??? *पूरा प्रवचन-* <a href="https://youtu.be/qW-3Y7W6-14?si=0CjaIa2ecEzMqEYB" target="_blank">https://youtu.be/qW-3Y7W6-14?si=0CjaIa2ecEzMqEYB</a> _(देखें 7.22 से 8.04 तक)_ ???? हमारे धवलिम भविष्य हेतु प्रभु की यह आज्ञा है कि : *"कहाँ बैठे हो तुम श्वास खोते* *सही-सही उद्यम करो* *पाप-पाखण्ड से परे हो* *कर पर कर दो* *बच जाओगे।* अन्यथा मेल में अन्ध हो जेल में बन्द हो पच पाओगे....!" - _मूकमाटी :: १२२, १२३_ - _आचार्य श्री विद्यासागर जी_ ??? <a href="https://youtube.com/live/rpdvzijeFyw?feature=share" target="_blank">https://youtube.com/live/rpdvzijeFyw?feature=share</a> *आज दोपहर की लाइव लिंक, 12/4/26, नागपुर* 2026-04-12 16:21:03
80364 40449678 1)जैन गुरुकुल से एकता, धर्म और समाज का उत्थान और तीर्थ रक्षा *जितना शांत बैठेगा, उतनी उसकी कर्म की निर्जरा ज्यादा होगी* - आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज - 27/3/2019, जबलपुर ??? *पूरा प्रवचन-* <a href="https://youtu.be/qW-3Y7W6-14?si=0CjaIa2ecEzMqEYB" target="_blank">https://youtu.be/qW-3Y7W6-14?si=0CjaIa2ecEzMqEYB</a> _(देखें 7.22 से 8.04 तक)_ ???? हमारे धवलिम भविष्य हेतु प्रभु की यह आज्ञा है कि : *"कहाँ बैठे हो तुम श्वास खोते* *सही-सही उद्यम करो* *पाप-पाखण्ड से परे हो* *कर पर कर दो* *बच जाओगे।* अन्यथा मेल में अन्ध हो जेल में बन्द हो पच पाओगे....!" - _मूकमाटी :: १२२, १२३_ - _आचार्य श्री विद्यासागर जी_ ??? <a href="https://youtube.com/live/rpdvzijeFyw?feature=share" target="_blank">https://youtube.com/live/rpdvzijeFyw?feature=share</a> *आज दोपहर की लाइव लिंक, 12/4/26, नागपुर* 2026-04-12 16:21:03
80362 49028270 1.श्री सम्मेद शिखर जी *पैसा समाज का, मन मानी अपनी..इस पर चिंतन जरुर किजिए* 2026-04-12 16:19:29
80361 49028270 1.श्री सम्मेद शिखर जी *पैसा समाज का, मन मानी अपनी..इस पर चिंतन जरुर किजिए* 2026-04-12 16:19:28
80359 50892187 श्री जिनेन्द्र भक्तमण्डल ग्वालियर 2026-04-12 16:18:01
80360 50892187 श्री जिनेन्द्र भक्तमण्डल ग्वालियर 2026-04-12 16:18:01
80357 49028270 1.श्री सम्मेद शिखर जी *विषय~ तीर्थंकर मुनिसुव्रतनाथ बनने के पूर्व के तीसरे भव से लेकर गृहस्थ अवस्था तक का परिचय...* *(1) तीर्थंकर नाम~* _श्री_ _मुनिसुव्रतनाथ जी।_ *(2) तीर्थंकर बनने के पूर्व के तीसरे भव के द्वीप का नाम~* _जम्बूद्वीप।_ *(3) तीर्थंकर बनने के पूर्व के तीसरे भव के क्षेत्र का नाम~* _भरत क्षेत्र।_ *(4) तीर्थंकर बनने के पूर्व के तीसरे भव के देश या प्रांत का नाम~* _अंग देश।_ *(5) तीर्थंकर बनने के पूर्व के तीसरे भव के नगर का नाम~* _चम्पापुरी_ _नगर।