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40449660 |
Acharya PulakSagarji 07 |
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2026-02-12 12:05:51 |
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40449679 |
ಕರ್ನಾಟಕದಲ್ಲಿ ಜೈನಧರ್ಮ 2 |
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Shruthi was thrilled when Pujya Heggade Ji paid her and the students a visit! Gratitude from Students to Swami and Amma for their Gelati - Shruthi ! |
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2026-02-12 12:04:24 |
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40449671 |
1.पुणे चातुर्मास वर्षायोग 2023- वीर सागर जी महाराज |
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Maharashtra Ends Separate NA Permission for Land Conversion; Annual NA Tax Abolished <a href="https://www.punekarnews.in/maharashtra-ends-separate-na-permission-for-land-conversion-annual-na-tax-abolished/" target="_blank">https://www.punekarnews.in/maharashtra-ends-separate-na-permission-for-land-conversion-annual-na-tax-abolished/</a> |
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2026-02-12 12:02:52 |
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40449678 |
1)जैन गुरुकुल से एकता, धर्म और समाज का उत्थान और तीर्थ रक्षा |
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<a href="https://youtu.be/ytyia6A46po" target="_blank">https://youtu.be/ytyia6A46po</a> |
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2026-02-12 12:01:07 |
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40449679 |
ಕರ್ನಾಟಕದಲ್ಲಿ ಜೈನಧರ್ಮ 2 |
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<a href="https://www.youtube.com/@Vivekkjain" target="_blank">https://www.youtube.com/@Vivekkjain</a> |
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2026-02-12 11:59:26 |
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40449676 |
राष्ट्रीय मुनी सेवा संघ |
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2026-02-12 11:58:53 |
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42709912 |
विद्या के कुन्थु (Vidya ke Kunthu) |
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<a href="https://youtube.com/shorts/e3EzCQjvcBY?si=GPhlYC7FZOAZXpc3" target="_blank">https://youtube.com/shorts/e3EzCQjvcBY?si=GPhlYC7FZOAZXpc3</a> |
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2026-02-12 11:58:12 |
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40449684 |
?(5)णमोकार मंत्र तीर्थ उद्धारक आचार्य श्री प्रबल सागर |
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2026-02-12 11:57:32 |
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विद्या के कुन्थु (Vidya ke Kunthu) |
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<a href="https://youtube.com/shorts/BZY2Bwj5_BA?si=2GVSHbZM86zOrqz8" target="_blank">https://youtube.com/shorts/BZY2Bwj5_BA?si=2GVSHbZM86zOrqz8</a> |
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2026-02-12 11:56:33 |
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40449671 |
1.पुणे चातुर्मास वर्षायोग 2023- वीर सागर जी महाराज |
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यह केवल इत्तेफाक नहीं, यह समय की सुनियोजित सरगम है…
सुदूर दक्षिण के ईनाम धामनी, सांगली (महाराष्ट्र) की पावन धरती पर 19–20 फरवरी को जिस आचार्य पद प्रतिष्ठा समारोह का उल्लास उमड़ेगा, वह एक व्यक्ति का अभिषेक नहीं, एक परंपरा का पुनरुद्घोष होगा।
आचार्य शांति सागर जी महाराज की निष्कलंक धारा की अडिग मर्यादा और निर्दोष चर्या की कठोर साधना—इन सबका साकार प्रतिबिंब जब आचार्य श्री सन्मति सागर जी महाराज ने छोटे मुनि विद्यासागर जी महाराज में देखा, तभी पहचान लिया था कि यह आत्मा साधारण नहीं है। जैनेश्वरी दीक्षा देते समय उन्होंने केवल एक शिष्य को नहीं, भविष्य के नेतृत्व को गढ़ा था।
कहा जाता है कि पारखी को हीरा पहचानने में समय नहीं लगता। आचार्य सन्मति सागर जी तो उसी क्षण उन्हें आचार्य पद पर प्रतिष्ठित करना चाहते थे। उन्हें भान हो गया था कि यह बाल योगी संघ को संभालने की पूर्ण क्षमता रखता है। परंतु छोटे मुनि के अंतर्मन में वैराग्य की ज्वाला इतनी प्रखर थी कि पद की आभा उन्हें बंधन-सी प्रतीत हुई। त्याग की उस तीव्रता ने उस क्षण को टाल दिया। नियति मुस्कराई और समय ने करवट ली—आचार्य वर्धमान सागर जी महाराज आचार्य बने।
पर इतिहास की धारा रुकती नहीं। वह अपनी दिशा स्वयं चुनती है।
आज वही नियति, वही कालचक्र, वही साधना की तप्त अग्नि फिर एक नए सूर्योदय का संकेत दे रही है। 20 फरवरी को आचार्य वर्धमान सागर जी महाराज अपने चतुर्विध संघ की साक्षी में छोटे मुनि विद्यासागर जी महाराज को आचार्य पद के संस्कारों से विभूषित करेंगे। यह केवल सिंहासन पर विराजमान होना नहीं, यह उत्तरदायित्व का शंखनाद है; यह तप, त्याग और परंपरा के हस्तांतरण का पावन क्षण है।
प्रकृति का नियम देखिए—पेड़ से पत्ते गिरते हैं, तो वह शोक का विषय नहीं होता; वह नव पल्लव के आगमन की भूमिका होती है। पतझड़ के बाद ही बसंत आता है। उसी प्रकार यह आयोजन भी आने और जाने की सहज, सरल, सनातन प्रक्रिया का साक्षात् उदाहरण है। परंपरा कभी रुकती नहीं—वह रूप बदलती है, प्रवाह नहीं।
गुरुश्रेष्ठ आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के पश्चात् जब आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज का यह नव अध्याय आरंभ होगा, तो वह बसंत के आगमन जैसा होगा—नव ऊर्जा, नव उल्लास, नव दिशा। संघ में नई चेतना का संचार होगा, साधना की मशाल और प्रखर जलेगी।
हम कितने पुण्यशाली हैं कि युगों-युगों तक हृदयों पर राज्य करने वाले साधकों की साधना को हमने देखा है, और आगे भी देखेंगे। यह केवल सौभाग्य नहीं, यह संचित पुण्यों का प्रतिफल है।
विद्यासागर नाम केवल एक नाम नहीं—वह तप की पराकाष्ठा, संयम की प्रतिष्ठा और श्रद्धा की ध्वजा है।
यह नाम युगों-युगों तक जयवंत रहे, अमर रहे, प्रेरणास्रोत बना रहे।
#श्रीश_ललितपुर |
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2026-02-12 11:55:37 |
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