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79690 40449678 1)जैन गुरुकुल से एकता, धर्म और समाज का उत्थान और तीर्थ रक्षा *मंगल प्रभात लोढ़ा के बयान पर उबाल के दावानल के संदर्भ में कुछ जरूरी बात…..!* ????मंगल प्रभात लोढ़ा के जैनों को हिन्दू धर्मी बताने और जैनों को अल्पसंख्यक दर्जे से बाहर लाने की उनकी चाहत पर देश भर के जैनों के विरोध व भीषण उबाल का जो दावानल खड़ा हुआ है,यह इस बात का द्योतक है कि भाजपा के जैन नेता संघ व भाजपा के एजेण्डे पर चलते हुए जैन धर्म के स्वतंत्र अस्तित्व व अल्पसंख्यक दर्जे के खात्मे की बात करेंगे तो जैन अब इसे किसी कीमत पर बर्दास्त नहीं करेंगे,मगर मामला अकेले लोढ़ा का नहीं है बल्कि गुजरात के हर्ष सांघवी हो,राजस्थान के गुलाब चंद कटारिया हो या बैंगलोर के लहर सिंह सिरोया हो या मध्य प्रदेश के जैन भाजपा मंत्री हो,वे सब घुमा फिराकर यही बात कहते है जो लोढ़ा कह रहे और वे भी संघ व भाजपा को खुश करने के नाम यही खेल खेल रहे है.जितने भी जैन भाजपा के नेता है उन्हें जैनों के बोट,विशालकाय चन्दा ही नहीं हर बार जैनों के धार्मिक व सामाजिक मंचों व आयोजनों में मुख्य अतिथि बनने, माला, साल,गुलदस्ते और शानदार सम्मान चाहिए और जैनों पर आक्रमण हो,जैनों के मंदिर व उनके परिसरों पर कब्जे हो और तीर्थ हड़पे जाए तो उनकी जुबानें बंद रहती है,जुबानों पर लकवा मार जाता है और वे कायरता का बाना ओढ़ो मरणासन्न ही बने रहते है.जब मोदी की केंद्र सरकार व झारखंड की भाजपा की रघुवरदास सरकार ने सम्मेद शिखरजी तीर्थ को तबाह कर उसे निगल लेने का षड्यंत्र रचा और जैनों ने इसके ख़िलाफ़ देश भर में विशालकाय और विराट आंदोलन और रैलियां निकाली तो मोदी व शाह के इशारे पर ये ही सारे भाजपा जैन नेताओं ने जैन धर्म व समाज को गुमराह कर झूट बोलते आंदोलन को बर्बाद बनाते पीठ में छुरा भोंप जिन शासन के साथ उच्च दर्जे की दगेबाजी की और समाज इन जैन भाजपा नेताओं की धोखेबाजी का शिकार हो गया.बात इतनी ही नहीं मोदी जी के सबसे मर्जीदान भाजपा के पूर्व सांसद महेश गिरी की गिरनार पर दादागिरी और एक मोदी के खास संत द्वारा पालीताणा पर कब्जे की धमकी को लेकर गुजरात के गृहमंत्री होते हर्ष सांघवी कोई मदद नहीं कर पाए और जैनों के मंचों पर सबसे ज़्यादा भाषणों से जैनों के सबसे बड़े सेवक होने का दावा करने वाले गुलाबचंद कटारिया और लहर सिंह सिसोदिया चुप्पी की चादर ओढ़े ऐसी मुद्रा में रहे जैसे उन्हें जैन धर्म व जैन जगत से कोई सरोकार ही नहीं है.शर्म तो तब अधिक आई जब लोकसभा व राज्यसभा में कांग्रेस व सपा सहित दो दो मुस्लिम सांसदों ने सम्मेद शिखरजी,पालीताणा व गिरनार को लेकर जैनों के साथ हो रहे अन्याय पर सरकार पर खूब दवाब डाला,पुरजोर माँग उठाई और हमारे सबसे बड़े जैन हितैषी होने का स्वांग रचने वाले लहर सिंह सिसोदिया तो एक शब्द भी कभी नहीं बोले जबकि दूसरे अन्य मामलों व हिन्दू धर्मियों के पक्ष में हर दूसरे व तीसरे दिन सिरोया के बयान प्रमुखता से छपते है.