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221438 49028270 1.श्री सम्मेद शिखर जी 2026-06-11 09:07:16
221439 49028270 1.श्री सम्मेद शिखर जी 2026-06-11 09:07:16
221436 49028270 1.श्री सम्मेद शिखर जी साधु सिर्फ साधु होना चाहिए ?? नमोस्तु आचार्य श्री??? 2026-06-11 09:06:23
221437 49028270 1.श्री सम्मेद शिखर जी साधु सिर्फ साधु होना चाहिए ?? नमोस्तु आचार्य श्री??? 2026-06-11 09:06:23
221435 40449679 ಕರ್ನಾಟಕದಲ್ಲಿ ಜೈನಧರ್ಮ 2 2026-06-11 09:05:59
221434 40449679 ಕರ್ನಾಟಕದಲ್ಲಿ ಜೈನಧರ್ಮ 2 2026-06-11 09:05:58
221433 40449679 ಕರ್ನಾಟಕದಲ್ಲಿ ಜೈನಧರ್ಮ 2 2026-06-11 09:05:57
221432 40449679 ಕರ್ನಾಟಕದಲ್ಲಿ ಜೈನಧರ್ಮ 2 2026-06-11 09:05:56
221431 40449710 11. वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी का जोबनेर अतिशय क्षेत्र लूँणवा के लिए मंगल बिहार जयपुर समाज ओर चूड़ीवाल परिवारने दी अश्रुपूरित नेत्रों से दी बिदाई अभी ना जावे छोड़कर कि दिल अभी भरा नहीं ,बहता पानी रमता योगी रोके ना रुकेयह कहावत चरितार्थ हुई जब 36 मूलगुण धारी ,36 साधुओं सहित पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने जयपुर जिले में ग्रीष्मकालीन प्रवास में काफी धर्म प्रभावना कर संघस्थ श्री हितेन्द्र सागर जी की जन्म ,धर्मनगरी बड़ के बालाजी जयपुर से दिनांक 11 जून प्रातः 5.15 बजेचंद्रपुरी बड़के बालाजी से 5.4 किलोमीटर बिहार कर स्वप्नलोक सीतापुर बास संझरिया, जयपुर में आहार एवं रात्रि विश्राम के लिए मुनि हितेंद्रसागर ,प्रभवसागर ,चिंतनसागरदर्शितसागर , प्रबुद्ध सागर मुमुक्षुसागर,प्रणीतसागर,मुमुक्षु सागर ,ध्येयसागर भुवन सागर, गुणोदय सागर आर्यिकाशुभमति,चैत्यमती,विलोकमति,दिव्यांशुमति ,पूर्णिमामति ,मुदितमति ,विचक्षणमति ,समर्पितमति ,निर्मुक्तमति,विनम्रमति ,दर्शनामति ,देशनामति ,महायशमति,देवर्धिमति,प्रणतमति,निर्मोह मति,पद्मयशमति ,दिव्ययशमति,प्रेक्षामति जिनेशमति,ऐलक हर्षसागर ,क्षुल्लक प्राप्तिसागर , सुभग सागर , सुगुप्त सागर, प्रतिज्ञा सागर, क्षुल्लिका श्री प्रदीप्त मति सहित मंगल बिहार किया। विहार के दौरान समाज के धर धर पर आचार्य श्री की आरती कर चरण प्रक्षालन किए गए।समाज के सभीउम्र के भक्तों के नेत्रों से अश्रुधारा प्रवाहित हो रही थी। चूड़ीवाल परिवार के श्री अशोक ,श्री भागचंद ,श्री सुनील श्रीमती सुनीता ,श्रीमती कुसुम चूड़ीवाल,मॉर्निंग क्लब जिनकी दिनचर्या श्रीजी ,आचार्य संघ के दर्शन अभिषेक पूजन जाप, स्वाध्याय से प्रारंभ होती थी । अनेकों भावविहल थे।सकल जैन समाज द्वारा आचार्य श्री वर्धमान सागर जी की भव्य पूजन हुई राजेश पंचोलिया इंदौर 2026-06-11 09:02:17
221430 40449710 11. वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी का जोबनेर अतिशय क्षेत्र लूँणवा के लिए मंगल बिहार जयपुर समाज ओर चूड़ीवाल परिवारने दी अश्रुपूरित नेत्रों से दी बिदाई अभी ना जावे छोड़कर कि दिल अभी भरा नहीं ,बहता पानी रमता योगी रोके ना रुकेयह कहावत चरितार्थ हुई जब 36 मूलगुण धारी ,36 साधुओं सहित पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने जयपुर जिले में ग्रीष्मकालीन प्रवास में काफी धर्म प्रभावना कर संघस्थ श्री हितेन्द्र सागर जी की जन्म ,धर्मनगरी बड़ के बालाजी जयपुर से दिनांक 11 जून प्रातः 5.15 बजेचंद्रपुरी बड़के बालाजी से 5.4 किलोमीटर बिहार कर स्वप्नलोक सीतापुर बास संझरिया, जयपुर में आहार एवं रात्रि विश्राम के लिए मुनि हितेंद्रसागर ,प्रभवसागर ,चिंतनसागरदर्शितसागर , प्रबुद्ध सागर मुमुक्षुसागर,प्रणीतसागर,मुमुक्षु सागर ,ध्येयसागर भुवन सागर, गुणोदय सागर आर्यिकाशुभमति,चैत्यमती,विलोकमति,दिव्यांशुमति ,पूर्णिमामति ,मुदितमति ,विचक्षणमति ,समर्पितमति ,निर्मुक्तमति,विनम्रमति ,दर्शनामति ,देशनामति ,महायशमति,देवर्धिमति,प्रणतमति,निर्मोह मति,पद्मयशमति ,दिव्ययशमति,प्रेक्षामति जिनेशमति,ऐलक हर्षसागर ,क्षुल्लक प्राप्तिसागर , सुभग सागर , सुगुप्त सागर, प्रतिज्ञा सागर, क्षुल्लिका श्री प्रदीप्त मति सहित मंगल बिहार किया। विहार के दौरान समाज के धर धर पर आचार्य श्री की आरती कर चरण प्रक्षालन किए गए।समाज के सभीउम्र के भक्तों के नेत्रों से अश्रुधारा प्रवाहित हो रही थी। चूड़ीवाल परिवार के श्री अशोक ,श्री भागचंद ,श्री सुनील श्रीमती सुनीता ,श्रीमती कुसुम चूड़ीवाल,मॉर्निंग क्लब जिनकी दिनचर्या श्रीजी ,आचार्य संघ के दर्शन अभिषेक पूजन जाप, स्वाध्याय से प्रारंभ होती थी । अनेकों भावविहल थे।सकल जैन समाज द्वारा आचार्य श्री वर्धमान सागर जी की भव्य पूजन हुई राजेश पंचोलिया इंदौर 2026-06-11 09:02:16