| ID |
Chat ID
|
Chat Name
|
Sender
|
Phone
|
Message
|
Status
|
Date |
View |
| 223580 |
49028270 |
1.श्री सम्मेद शिखर जी |
|
|
*मर्यादा लांघकर चर्चित हो जाना कोई बड़ी बात नहीं है,,*
*सुकून तो तब है...*
*जब संस्कारों की सीमा में रहकर दिलो में जगह बनाई जाए..* |
|
2026-06-12 06:51:58 |
|
| 223577 |
49028270 |
1.श्री सम्मेद शिखर जी |
|
|
?*सज्जनता वह विद्या है, जो भाषा से नहीं, वरन व्यवहार से परखी जाती है।*? |
|
2026-06-12 06:51:56 |
|
| 223578 |
49028270 |
1.श्री सम्मेद शिखर जी |
|
|
?*सज्जनता वह विद्या है, जो भाषा से नहीं, वरन व्यवहार से परखी जाती है।*? |
|
2026-06-12 06:51:56 |
|
| 223576 |
49028270 |
1.श्री सम्मेद शिखर जी |
|
|
*समय,संपत्ति,सत्ता और शरीर*
*हमेशा साथ नही देते हैं*
*लेकिन अच्छा स्वभाव,ज्ञान*
*और अच्छे कर्म*
*हमेशा आपके साथ रहते हैं* |
|
2026-06-12 06:51:55 |
|
| 223575 |
49028270 |
1.श्री सम्मेद शिखर जी |
|
|
*समय,संपत्ति,सत्ता और शरीर*
*हमेशा साथ नही देते हैं*
*लेकिन अच्छा स्वभाव,ज्ञान*
*और अच्छे कर्म*
*हमेशा आपके साथ रहते हैं* |
|
2026-06-12 06:51:54 |
|
| 223574 |
49028270 |
1.श्री सम्मेद शिखर जी |
|
|
|
|
2026-06-12 06:51:26 |
|
| 223573 |
49028270 |
1.श्री सम्मेद शिखर जी |
|
|
|
|
2026-06-12 06:51:25 |
|
| 223571 |
40449664 |
?सम्पूर्ण भारतवर्ष जैन मुनि विहार एवं माता जी विहार समूह ?और गणमान्यगण? |
|
|
*आजकल कपड़े "फट" जाएं,*
*तो कोई उसे "सिलवाता" नहीं है,*
*बस नये "खरीद" लेता है,*
*बस यही हाल अब "सम्बन्धों",*
*का भी हो गया है..,*
*उन्हें अब कोई "सुधारता" नहीं है,*
*बल्कि नये "सम्बन्ध" बना लेता है।*
*जय जिनेंद्र??????*
*आपका हर पल मंगलमय हो |
|
2026-06-12 06:47:31 |
|
| 223572 |
40449664 |
?सम्पूर्ण भारतवर्ष जैन मुनि विहार एवं माता जी विहार समूह ?और गणमान्यगण? |
|
|
*आजकल कपड़े "फट" जाएं,*
*तो कोई उसे "सिलवाता" नहीं है,*
*बस नये "खरीद" लेता है,*
*बस यही हाल अब "सम्बन्धों",*
*का भी हो गया है..,*
*उन्हें अब कोई "सुधारता" नहीं है,*
*बल्कि नये "सम्बन्ध" बना लेता है।*
*जय जिनेंद्र??????*
*आपका हर पल मंगलमय हो |
|
2026-06-12 06:47:31 |
|
| 223569 |
49028270 |
1.श्री सम्मेद शिखर जी |
|
|
|
|
2026-06-12 06:45:42 |
|