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Chat ID
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Chat Name
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Sender
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Phone
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Message
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Status
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Date |
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40449657 |
?️?SARVARTHASIDDHI ??️ |
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*वृषभाचल क्षेत्र जगनमाता श्री चक्रेश्वरी देवी ची आजची अलंकार पूजा*
आज दिनांक :12/02/2026
ठिकाण : श्री अतिशय क्षेत्र वृषभाचल नांदणी |
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2026-02-12 15:03:44 |
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| 757 |
40449660 |
Acharya PulakSagarji 07 |
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2026-02-12 15:02:45 |
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| 756 |
40449695 |
www yug marble stone work.Com |
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*श्री बिजय कुमार जी जैन के जन्मदिन के पावन अवसर पर समिति की ओर से हार्दिक शुभकामनाएँ। प्राचीन जिनालयों एवं जिन प्रतिमाओं के संरक्षण एवं संवर्धन में आपके अमूल्य योगदान से प्राप्त पुण्य के लिए समिति सहस्त्रगुणित अनुमोदना करती है एवं प्रभु से प्रार्थना करती है कि आपको उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और आध्यात्मिक समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता रहे।* |
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2026-02-12 15:02:39 |
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| 755 |
40449676 |
राष्ट्रीय मुनी सेवा संघ |
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*?खुश खबर ?खुश खबर?*
*सकल जैन समाज के सहयोग से एवं श्री त्रिमूर्ति मंदिर ट्रस्ट के सभी सदस्यों के अथक प्रयास से श्री त्रिमूर्ति मंदिर सुसनेर जिला आगर (मालवा) पर भोजन व्यवस्था, सीसी टी वी केमरों से सुरक्षा व्यवस्था, जगमगातीलाइटिंग व्यस्था के साथ में अब श्री त्रिमूर्ति तीर्थ को एक और सौगात मिलने वाली है वह है आवासीय व्यवस्था जिसके अंतर्गत सुसज्जित लेट बाथ अटेच आठ कमरे फूल AC विआईपी तरीके से बनाए गए है जिनका शुभारंभ और साथ ही न्यू सुलभ कंपलेक्स का शुभारंभ बहुत जल्दी कुछ ही दिनों में होने वाला है*
*आप सभी के द्वारा दिया गया सहयोग के लिए बहुत बहुत धन्यवाद, आभार*
*??जय जिनेन्द्र* |
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2026-02-12 15:02:34 |
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| 754 |
40449695 |
www yug marble stone work.Com |
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*श्री समीर-सुरक्षा जी जैन के शादी की 25वी वर्षगांठ के पावन अवसर पर समिति की ओर से हार्दिक शुभकामनाएँ। प्राचीन जिनालयों एवं जिन प्रतिमाओं के संरक्षण एवं संवर्धन में आपके अमूल्य योगदान से प्राप्त पुण्य के लिए समिति सहस्त्रगुणित अनुमोदना करती है एवं प्रभु से प्रार्थना करती है कि आपको उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और आध्यात्मिक समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता रहे।* |
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2026-02-12 15:00:39 |
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| 753 |
40449990 |
Vinay Desarda |
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For- FLETCHSYS PRIVATE LIMITED
Issue-
Hosting डिटेल्स
Cpanl
Link/ip
Username
Passt |
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2026-02-12 14:56:24 |
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| 752 |
40449695 |
www yug marble stone work.Com |
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*श्री अंशुल-पुर्वी जी जैन के शादी की वर्षगांठ के पावन अवसर पर समिति की ओर से हार्दिक शुभकामनाएँ। प्राचीन जिनालयों एवं जिन प्रतिमाओं के संरक्षण एवं संवर्धन में आपके अमूल्य योगदान से प्राप्त पुण्य के लिए समिति सहस्त्रगुणित अनुमोदना करती है एवं प्रभु से प्रार्थना करती है कि आपको उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और आध्यात्मिक समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता रहे।* |
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2026-02-12 14:56:21 |
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| 751 |
40449990 |
Vinay Desarda |
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Full Name: Sagar Khokade
Phone mobile: +91 98901 51591
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2026-02-12 14:56:09 |
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| 750 |
40449700 |
Jain Sahitya?️?जैन साहित्य |
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_*याचना तो दूर, संकेत तक नहीं देते :-*_
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कुण्डलपुर, (दमोह, मध्यप्रदेश) मई २०१६ का प्रसंग है। एक दिन स्वाध्याय करते-करते आचार्यश्रीजी ने पेंसिल उठाई, उसे देखा और रख दिया। यह दृश्य सामने कुछ दूरी पर आचार्यश्रीजी से चर्चा करने के भाव से प्रतीक्षा कर रहीं दो ब्रह्मचारिणी बहनों ने देखा। उन्हें समझते देर न लगी, उन्होंने तुरंत जाकर संघस्थ मुनिश्रीजी को बताया कि संभवतः गुरुजी कुछ लिखना चाह रहे हैं, पर पेंसिल व्यवस्थित (नोंक) न होने से उन्होंने लिखा नहीं। मुनिश्री ने तत्काल ही पेंसिल लाकर गुरुजी को दे दी। आचार्यश्रीजी ने उन्हें बड़े ही आश्चर्य से देखा कि इन्हें कैसे ज्ञात हुआ ? जब उनकी दृष्टि सामने कुछ दूरी पर प्रतीक्षारत उन बहनों पर गई, तब वह समझ गए और मुस्करा दिए। बाद में उन मुनिश्री ने बताया कि आचार्यश्रीजी कभी भी किसी वस्तु के लिए इशारा भी नहीं करते हैं। संघस्थ ज्येष्ठ साधु प्राय:कर गुरुजी का बाजौटा (चौका) व्यवस्थित कर देते हैं। इसके बावजूद भी कई बार तीन-तीन, चार-चार दिन तक गुरुजी का लेखन कार्य रुका रहता।
उन्होंने बताया एक बार तीन-चार दिन से गुरुजी का लेखन कार्य रुका हुआ देखकर सहजता से किसी ने पूछ लिया, “आचार्यश्रीजी! क्या आपका लेखन कार्य पूर्ण हो गया ?' आचार्यश्रीजी ने न तो ‘हाँ' कहा और न ही 'ना' । उपदेशात्मक शैली में बोले- ‘योग्य उपादान और योग्य निमित्त के मिलने पर कार्य की सिद्धि होती है। निमित्त के अभाव में नैमित्तिक का भी अभाव हो जाता है। प्रत्येक कार्य का कारण होता है। कारण मिलने पर कार्य सिद्ध होता है। बाद में ज्ञात हुआ कि आचार्यश्रीजी के बाजौटे पर पेंसिल नहीं रखी थी। जब पेंसिल साफ़ करके उनके चौके पर रख दी।| तब लेखन कार्य पुनः प्रारंभ हो गया। धन्य है। गुरुवर की धैर्य एवं गंभीरता की पराकाष्ठा। लेखन कार्य रोक दिया, पर आगम की आज्ञा, अचौर्य महाव्रत की भावना रूप अयाचकवृत्ति का पालन पूर्ण निष्ठा से किया |
??? |
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2026-02-12 14:55:23 |
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| 749 |
40449657 |
?️?SARVARTHASIDDHI ??️ |
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*वृषभाचल क्षेत्र जगनमाता श्री चक्रेश्वरी देवी ची आजची अलंकार पूजा*
आज दिनांक :12/02/2026
ठिकाण : श्री अतिशय क्षेत्र वृषभाचल नांदणी |
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2026-02-12 14:54:19 |
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