इन सारे भाजपा नेताओं में एक मात्र मंगल प्रभात लोढ़ा ही है जो जैनों के पक्ष में बोलते भी है और मुंबई में दिगम्बर जैन मंदिर तोड़े जाने के ख़िलाफ़ सड़कों पर उतरे भी है,उसके बावजूद उनके हाल ही में दिए बयान जिन शासन व जैन धर्म के लिए घातक हैं वहीं जैन जगत के वैधानिक व संवैधानिक अधिकारो व संरक्षण की मौत से कम नहीं है.लोढ़ा हो या कोई भाजपा के जैन नेता हों वो इस बात को समझ लें कि मोदी का जैन धर्म के स्वतंत्र अस्तित्व के खात्मे,भाजपा समर्पित नेता व संतों द्वारा जैन तीर्थों को तबाह व क़ब्ज़ा करने और जैन अल्पसंख्यकता को बर्बाद बनाने का कोई एजेंडा अब जैन जगत न स्वीकार करेगा और न बर्दास्त करेगा.भाजपा को खुश करने के लिए जैनों का अहित करना अब चलने वाला नहीं है. अब समय बदल चुका है और जैनों ने भी करवटें बदलने का महत्व समझ लिया है. ✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️ *पत्रकार:सोहन मेहता”क्रान्ति”जोधपुर,राज.* 2026-04-12 11:43:16
79689 40449678 1)जैन गुरुकुल से एकता, धर्म और समाज का उत्थान और तीर्थ रक्षा *मंगल प्रभात लोढ़ा के बयान पर उबाल के दावानल के संदर्भ में कुछ जरूरी बात…..!* ????मंगल प्रभात लोढ़ा के जैनों को हिन्दू धर्मी बताने और जैनों को अल्पसंख्यक दर्जे से बाहर लाने की उनकी चाहत पर देश भर के जैनों के विरोध व भीषण उबाल का जो दावानल खड़ा हुआ है,यह इस बात का द्योतक है कि भाजपा के जैन नेता संघ व भाजपा के एजेण्डे पर चलते हुए जैन धर्म के स्वतंत्र अस्तित्व व अल्पसंख्यक दर्जे के खात्मे की बात करेंगे तो जैन अब इसे किसी कीमत पर बर्दास्त नहीं करेंगे,मगर मामला अकेले लोढ़ा का नहीं है बल्कि गुजरात के हर्ष सांघवी हो,राजस्थान के गुलाब चंद कटारिया हो या बैंगलोर के लहर सिंह सिरोया हो या मध्य प्रदेश के जैन भाजपा मंत्री हो,वे सब घुमा फिराकर यही बात कहते है जो लोढ़ा कह रहे और वे भी संघ व भाजपा को खुश करने के नाम यही खेल खेल रहे है.जितने भी जैन भाजपा के नेता है उन्हें जैनों के बोट,विशालकाय चन्दा ही नहीं हर बार जैनों के धार्मिक व सामाजिक मंचों व आयोजनों में मुख्य अतिथि बनने, माला, साल,गुलदस्ते और शानदार सम्मान चाहिए और जैनों पर आक्रमण हो,जैनों के मंदिर व उनके परिसरों पर कब्जे हो और तीर्थ हड़पे जाए तो उनकी जुबानें बंद रहती है,जुबानों पर लकवा मार जाता है और वे कायरता का बाना ओढ़ो मरणासन्न ही बने रहते है.