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Chat ID
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Chat Name
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Sender
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Phone
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Message
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Status
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Date |
View |
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40449703 |
गणिनी आर्यिका जिनदेवी माँ |
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??वंदामी माताजी??
???????????? |
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2026-04-06 09:36:25 |
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| 68663 |
40449687 |
अध्यात्मयोगी |
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<a href="https://youtu.be/XCvX_9mSQ4E" target="_blank">https://youtu.be/XCvX_9mSQ4E</a> |
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2026-04-06 09:35:15 |
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| 68664 |
40449687 |
अध्यात्मयोगी |
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<a href="https://youtu.be/XCvX_9mSQ4E" target="_blank">https://youtu.be/XCvX_9mSQ4E</a> |
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2026-04-06 09:35:15 |
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| 68661 |
40449703 |
गणिनी आर्यिका जिनदेवी माँ |
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Wandami mataji |
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2026-04-06 09:34:49 |
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| 68662 |
40449703 |
गणिनी आर्यिका जिनदेवी माँ |
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Wandami mataji |
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2026-04-06 09:34:49 |
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| 68659 |
40449668 |
आ,गुरु विद्यासागरजी कहां विराजमान है |
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*?️?️ वीडियो देखें ?️?️
*?️ आचार्य श्री विशुद्ध सागर महाराज प्रवचन में कहते हैं कि आपका शरीर हट्टा कट्टा मिला है परंतु बुद्धि भीख मांगने की है सेठ बनने की बुद्धि नहीं मिली है, जो भिखारी तुम्हारे द्वार पर निकलता है उसमे निहारना चाहिए विश्वास मानो पंडित जी, आज संसार में कोई विडंबना है अनादर भाव, अनादर भाव संसार में महान कष्ट है, अनादर भाव संसार में कोई महान पाप किया हो अनादर भाव संसार में महान कष्ट है महान पाप, यह नरक के नरकीय जीवन से भी बड़ा कष्ट है, नरक में शरीर को कष्ट होता है, उससे बड़ा कोई कष्ट होता है उसका नाम असम्मान होता है नरक के नरकीय को मात्र दैहिक पीड़ा होती हैं लेकिन जिसका अपमान होता है उसको मानसिक पीड़ा होती हैं, मानसिक पीड़ा इतनी बड़ी होती हैं शरीर अपने आप में जो व्यक्ति मित्र विश्वास माननीय जो व्यक्ति 250 किलो का हो वह 2.50 किलो का बचता है उसका इतना प्राण सुख जाता है, जीवन में कोई बड़ा उपकार न कर सको चलेगा किंतु अपमान किसी का मत करना (वीडियो देखे,अवश्य सुनें)?*
*?आपका जीवन मंगलमय हो?*
*?आपका मोक्ष मार्ग प्रशस्त हो?*
*?विद्या पूर्ण धर्म प्रभावना का है ।?* <a href="https://primetrace.com/group/7374/post/1183550587?utm_source=android_post_share_web&referral_code=N29CX&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=BROADCASTER" target="_blank">https://primetrace.com/group/7374/post/1183550587?utm_source=android_post_share_web&referral_code=N29CX&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=BROADCASTER</a> |
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2026-04-06 09:33:47 |
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| 68660 |
40449668 |
आ,गुरु विद्यासागरजी कहां विराजमान है |
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*?️?️ वीडियो देखें ?️?️
*?️ आचार्य श्री विशुद्ध सागर महाराज प्रवचन में कहते हैं कि आपका शरीर हट्टा कट्टा मिला है परंतु बुद्धि भीख मांगने की है सेठ बनने की बुद्धि नहीं मिली है, जो भिखारी तुम्हारे द्वार पर निकलता है उसमे निहारना चाहिए विश्वास मानो पंडित जी, आज संसार में कोई विडंबना है अनादर भाव, अनादर भाव संसार में महान कष्ट है, अनादर भाव संसार में कोई महान पाप किया हो अनादर भाव संसार में महान कष्ट है महान पाप, यह नरक के नरकीय जीवन से भी बड़ा कष्ट है, नरक में शरीर को कष्ट होता है, उससे बड़ा कोई कष्ट होता है उसका नाम असम्मान होता है नरक के नरकीय को मात्र दैहिक पीड़ा होती हैं लेकिन जिसका अपमान होता है उसको मानसिक पीड़ा होती हैं, मानसिक पीड़ा इतनी बड़ी होती हैं शरीर अपने आप में जो व्यक्ति मित्र विश्वास माननीय जो व्यक्ति 250 किलो का हो वह 2.50 किलो का बचता है उसका इतना प्राण सुख जाता है, जीवन में कोई बड़ा उपकार न कर सको चलेगा किंतु अपमान किसी का मत करना (वीडियो देखे,अवश्य सुनें)?*
*?आपका जीवन मंगलमय हो?*
*?आपका मोक्ष मार्ग प्रशस्त हो?*
*?विद्या पूर्ण धर्म प्रभावना का है ।?* <a href="https://primetrace.com/group/7374/post/1183550587?utm_source=android_post_share_web&referral_code=N29CX&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=BROADCASTER" target="_blank">https://primetrace.com/group/7374/post/1183550587?utm_source=android_post_share_web&referral_code=N29CX&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=BROADCASTER</a> |
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2026-04-06 09:33:47 |
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| 68657 |
40449703 |
गणिनी आर्यिका जिनदेवी माँ |
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Vandami mataji ?????? |
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2026-04-06 09:33:17 |
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| 68658 |
40449703 |
गणिनी आर्यिका जिनदेवी माँ |
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Vandami mataji ?????? |
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2026-04-06 09:33:17 |
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| 68656 |
40449703 |
गणिनी आर्यिका जिनदेवी माँ |
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Wandami Mataji ??? |
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2026-04-06 09:32:10 |
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