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77330 49028270 1.श्री सम्मेद शिखर जी _*सही अहिंसा को समझें*_ ???? *कृषक से बढ़कर और कौन अहिंसक होगा।* - आचार्य श्री समयसागर जी - 10/4/26, नागपुर ??? *'सावधानी पूर्वक प्रवृत्ति करें'* विषय पर *मंगल प्रवचन-* <a href="https://youtu.be/ei4xfLuulXk?si=BX8zUh20cNvutx5j" target="_blank">https://youtu.be/ei4xfLuulXk?si=BX8zUh20cNvutx5j</a> _(देखें 26.26 से 29.35 तक)_ ???? अघ्नन् अपि भवेत् पापी, निघ्नन् अपि न पापभाक्। अविध्यान विशेषेण, यथा धीवरकर्षकौ॥ _*संकल्पी हिंसा के परिणाम (अशुभ भाव)* होने के कारण *मछुआरा* बिना मारे भी पापी होता है, और *आरम्भी हिंसा के परिणाम (शुभ भाव)* होने के कारण *किसान* मारते हुए भी पापी नहीं होता॥_ ??? पापार्जन तन मन वच से हो पाप तनक ही तन से हो। विदित रहे यह सब को, तनसे पाप अधिक वाचन से हो॥ *कहूँ कहां तक मन की स्थिति में* *पाप मेरु सम मन से हो।* *करें नियंत्रण मन को हम सब* *धर्म कार्य बस मन से हो॥४८॥* - _सुनीति शतक_ - _आचार्य श्री विद्यासागर जी_ 2026-04-11 14:23:59
77329 49028270 1.श्री सम्मेद शिखर जी _*सही अहिंसा को समझें*_ ???? *कृषक से बढ़कर और कौन अहिंसक होगा।* - आचार्य श्री समयसागर जी - 10/4/26, नागपुर ??? *'सावधानी पूर्वक प्रवृत्ति करें'* विषय पर *मंगल प्रवचन-* <a href="https://youtu.be/ei4xfLuulXk?si=BX8zUh20cNvutx5j" target="_blank">https://youtu.be/ei4xfLuulXk?si=BX8zUh20cNvutx5j</a> _(देखें 26.26 से 29.35 तक)_ ???? अघ्नन् अपि भवेत् पापी, निघ्नन् अपि न पापभाक्। अविध्यान विशेषेण, यथा धीवरकर्षकौ॥ _*संकल्पी हिंसा के परिणाम (अशुभ भाव)* होने के कारण *मछुआरा* बिना मारे भी पापी होता है, और *आरम्भी हिंसा के परिणाम (शुभ भाव)* होने के कारण *किसान* मारते हुए भी पापी नहीं होता॥_ ??? पापार्जन तन मन वच से हो पाप तनक ही तन से हो। विदित रहे यह सब को, तनसे पाप अधिक वाचन से हो॥ *कहूँ कहां तक मन की स्थिति में* *पाप मेरु सम मन से हो।* *करें नियंत्रण मन को हम सब* *धर्म कार्य बस मन से हो॥४८॥* - _सुनीति शतक_ - _आचार्य श्री विद्यासागर जी_ 2026-04-11 14:23:58
77328 40449666 निर्यापक समय सागर जी भक्त ??????????Vishva namokar Divas namokar Mantra ka Jaap community ke sabhi sadasyon ko Mera Sadar Jay Jinendra?????? श्री सकल दिगम्बर जैन समाज समिति का app आ गया है । सभी सदस्य नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके तुरंत ही जुड़ें और अपना सदस्य Community कार्ड प्राप्त करे - Powered by Kutumb App <a href="https://primetrace.com/group/12738/post/1183809546?utm_source=android_post_share_web&amp;referral_code=HD4J2&amp;utm_screen=post_share&amp;utm_referrer_state=PENDING" target="_blank">https://primetrace.com/group/12738/post/1183809546?utm_source=android_post_share_web&amp;referral_code=HD4J2&amp;utm_screen=post_share&amp;utm_referrer_state=PENDING</a> विद्या पूर्ण धर्म प्रभावना का app ... <a href="https://primetrace.com/group/7374/post/1183960615?utm_source=android_post_share_web&amp;referral_code=JBHJP&amp;utm_screen=post_share&amp;utm_referrer_state=PENDING" target="_blank">https://primetrace.com/group/7374/post/1183960615?utm_source=android_post_share_web&amp;referral_code=JBHJP&amp;utm_screen=post_share&amp;utm_referrer_state=PENDING</a> 2026-04-11 14:23:50
