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Chat ID
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Chat Name
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Sender
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Message
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Status
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Date |
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| 74618 |
40449660 |
Acharya PulakSagarji 07 |
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*परम् पूज्य भारत गौरव प्रातः स्मरणीय राष्ट्रसंत, शान्तिदूत आचार्यश्री पुलक सागरजी गुरुदेव के चरणों में शत शत नमन* नमोस्तु नमोस्तु नमोस्तु ??? |
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2026-04-10 13:07:38 |
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| 74617 |
40449660 |
Acharya PulakSagarji 07 |
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*परम् पूज्य भारत गौरव प्रातः स्मरणीय राष्ट्रसंत, शान्तिदूत आचार्यश्री पुलक सागरजी गुरुदेव के चरणों में शत शत नमन* नमोस्तु नमोस्तु नमोस्तु ??? |
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2026-04-10 13:07:37 |
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| 74615 |
40449657 |
?️?SARVARTHASIDDHI ??️ |
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*वृषभाचल क्षेत्र जगनमाता श्री चक्रेश्वरी देवी ची आजची अलंकार पूजा*
आज दिनांक :10/04/2026
ठिकाण : श्री अतिशय क्षेत्र वृषभाचल नांदणी |
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2026-04-10 13:07:31 |
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| 74616 |
40449657 |
?️?SARVARTHASIDDHI ??️ |
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*वृषभाचल क्षेत्र जगनमाता श्री चक्रेश्वरी देवी ची आजची अलंकार पूजा*
आज दिनांक :10/04/2026
ठिकाण : श्री अतिशय क्षेत्र वृषभाचल नांदणी |
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2026-04-10 13:07:31 |
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| 74614 |
50892187 |
श्री जिनेन्द्र भक्तमण्डल ग्वालियर |
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<a href="https://www.instagram.com/reel/DVgkWnhj-_w/?igsh=eDEzYmhoYmUzMXN6" target="_blank">https://www.instagram.com/reel/DVgkWnhj-_w/?igsh=eDEzYmhoYmUzMXN6</a> |
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2026-04-10 13:07:12 |
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| 74613 |
50892187 |
श्री जिनेन्द्र भक्तमण्डल ग्वालियर |
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<a href="https://www.instagram.com/reel/DVgkWnhj-_w/?igsh=eDEzYmhoYmUzMXN6" target="_blank">https://www.instagram.com/reel/DVgkWnhj-_w/?igsh=eDEzYmhoYmUzMXN6</a> |
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2026-04-10 13:07:11 |
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| 74612 |
40449688 |
3. विद्याशिरोमणी आचार्य श्री समयसागर जी |
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2026-04-10 13:07:09 |
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| 74611 |
40449688 |
3. विद्याशिरोमणी आचार्य श्री समयसागर जी |
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2026-04-10 13:07:08 |
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| 74610 |
40449688 |
3. विद्याशिरोमणी आचार्य श्री समयसागर जी |
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_जो कवियों ने ऋषियों ने लिखा है, *सभी मुद्राओं को देखकर के ऐसा लगता है* कि, *मैं अकेले ही प्रसन्न नहीं हूं, सारा जगत ही प्रसन्न है*_
????
_महाकवि आचार्य ज्ञानसागर जी महाराज के समाधि दिवस पर उनकी अनुपम कृति जयोदय महाकाव्य पर राष्ट्रीय विद्वत् संगोष्ठी, पपौरा जी (जिला-टीकमगढ़, म.प्र.) १४-१५ मई २०१८, में राष्ट्रहित चिंतक *आचार्य विद्यासागर जी महाराज* का प्रवचनांश-_
<a href="https://youtu.be/gPcVOCgL_fc?si=m5PyWlfQ1XgZKjo8" target="_blank">https://youtu.be/gPcVOCgL_fc?si=m5PyWlfQ1XgZKjo8</a>
_(देखें 3.50 से 6.44 तक)_
*_15 मि. का प्रवचनांश पूरा अवश्य सुनें_*
????????
हम ही सब कुछ हैं
यूँ कहता है 'ही' सदा,
तुम तो तुच्छ, कुछ नहीं हो !
और,
'भी' का कहना है कि
*हम भी हैं*
*तुम भी हो*
*सब कुछ !*
*'ही' देखता है हीन दृष्टि से पर को*
*'भी' देखता है समीचीन दृष्टि से सब को*
- _मूकमाटी :: पृ १७२,१७३_
- _आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज_ |
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2026-04-10 13:07:02 |
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| 74609 |
40449688 |
3. विद्याशिरोमणी आचार्य श्री समयसागर जी |
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_जो कवियों ने ऋषियों ने लिखा है, *सभी मुद्राओं को देखकर के ऐसा लगता है* कि, *मैं अकेले ही प्रसन्न नहीं हूं, सारा जगत ही प्रसन्न है*_
????
_महाकवि आचार्य ज्ञानसागर जी महाराज के समाधि दिवस पर उनकी अनुपम कृति जयोदय महाकाव्य पर राष्ट्रीय विद्वत् संगोष्ठी, पपौरा जी (जिला-टीकमगढ़, म.प्र.) १४-१५ मई २०१८, में राष्ट्रहित चिंतक *आचार्य विद्यासागर जी महाराज* का प्रवचनांश-_
<a href="https://youtu.be/gPcVOCgL_fc?si=m5PyWlfQ1XgZKjo8" target="_blank">https://youtu.be/gPcVOCgL_fc?si=m5PyWlfQ1XgZKjo8</a>
_(देखें 3.50 से 6.44 तक)_
*_15 मि. का प्रवचनांश पूरा अवश्य सुनें_*
????????
हम ही सब कुछ हैं
यूँ कहता है 'ही' सदा,
तुम तो तुच्छ, कुछ नहीं हो !
और,
'भी' का कहना है कि
*हम भी हैं*
*तुम भी हो*
*सब कुछ !*
*'ही' देखता है हीन दृष्टि से पर को*
*'भी' देखता है समीचीन दृष्टि से सब को*
- _मूकमाटी :: पृ १७२,१७३_
- _आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज_ |
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2026-04-10 13:07:01 |
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