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2328 49028270 1.श्री सम्मेद शिखर जी 2026-02-13 17:06:16
2327 40449675 ?विराग विशुद्ध विनिश्चल गुरुभक्त परिवार? ?आज के प्रश्न?क्र. १०२४ सभी प्रश्नों के उत्तर २४ घंटों में देने हे ?सभी उत्तर अ शब्द से ? ———————————— (१) सरल का दूसरा नाम उत्तर- ???????? (२) एक सिद्धक्षेत्र का नाम उत्तर- ???????? (३) नंदीश्वर का एक चेत्यालय उत्तर- ???????? (४) पाँच मेरु में एक मेरु उत्तर- ???????? (५) सात तत्वों में एक उत्तर- ???????? (६) समयसार ग्रंथ की ठीका लिखने बाले एक आचार्य उत्तर- ???????? (७) राजवार्तिक ग्रंथ के रचयिता उत्तर- ???????? (८) सिद्ध शिला में कितने सिद्ध विराजित हे उत्तर- ???????? (९) साधु परमेष्ठी खड़े होकर हाथो से क्या लेते हे उत्तर- ???????? ब्र.सुनील भैया अनंतपुरा इंदौर ☎️9425963722☎️ 2026-02-13 17:05:13
2326 40449701 ??संत शिरोमणि अपडेट?? ????????? मुक्तागिरी के इतिहास मे और एक महत्वपुर्ण कार्यक्रम *?विद्या शिरोमणि आचार्य श्री समयसागर जी महाराजजी के वरद हस्त कमलों से* *?प्रथम जैनेश्वरी मुनि दीक्षा?* *?फाल्गुन शुक्ला दूज?* *?१९ फरवरी २०२६?* *?मुक्तागिरी सिद्ध क्षेत्र ट्रस्ट कमेटी का विनम्र आमंत्रण??????????* *?अफवाये पर ध्यान न दे?* ------------------------------------------ ?शांति विद्या धर्म प्रभावनासंघ? 2026-02-13 17:05:12
2325 40449749 जिनोदय?JINODAYA <a href="https://www.facebook.com/share/r/1G6R5HCKBt/" target="_blank">https://www.facebook.com/share/r/1G6R5HCKBt/</a> 2026-02-13 17:04:12
2324 40449660 Acharya PulakSagarji 07 2026-02-13 17:04:04
2323 40449657 ?️?SARVARTHASIDDHI ??️ *_।।करणानुयोग।।_* *!! श्रीसर्वज्ञवीतरागाय नमः !!* _{श्रीमद्-नेमिचंद्र-आचार्यदेव-प्रणीत}_ *॥श्री गोम्मटसार-जीवकांड॥* मूल प्राकृत गाथा, _आभार : ब्र०पं०रतनचंद मुख्तार_ _(मङ्गलाचरण )_ *सिद्ध सुद्ध पणमिय जिणिदवरणेमिचंदमकलंकं ।* *गुणरयण भूसणुदयं जीवस्स परूवणं वोच्छं ।।* *उववादे सीदुसणं, सेसे सीदुसणमिस्सयं होदि ।* *उववादेयक्लेसु य, संउड वियलेसु विउलं तु ॥८६॥* *गब्भजजीवाणं पुण मिस्सं णियमेण होदि जोणी हु ।* *सम्मुच्छण पंचक्ले वियलं वा विउलजोणी हु ।॥८७॥* *गाथार्थ* - उपपादजन्म में शीत और उष्ण दो प्रकार की योनियाँ होती हैं। शेष जन्मों में शीत, उष्ण और मिश्र ये तीन ही योनियाँ होती हैं। उपपादजन्म वालों की तथा एकेन्द्रियजीवों की योनि संवृत ही होती है, विकलेन्द्रिय जीवों की विवृतयोनि होती है ।। ८६ ।। गर्भजन्म वालों की संवृत-विवृत से मिश्रित मिश्रयोनि होती है। पंचेन्द्रिय सम्मूच्छेन जीवों की विकलेन्द्रियों की तरह विवृत-योनि होती है ।।८७।। *विशेषार्थ* - श्री अकलंकदेव ने (राजवातिक २/३३; २४-२६ में) कहा है कि देव, नारकीऔर एकेन्द्रियों के संवृतयोनियाँ होती हैं, विकलेन्द्रिय जीवों के विवृतयोनियाँ होती हैं। गर्मजों के मिश्र (संवृत-विवृत मिली हुई) योनियाँ होती हैं। मूलाचार में भी कहा है- _एइंदिय णेरइया संपुडजोणी हवंति देवा य ।_ _वियर्लिदिया व वियडा संपुडवियडा य गब्भेसु ॥१२/५८॥ (पर्या. अधि.)_ एकेन्द्रिय, नारकी तथा देवों के के संवृतयोनियाँ होती हैं। विकलेन्द्रिय अर्थात् द्वीन्द्रिय, त्रीन्द्रिय और चतुरिन्द्रिय जीवों के विवृतयोनियाँ होती हैं। गर्भजों में संवृत-विवृत अर्थात् मिश्रयोनिर्यां होती हैं। राजवातिक व मूलाचार इन दोनों ग्रन्थों में सम्मूर्च्छन जन्मवाले पंचेन्द्रियजीवों की योनि के विषय में कथन नहीं किया, किन्तु गो. सा. जीवकाण्ड की उक्त गाथा ८७ के उत्तरार्ध में सम्मूच्छेनपंचेन्द्रिय-जीवों की विवृतयोनि बतलाई गई है। उपपादजन्म में कहीं शीतयोनि है और कहीं उष्णयोनि है। जैसे रत्नप्रभा प्रथम पृथ्वी से लेकर धूमप्रभा नामक पाँचवीं पृथ्वी के तीन चौथाई तक नरकबिलों में उष्णयोनि है। पाँचवें नरक के शेष चौथाई