जब मोदी की केंद्र सरकार व झारखंड की भाजपा की रघुवरदास सरकार ने सम्मेद शिखरजी तीर्थ को तबाह कर उसे निगल लेने का षड्यंत्र रचा और जैनों ने इसके ख़िलाफ़ देश भर में विशालकाय और विराट आंदोलन और रैलियां निकाली तो मोदी व शाह के इशारे पर ये ही सारे भाजपा जैन नेताओं ने जैन धर्म व समाज को गुमराह कर झूट बोलते आंदोलन को बर्बाद बनाते पीठ में छुरा भोंप जिन शासन के साथ उच्च दर्जे की दगेबाजी की और समाज इन जैन भाजपा नेताओं की धोखेबाजी का शिकार हो गया.बात इतनी ही नहीं मोदी जी के सबसे मर्जीदान भाजपा के पूर्व सांसद महेश गिरी की गिरनार पर दादागिरी और एक मोदी के खास संत द्वारा पालीताणा पर कब्जे की धमकी को लेकर गुजरात के गृहमंत्री होते हर्ष सांघवी कोई मदद नहीं कर पाए और जैनों के मंचों पर सबसे ज़्यादा भाषणों से जैनों के सबसे बड़े सेवक होने का दावा करने वाले गुलाबचंद कटारिया और लहर सिंह सिसोदिया चुप्पी की चादर ओढ़े ऐसी मुद्रा में रहे जैसे उन्हें जैन धर्म व जैन जगत से कोई सरोकार ही नहीं है.शर्म तो तब अधिक आई जब लोकसभा व राज्यसभा में कांग्रेस व सपा सहित दो दो मुस्लिम सांसदों ने सम्मेद शिखरजी,पालीताणा व गिरनार को लेकर जैनों के साथ हो रहे अन्याय पर सरकार पर खूब दवाब डाला,पुरजोर माँग उठाई और हमारे सबसे बड़े जैन हितैषी होने का स्वांग रचने वाले लहर सिंह सिसोदिया तो एक शब्द भी कभी नहीं बोले जबकि दूसरे अन्य मामलों व हिन्दू धर्मियों के पक्ष में हर दूसरे व तीसरे दिन सिरोया के बयान प्रमुखता से छपते है.इन सारे भाजपा नेताओं में एक मात्र मंगल प्रभात लोढ़ा ही है जो जैनों के पक्ष में बोलते भी है और मुंबई में दिगम्बर जैन मंदिर तोड़े जाने के ख़िलाफ़ सड़कों पर उतरे भी है,उसके बावजूद उनके हाल ही में दिए बयान जिन शासन व जैन धर्म के लिए घातक हैं वहीं जैन जगत के वैधानिक व संवैधानिक अधिकारो व संरक्षण की मौत से कम नहीं है.लोढ़ा हो या कोई भाजपा के जैन नेता हों वो इस बात को समझ लें कि मोदी का जैन धर्म के स्वतंत्र अस्तित्व के खात्मे,भाजपा समर्पित नेता व संतों द्वारा जैन तीर्थों को तबाह व क़ब्ज़ा करने और जैन अल्पसंख्यकता को बर्बाद बनाने का कोई एजेंडा अब जैन जगत न स्वीकार करेगा और न बर्दास्त करेगा.भाजपा को खुश करने के लिए जैनों का अहित करना अब चलने वाला नहीं है. अब समय बदल चुका है और जैनों ने भी करवटें बदलने का महत्व समझ लिया है. ✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️ *पत्रकार:सोहन मेहता”क्रान्ति”जोधपुर,राज.* 2026-04-12 11:43:15
79687 48925761 आचार्य श्री 108 समयसागर जी महाराज.3 *_मुझे तीर्थंकर बनने का कोई भी विकल्प नही_* - आचार्य श्री विद्यासागर जी ???? _प्रातः स्मरणीय परम पूज्य वर्तमान *आचार्य श्री समयसागर जी महाराज*, आदीश्वर धाम, पंचकल्याणक, नागपुर (11/4/26, प्रथम दिवस, प्रवचन)_ <a href="https://youtu.be/7zRg4ajdXaU?si=uqyc1p2RVKoNatlX" target="_blank">https://youtu.be/7zRg4ajdXaU?si=uqyc1p2RVKoNatlX</a> _(देखें 7.51 से 10.56 तक)_ ??? *वह तुलना की क्रिया ही* *प्रकारान्तर से स्पर्धा है,* *स्पर्धा प्रकाश में लाती है* *कहीं... सुदूर... जा... भीतर बैठी* *अहंकार की सूक्ष्म सत्ता को।