_ *(6) तीर्थंकर बनने के पूर्व के तीसरे भव के नगर की सीमा~* _सीता नदी के दक्षिण तट पर।_ *(7) तीर्थंकर बनने के पूर्व के तीसरे भव का नाम~* _श्रीधर्म (हरिवर्म)।_ *(8) तीर्थंकर बनने के पूर्व के तीसरे भव में कौन से विशिष्ट पद पर आसीन थे ~* _मांडलीक राजा।_ *(9) तीर्थंकर बनने के पूर्व के तीसरे भव में वहाँ के गुरु का नाम~* _सुनन्द (अनन्तवीर्य) मुनिराज।_ *(10) तीर्थंकर बनने के पूर्व के तीसरे में शरीर का रंग~* _सुवर्ण रंग।_ *(11) तीर्थंकर बनने के पूर्व के तीसरे भव में कौन से विशिष्ट ज्ञान के वेत्ता थे ~* _11अंग के वेत्ता थे।_ *(12) तीर्थंकर बनने के पूर्व के तीसरे भव में किस प्रकार के व्रत का आचरण किया था~* _सिंहनिष्क्रीड़ित व्रत को किया था।_ *(13) तीर्थंकर बनने के पूर्व के तीसरे भव में जीवन के अंत में किस प्रकार के मरण को धारण किया हुआ था~* _प्रायोपगमन सन्यास को धारण किया था।_ *(14) तीर्थंकर बनने के पूर्व के तीसरे भव में जीवन के अंत में कितने समय तक प्रायोपगमन सन्यास को धारण किया हुआ था~* _एक मास पर्यन्त तक प्रायोपगमन सन्यास को धारण किया था।_ *(15) तीर्थंकर बनने के पूर्व के तीसरे भव में जीवन के अंत में प्रायोपगमन सन्यास को धारणकर मरण करके किस गति को प्राप्त करते हैं~* _देवगति को।_ *(16) किस स्वर्ग से चयकर तीर्थंकर हुए~* _प्राणत स्वर्ग से।_ *(17) स्वर्ग में वहाँ किस पद पर आसीन थे~* _इन्द्र पद पर आसीन थे।_ *(18) तीर्थंकर की वर्तमान भव में जन्मभूमि/ देश का नाम~* _अंगदेश देश।_ *(19) तीर्थंकर की वर्तमान भव में जन्मपुरी (नगर या पट्टन) का नाम~* _कुशाग्रपुर।_ *(20) तीर्थंकर के वर्तमान भव में वंश का नाम~* _यादववंश।_ *(21) तीर्थंकर के वर्तमान भव में जनक (पिता)~* _राजा सुमित्र।_ *(22) तीर्थंकर के वर्तमान भव में जननी (माता)~* _रानी सोमा (पद्मावती)।_ *(23) तीर्थंकर के वर्तमान भव की गर्भ तिथि~* _श्रावण कृष्ण द्वितीया।_ *(24) तीर्थंकर के वर्तमान भव का गर्भ समय~* _अष्टमासिया।_ *(25) तीर्थंकर के वर्तमान भव का गर्भ नक्षत्र~* _श्रवण नक्षत्र।_ *(26) तीर्थंकर के वर्तमान भव की जन्म तिथि~* _अश्विनी शुक्ल 12 तिथि।_ *(27) तीर्थंकर के वर्तमान भव का जन्म समय~* _आग्नेय योग।_ *(28) तीर्थंकर के वर्तमान भव का जन्म नक्षत्र~* _श्रवण नक्षत्र।_ *(29) तीर्थंकर के वर्तमान भव की जन्म राशि~* _मकर राशि।_ *(30) तीर्थंकर के वर्तमान भव में शरीर का वर्ण (रंग)~* _प्रियंगुप्रभा इन्द्र नील (श्याम वर्ण)।_ *(31) तीर्थंकर के वर्तमान भव में शरीर की ऊँचाई का माप धनुष में ~* _20 धनुष।_ *(32) तीर्थंकर के वर्तमान भव में लांछन (चिह्न)~* _कूर्म (कछवा)।_ *(33) तीर्थंकर के वर्तमान भव में कुमार काल प्रमाण~* _7500 वर्ष।