77327 40449666 निर्यापक समय सागर जी भक्त ??????????Vishva namokar Divas namokar Mantra ka Jaap community ke sabhi sadasyon ko Mera Sadar Jay Jinendra?????? श्री सकल दिगम्बर जैन समाज समिति का app आ गया है । सभी सदस्य नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके तुरंत ही जुड़ें और अपना सदस्य Community कार्ड प्राप्त करे - Powered by Kutumb App <a href="https://primetrace.com/group/12738/post/1183809546?utm_source=android_post_share_web&amp;referral_code=HD4J2&amp;utm_screen=post_share&amp;utm_referrer_state=PENDING" target="_blank">https://primetrace.com/group/12738/post/1183809546?utm_source=android_post_share_web&amp;referral_code=HD4J2&amp;utm_screen=post_share&amp;utm_referrer_state=PENDING</a> विद्या पूर्ण धर्म प्रभावना का app ... <a href="https://primetrace.com/group/7374/post/1183960615?utm_source=android_post_share_web&amp;referral_code=JBHJP&amp;utm_screen=post_share&amp;utm_referrer_state=PENDING" target="_blank">https://primetrace.com/group/7374/post/1183960615?utm_source=android_post_share_web&amp;referral_code=JBHJP&amp;utm_screen=post_share&amp;utm_referrer_state=PENDING</a> 2026-04-11 14:23:49
77325 49028270 1.श्री सम्मेद शिखर जी 2026-04-11 14:23:47
77326 49028270 1.श्री सम्मेद शिखर जी 2026-04-11 14:23:47
77323 49028270 1.श्री सम्मेद शिखर जी *प्रतिदिन की तरह तपती कडक धूप में तपस्या के सम्राट साधना महोदधि अंतर्मना गुरुदेव आचार्य श्री 108 प्रसन्न सागरजी महाराज जी सामायिक ,तप,जाप, साधना करते हूए* *11 अप्रेल 2026, शनिवार,* *, सांबला,जिला-डूंगरपुर, राजस्थान* ?????????? *हर मास एक उपवास* 2026-04-11 14:23:40
77324 49028270 1.श्री सम्मेद शिखर जी *प्रतिदिन की तरह तपती कडक धूप में तपस्या के सम्राट साधना महोदधि अंतर्मना गुरुदेव आचार्य श्री 108 प्रसन्न सागरजी महाराज जी सामायिक ,तप,जाप, साधना करते हूए* *11 अप्रेल 2026, शनिवार,* *, सांबला,जिला-डूंगरपुर, राजस्थान* ?????????? *हर मास एक उपवास* 2026-04-11 14:23:40
77322 48925761 आचार्य श्री 108 समयसागर जी महाराज.3 _*सही अहिंसा को समझें*_ ???? *कृषक से बढ़कर और कौन अहिंसक होगा।* - आचार्य श्री समयसागर जी - 10/4/26, नागपुर ??? *'सावधानी पूर्वक प्रवृत्ति करें'* विषय पर *मंगल प्रवचन-* <a href="https://youtu.be/ei4xfLuulXk?si=BX8zUh20cNvutx5j" target="_blank">https://youtu.be/ei4xfLuulXk?si=BX8zUh20cNvutx5j</a> _(देखें 26.26 से 29.35 तक)_ ???? अघ्नन् अपि भवेत् पापी, निघ्नन् अपि न पापभाक्। अविध्यान विशेषेण, यथा धीवरकर्षकौ॥ _*संकल्पी हिंसा के परिणाम (अशुभ भाव)* होने के कारण *मछुआरा* बिना मारे भी पापी होता है, और *आरम्भी हिंसा के परिणाम (शुभ भाव)* होने के कारण *किसान* मारते हुए भी पापी नहीं होता॥_ ??? पापार्जन तन मन वच से हो पाप तनक ही तन से हो। विदित रहे यह सब को, तनसे पाप अधिक वाचन से हो॥ *कहूँ कहां तक मन की स्थिति में* *पाप मेरु सम मन से हो।* *करें नियंत्रण मन को हम सब* *धर्म कार्य बस मन से हो॥४८॥* - _सुनीति शतक_ - _आचार्य श्री विद्यासागर जी_ 2026-04-11 14:23:34
77321 48925761 आचार्य श्री 108 समयसागर जी महाराज.3 _*सही अहिंसा को समझें*_ ???? *कृषक से बढ़कर और कौन अहिंसक होगा।* - आचार्य श्री समयसागर जी - 10/4/26, नागपुर ??? *'सावधानी पूर्वक प्रवृत्ति करें'* विषय पर *मंगल प्रवचन-* <a href="https://youtu.be/ei4xfLuulXk?si=BX8zUh20cNvutx5j" target="_blank">https://youtu.be/ei4xfLuulXk?si=BX8zUh20cNvutx5j</a> _(देखें 26.26 से 29.35 तक)_ ???? अघ्नन् अपि भवेत् पापी, निघ्नन् अपि न पापभाक्। अविध्यान विशेषेण, यथा धीवरकर्षकौ॥ _*संकल्पी हिंसा के परिणाम (अशुभ भाव)* होने के कारण *मछुआरा* बिना मारे भी पापी होता है, और *आरम्भी हिंसा के परिणाम (शुभ भाव)* होने के कारण *किसान* मारते हुए भी पापी नहीं होता॥_ ??? पापार्जन तन मन वच से हो पाप तनक ही तन से हो। विदित रहे यह सब को, तनसे पाप अधिक वाचन से हो॥ *कहूँ कहां तक मन की स्थिति में* *पाप मेरु सम मन से हो।* *करें नियंत्रण मन को हम सब* *धर्म कार्य बस मन से हो॥४८॥* - _सुनीति शतक_ - _आचार्य श्री विद्यासागर जी_ 2026-04-11 14:23:33