* फिर, अहंकार को सन्तोष कहाँ ? बिना सन्तोष, जीवन सदोष है यही एक कारण है, कि प्रशंसा-यश की तृष्णा से झुलसा यह सदोष जीवन सहज जय-घोषों की, सुखद गुणों की सघन-शीतल छाँव से वंचित रहता है। - _मूकमाटी :: ३३९_ - _आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज_ 2026-04-12 11:43:07
79688 48925761 आचार्य श्री 108 समयसागर जी महाराज.3 *_मुझे तीर्थंकर बनने का कोई भी विकल्प नही_* - आचार्य श्री विद्यासागर जी ???? _प्रातः स्मरणीय परम पूज्य वर्तमान *आचार्य श्री समयसागर जी महाराज*, आदीश्वर धाम, पंचकल्याणक, नागपुर (11/4/26, प्रथम दिवस, प्रवचन)_ <a href="https://youtu.be/7zRg4ajdXaU?si=uqyc1p2RVKoNatlX" target="_blank">https://youtu.be/7zRg4ajdXaU?si=uqyc1p2RVKoNatlX</a> _(देखें 7.51 से 10.56 तक)_ ??? *वह तुलना की क्रिया ही* *प्रकारान्तर से स्पर्धा है,* *स्पर्धा प्रकाश में लाती है* *कहीं... सुदूर... जा... भीतर बैठी* *अहंकार की सूक्ष्म सत्ता को।* फिर, अहंकार को सन्तोष कहाँ ? बिना सन्तोष, जीवन सदोष है यही एक कारण है, कि प्रशंसा-यश की तृष्णा से झुलसा यह सदोष जीवन सहज जय-घोषों की, सुखद गुणों की सघन-शीतल छाँव से वंचित रहता है। - _मूकमाटी :: ३३९_ - _आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज_ 2026-04-12 11:43:07
79685 40449678 1)जैन गुरुकुल से एकता, धर्म और समाज का उत्थान और तीर्थ रक्षा *_मुझे तीर्थंकर बनने का कोई भी विकल्प नही_* - आचार्य श्री विद्यासागर जी ???? _प्रातः स्मरणीय परम पूज्य वर्तमान *आचार्य श्री समयसागर जी महाराज*, आदीश्वर धाम, पंचकल्याणक, नागपुर (11/4/26, प्रथम दिवस, प्रवचन)_ <a href="https://youtu.be/7zRg4ajdXaU?si=uqyc1p2RVKoNatlX" target="_blank">https://youtu.be/7zRg4ajdXaU?si=uqyc1p2RVKoNatlX</a> _(देखें 7.51 से 10.56 तक)_ ??? *वह तुलना की क्रिया ही* *प्रकारान्तर से स्पर्धा है,* *स्पर्धा प्रकाश में लाती है* *कहीं... सुदूर... जा... भीतर बैठी* *अहंकार की सूक्ष्म सत्ता को।* फिर, अहंकार को सन्तोष कहाँ ? बिना सन्तोष, जीवन सदोष है यही एक कारण है, कि प्रशंसा-यश की तृष्णा से झुलसा यह सदोष जीवन सहज जय-घोषों की, सुखद गुणों की सघन-शीतल छाँव से वंचित रहता है। - _मूकमाटी :: ३३९_ - _आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज_ 2026-04-12 11:42:37
