| ID |
Chat ID
|
Chat Name
|
Sender
|
Phone
|
Message
|
Status
|
Date |
View |
| 8488 |
40449659 |
सकल जैन महिला मंडळ फलटण |
|
|
श्री १००८ आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर फलटण येथे
अखंड २४ तास णमोकार महामंत्र जाप
बुधवार दि.१८/०२/२०२६ सकाळी ०६:००वा.पासुन गुरुवार दि.१९/०२/२०२६ सकाळी ६:०० वा.पर्यंत होईल तरी सर्व श्रावक श्राविका युवक युवती यांनी बहुसंख्येने उपस्थित राहुन धर्मलाभ घ्यावा. |
|
2026-02-18 09:14:49 |
|
| 8487 |
40449689 |
? विद्या शरणम ०१ ? |
|
|
*??गुरूदेव का समाधी दिवस ??* |
|
2026-02-18 09:12:51 |
|
| 8486 |
40449678 |
1)जैन गुरुकुल से एकता, धर्म और समाज का उत्थान और तीर्थ रक्षा |
|
|
*उठावनी रस्म*
बड़े दुख के साथ सूचित किया जाता है कि मेरे बड़े भाई *श्री सुधीर जैन* पचोखरा वाले निवासी जसोला विहार का अकास्मिक निधन17/2/26 को हो गया था उठावनी की रस्म 20/2/2026 को जसोला विहार सीनियर सिटीजन हॉल में होगी सुबह 9.30से 10.30
निवास स्थान :
86 C, Pocket 12, DDA FLAT, JASOLA VIHAR, DELHI.
भाई : मनोज जैन : 8377083859 |
|
2026-02-18 09:11:30 |
|
| 8485 |
40449727 |
GROUP ??दसा नरसिंहपुरा समाज?? |
|
|
*??मंगल प्रवचन | खनियांधाना | निर्यापक मुनिपुंगव श्री सुधासागर जी महाराज ससंघ | 18 फरवरी 2026*
<a href="https://www.youtube.com/live/wDIf9bE3uPA" target="_blank">https://www.youtube.com/live/wDIf9bE3uPA</a>
*? धर्मप्रभावना पुण्यार्जक*
मित्रा फ़िल्म्स, इंदौर | 9926247717
*? व्हाट्सप्प ग्रुप से जुड़े*
<a href="https://shorturl.at/mIvAV" target="_blank">https://shorturl.at/mIvAV</a>
*??पुण्योदय विद्यापथ??*
<a href="https://linktr.ee/punyodaya" target="_blank">https://linktr.ee/punyodaya</a> |
|
2026-02-18 09:08:17 |
|
| 8484 |
40449658 |
?शांतिधारा-पुणे? |
|
|
*शांतिधारा गिर गौशाला में निर्मित*
*कोरियर फ्री फ्री फ्री*
*पूर्णिमा गिर बिलोना घी*
*FULL MOON GIR BILONA GEE*??
*???*
*प्रमुख फायदे:-*
*?रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि* *Boosts Immunity*
? *उन्नत पोषण से भरपूर।*
*Enhanced Nutritional Properties*
? *विटामिन और खनिजों का समृद्ध स्रोत।*
*Rich source of Vitamins and Minerals*
? *जोड़ों में चिकनाई बनाए रखने।*
*Ghee acts as a lubricant for joints*
*?कोलेस्ट्रॉल को कम, हृदय स्वस्थ रखने में लाभदायक।*
*Lowers cholesterol and Heart Health*
?????????
*विशेषताएं*
_1. *गायों को पूर्णिमा के ब्रह्म मुहूर्त में गिर गौघृत और जावित्री, अश्वगंधा, शतावर, जटामांसी आदि 30 औषधीयो से निर्मित लड्डू दिए जाते हैं।*_
_*2. चंद्रमा की सभी 16 कलाओं की प्रचुर ऊर्जा से परिपूर्ण।*_
_*3. शक्तिशाली ऊर्जा को अवशोषित करता है।*_
*मात्रा:1000ml/500ml/250ml*
*मूल्य:4500/2300/1200/-*
*ऑर्डर हेतु संपर्क:-*
*हमारी वेबसाइट*
*www.shantidhara.in*
*हमसे जुड़े:*
*<a href="https://linktr.ee/shantidhara*" target="_blank">https://linktr.ee/shantidhara*</a>
????
