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Chat ID
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Chat Name
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Message
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Status
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Date |
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| 226832 |
40449668 |
आ,गुरु विद्यासागरजी कहां विराजमान है |
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*??? धर्म जीवन का*
*?? आधार?*
*?एक आदमी अपना मकान बनवा रहा था। मकान बनाने के लिए वह बार-बार दीवार उठाता कि दीवार गिर पड़ती। वह दो-चार फुट भी नहीं उठ पाई। वह काफी परेशान था। मकान बन नहीं पा रहा था।?*
*?एक दिन उसने इधर से गुजरते हुए एक संत को अपनी पीड़ा सुनाई। संत ने उसकी बात सुनी और हँसकर बोले "भाई दीवार उठाना है तो नींव खोदो।"?*
*?उसने कहा- मैं नींव नहीं खोदता, मकान के लिए नींव की आवश्यकता ही नहीं। लोग बेवकूफ हैं, जो अपना बहुत सारा धन उस नींव में लगा देते हैं, जो दिखाई तक नहीं देती। संत उसकी अज्ञानताभरी बात सुनकर हँसते हुए बोले- "अरे भाई ! मुझे हँसी आ रही है तुम पर, जो अपना मकान बिना नींव के खड़ा करने जा रहे हो।?*
*?तुमसे भी ज्यादा हँसी तो उन पर आ रही है, जो अपने जीवन के महल को बिना नींव के खड़ा करना चाहते हैं।"?*
*?मकान को खड़ा करने के लिए आधार जरूरी है। धर्म हमारे जीवन का आधार है।?*
*✨?कषाय से चित्त में उफान आता है और ज्ञान से मन को समाधान मिलता है।✨?*
> _*??️?जैसे घर बनाने के लिए सर्वप्रथम नींव खोदने और फिर मजबूती से बनाना ही आवश्यक होता है वैसे ही मोक्षमार्ग में उन्नति के लिए सर्वप्रथम में जीव हूं और ज्ञान से ही जानता हूं ऐसा विश्वास और श्रद्धा की नींव होने पर ही मोक्षमार्ग की पूर्णता का प्रारंभ होता है हम सब भी ऐसे ही भेद विज्ञान पूर्वक मोक्षमार्ग में आगे बढ़ें और सच्चे देव शास्त्र गुरु के द्वारा बताएं मुक्ति मंत्रों को आत्मसात करें और मोक्षमार्ग में आगे बढ़ते हुए परंपरा से निर्वाण को प्राप्त कर सच्चे सुखी हों।?*_
*?आपका मोक्ष मार्ग प्रशस्त हो ?*
*?आपका जीवन मंगलमय हो ?* *??? विद्या पूर्ण धर्म प्रभावना का ऐप है* * <a href="https://primetrace.com/group/7374/post/1188693235?utm_source=android_post_share_web&referral_code=N29CX&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=BROADCASTER" target="_blank">https://primetrace.com/group/7374/post/1188693235?utm_source=android_post_share_web&referral_code=N29CX&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=BROADCASTER</a> |
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2026-06-13 10:35:06 |
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| 226829 |
40449663 |
? आचार्य सुधीन्द्र संदेश ? |
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*श्री मुनीसुव्रतनाथ भगवान का जिनाभिषेक शांतीधारा ?️??️* |
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2026-06-13 10:32:31 |
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| 226830 |
40449663 |
? आचार्य सुधीन्द्र संदेश ? |
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*श्री मुनीसुव्रतनाथ भगवान का जिनाभिषेक शांतीधारा ?️??️* |
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2026-06-13 10:32:31 |
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| 226827 |
49028270 |
1.श्री सम्मेद शिखर जी |
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*मनुष्य यदि अपनी इच्छाओं को घटाकर देखे, तो खुशियों का संसार नजर आयेगा। जिंदगी में एक दूसरे के जैसा होना आवश्यक नहीं है, बल्कि एक दूसरे के लिए होना आवश्यक है...*
*जय जिनेंद्र??????*
*आपका हर पल मंगलमय हो???* |
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2026-06-13 10:31:51 |
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| 226828 |
49028270 |
1.श्री सम्मेद शिखर जी |
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*मनुष्य यदि अपनी इच्छाओं को घटाकर देखे, तो खुशियों का संसार नजर आयेगा। जिंदगी में एक दूसरे के जैसा होना आवश्यक नहीं है, बल्कि एक दूसरे के लिए होना आवश्यक है...*
*जय जिनेंद्र??????*
*आपका हर पल मंगलमय हो???* |
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2026-06-13 10:31:51 |
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| 226825 |
40449749 |
जिनोदय?JINODAYA |
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??? |
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2026-06-13 10:31:11 |
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| 226826 |
40449749 |
जिनोदय?JINODAYA |
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??? |
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2026-06-13 10:31:11 |
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| 226823 |
40449749 |
जिनोदय?JINODAYA |
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??? |
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2026-06-13 10:31:09 |
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| 226824 |
40449749 |
जिनोदय?JINODAYA |
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??? |
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2026-06-13 10:31:09 |
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| 226821 |
40449663 |
? आचार्य सुधीन्द्र संदेश ? |
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?️??️ |
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2026-06-13 10:30:52 |
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