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Chat ID
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Chat Name
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Sender
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Phone
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Message
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Status
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Date |
View |
| 77098 |
40449727 |
GROUP ??दसा नरसिंहपुरा समाज?? |
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2026-04-11 12:22:06 |
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| 77097 |
40449727 |
GROUP ??दसा नरसिंहपुरा समाज?? |
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2026-04-11 12:22:05 |
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| 77096 |
40449727 |
GROUP ??दसा नरसिंहपुरा समाज?? |
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*प्र- भगवान महावीर स्वामी के जन्मोत्सव पर सात प्रकार की सेनाओं में दूसरे नम्बर पर किसकी सेना थी ?*
*1- हाथी*
*2- घोड़ा*
*3- ऊंट*
*4- इनमें से कोई नही*
*उत्तर :- आप पीडीएफ फाइल क्रमश संख्या 301 से 400 तक देखिए और चुनिए* महावीर 2550 वां निर्वाण महोत्सव का app आ गया है । सभी सदस्य नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके तुरंत ही जुड़ें और अपना सदस्य Community कार्ड प्राप्त करे - Powered by Kutumb App
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2026-04-11 12:21:15 |
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| 77095 |
40449727 |
GROUP ??दसा नरसिंहपुरा समाज?? |
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*प्र- भगवान महावीर स्वामी के जन्मोत्सव पर सात प्रकार की सेनाओं में दूसरे नम्बर पर किसकी सेना थी ?*
*1- हाथी*
*2- घोड़ा*
*3- ऊंट*
*4- इनमें से कोई नही*
*उत्तर :- आप पीडीएफ फाइल क्रमश संख्या 301 से 400 तक देखिए और चुनिए* महावीर 2550 वां निर्वाण महोत्सव का app आ गया है । सभी सदस्य नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके तुरंत ही जुड़ें और अपना सदस्य Community कार्ड प्राप्त करे - Powered by Kutumb App
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2026-04-11 12:21:14 |
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| 77093 |
40449727 |
GROUP ??दसा नरसिंहपुरा समाज?? |
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*भगवान मुनिसुव्रतनाथ का केवलज्ञान नक्षत्र बताइए*
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2026-04-11 12:20:35 |
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| 77094 |
40449727 |
GROUP ??दसा नरसिंहपुरा समाज?? |
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*भगवान मुनिसुव्रतनाथ का केवलज्ञान नक्षत्र बताइए*
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2026-04-11 12:20:35 |
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| 77092 |
40449667 |
संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर जी |
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*?? व्यवहार सदा ही शाब्दिक ज्ञान से उत्तम होता है ??*
?कुछ लोग कुछ शास्त्रों को पढ़कर *अभिमानी* हो जाते हैं, और यह समझते हैं, कि *"अब हम पूर्ण विद्वान बन गए।" "जबकि उन पढ़ी सुनी बातों पर वे लोग आचरण नहीं करते।"?*
?तो केवल शब्द ज्ञान प्राप्त करके व्यक्ति को मिथ्या संतोष नहीं कर लेना चाहिए, कि *"मैंने बहुत सीख लिया है," "जब तक उन बातों को वह आचरण में न उतार ले।"?*
*?"शाब्दिक ज्ञान से आचरण सदा उत्तम होता है। शाब्दिक ज्ञान तो रावण के पास भी बहुत था। परंतु वह ज्ञान उसके आचरण में नहीं उतरा, इसलिए फलीभूत नहीं हुआ।" "आचार्यों, मुनि श्री जी महाराज ने वेदों /शास्त्रों का अध्ययन किया। शब्द शास्त्र भी पढ़ा, और उसे आचरण में भी उतारा। इसलिए वे पूज्य हो गए। और आज संसार के सभी लोग उनका सम्मान, अनुसरण कर रहे हैं।"?*
*?"अतः शाब्दिक ज्ञान से संतुष्ट न हो जाएं। आचार्य, मुनि जी महाराज के समान उसे अपने जीवन में भी उतारें, तभी आपका कल्याण होगा, अन्यथा नहीं।"?*
*?"आपका जीवन मंगलमय हो"?*। *? आपका मोक्ष मार्ग प्रशस्त हो ?* *?? विद्या पूर्ण धर्म प्रभावना का ऐप है ??* <a href="https://primetrace.com/group/7374/post/1183950686?utm_source=android_post_share_web&referral_code=N29CX&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=BROADCASTER" target="_blank">https://primetrace.com/group/7374/post/1183950686?utm_source=android_post_share_web&referral_code=N29CX&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=BROADCASTER</a> |
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2026-04-11 12:20:23 |
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| 77091 |
40449667 |
संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर जी |
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*?? व्यवहार सदा ही शाब्दिक ज्ञान से उत्तम होता है ??*