79686 40449678 1)जैन गुरुकुल से एकता, धर्म और समाज का उत्थान और तीर्थ रक्षा *_मुझे तीर्थंकर बनने का कोई भी विकल्प नही_* - आचार्य श्री विद्यासागर जी ???? _प्रातः स्मरणीय परम पूज्य वर्तमान *आचार्य श्री समयसागर जी महाराज*, आदीश्वर धाम, पंचकल्याणक, नागपुर (11/4/26, प्रथम दिवस, प्रवचन)_ <a href="https://youtu.be/7zRg4ajdXaU?si=uqyc1p2RVKoNatlX" target="_blank">https://youtu.be/7zRg4ajdXaU?si=uqyc1p2RVKoNatlX</a> _(देखें 7.51 से 10.56 तक)_ ??? *वह तुलना की क्रिया ही* *प्रकारान्तर से स्पर्धा है,* *स्पर्धा प्रकाश में लाती है* *कहीं... सुदूर... जा... भीतर बैठी* *अहंकार की सूक्ष्म सत्ता को।* फिर, अहंकार को सन्तोष कहाँ ? बिना सन्तोष, जीवन सदोष है यही एक कारण है, कि प्रशंसा-यश की तृष्णा से झुलसा यह सदोष जीवन सहज जय-घोषों की, सुखद गुणों की सघन-शीतल छाँव से वंचित रहता है। - _मूकमाटी :: ३३९_ - _आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज_ 2026-04-12 11:42:37
79684 40449678 1)जैन गुरुकुल से एकता, धर्म और समाज का उत्थान और तीर्थ रक्षा *प्रेस रिलीज़* तारीख: 6 अप्रैल 2026 विषय: श्री मंगलप्रभातजी लोढ़ा के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया *“जैन धर्म कोई सब-सेक्ट नहीं बल्कि एक स्वतंत्र और प्राचीन दर्शन है – माइनॉरिटी स्टेटस छोड़ने का सवाल ही नहीं उठता”: ललित गांधी* ---------------------------- मुंबई: ऑल इंडिया जैन माइनॉरिटी फेडरेशन के नेशनल प्रेसिडेंट, ललित गांधी ने महाराष्ट्र के कैबिनेट मिनिस्टर श्री मंगलप्रभात लोढ़ा के इस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है कि “जैन धर्म हिंदू कल्चर का हिस्सा है और उन्हें माइनॉरिटी स्टेटस छोड़ने पर विचार करना चाहिए”। ललित गांधी ने कहा: “यह बात अज्ञानता में कही गई है या पहले से बनी सोच का हिस्सा है। जैन धर्म भारत में एक आज़ाद, पुराना और साइंटिफिक फ़िलॉसफ़ी है। इसके अपने तीर्थंकर हैं, अपना मेटाफ़िज़िक्स है और मोक्ष का रास्ता है। हम हिंदू कल्चर को मानने वाले हैं, लेकिन कोई ब्रांच या सब-ब्रांच नहीं। धर्म और कल्चर बिल्कुल अलग चीज़ें हैं! माइनॉरिटी का दर्जा कोई भीख मांगने वाली चीज़ नहीं है बल्कि हमारा संवैधानिक अधिकार है। यह हमारी अलग पहचान का सम्मान है। इस दर्जे को छोड़ना हमारे होने को ही नकारना है। हम ऐसी किसी भी सोच का हर 2026-04-12 11:42:35
79683 40449678 1)जैन गुरुकुल से एकता, धर्म और समाज का उत्थान और तीर्थ रक्षा *प्रेस रिलीज़* तारीख: 6 अप्रैल 2026 विषय: श्री मंगलप्रभातजी लोढ़ा के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया *“जैन धर्म कोई सब-सेक्ट नहीं बल्कि एक स्वतंत्र और प्राचीन दर्शन है – माइनॉरिटी स्टेटस छोड़ने का सवाल ही नहीं उठता”: ललित गांधी* ---------------------------- मुंबई: ऑल इंडिया जैन माइनॉरिटी फेडरेशन के नेशनल प्रेसिडेंट, ललित गांधी ने महाराष्ट्र के कैबिनेट मिनिस्टर श्री मंगलप्रभात लोढ़ा के