*WhatsApp number*
*6266486223,8770637723*
प्राप्ति हेतु समूह विवरण में देखें। |
|
2026-02-18 09:07:17 |
|
| 8483 |
40449665 |
2.0 Jain Dharam ? जैन धर्म |
|
|
|
|
2026-02-18 09:06:36 |
|
| 8482 |
49028270 |
1.श्री सम्मेद शिखर जी |
|
|
<a href="https://youtu.be/b3tgUWsIevQ?si=Xk093J7J1HBgSwNI" target="_blank">https://youtu.be/b3tgUWsIevQ?si=Xk093J7J1HBgSwNI</a>
जिनवाणी चैनल पर आज का मंगल अभिषेक एवं शान्तिधारा देखें - कल प्रातः 7.20 बजे_
<a href="https://youtube.com/@teelevalebaba" target="_blank">https://youtube.com/@teelevalebaba</a>
? मंगल अभिषेक शांतिधारा
✨ छाणी परम्परा के षष्ठम पट्टाधीश, परम तपस्वी, सराकोद्धारक, प. पू. आचार्य शिरोमणि श्री 108 ज्ञान सागर जी महाराज के मंगल आशीर्वाद से आज दिनांक 18 फरवरी 2026 को चैतन्य चमत्कारी श्री पार्श्वनाथ भगवान का मंगल अभिषेक एवं मंगल शान्तिधारा करने के परम सौभाग्य प्राप्तकर्ता✨
01 धर्मपाल जैन मोहनलाल जैन स्तुति जैन रितिका जैन मोहनमाला जैन ममता जैन।
02 समाधिस्त अध्यात्म श्री जी के परिवार की और से श्री राजेंद्र कुमार नितिन जैन श्रीमति हर्षिता जैन यशस्वी जैन प्रशस्ति दर्श जैन निधि दीपक सचिन रिया मयंक।
03 श्री अभिषेक जैन अंकित जैन तुषार जैन विनोद जैन आर्यन जैन बोर्ड की परीक्षा में सफलता हेतु सपरिवार कृष्णानगर दिल्ली।
04 श्री सुरेंद्र जैन अमित जैन अनिल जैन अविराग जैन समस्त कली वाला परिवार विश्वास नगर
05 सुशील जैन मिथिलेश जैन की शादी वर्षगांठ के उपलक्ष्य में दिल्ली।
06 ब्रह्मचारिणी नीलम दीदी ब्रह्मचारिणी प्रेरणा दीदी पारसनाथ पैराडाइज मोहन नगर गाजियाबाद ।
07 श्री पंकज श्रीमति रीना जैन ऋषभ जैन अभिषेक जैन श्रेया जैन बड़ागांव ऋषभ विहार दिल्ली
08 इंद्रेश जैन श्रीमति शोभा जैन अभिनव जैन पर्णवि जैन सपरिवार विवेक विहार दिल्ली
09 श्री बच्चू सिंह जैन श्रीमति गीता जैन अनिल कुमार जैन,श्रीमति अनु जैन,अर्पण,पायल जैन,अर्पित,अर्चना,आशवी जैन वीर जैन,वाणी जैन अनिल राखी परिवार अलवर राजस्थान ।
10 श्रीमति कमलेश जैन पत्नी कुंथप्रसाद जैन नूह वाले कि पुण्य स्मृति में तुष्मा,राजीव,रश्मि संजय कुमार,कामनी,सुशील, सानिया,सेजल,सिया,अभिषेक,वंशिका जैन संजय ज्वेलर्स सपरिवार सुख शांति समृद्धि एवं स्वास्थ लाभ हेतु पार्श्व विहार दिल्ली ।
11 श्री सुधीर जैन राहुल जैन, सौरभ जैन, आदित्य जैन, अथर्व जैन खेकड़ा वाले ज्योतिनगर दिल्ली ।
12 श्रीमति विद्या देवी श्री अश्वनी-सुनीता, डॉक्टर राहुल-खुशबु, मनन, कशु जैन फरुखनगर निवासी सपरिवार
13 श्री दीनदयाल जैन रेनू जैन, राहुल-रजनी जैन आर्जव, नयन जैन रेवाड़ी हरियाणा संजय जैन मधु विहार पड़पड़गंज दिल्ली स्वास्थ्य लाभ हेतु सुख शांति समृद्धि हेतु ।