_ *(34) तीर्थंकर के वर्तमान भव में राज्यावस्था का काल प्रमाण~* _15 हजार वर्ष।_ *(35) दीक्षाकाल में छद्मस्थ अवस्था का काल प्रमाण~* _11 महीना।_ *(36) दीक्षाकाल में केवली अवस्था का काल प्रमाण~* _11 महीना कम 7500 वर्ष।_ *(37) पूर्ण आयु काल प्रमाण वर्ष~* _30,000 वर्ष।_ *(38) दीक्षा तिथि~* _वैशाख कृष्ण दसमीं।_ *(39) दीक्षा समय~* _अपराह्न काल।_ *(40) दीक्षा नक्षत्र~* _श्रवण नक्षत्र।_ *(41) दीक्षा पालकी का नाम~* _अपराजिता पालकी।_ *(42) दीक्षा नगर का नाम~* _राजगृही नगर।_ *(43) दीक्षा वन (उद्यान) का नाम~* _नीलवन-नीलगुफा वन।_ *(44) दीक्षा वृक्ष का नाम~* _चम्पक वृक्ष।_ *(45) दीक्षा वृक्ष की ऊँचाई धनुष में~* _240 धनुष।_ *(46) वैराग्य का निमित्त कारण~* _पूर्वभव का स्मरण।_ *(47) दीक्षा कितने उपवास का नियम लेकर ग्रहण की(उत्तर पुराण/ हरिवंश पुराण)~* _तेला (बेला)।_ *(48) दीक्षा के समय कितने राजाओं ने साथ में दीक्षा ली थी?~* _1,000 राजाओं ने।_ *(49) दीक्षा के बाद कितने दिनों बाद आहार लिया था~* _तीन दिन के बाद।_ *(50) दीक्षा के बाद पारणा में कौन सा आहार लिया था~* _खीर।_ *(51) दीक्षा के बाद पारणा कराने वाले दाता का नाम~* _राजा वृषभसेन (दत्त)।_ *(52) दीक्षा के बाद पारणा किस नगर में हुई थी~* _राज्यगृही (मिथिलापुर) नगर।_ *(53) मुनि अवस्था से अयोगकेवली तक के तप काल का प्रमाण~* _75,000 वर्ष।_ *(54) केवलज्ञान के पहले उपवास अर्थात् धारणा का नियम~* _अष्टमभक्त (3)_ *(55) केवलज्ञान तिथि~* _चैत्र कृष्ण दसमीं।_ *(56) केवलज्ञान समय~* _पूर्वाह्न काल।_ *(57) केवलज्ञान नक्षत्र~* _श्रवण नक्षत्र।_ *(58) मानस्तम्भ की ऊँचाई (धनुष में)~* _240 धनुष।_ *(59) सिद्धार्थ वृक्ष की ऊँचाई (धनुष में)~* _240 धनुष।_ *(60) कोट की ऊँचाई (धनुष में)~* _240 धनुष।_ *(61) चैत्यवृक्षों की ऊँचाई (धनुष मे)~* _240 धनुष।_ *(62) वनों की ऊँचाई (धनुष में)~* _240 धनुष।_ *(63) स्तूपों की ऊँचाई (धनुष में )~* _240 धनुष।_ *(64) ध्वजाओं की ऊँचाई (धनुष में)~* _240 धनुष।_ *(65) वन वृक्षों की ऊँचाई (धनुष में)~* _240 धनुष।_ *(66) प्रासादों की ऊँचाई (धनुष में)~* _240 धनुष।_ *(67) तोरणद्वार की ऊँचाई (धनुष में)~* _240 धनुष।_ *(68) पर्वतों की ऊँचाई (धनुष में)~* _240 धनुष।_ *(69) वेदिका की ऊँचाई (धनुष में)~* _240 धनुष।_ *(70) पर्वतों की चौड़ाई (धनुष में)~* _160 धनुष।_ *(71) स्तूपों की चौड़ाई (धनुष में)~* _20 धनुष से कुछ अधिक।_ *(72) कोट की चौड़ाई (धनुष में)~* _60 धनुष।_ *(73) वेदिका की चौड़ाई (धनुष में)~* _60 धनुष।_ *(74) विशेष पद~* _मण्डलीक राजा।_ *(75) केवलज्ञान वन का नाम~* _नील वन।_ *(76) केवलज्ञान वृक्ष का नाम~* _चम्पक वृक्ष।