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Chat ID
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Sender
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Message
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Status
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Date |
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40449659 |
सकल जैन महिला मंडळ फलटण |
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Bhavpuran shardhanjli?????? |
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2026-02-18 16:10:24 |
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| 9087 |
40449668 |
आ,गुरु विद्यासागरजी कहां विराजमान है |
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आचार्य श्री मतलब विद्यासागर--- आचार्य श्री हमारे केवल श्रद्धा के केंद्र नहीं थे, वे हमारे गौरव, संस्कार और स्वाभिमान के सजीव स्तंभ थे। वर्षों तक उनकी वंदना का जो सौभाग्य हमें प्राप्त हुआ, वह केवल चरण-स्पर्श का अवसर नहीं था—वह आत्मा को दिशा देने वाली दिव्य शिक्षा का प्रवाह था। उन्होंने हमें केवल धर्म का उपदेश नहीं दिया, बल्कि जीवन जीने का साहस, राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व और मानवीयता के प्रति संवेदना भी सिखाई। उन्होंने अपने तप, त्याग और तेज से यह सिद्ध किया कि साधु केवल मठों और मंदिरों तक स... <a href="https://primetrace.com/group/7374/post/1179722552?utm_source=android_post_share_web&referral_code=JBHJP&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=PENDING" target="_blank">https://primetrace.com/group/7374/post/1179722552?utm_source=android_post_share_web&referral_code=JBHJP&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=PENDING</a> |
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2026-02-18 16:06:33 |
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| 9085 |
40449667 |
संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर जी |
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आचार्य श्री मतलब विद्यासागर--- आचार्य श्री हमारे केवल श्रद्धा के केंद्र नहीं थे, वे हमारे गौरव, संस्कार और स्वाभिमान के सजीव स्तंभ थे। वर्षों तक उनकी वंदना का जो सौभाग्य हमें प्राप्त हुआ, वह केवल चरण-स्पर्श का अवसर नहीं था—वह आत्मा को दिशा देने वाली दिव्य शिक्षा का प्रवाह था। उन्होंने हमें केवल धर्म का उपदेश नहीं दिया, बल्कि जीवन जीने का साहस, राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व और मानवीयता के प्रति संवेदना भी सिखाई। उन्होंने अपने तप, त्याग और तेज से यह सिद्ध किया कि साधु केवल मठों और मंदिरों तक स... <a href="https://primetrace.com/group/7374/post/1179722552?utm_source=android_post_share_web&referral_code=JBHJP&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=PENDING" target="_blank">https://primetrace.com/group/7374/post/1179722552?utm_source=android_post_share_web&referral_code=JBHJP&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=PENDING</a> |
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2026-02-18 16:02:11 |
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| 9086 |
40449666 |
निर्यापक समय सागर जी भक्त |
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आचार्य श्री मतलब विद्यासागर--- आचार्य श्री हमारे केवल श्रद्धा के केंद्र नहीं थे, वे हमारे गौरव, संस्कार और स्वाभिमान के सजीव स्तंभ थे। वर्षों तक उनकी वंदना का जो सौभाग्य हमें प्राप्त हुआ, वह केवल चरण-स्पर्श का अवसर नहीं था—वह आत्मा को दिशा देने वाली दिव्य शिक्षा का प्रवाह था। उन्होंने हमें केवल धर्म का उपदेश नहीं दिया, बल्कि जीवन जीने का साहस, राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व और मानवीयता के प्रति संवेदना भी सिखाई। उन्होंने अपने तप, त्याग और तेज से यह सिद्ध किया कि साधु केवल मठों और मंदिरों तक स... <a href="https://primetrace.com/group/7374/post/1179722552?utm_source=android_post_share_web&referral_code=JBHJP&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=PENDING" target="_blank">https://primetrace.com/group/7374/post/1179722552?utm_source=android_post_share_web&referral_code=JBHJP&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=PENDING</a> |
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2026-02-18 16:02:11 |
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| 9084 |
40449674 |
JAIN MAHILAMANDAL |
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2026-02-18 16:02:02 |
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अध्यात्मयोगी |
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Join now ? |
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2026-02-18 15:55:27 |
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40449750 |
107 ? ए बी जैन न्यूज़ ◆ जैन कम्युनिटी ग्रुप |
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*मुक्तागिरि में कल 19 को होगी जैनेश्वरी दीक्षाएँ। देश भर के भक्तों का होगा यहां जमावड़ा। दीक्षाएँ देखकर धन्य करेंगे अपने नयन।*
*पूज्य गुरुदेव के चरणों मे, 25 बसो से मुक्तागिरि जाएंगे सागर के श्रद्धालु ।*
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_प्रत्येक भक्त की भावना रहती है कि उनको पूज्य गुरुदेव से जैनेश्वरी दीक्षा मिले। इसी स्वप्न को चरितार्थ करने हेतु निर्यापक श्रमण मुनिश्री नियम सागर जी महाराज, निर्यापक श्रमण मुनि श्री अभय सागर जी महाराज, निर्यापक श्रमण मुनि श्री संभव सागर जी महाराज, निर्यापक श्रमण मुनि श्री वीर सागर जी महाराज एवं अन्य पूज्य मुनिश्री के उपसंघों से एलक जी एवं छुल्लक जी को मुनि दीक्षा ग्रहण हेतु विद्याशिरोमणि आचार्यश्री समयसागर जी महाराज के चरणों मे भेजा गया है। संभावना है कि 23 एलक/छुल्लक जी की मुनिदीक्षा के अलावा अन्य दीक्षाएँ भी हो सकती हैं। दीक्षा पूर्व आज छुल्लक महाराजों द्वारा अपने गुरुदेव को आहार दान करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।_
_मुक्तागिरि क्षेत्र पर त्रिदिवसीय आयोजन होने से भारी संख्या में लोगों के पहुँचने का क्रम शुरू हो गया है। श्री मुकेश ढाना ने बताया कि दीक्षा महोत्सव आयोजन में पूरे भारत से हजारों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। इसी क्रम में सागर जिले से भी 25 से अधिक बसों से और सैकड़ो फोर व्हीलर गाड़ियों से श्रद्धालु मुक्तागिरी पहुंच रहे हैं। सागर, देवरी, बंडा, रहली, गौरझामर, महाराजपुर, खुरई मकरोनिया आदि स्थानों से बसे जा रही हैं। ज्ञातव्य है कि सागर जिले के 5 ऐलक और छुल्लक महाराज मुनि दीक्षा ग्रहण करेंगे। इसके पूर्व मुक्तागिरि में आचार्य श्री विद्यासागर महाराज ने 11 फरवरी 1998 को मुनि दीक्षा प्रदान की थी।_
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*अनिल जैन बड़कुल, ए बी जैन न्यूज़*
<a href="https://whatsapp.com/channel/0029VaGkk2NGzzKNg9qY8P1b" target="_blank">https://whatsapp.com/channel/0029VaGkk2NGzzKNg9qY8P1b</a> |
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2026-02-18 15:54:29 |
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| 9081 |
40449729 |
माँ विशुद्ध भक्त परिवार?7 |
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2026-02-18 15:52:01 |
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| 9080 |
40449660 |
Acharya PulakSagarji 07 |
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2026-02-18 15:51:43 |
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| 9079 |
40449674 |
JAIN MAHILAMANDAL |
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2026-02-18 15:51:35 |
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