बिलों में, छठे व सातवें नरकों के समस्त बिलों में शीतयोनि है। शेष गर्भज व सम्मूर्च्छन जीवों में शीत, उष्ण व मिश्र तीनों प्रकार की योनियाँ होती हैं, किन्तु मूलाचार अ. १२ गा. ६० में तेजकायिक जीवों के उष्णयोनि कही है तथा संस्कृतटीका में सिद्धान्तचक्रवर्ती श्री वसुनन्दि आचार्य ने अप्कायिक के मात्र शीतयोनि बतलाई है। उपपादजन्म में एकेन्द्रियरूप सम्मूर्च्छन जन्म में संवृतयोनि होती है जैसे सम्पुट शय्या व उष्ट्रमुखाकार उपपादस्थान, इनमें विवक्षितजीव की उत्पत्ति के अनन्तर और दूसरे जीव के उत्पन्न होने से पूर्व नियम से संवृत रहती है, पुनः विकले-न्द्रियरूप सम्मूच्छेन जन्म में विवृतयोनि होती है। गर्भजन्म में संवृत-विवृत मिश्रित होती है, क्योंकि पुरुषशरीर से गलितशुक्र विवृत है और स्त्री का शोणित संवृत है, इन दोनों का मिश्रण गर्भ है अतः गर्भजन्म में संवृत-विवृत मिश्रयोनि होती है। अन्य दो अर्थात् संवृत या विवृतयोनि नहीं होती । पंचेन्द्रियों के सम्मूर्च्छन जन्म में विकलेन्द्रिय के समान विवृत्तयोनि ही होती है। कहा भी है- _एइंदिय णेरइया संपुडजोणी हवंति देवा य ।_ _विर्यालदिया य वियडा संपुडवियडा य गग्नेसु ।।_ _सीदुण्हा खलु जोणी णेरइयाणं तहेव देवाणं ।_ _तेऊण उसिण जोणी तिविहा जोणी दु सेसाणं ।।_ ??????? ? 2026-02-13 17:02:56
2322 40449749 जिनोदय?JINODAYA <a href="https://www.facebook.com/share/r/17xWvySghA/" target="_blank">https://www.facebook.com/share/r/17xWvySghA/</a> 2026-02-13 17:02:36
2321 48340398 ???गुरु भगवान??? 2026-02-13 17:01:39
2320 40449668 आ,गुरु विद्यासागरजी कहां विराजमान है *विद्या पूर्ण धर्म प्रभावना का app आ गया है* *मेरु तेरस का महिमा* (एनिमेटेड कहानी) आज दादा का केवलज्ञान कल्याणक हे। *श्री आदिनाथ दादा के हर कल्याणक की आराधना का महिमा अपरंपार हे।* यह चौबीसी के जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर श्री ऋषभदेव दादा के निर्वाण कल्याणक के दिन मेरु तेरस की आराधना की जाती है। इस तेरस की आराधना से पिंगलकुमार को किस प्रकार दिव्य फल प्राप्त हुआ, इसकी कथा भगवान महावीर स्वामी अपने शिष्य गौतम स्वामी को सुनाते हैं। तो आइए, इस महान मेरु तेरस के तप का महत्व जानें। *कहानी हिंदी म... <a href="https://primetrace.com/group/7374/post/1179300938?utm_source=android_post_share_web&amp;referral_code=JBHJP&amp;utm_screen=post_share&amp;utm_referrer_state=PENDING" target="_blank">https://primetrace.com/group/7374/post/1179300938?utm_source=android_post_share_web&amp;referral_code=JBHJP&amp;utm_screen=post_share&amp;utm_referrer_state=PENDING</a> 2026-02-13 16:56:15
2319 40449667 संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर जी *विद्या पूर्ण धर्म प्रभावना का app आ गया है* *मेरु तेरस का महिमा* (एनिमेटेड कहानी) आज दादा का केवलज्ञान कल्याणक हे। *श्री आदिनाथ दादा के हर कल्याणक की आराधना का महिमा अपरंपार हे।* यह चौबीसी के जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर श्री ऋषभदेव दादा के निर्वाण कल्याणक के दिन मेरु तेरस की आराधना की जाती है। इस तेरस की आराधना से पिंगलकुमार को किस प्रकार दिव्य फल प्राप्त हुआ, इसकी कथा भगवान महावीर स्वामी अपने शिष्य गौतम स्वामी को सुनाते हैं। तो आइए, इस महान मेरु तेरस के तप का महत्व जानें। *कहानी हिंदी म... <a href="https://primetrace.com/group/7374/post/1179300938?utm_source=android_post_share_web&amp;referral_code=JBHJP&amp;utm_screen=post_share&amp;utm_referrer_state=PENDING" target="_blank">https://primetrace.com/group/7374/post/1179300938?utm_source=android_post_share_web&amp;referral_code=JBHJP&amp;utm_screen=post_share&amp;utm_referrer_state=PENDING</a> 2026-02-13 16:56:00