14 स्व० श्री महेंद्र कुमार जैन स्व. श्रीमति लीला जैन,सुशील रीना,ऋषभ,समीक्षा,मनीषा, नूतन,अशोक जैन पवन, पूनम, बड़ागांव वाले गाजियाबाद सुख शांति समृद्धि हेतु ।
15 श्री पार्श्वनाथ ट्रेडलिंक प्राइवेट लिमिटेड कोयले वाले अरुण, संदीप, आकर्ष, अर्चित, मोहक, संभव जैन वेस्ट ज्योतिनगर शाहदरा ।
16 श्री सुभाषचंद जैन सरोज जैन, मिस रेनू जैन, डॉक्टर अंजलि, आरती, कमल, आदित्य, सानवी, आरव, कुवम जैन निवासी सोनीपत हरियाणा सुख शांति व स्वास्थ्य लाभ एवं व्यापार वृद्धि हेतु ।
17 गणिनी आर्यिका 105 चन्द्रमति माता जी चंद्रांचल बालिका आश्रम बड़ागांव ।
????♂️????♂️
? श्री पार्श्वनाथ अतिशय क्षेत्र प्राचीन दिगम्बर जैन मंदिर बड़ागांव में अर्हं दीघार्यु फिजियोथेरेपी एवं योगा सेन्टर??♂️ का भव्य शुभारंभ हुआ इस सेंटर में कमर दर्द, घुटनों का दर्द, साइटिका, स्पॉन्डिलाइसिस, अर्थराइटिस, लकवा, स्लिप डिस्क इत्यादि गंभीर रोगों का साध्य इलाज उपलब्ध कराया जाएगा अगर आप भी किसी रोग से पीड़ित हैं तो आज ही अर्हं दीघार्यु फिजियोथेरेपी सेंटर में अपना इलाज करवा सकते है।
???????
⚜️ आप भी मात्र ₹ 1100/- प्रतिदिन में अपने परिवार के किसी भी सदस्य के जन्मदिन, पुण्यतिथि, शादी वर्षगांठ, स्वास्थ्य लाभ, परिवार में सुख-शांति, व्यापार-वृद्धि आदि के लिये ? श्री पार्श्वनाथ भगवान ? के चरणों में विनती करते हुए अभिषेक एवं शांतिधारा घर पर ही परिवार सहित बैठकर अनुमोदना करते हुए करवाकर अक्षय पुण्य की प्राप्ति करें। ⚜️
? जय जिनेन्द्र ?
?? श्री पार्श्वनाथ अतिशय क्षेत्र प्राचीन दिगम्बर जैन मंदिर बड़ागांव का इतिहास जानने के लिए नीचे दी गई वेबसाइट विज़िट करे
<a href="https://jaintemplebadagaon.com/" target="_blank">https://jaintemplebadagaon.com/</a>
???????
?? श्री पार्श्वनाथ अतिशय क्षेत्र प्राचीन दिगम्बर जैन मंदिर बड़ागांव बागपत उप्र० का app आ गया है ।
??????????????
सभी सदस्य नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके तुरंत ही जुड़ें और अपना सदस्य ID कार्ड प्राप्त करे - Powered by Kutumb App
<a href="https://kutumb.app/3136fb286685?ref=9DW0U&screen=star_share=" target="_blank">https://kutumb.app/3136fb286685?ref=9DW0U&screen=star_share=</a>
???????
?✨ व्हाट्सप्प चैनल से जुड़ने के लिए नीचे दी गई लिंक में क्लिक करे ?
<a href="https://whatsapp.com/channel/0029Va5yojl2f3ERXqv9oh2" target="_blank">https://whatsapp.com/channel/0029Va5yojl2f3ERXqv9oh2</a>
???????
?? Facebok ग्रुप से जुड़ने के लिए नीचे दी गई लिंक में क्लिक करे ?