इस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है कि “जैन धर्म हिंदू कल्चर का हिस्सा है और उन्हें माइनॉरिटी स्टेटस छोड़ने पर विचार करना चाहिए”। ललित गांधी ने कहा: “यह बात अज्ञानता में कही गई है या पहले से बनी सोच का हिस्सा है। जैन धर्म भारत में एक आज़ाद, पुराना और साइंटिफिक फ़िलॉसफ़ी है। इसके अपने तीर्थंकर हैं, अपना मेटाफ़िज़िक्स है और मोक्ष का रास्ता है। हम हिंदू कल्चर को मानने वाले हैं, लेकिन कोई ब्रांच या सब-ब्रांच नहीं। धर्म और कल्चर बिल्कुल अलग चीज़ें हैं! माइनॉरिटी का दर्जा कोई भीख मांगने वाली चीज़ नहीं है बल्कि हमारा संवैधानिक अधिकार है। यह हमारी अलग पहचान का सम्मान है। इस दर्जे को छोड़ना हमारे होने को ही नकारना है। हम ऐसी किसी भी सोच का हर 2026-04-12 11:42:34
79681 40449678 1)जैन गुरुकुल से एकता, धर्म और समाज का उत्थान और तीर्थ रक्षा *निषेध! निषेध!!निषेध!!!* *​JAIN परिवार भारत* की ओर से हम यह सार्वजनिक निषेध दर्ज कर रहे हैं कि: ​हाल ही में मंत्री मंगलप्रभात जी लोढ़ा द्वारा जैन धर्म के संबंध में दिए गए बयान पूरी तरह से गलत ❌, भ्रामक ⚠️ और जैन समाज की भावनाओं को आहत करने वाले हैं ?। ​?️ जैन धर्म एक अत्यंत प्राचीन और स्वतंत्र धर्म है, जिसके सिद्धांत अन्य किसी भी धर्म से अलग और विशिष्ट हैं। ​☮️ जैन धर्म एक अहिंसावादी धर्म है और यह सभी जीवों के प्रति करुणा ❤️, संयम ? और सत्य ✔️ के सिद्धांतों पर आधारित है। ​? लाखों वर्षों की परंपरा वाले इस धर्म का किसी अन्य धर्म में विलय करने की बात करना अत्यंत निंदनीय है ❗ ​? इस प्रकार के बयान जैन धर्मावलंबियों की भावनाओं को ठेस पहुँचाने का स्पष्ट इरादा दर्शाते हैं, और इसे जैन समाज कभी बर्दाश्त नहीं करेगा। ​? धन्यवाद ? *JAIN परिवार भारत* 2026-04-12 11:42:33
79682 40449678 1)जैन गुरुकुल से एकता, धर्म और समाज का उत्थान और तीर्थ रक्षा *निषेध! निषेध!!निषेध!!!* *​JAIN परिवार भारत* की ओर से हम यह सार्वजनिक निषेध दर्ज कर रहे हैं कि: ​हाल ही में मंत्री मंगलप्रभात जी लोढ़ा द्वारा जैन धर्म के संबंध में दिए गए बयान पूरी तरह से गलत ❌, भ्रामक ⚠️ और जैन समाज की भावनाओं को आहत करने वाले हैं ?। ​?️ जैन धर्म एक अत्यंत प्राचीन और स्वतंत्र धर्म है, जिसके सिद्धांत अन्य किसी भी धर्म से अलग और विशिष्ट हैं। ​☮️ जैन धर्म एक अहिंसावादी धर्म है और यह सभी जीवों के प्रति करुणा ❤️, संयम ? और सत्य ✔️ के सिद्धांतों पर आधारित है। ​? लाखों वर्षों की परंपरा वाले इस धर्म का किसी अन्य धर्म में विलय करने की बात करना अत्यंत निंदनीय है ❗ ​? इस प्रकार के बयान जैन धर्मावलंबियों की भावनाओं को ठेस पहुँचाने का स्पष्ट इरादा दर्शाते हैं, और इसे जैन समाज कभी बर्दाश्त नहीं करेगा। ​? धन्यवाद ? *JAIN परिवार भारत* 2026-04-12 11:42:33