WhatsApp Messages Dashboard

Total Records in Table: 15214

Records Matching Filters: 15214

From: To: Global Search:

Messages

ID Chat ID
Chat Name
Sender
Phone
Message
Status
Date View
82036 40449721 माँ विशुद्ध भक्त परिवार?6 2026-04-13 09:20:50
82035 40449721 माँ विशुद्ध भक्त परिवार?6 2026-04-13 09:20:49
82034 40449657 ?️?SARVARTHASIDDHI ??️ 2026-04-13 09:19:14
82033 40449657 ?️?SARVARTHASIDDHI ??️ 2026-04-13 09:19:13
82031 48925761 आचार्य श्री 108 समयसागर जी महाराज.3 _*आचार्य श्री विद्यासागर जी के आशीर्वाद से संचालित हर प्रकल्प मैं धर्म ध्यान किस प्रकार है ?*_ - आचार्य श्री समयसागर जी - 10/4/26, नागपुर ??? *'सावधानी पूर्वक प्रवृत्ति करें'* विषय पर *मंगल प्रवचन-* <a href="https://youtu.be/ei4xfLuulXk?si=BX8zUh20cNvutx5j" target="_blank">https://youtu.be/ei4xfLuulXk?si=BX8zUh20cNvutx5j</a> _(देखें 30.45 से 36.22 तक)_ ???? स्व के साथ पर का और पर के साथ स्व का ज्ञान होता ही है, गौण-मुख्यता भले ही हो। चन्द्र-मण्डल को देखते हैं नभ-मण्डल भी दिखता है। *पर की दया करने से* *स्व की याद आती है* *और* *स्व की याद ही* *स्व-दया है* विलोम-रूप से भी यही अर्थ निकलता है *या...द...द...या...।* - _मूकमाटी :: ३८_ - _आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज_ 2026-04-13 09:17:55
82032 48925761 आचार्य श्री 108 समयसागर जी महाराज.3 _*आचार्य श्री विद्यासागर जी के आशीर्वाद से संचालित हर प्रकल्प मैं धर्म ध्यान किस प्रकार है ?*_ - आचार्य श्री समयसागर जी - 10/4/26, नागपुर ??? *'सावधानी पूर्वक प्रवृत्ति करें'* विषय पर *मंगल प्रवचन-* <a href="https://youtu.be/ei4xfLuulXk?si=BX8zUh20cNvutx5j" target="_blank">https://youtu.be/ei4xfLuulXk?si=BX8zUh20cNvutx5j</a> _(देखें 30.45 से 36.22 तक)_ ???? स्व के साथ पर का और पर के साथ स्व का ज्ञान होता ही है, गौण-मुख्यता भले ही हो। चन्द्र-मण्डल को देखते हैं नभ-मण्डल भी दिखता है। *पर की दया करने से* *स्व की याद आती है* *और* *स्व की याद ही* *स्व-दया है* विलोम-रूप से भी यही अर्थ निकलता है *या...द...द...या...।* - _मूकमाटी :: ३८_ - _आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज_ 2026-04-13 09:17:55
82030 48925761 आचार्य श्री 108 समयसागर जी महाराज.3 ? *द्वितीय दिवस* ? ? *श्री 1008 मज्जिनेन्द्र पंचकल्याणक महामहोत्सव* ? *आदीश्वरधाम, बाजार गांव पंचकल्याणक, नागपुर* ? *12 अप्रैल 2026* ✨ *गर्भकल्याणक – पूर्वार्द्ध* _आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज_ के आशीर्वाद से _आचार्य श्री समयसागर जी महाराज_ ससंघ सान्निध्य ? <a href="https://youtube.com/@samaysagarguruji" target="_blank">https://youtube.com/@samaysagarguruji</a> 2026-04-13 09:17:53
82029 48925761 आचार्य श्री 108 समयसागर जी महाराज.3 ? *द्वितीय दिवस* ? ? *श्री 1008 मज्जिनेन्द्र पंचकल्याणक महामहोत्सव* ? *आदीश्वरधाम, बाजार गांव पंचकल्याणक, नागपुर* ? *12 अप्रैल 2026* ✨ *गर्भकल्याणक – पूर्वार्द्ध* _आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज_ के आशीर्वाद से _आचार्य श्री समयसागर जी महाराज_ ससंघ सान्निध्य ? <a href="https://youtube.com/@samaysagarguruji" target="_blank">https://youtube.com/@samaysagarguruji</a> 2026-04-13 09:17:52
82028 40449678 1)जैन गुरुकुल से एकता, धर्म और समाज का उत्थान और तीर्थ रक्षा _*आचार्य श्री विद्यासागर जी के आशीर्वाद से संचालित हर प्रकल्प मैं धर्म ध्यान किस प्रकार है ?*_ - आचार्य श्री समयसागर जी - 10/4/26, नागपुर ??? *'सावधानी पूर्वक प्रवृत्ति करें'* विषय पर *मंगल प्रवचन-* <a href="https://youtu.be/ei4xfLuulXk?si=BX8zUh20cNvutx5j" target="_blank">https://youtu.be/ei4xfLuulXk?si=BX8zUh20cNvutx5j</a> _(देखें 30.45 से 36.22 तक)_ ???? स्व के साथ पर का और पर के साथ स्व का ज्ञान होता ही है, गौण-मुख्यता भले ही हो। चन्द्र-मण्डल को देखते हैं नभ-मण्डल भी दिखता है। *पर की दया करने से* *स्व की याद आती है* *और* *स्व की याद ही* *स्व-दया है* विलोम-रूप से भी यही अर्थ निकलता है *या...द...द...या...।* - _मूकमाटी :: ३८_ - _आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज_ 2026-04-13 09:17:49
82027 40449678 1)जैन गुरुकुल से एकता, धर्म और समाज का उत्थान और तीर्थ रक्षा _*आचार्य श्री विद्यासागर जी के आशीर्वाद से संचालित हर प्रकल्प मैं धर्म ध्यान किस प्रकार है ?*_ - आचार्य श्री समयसागर जी - 10/4/26, नागपुर ??? *'सावधानी पूर्वक प्रवृत्ति करें'* विषय पर *मंगल प्रवचन-* <a href="https://youtu.be/ei4xfLuulXk?si=BX8zUh20cNvutx5j" target="_blank">https://youtu.be/ei4xfLuulXk?si=BX8zUh20cNvutx5j</a> _(देखें 30.45 से 36.22 तक)_ ???? स्व के साथ पर का और पर के साथ स्व का ज्ञान होता ही है, गौण-मुख्यता भले ही हो। चन्द्र-मण्डल को देखते हैं नभ-मण्डल भी दिखता है। *पर की दया करने से* *स्व की याद आती है* *और* *स्व की याद ही* *स्व-दया है* विलोम-रूप से भी यही अर्थ निकलता है *या...द...द...या...।* - _मूकमाटी :: ३८_ - _आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज_ 2026-04-13 09:17:48