_ *(77) समवशरण का विस्तार (योजन प्रमाण)~* _2.5 योजन।_ *(78) समवशरण का विस्तार (कोस प्रमाण)~* _10 कोस।_ *(79) समवशरण में तीर्थंकर भगवान का आसन~* _पद्मासन_ *(80) समवशरण में रहने वाले सामान्य केवलियों की संख्या~* _1,800 केवली_ *(81) समवशरण में रहने वाले पूर्व धारी मुनिराजों की संख्या~* _500 पूर्व धारी मुनिराज।_ *(82) समवशरण में रहने वाले शिक्षक मुनिराजों की संख्या~* _21,000 शिक्षक मुनिराज।_ *(83) समवशरण में रहने वाले विपुलमती मन:पर्यय ज्ञानी मुनिराजों की संख्या~* _1,500 विपुलमती मन:पर्यय ज्ञानी मुनिराज।_ *(84) समवशरण में रहने वाले विक्रिया ऋद्धिधारी योगियों की संख्या~* _2,200 विक्रिया ऋद्धिधारी योगी।_ *(85) समवशरण में रहने वाले अवधिज्ञानी मुनिराजों की संख्या~* _1,800 अवधिज्ञानी मुनिराज।_ *(86) समवशरण में रहने वाले वादी मुनिराजों की संख्या~* _1,200 वादी मुनिराज।_ *(87) समवशरण में स्थित मुनि संघ की कुल संख्या~* _30,000 मुनि संघ।_ *(88) मुख्य गणधर का नाम~* _मल्ली।_ *(89) सब गणधर की संख्या~* _18_ *(90) गणिनी आर्यिकाओं की संख्या~* _50,000 आर्यिकाएं।_ *(91) मुख्य गणिनी आर्यिका का नाम~* _पुष्पदत्ता आर्यिका।_ *(92) मुख्य श्रोता का नाम~* _राजा अजितंजय।_ *(93) श्रावकों की संख्या~* _श्रावक 1 लाख।_ *श्राविकाओं की संख्या~* _श्राविकाएं 3 लाख।_ *(95) तीर्थंकरों का निर्वाण अंतर~* _6,00,000 वर्ष।_ *(96) आयु के अंत में योग निरोध या विहार कब बंद किया था~* _एक मास पहले।_ *(97) निर्वाण की तिथि~* _फाल्गुन कृष्ण द्वादशी।_ *(98) निर्वाण का समय (हरिवंश पुराण अध्याय 60 से)~* _अपराह्न।_ *(99) निर्वाण का नक्षत्र~* _श्रवण नक्षत्र।_ *(100) निर्वाण भूमि~* _सम्मेद शिखर जी।_ *(101) निर्वाण क्षेत्र का विशिष्ट स्थान (चूलिका)~* _निर्जरकूट।_ *(102) किस आसन से मोक्ष गए~* _कायोत्सर्गासन।_ *(103) सौधर्म स्वर्ग से लेकर ऊर्ध्व ग्रैवेयक तक जाने वाले मुनिराजों की संख्या~* _2,000 मुनिराज।_ *(104) अनुत्तर विमान में जाने वाले मुनिराजों की संख्या~* _8,800 मुनिराज।_ *(105) तीर्थंकर के साथ सिद्ध होने वाले मुनिराजों की संख्या~* _1,000 मुनिराज।_ *(106) अनुबद्ध केवलियों की संख्या प्रथम मत के अनुसार~* _12 अनुबद्ध केवली।_ *(107) अनुबद्ध केवलियों की संख्या द्वितीय मत के अनुसार~* _12 अनुबद्ध केवली।_ *(108) धर्म का विच्छेद काल~* _मुनिसुव्रतनाथ भगवान के समय धर्मतीर्थ का विच्छेद नहीं हुआ।_ ??????? 2026-04-12 16:17:37