<a href="https://www.facebook.com/groups/50588428278136" target="_blank">https://www.facebook.com/groups/50588428278136</a>
✨⚜️✨?✨⚜️✨
? सम्पर्क सूत्र - ?9012214745 ; 6265659052
?⚜️?⚜️?⚜️?
? आनलाईन राशि निम्न बैंक में जमा करवा सकते हैं -?
? नाम - SHREE PARSHAVNATH ATISHAY KHETRA PRACHIN DIGAMBAR JAIN MANDIR BADAGAON
?A/C No. - 6444000100000012
? Branch - PUNJAB NATIONAL BANK ,KHEKDA
?IFSC कोड - PUNB0644400 |
|
2026-02-18 09:03:30 |
|
| 8481 |
42131354 |
जिनधर्म प्रभावक प्रकोष्ठ (JAIN INFLUENCER), विश्व जैन संगठन |
|
|
*उत्कृष्ठ समाधि दिवस प.पू. आचार्य गुरुवर श्री 108 विद्यासागर जी महामुनिराज ✨?*
*असर कुछ ऐसा हुआ है आपके दूर जाने का, ज्यादा कुछ*
*नही बस..* *जीवित होकर भी तन से प्राण निकल गए है.*
*आचार्य गुरुदेव ~ Aacharya Shri 108 vidya Sagar Ji Maharaj*
<a href="https://chat.whatsapp.com/KJkXKRC5BKi7f0SEjDQ28k" target="_blank">https://chat.whatsapp.com/KJkXKRC5BKi7f0SEjDQ28k</a>
•••••••••••••••••••••••••••••
*?गुरु चरणों में समर्पित*
*☀️?आचार्य गुरुदेव ?☀️*
<a href="https://linktr.ee/aacharya.gurudev" target="_blank">https://linktr.ee/aacharya.gurudev</a> |
|
2026-02-18 09:03:12 |
|
| 8480 |
40449732 |
? पंच परमेष्ठी जैनसमूह ? |
|
|
*??मंगल प्रवचन | खनियांधाना | निर्यापक मुनिपुंगव श्री सुधासागर जी महाराज ससंघ | 18 फरवरी 2026*
<a href="https://www.youtube.com/live/wDIf9bE3uPA" target="_blank">https://www.youtube.com/live/wDIf9bE3uPA</a>
*? धर्मप्रभावना पुण्यार्जक*
मित्रा फ़िल्म्स, इंदौर | 9926247717
*? व्हाट्सप्प ग्रुप से जुड़े*
<a href="https://shorturl.at/mIvAV" target="_blank">https://shorturl.at/mIvAV</a>
*??पुण्योदय विद्यापथ??*
<a href="https://linktr.ee/punyodaya" target="_blank">https://linktr.ee/punyodaya</a> |
|
2026-02-18 09:03:06 |
|
| 8479 |
40449749 |
जिनोदय?JINODAYA |
|
|
*सत्कर्म का विज्ञापन पुण्य का विनाश करता है*
आज का युग प्रदर्शन का युग बन गया है। धर्म, दान, सेवा, तप—सब कुछ कैमरे और मंच के बीच सिमटता जा रहा है। परंतु जैन दर्शन का मूल स्वर इससे बिल्कुल विपरीत है। जैन आगम बार-बार चेतावनी देते हैं कि सत्कर्म का वास्तविक फल उसके बाहरी आकार से नहीं, बल्कि उसके आंतरिक भाव से निर्धारित होता है। जिस क्षण “मैंने किया” का अहंकार जुड़ता है, उसी क्षण पुण्य की शुद्धता घटने लगती है। कस्तूरी खुली रखने से उड़ जाती है, उसी प्रकार पुण्य का प्रदर्शन उसके आध्यात्मिक प्रभाव को क्षीण कर देता है।
तत्त्वार्थसूत्र में स्पष्ट सूत्र है—“पुण्यपापहेतवः शुभाशुभभावाः।” अर्थात् पुण्य और पाप का कारण बाहरी क्रिया नहीं, बल्कि अंतःकरण के शुभ या अशुभ भाव हैं। यदि दान इसलिए किया गया कि समाज में नाम हो, सम्मान मिले, पद प्राप्त हो, तो उस समय भाव पूर्णतः शुभ नहीं रह जाता। वहाँ सूक्ष्म अहंकार प्रवेश कर जाता है, और वही अहंकार आत्मकल्याण में बाधक बनता है।
