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71471 40449732 ? पंच परमेष्ठी जैनसमूह ? 2026-04-09 09:25:16
71472 40449732 ? पंच परमेष्ठी जैनसमूह ? 2026-04-09 09:25:16
71469 40449732 ? पंच परमेष्ठी जैनसमूह ? 2026-04-09 09:25:12
71470 40449732 ? पंच परमेष्ठी जैनसमूह ? 2026-04-09 09:25:12
71467 40449732 ? पंच परमेष्ठी जैनसमूह ? 2026-04-09 09:24:55
71468 40449732 ? पंच परमेष्ठी जैनसमूह ? 2026-04-09 09:24:55
71466 40449677 तीर्थ बचाओ धर्म बचाओ जन आंदोलन *भारतीय इतिहास का सबसे जघन्य हत्याकांड था 8000 जैन संतों और श्रावकों की निर्मम हत्या* क्योंकि *इन्होंने अपना धर्म नहीं त्यागा* लेकिन *वर्तमान में महाराष्ट्र के मंत्री लोढ़ा (जैन) अपने कुतर्क और राजनीति की चिकनी चुपड़ी बातों से जैन धर्म की स्वतंत्र पहचान और सिद्धांतों को त्यागकर अन्य धर्म का हिस्सा बनाने का दुस्साहस कर रहे है?, लेकिन कम जनसंख्या वाले अल्पसंख्यक सिख और बौद्ध धर्म को स्वतंत्र धर्म का हिस्सा मानते है। क्यों???* क्या भारत का लाखों करोड़ो वर्ष प्राचीन मूल जैन धर्म और समाज इतना कमजोर हो गया कि अपनी स्वतंत्र पहचान का अधिकारी नहीं? समय के अनुसार जैन समाज की संख्या कम या अधिक रही और कुछ डरपोक जैनों ने अपना धर्म परिवर्तन किया लेकिन अधिकतर जोनों ने किसी के डर या बहकावे में अपने धर्म को न छोड़ा और न छोड़ेंगे ?? देश का सबसे अधिक पढ़ा लिखा जैन समाज अपनी स्वतंत्र पहचान, तीर्थ संरक्षण और संवैधानिक अधिकारों के लिए प्रयास करता आया है और करता रहेगा। प्राचीन जैन तीर्थों और प्रतिमाओं का स्वरूप परिवर्तन किया गया और करने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन हमारे कुछ बंधु कुछ नहीं बोलते क्योंकि उनका अपने धर्म के प्रति समर्पण ही नहीं। कृपया अपने स्वतंत्र धर्म की पहचान के लिए आवाज उठाएं और आज इस आवश्यक विषय में अवश्य चर्चा करें...संजय जैन ??जैनम जयतु शासनम?? 2026-04-09 09:24:38
71465 40449677 तीर्थ बचाओ धर्म बचाओ जन आंदोलन *भारतीय इतिहास का सबसे जघन्य हत्याकांड था 8000 जैन संतों और श्रावकों की निर्मम हत्या* क्योंकि *इन्होंने अपना धर्म नहीं त्यागा* लेकिन *वर्तमान में महाराष्ट्र के मंत्री लोढ़ा (जैन) अपने कुतर्क और राजनीति की चिकनी चुपड़ी बातों से जैन धर्म की स्वतंत्र पहचान और सिद्धांतों को त्यागकर अन्य धर्म का हिस्सा बनाने का दुस्साहस कर रहे है?, लेकिन कम जनसंख्या वाले अल्पसंख्यक सिख और बौद्ध धर्म को स्वतंत्र धर्म का हिस्सा मानते है। क्यों???* क्या भारत का लाखों करोड़ो वर्ष प्राचीन मूल जैन धर्म और समाज इतना कमजोर हो गया कि अपनी स्वतंत्र पहचान का अधिकारी नहीं? समय के अनुसार जैन समाज की संख्या कम या अधिक रही और कुछ डरपोक जैनों ने अपना धर्म परिवर्तन किया लेकिन अधिकतर जोनों ने किसी के डर या बहकावे में अपने धर्म को न छोड़ा और न छोड़ेंगे ?? देश का सबसे अधिक पढ़ा लिखा जैन समाज अपनी स्वतंत्र पहचान, तीर्थ संरक्षण और संवैधानिक अधिकारों के लिए प्रयास करता आया है और करता रहेगा। प्राचीन जैन तीर्थों और प्रतिमाओं का स्वरूप परिवर्तन किया गया और करने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन हमारे कुछ बंधु कुछ नहीं बोलते क्योंकि उनका अपने धर्म के प्रति समर्पण ही नहीं। कृपया अपने स्वतंत्र धर्म की पहचान के लिए आवाज उठाएं और आज इस आवश्यक विषय में अवश्य चर्चा करें...संजय जैन ??जैनम जयतु शासनम?? 2026-04-09 09:24:37
71463 40449678 1)जैन गुरुकुल से एकता, धर्म और समाज का उत्थान और तीर्थ रक्षा 2026-04-09 09:23:31
71464 40449678 1)जैन गुरुकुल से एकता, धर्म और समाज का उत्थान और तीर्थ रक्षा 2026-04-09 09:23:31