80358 49028270 1.श्री सम्मेद शिखर जी *विषय~ तीर्थंकर मुनिसुव्रतनाथ बनने के पूर्व के तीसरे भव से लेकर गृहस्थ अवस्था तक का परिचय...* *(1) तीर्थंकर नाम~* _श्री_ _मुनिसुव्रतनाथ जी।_ *(2) तीर्थंकर बनने के पूर्व के तीसरे भव के द्वीप का नाम~* _जम्बूद्वीप।_ *(3) तीर्थंकर बनने के पूर्व के तीसरे भव के क्षेत्र का नाम~* _भरत क्षेत्र।_ *(4) तीर्थंकर बनने के पूर्व के तीसरे भव के देश या प्रांत का नाम~* _अंग देश।_ *(5) तीर्थंकर बनने के पूर्व के तीसरे भव के नगर का नाम~* _चम्पापुरी_ _नगर।_ *(6) तीर्थंकर बनने के पूर्व के तीसरे भव के नगर की सीमा~* _सीता नदी के दक्षिण तट पर।_ *(7) तीर्थंकर बनने के पूर्व के तीसरे भव का नाम~* _श्रीधर्म (हरिवर्म)।_ *(8) तीर्थंकर बनने के पूर्व के तीसरे भव में कौन से विशिष्ट पद पर आसीन थे ~* _मांडलीक राजा।_ *(9) तीर्थंकर बनने के पूर्व के तीसरे भव में वहाँ के गुरु का नाम~* _सुनन्द (अनन्तवीर्य) मुनिराज।_ *(10) तीर्थंकर बनने के पूर्व के तीसरे में शरीर का रंग~* _सुवर्ण रंग।_ *(11) तीर्थंकर बनने के पूर्व के तीसरे भव में कौन से विशिष्ट ज्ञान के वेत्ता थे ~* _11अंग के वेत्ता थे।_ *(12) तीर्थंकर बनने के पूर्व के तीसरे भव में किस प्रकार के व्रत का आचरण किया था~* _सिंहनिष्क्रीड़ित व्रत को किया था।_ *(13) तीर्थंकर बनने के पूर्व के तीसरे भव में जीवन के अंत में किस प्रकार के मरण को धारण किया हुआ था~* _प्रायोपगमन सन्यास को धारण किया था।_ *(14) तीर्थंकर बनने के पूर्व के तीसरे भव में जीवन के अंत में कितने समय तक प्रायोपगमन सन्यास को धारण किया हुआ था~* _एक मास पर्यन्त तक प्रायोपगमन सन्यास को धारण किया था।_ *(15) तीर्थंकर बनने के पूर्व के तीसरे भव में जीवन के अंत में प्रायोपगमन सन्यास को धारणकर मरण करके किस गति को प्राप्त करते हैं~* _देवगति को।_ *(16) किस स्वर्ग से चयकर तीर्थंकर हुए~* _प्राणत स्वर्ग से।_ *(17) स्वर्ग में वहाँ किस पद पर आसीन थे~* _इन्द्र पद पर आसीन थे।_ *(18) तीर्थंकर की वर्तमान भव में जन्मभूमि/ देश का नाम~* _अंगदेश देश।_ *(19) तीर्थंकर की वर्तमान भव में जन्मपुरी (नगर या पट्टन) का नाम~* _कुशाग्रपुर।_ *(20) तीर्थंकर के वर्तमान भव में वंश का नाम~* _यादववंश।_ *(21) तीर्थंकर के वर्तमान भव में जनक (पिता)~* _राजा सुमित्र।_ *(22) तीर्थंकर के वर्तमान भव में जननी (माता)~* _रानी सोमा (पद्मावती)।_ *(23) तीर्थंकर के वर्तमान भव की गर्भ तिथि~* _श्रावण कृष्ण द्वितीया।_ *(24) तीर्थंकर के वर्तमान भव का गर्भ समय~* _अष्टमासिया।_ *(25) तीर्थंकर के वर्तमान भव का गर्भ नक्षत्र~* _श्रवण नक्षत्र।_ *(26) तीर्थंकर के वर्तमान भव की जन्म तिथि~* _अश्विनी शुक्ल 12 तिथि।_ *(27) तीर्थंकर के वर्तमान भव का जन्म समय~* _आग्नेय योग।_ *(28) तीर्थंकर के वर्तमान भव का जन्म नक्षत्र~* _श्रवण नक्षत्र।_ *(29) तीर्थंकर के वर्तमान भव की जन्म राशि~* _मकर राशि।_ *(30) तीर्थंकर के वर्तमान भव में शरीर का वर्ण (रंग)~* _प्रियंगुप्रभा इन्द्र नील (श्याम वर्ण)।