| ID |
Chat ID
|
Chat Name
|
Sender
|
Phone
|
Message
|
Status
|
Date |
View |
| 225949 |
40449666 |
नव आचार्य समय सागर जी भक्त |
|
|
*"ताकतवर होकर भी"* *"झुक जाना श्रेष्ठ गुण है,"* *"और श्रेष्ठ होकर भी"* *"साधारण रहना सर्वश्रेष्ठ"* *"गुण है..!!"* *??जय जिनेंद्र??* विद्या पूर्ण धर्म प्रभावना का app आ गया है । सभी सदस्य नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके तुरंत ही जुड़ें और अपना सदस्य Community कार्ड प्राप्त करे - Powered by Kutumb App
<a href="https://primetrace.com/group/7374/post/1188649258?utm_source=android_post_share_web&referral_code=JBHJP&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=PENDING" target="_blank">https://primetrace.com/group/7374/post/1188649258?utm_source=android_post_share_web&referral_code=JBHJP&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=PENDING</a> |
|
2026-06-13 05:36:53 |
|
| 225950 |
47534159 |
Maharstra (kartick) |
|
|
*आत्मचिंतन - (नं. 2638)*
*******************************
*श्रीतत्त्वार्थसूत्र तथा मोक्षशास्त्र*
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
(*248*)
*श्रीतत्त्वार्थसूत्र* अपरनाम *मोक्षशास्त्र* जैन दर्शन का सुंदर विश्लेषण करने वाला एक बहुत ही महत्वपूर्ण ग्रंथ / आगम / शास्त्र है। हम इसे स्टेप बाय स्टेप समझ रहे हैं -
*|| तीसरा अध्याय II*
*द्वयोर्द्वयो: पूर्वा: पूर्वागा: ||*
(अध्याय 3 / सूत्र 22)
*व्दयो: व्दयो: पूर्वा: पूर्वागा: ॥3/22॥*
*मतलब -*
~~~~~~
गंगा, रोहित, हरित, सीता, नारी, सुवर्णकुला और रक्ता ये सात नदियाँ पूर्वी समुद्र में मिलती हैं।
*शेषास्त्वपरगा: ||*
( अध्याय 3 / सूत्र 23 )
*शेषा: तु अपरगा || 3/23||*
*मतलब -*
~~~~~~~
बाकी सात नदियाँ ( यानी सिंधु, रोहितास्या, हरिकांता, सीतोदा, नरकांता, रूप्यकुला और रक्तोदा ) पश्चिमी समुद्र में मिलती हैं।
*(क्रमशः) ( ता. 13/06/2026 )*
*--डॉ.अजीत जे.पाटिल जैन, सांगली, महाराष्ट्र*
???
(कु.9880/आ.3305) |
|
2026-06-13 05:36:53 |
|
| 225951 |
49028270 |
1.श्री सम्मेद शिखर जी |
|
|
CMnv |
|
2026-06-13 05:36:53 |
|
| 225947 |
40449668 |
आ,गुरु विद्यासागरजी कहां विराजमान है |
|
|
अहो आत्मन, *अत्यंत सतर्क हो जायें क्योंकि अपने आत्मदंभ में जीवन जीने वाला व्यक्ति ही स्वयं का सबसे बड़ा शत्रु होता है क्योंकि आने वाले समय में उसे अपनी बर्बादी के लिये किसी और की आवश्यकता ही नहीं है.* जो है सो है. ? जयजिनेन्द्र,सुप्रभात विद्या पूर्ण धर्म प्रभावना का app आ गया है । सभी सदस्य नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके तुरंत ही जुड़ें और अपना सदस्य Community कार्ड प्राप्त करे - Powered by Kutumb App
<a href="https://primetrace.com/group/7374/post/1188649326?utm_source=android_post_share_web&referral_code=JBHJP&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=PENDING" target="_blank">https://primetrace.com/group/7374/post/1188649326?utm_source=android_post_share_web&referral_code=JBHJP&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=PENDING</a> |
|
2026-06-13 05:36:38 |
|
| 225948 |
40449668 |
आ,गुरु विद्यासागरजी कहां विराजमान है |
|
|
अहो आत्मन, *अत्यंत सतर्क हो जायें क्योंकि अपने आत्मदंभ में जीवन जीने वाला व्यक्ति ही स्वयं का सबसे बड़ा शत्रु होता है क्योंकि आने वाले समय में उसे अपनी बर्बादी के लिये किसी और की आवश्यकता ही नहीं है.* जो है सो है. ? जयजिनेन्द्र,सुप्रभात विद्या पूर्ण धर्म प्रभावना का app आ गया है । सभी सदस्य नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके तुरंत ही जुड़ें और अपना सदस्य Community कार्ड प्राप्त करे - Powered by Kutumb App
<a href="https://primetrace.com/group/7374/post/1188649326?utm_source=android_post_share_web&referral_code=JBHJP&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=PENDING" target="_blank">https://primetrace.com/group/7374/post/1188649326?utm_source=android_post_share_web&referral_code=JBHJP&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=PENDING</a> |
|
2026-06-13 05:36:38 |
|
| 225945 |
49028270 |
1.श्री सम्मेद शिखर जी |
|
|
|
|
2026-06-13 05:36:28 |
|
| 225946 |
49028270 |
1.श्री सम्मेद शिखर जी |
|
|
|
|
2026-06-13 05:36:28 |
|
| 225944 |
49028270 |
1.श्री सम्मेद शिखर जी |
|
|
|
|
2026-06-13 05:34:52 |
|
| 225943 |
49028270 |
1.श्री सम्मेद शिखर जी |
|
|
|
|
2026-06-13 05:34:51 |
|
| 225941 |
40649233 |
Mumukshu mandal?♂️ |
|
|
|
|
2026-06-13 05:34:24 |
|