उत्तराध्ययन सूत्र में गाथा आती है—“णंति तवो दंणं च, जदि अहंकारेण कीरइ।” अर्थात् तप और दान यदि अहंकार से किए जाएँ तो वे आत्मोद्धार का कारण नहीं बनते। यहाँ शास्त्र हमें भीतर झाँकने को प्रेरित करते हैं। प्रश्न यह नहीं कि हमने कितना दिया; प्रश्न यह है कि हमने किस भाव से दिया। यदि भीतर प्रसिद्धि की आकांक्षा है, तो वह दान नहीं, सूक्ष्म व्यापार है।
दशवैकालिक सूत्र में कहा गया है—“विणओ सासणस्स मूलं।” विनय ही धर्म का मूल है। जहाँ विनम्रता नहीं, वहाँ धर्म की जड़ सूखने लगती है। यदि सेवा के बाद व्यक्ति स्वयं का गुणगान करने लगे, तो वह विनय के विपरीत आचरण है। जैनाचार्यों ने विनय को साधना का प्रथम सोपान बताया है। विनय से किया गया छोटा सा कार्य भी महान फलदायी होता है, जबकि अहंकार से किया गया बड़ा आयोजन भी आध्यात्मिक दृष्टि से अल्पफलदायी हो सकता है।
जैन सिद्धांत में दान की शुद्धता पर विशेष बल दिया गया है। दान चार प्रकार का बताया गया—आहार दान, औषध दान, ज्ञान दान और अभय दान। परंतु इन सबका मूल एक ही है—निष्काम भाव। यदि ज्ञान दान भी इसलिए हो कि मंच पर नाम घोषित हो, तो उसका आध्यात्मिक मूल्य कम हो जाता है। अभय दान भी यदि प्रसिद्धि के लिए दिया जाए, तो वह पूर्ण सात्त्विक नहीं रहता।
जैन आगमों में एक और गहरा सिद्धांत है—कषाय (क्रोध, मान, माया, लोभ) ही बंधन का कारण हैं। जब दान के साथ “मान” अर्थात अहंकार जुड़ता है, तो वही कषाय कर्मबंधन का कारण बनता है। इसलिए शास्त्र चेताते हैं कि दान करते समय भी कषायों से सावधान रहो। बाहरी दान से अधिक आवश्यक है भीतर के मान का त्याग।
हमारे आचार्यों ने उदाहरण देकर समझाया है कि सच्चा पुण्य मौन में पनपता है। जैसे बीज मिट्टी के भीतर छिपकर अंकुरित होता है, वैसे ही पुण्य गुप्त भाव से बढ़ता है। यदि बीज को बार-बार उखाड़कर दिखाया जाए, तो वह वृक्ष नहीं बन पाता। ठीक उसी प्रकार यदि हर सत्कर्म का प्रदर्शन किया जाए, तो उसकी आध्यात्मिक शक्ति क्षीण हो जाती है।
आज आवश्यकता इस बात की है कि हम धर्म को प्रतियोगिता न बनाएँ। दान की राशि से अधिक महत्वपूर्ण है दान की भावना। सेवा के प्रचार से अधिक आवश्यक है सेवा की पवित्रता। यदि हम वास्तव में आत्मकल्याण चाहते हैं, तो हमें अपने सत्कर्मों को हृदय में सुरक्षित रखना होगा। समाज स्वयं पहचान लेगा, परंतु आत्मा के लेखे में वही दर्ज होगा जो निष्काम और विनम्र भाव से किया गया है।
अतः जैन शास्त्रों का स्पष्ट संदेश है—भाव शुद्ध रखो, विनय धारण करो, अहंकार से बचो, और सत्कर्म को मौन साधना की तरह करो। यही सच्चा पुण्य है, यही आत्मोन्नति का मार्ग है, और यही धर्म की वास्तविक गरिमा है।
नितिन जैन, संयोजक — जैन तीर्थ श्री पार्श्व पद्मावती धाम, पलवल (हरियाणा), जिलाध्यक्ष — अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन, पलवल, मोबाइल: 9215635871 |
|
2026-02-18 09:02:28 |
|