_ *(31) तीर्थंकर के वर्तमान भव में शरीर की ऊँचाई का माप धनुष में ~* _20 धनुष।_ *(32) तीर्थंकर के वर्तमान भव में लांछन (चिह्न)~* _कूर्म (कछवा)।_ *(33) तीर्थंकर के वर्तमान भव में कुमार काल प्रमाण~* _7500 वर्ष।_ *(34) तीर्थंकर के वर्तमान भव में राज्यावस्था का काल प्रमाण~* _15 हजार वर्ष।_ *(35) दीक्षाकाल में छद्मस्थ अवस्था का काल प्रमाण~* _11 महीना।_ *(36) दीक्षाकाल में केवली अवस्था का काल प्रमाण~* _11 महीना कम 7500 वर्ष।_ *(37) पूर्ण आयु काल प्रमाण वर्ष~* _30,000 वर्ष।_ *(38) दीक्षा तिथि~* _वैशाख कृष्ण दसमीं।_ *(39) दीक्षा समय~* _अपराह्न काल।_ *(40) दीक्षा नक्षत्र~* _श्रवण नक्षत्र।_ *(41) दीक्षा पालकी का नाम~* _अपराजिता पालकी।_ *(42) दीक्षा नगर का नाम~* _राजगृही नगर।_ *(43) दीक्षा वन (उद्यान) का नाम~* _नीलवन-नीलगुफा वन।_ *(44) दीक्षा वृक्ष का नाम~* _चम्पक वृक्ष।_ *(45) दीक्षा वृक्ष की ऊँचाई धनुष में~* _240 धनुष।_ *(46) वैराग्य का निमित्त कारण~* _पूर्वभव का स्मरण।_ *(47) दीक्षा कितने उपवास का नियम लेकर ग्रहण की(उत्तर पुराण/ हरिवंश पुराण)~* _तेला (बेला)।_ *(48) दीक्षा के समय कितने राजाओं ने साथ में दीक्षा ली थी?~* _1,000 राजाओं ने।_ *(49) दीक्षा के बाद कितने दिनों बाद आहार लिया था~* _तीन दिन के बाद।_ *(50) दीक्षा के बाद पारणा में कौन सा आहार लिया था~* _खीर।_ *(51) दीक्षा के बाद पारणा कराने वाले दाता का नाम~* _राजा वृषभसेन (दत्त)।_ *(52) दीक्षा के बाद पारणा किस नगर में हुई थी~* _राज्यगृही (मिथिलापुर) नगर।_ *(53) मुनि अवस्था से अयोगकेवली तक के तप काल का प्रमाण~* _75,000 वर्ष।_ *(54) केवलज्ञान के पहले उपवास अर्थात् धारणा का नियम~* _अष्टमभक्त (3)_ *(55) केवलज्ञान तिथि~* _चैत्र कृष्ण दसमीं।_ *(56) केवलज्ञान समय~* _पूर्वाह्न काल।_ *(57) केवलज्ञान नक्षत्र~* _श्रवण नक्षत्र।_ *(58) मानस्तम्भ की ऊँचाई (धनुष में)~* _240 धनुष।_ *(59) सिद्धार्थ वृक्ष की ऊँचाई (धनुष में)~* _240 धनुष।_ *(60) कोट की ऊँचाई (धनुष में)~* _240 धनुष।_ *(61) चैत्यवृक्षों की ऊँचाई (धनुष मे)~* _240 धनुष।_ *(62) वनों की ऊँचाई (धनुष में)~* _240 धनुष।_ *(63) स्तूपों की ऊँचाई (धनुष में )~* _240 धनुष।_ *(64) ध्वजाओं की ऊँचाई (धनुष में)~* _240 धनुष।_ *(65) वन वृक्षों की ऊँचाई (धनुष में)~* _240 धनुष।_ *(66) प्रासादों की ऊँचाई (धनुष में)~* _240 धनुष।_ *(67) तोरणद्वार की ऊँचाई (धनुष में)~* _240 धनुष।_ *(68) पर्वतों की ऊँचाई (धनुष में)~* _240 धनुष।_ *(69) वेदिका की ऊँचाई (धनुष में)~* _240 धनुष।_ *(70) पर्वतों की चौड़ाई (धनुष में)~* _160 धनुष।_ *(71) स्तूपों की चौड़ाई (धनुष में)~* _20 धनुष से कुछ अधिक।