?कुछ लोग कुछ शास्त्रों को पढ़कर *अभिमानी* हो जाते हैं, और यह समझते हैं, कि *"अब हम पूर्ण विद्वान बन गए।" "जबकि उन पढ़ी सुनी बातों पर वे लोग आचरण नहीं करते।"?*
?तो केवल शब्द ज्ञान प्राप्त करके व्यक्ति को मिथ्या संतोष नहीं कर लेना चाहिए, कि *"मैंने बहुत सीख लिया है," "जब तक उन बातों को वह आचरण में न उतार ले।"?*
*?"शाब्दिक ज्ञान से आचरण सदा उत्तम होता है। शाब्दिक ज्ञान तो रावण के पास भी बहुत था। परंतु वह ज्ञान उसके आचरण में नहीं उतरा, इसलिए फलीभूत नहीं हुआ।" "आचार्यों, मुनि श्री जी महाराज ने वेदों /शास्त्रों का अध्ययन किया। शब्द शास्त्र भी पढ़ा, और उसे आचरण में भी उतारा। इसलिए वे पूज्य हो गए। और आज संसार के सभी लोग उनका सम्मान, अनुसरण कर रहे हैं।"?*
*?"अतः शाब्दिक ज्ञान से संतुष्ट न हो जाएं। आचार्य, मुनि जी महाराज के समान उसे अपने जीवन में भी उतारें, तभी आपका कल्याण होगा, अन्यथा नहीं।"?*
*?"आपका जीवन मंगलमय हो"?*। *? आपका मोक्ष मार्ग प्रशस्त हो ?* *?? विद्या पूर्ण धर्म प्रभावना का ऐप है ??* <a href="https://primetrace.com/group/7374/post/1183950686?utm_source=android_post_share_web&referral_code=N29CX&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=BROADCASTER" target="_blank">https://primetrace.com/group/7374/post/1183950686?utm_source=android_post_share_web&referral_code=N29CX&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=BROADCASTER</a> |
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2026-04-11 12:20:22 |
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| 77089 |
40449666 |
निर्यापक समय सागर जी भक्त |
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*?? व्यवहार सदा ही शाब्दिक ज्ञान से उत्तम होता है ??*
?कुछ लोग कुछ शास्त्रों को पढ़कर *अभिमानी* हो जाते हैं, और यह समझते हैं, कि *"अब हम पूर्ण विद्वान बन गए।" "जबकि उन पढ़ी सुनी बातों पर वे लोग आचरण नहीं करते।"?*
?तो केवल शब्द ज्ञान प्राप्त करके व्यक्ति को मिथ्या संतोष नहीं कर लेना चाहिए, कि *"मैंने बहुत सीख लिया है," "जब तक उन बातों को वह आचरण में न उतार ले।"?*
*?"शाब्दिक ज्ञान से आचरण सदा उत्तम होता है। शाब्दिक ज्ञान तो रावण के पास भी बहुत था। परंतु वह ज्ञान उसके आचरण में नहीं उतरा, इसलिए फलीभूत नहीं हुआ।" "आचार्यों, मुनि श्री जी महाराज ने वेदों /शास्त्रों का अध्ययन किया। शब्द शास्त्र भी पढ़ा, और उसे आचरण में भी उतारा। इसलिए वे पूज्य हो गए। और आज संसार के सभी लोग उनका सम्मान, अनुसरण कर रहे हैं।"?*
*?"अतः शाब्दिक ज्ञान से संतुष्ट न हो जाएं। आचार्य, मुनि जी महाराज के समान उसे अपने जीवन में भी उतारें, तभी आपका कल्याण होगा, अन्यथा नहीं।"?*
*?"आपका जीवन मंगलमय हो"?*। *? आपका मोक्ष मार्ग प्रशस्त हो ?* *?? विद्या पूर्ण धर्म प्रभावना का ऐप है ??* <a href="https://primetrace.com/group/7374/post/1183950686?utm_source=android_post_share_web&referral_code=N29CX&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=BROADCASTER" target="_blank">https://primetrace.com/group/7374/post/1183950686?utm_source=android_post_share_web&referral_code=N29CX&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=BROADCASTER</a> |
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2026-04-11 12:20:18 |
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| 77090 |
40449666 |
निर्यापक समय सागर जी भक्त |
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*?? व्यवहार सदा ही शाब्दिक ज्ञान से उत्तम होता है ??*
?कुछ लोग कुछ शास्त्रों को पढ़कर *अभिमानी* हो जाते हैं, और यह समझते हैं, कि *"अब हम पूर्ण विद्वान बन गए।" "जबकि उन पढ़ी सुनी बातों पर वे लोग आचरण नहीं करते।"?*
?तो केवल शब्द ज्ञान प्राप्त करके व्यक्ति को मिथ्या संतोष नहीं कर लेना चाहिए, कि *"मैंने बहुत सीख लिया है," "जब तक उन बातों को वह आचरण में न उतार ले।"?*
*?"शाब्दिक ज्ञान से आचरण सदा उत्तम होता है। शाब्दिक ज्ञान तो रावण के पास भी बहुत था। परंतु वह ज्ञान उसके आचरण में नहीं उतरा, इसलिए फलीभूत नहीं हुआ।" "आचार्यों, मुनि श्री जी महाराज ने वेदों /शास्त्रों का अध्ययन किया। शब्द शास्त्र भी पढ़ा, और उसे आचरण में भी उतारा। इसलिए वे पूज्य हो गए। और आज संसार के सभी लोग उनका सम्मान, अनुसरण कर रहे हैं।"?*
*?"अतः शाब्दिक ज्ञान से संतुष्ट न हो जाएं। आचार्य, मुनि जी महाराज के समान उसे अपने जीवन में भी उतारें, तभी आपका कल्याण होगा, अन्यथा नहीं।"?*
*?"आपका जीवन मंगलमय हो"?*। *? आपका मोक्ष मार्ग प्रशस्त हो ?* *?? विद्या पूर्ण धर्म प्रभावना का ऐप है ??* <a href="https://primetrace.com/group/7374/post/1183950686?utm_source=android_post_share_web&referral_code=N29CX&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=BROADCASTER" target="_blank">https://primetrace.com/group/7374/post/1183950686?utm_source=android_post_share_web&referral_code=N29CX&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=BROADCASTER</a> |
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2026-04-11 12:20:18 |
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