_ *(72) कोट की चौड़ाई (धनुष में)~* _60 धनुष।_ *(73) वेदिका की चौड़ाई (धनुष में)~* _60 धनुष।_ *(74) विशेष पद~* _मण्डलीक राजा।_ *(75) केवलज्ञान वन का नाम~* _नील वन।_ *(76) केवलज्ञान वृक्ष का नाम~* _चम्पक वृक्ष।_ *(77) समवशरण का विस्तार (योजन प्रमाण)~* _2.5 योजन।_ *(78) समवशरण का विस्तार (कोस प्रमाण)~* _10 कोस।_ *(79) समवशरण में तीर्थंकर भगवान का आसन~* _पद्मासन_ *(80) समवशरण में रहने वाले सामान्य केवलियों की संख्या~* _1,800 केवली_ *(81) समवशरण में रहने वाले पूर्व धारी मुनिराजों की संख्या~* _500 पूर्व धारी मुनिराज।_ *(82) समवशरण में रहने वाले शिक्षक मुनिराजों की संख्या~* _21,000 शिक्षक मुनिराज।_ *(83) समवशरण में रहने वाले विपुलमती मन:पर्यय ज्ञानी मुनिराजों की संख्या~* _1,500 विपुलमती मन:पर्यय ज्ञानी मुनिराज।_ *(84) समवशरण में रहने वाले विक्रिया ऋद्धिधारी योगियों की संख्या~* _2,200 विक्रिया ऋद्धिधारी योगी।_ *(85) समवशरण में रहने वाले अवधिज्ञानी मुनिराजों की संख्या~* _1,800 अवधिज्ञानी मुनिराज।_ *(86) समवशरण में रहने वाले वादी मुनिराजों की संख्या~* _1,200 वादी मुनिराज।_ *(87) समवशरण में स्थित मुनि संघ की कुल संख्या~* _30,000 मुनि संघ।_ *(88) मुख्य गणधर का नाम~* _मल्ली।_ *(89) सब गणधर की संख्या~* _18_ *(90) गणिनी आर्यिकाओं की संख्या~* _50,000 आर्यिकाएं।_ *(91) मुख्य गणिनी आर्यिका का नाम~* _पुष्पदत्ता आर्यिका।_ *(92) मुख्य श्रोता का नाम~* _राजा अजितंजय।_ *(93) श्रावकों की संख्या~* _श्रावक 1 लाख।_ *श्राविकाओं की संख्या~* _श्राविकाएं 3 लाख।_ *(95) तीर्थंकरों का निर्वाण अंतर~* _6,00,000 वर्ष।_ *(96) आयु के अंत में योग निरोध या विहार कब बंद किया था~* _एक मास पहले।_ *(97) निर्वाण की तिथि~* _फाल्गुन कृष्ण द्वादशी।_ *(98) निर्वाण का समय (हरिवंश पुराण अध्याय 60 से)~* _अपराह्न।_ *(99) निर्वाण का नक्षत्र~* _श्रवण नक्षत्र।_ *(100) निर्वाण भूमि~* _सम्मेद शिखर जी।_ *(101) निर्वाण क्षेत्र का विशिष्ट स्थान (चूलिका)~* _निर्जरकूट।_ *(102) किस आसन से मोक्ष गए~* _कायोत्सर्गासन।_ *(103) सौधर्म स्वर्ग से लेकर ऊर्ध्व ग्रैवेयक तक जाने वाले मुनिराजों की संख्या~* _2,000 मुनिराज।_ *(104) अनुत्तर विमान में जाने वाले मुनिराजों की संख्या~* _8,800 मुनिराज।_ *(105) तीर्थंकर के साथ सिद्ध होने वाले मुनिराजों की संख्या~* _1,000 मुनिराज।_ *(106) अनुबद्ध केवलियों की संख्या प्रथम मत के अनुसार~* _12 अनुबद्ध केवली।_ *(107) अनुबद्ध केवलियों की संख्या द्वितीय मत के अनुसार~* _12 अनुबद्ध केवली।_ *(108) धर्म का विच्छेद काल~* _मुनिसुव्रतनाथ भगवान के समय धर्मतीर्थ का विच्छेद नहीं हुआ।_ ??????? 2026-04-12 16:17:37