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74984 40449721 माँ विशुद्ध भक्त परिवार?6 आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी महाराज द्वारागायत्री नगर में अमृत स्नान महोत्सव संपन्न <a href="https://jansamachar24.com/?p=84648" target="_blank">https://jansamachar24.com/?p=84648</a> 2026-04-10 15:48:18
74983 40449721 माँ विशुद्ध भक्त परिवार?6 आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी महाराज द्वारागायत्री नगर में अमृत स्नान महोत्सव संपन्न <a href="https://jansamachar24.com/?p=84648" target="_blank">https://jansamachar24.com/?p=84648</a> 2026-04-10 15:48:17
74981 50892187 श्री जिनेन्द्र भक्तमण्डल ग्वालियर *सोनागिर कमेटी का प्रतिनिधि मण्डल भोपाल में पुलिस महानिदेशक मध्य प्रदेश से भेंट कर ज्ञापन सौंपा* श्री दिगम्बर जैन सिद्ध क्षेत्र सोनागिर में 4-5 अप्रैल की दरम्यानी रात को 57 नं.मंन्दिर से चांदी की भगवान चन्द्र प्रभु की मूर्ति सिंहासन सहित एवं नगदी मिला कर लगभग 25 लाख रुपए की चोरी हो गई। चोरी शीघ्रता शीघ्र पता करने एवं सोनागिर क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था के सम्बन्ध में आज भोपाल पहुंच कर पुलिस महानिदेशक महोदय को ज्ञापन सौंपा एवं शीघ्र कार्यवाही की मांग की। पुलिस महानिदेशक महोदय आई.जी.ग्वालियर चम्बल संभाग एवं जिला पुलिस अधीक्षक दतिया निर्देशित तुरन्त कार्यवाही हेतु आदेशित किया। प्रतिनिधि मंडल में, सोनागिर कमेटी के मंत्री बालचंद जैन, कोषाध्यक्ष एडवोकेट राजेंद्र जैन, उपमंत्री पारस जैन, मूलचंद जैन ठेकेदार, विजय कुमार जैन मामा, एडवोकेट सौरभ जैन, जिनेन्द्र कुमार जैन के साथ भोपाल से पत्रकार रविन्द्र जैन एवं मनोज जैन प्रधान मुख्य रूप से सम्मिलित हुए 2026-04-10 15:45:18
74982 50892187 श्री जिनेन्द्र भक्तमण्डल ग्वालियर *सोनागिर कमेटी का प्रतिनिधि मण्डल भोपाल में पुलिस महानिदेशक मध्य प्रदेश से भेंट कर ज्ञापन सौंपा* श्री दिगम्बर जैन सिद्ध क्षेत्र सोनागिर में 4-5 अप्रैल की दरम्यानी रात को 57 नं.मंन्दिर से चांदी की भगवान चन्द्र प्रभु की मूर्ति सिंहासन सहित एवं नगदी मिला कर लगभग 25 लाख रुपए की चोरी हो गई। चोरी शीघ्रता शीघ्र पता करने एवं सोनागिर क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था के सम्बन्ध में आज भोपाल पहुंच कर पुलिस महानिदेशक महोदय को ज्ञापन सौंपा एवं शीघ्र कार्यवाही की मांग की। पुलिस महानिदेशक महोदय आई.जी.ग्वालियर चम्बल संभाग एवं जिला पुलिस अधीक्षक दतिया निर्देशित तुरन्त कार्यवाही हेतु आदेशित किया। प्रतिनिधि मंडल में, सोनागिर कमेटी के मंत्री बालचंद जैन, कोषाध्यक्ष एडवोकेट राजेंद्र जैन, उपमंत्री पारस जैन, मूलचंद जैन ठेकेदार, विजय कुमार जैन मामा, एडवोकेट सौरभ जैन, जिनेन्द्र कुमार जैन के साथ भोपाल से पत्रकार रविन्द्र जैन एवं मनोज जैन प्रधान मुख्य रूप से सम्मिलित हुए 2026-04-10 15:45:18
74979 50892187 श्री जिनेन्द्र भक्तमण्डल ग्वालियर 2026-04-10 15:45:16
74980 50892187 श्री जिनेन्द्र भक्तमण्डल ग्वालियर 2026-04-10 15:45:16
74978 40449749 जिनोदय?JINODAYA Om Shanti Om Shanti Om Shanti??? 2026-04-10 15:44:52
74977 40449749 जिनोदय?JINODAYA Om Shanti Om Shanti Om Shanti??? 2026-04-10 15:44:51
74975 49028270 1.श्री सम्मेद शिखर जी *सावधान* कल विश्व नवकार दिवस मनाया गया, विश्व में जैन धर्म को प्रसिद्ध करने के लिए यह उपक्रम सराहनीय है परंतु इसमें हमसे *बहुत गंभीर भूल हो रही है* इसे ध्यान से समझे - णमोकार महामंत्र प्राकृत भाषा में बोला जाता है, इसी भाषा में लिखा गया है, इसमें सभी छंद "ण" से प्रारंभ होते है, - प्राचीन जैन आगमों और ग्रंथों में इसका मूल नाम “णमोकार मंत्र” लिखा है - इसमें बारंबार "णमो" शब्द का उच्चारण आया है इसलिए इसे णमोकार मंत्र कहते हैं, बारंबार एक ही शब्द दोहराने को "कार" कहते है जैसे जयजयकार हाहाकार - हमारे श्वेतांबर भाई "न" से णमोकार मंत्र कहते हैं न से भी कहे तो यह मंत्र नमोकार होना चाहिए था नवकार नहीं, - "णमोकार" प्राकृत शब्द है परंतु प्राकृत भाषा के (अपभ्रंश) विकृत उच्चारण से, अशुद्ध उच्चारण से, या संस्कृत के प्रभाव से नमस्कार शब्द बना है - अगर संस्कृत भाषा में भी कहे तो इसे नमस्कार मंत्र कहना चाहिए परंतु इसे नवकार क्यों कहा गया? क्यों किया गया? यह समझ नहीं आता - अतः इसे णमोकार कहना ही उचित है, आगम प्रमाण है, नवकार कहना उचित नहीं है - यह भाषा की चूक है और इसी गलत परंपरा से हम मूल शब्द और भाषा से दूर होते चले जाएंगे - अगर हम ही गलत बोलेंगे तो अगली पीढ़ी इसे क्या समझ पाएगी कि यह णमोकार मंत्र है नवकार नहीं, वह तो इसे नवकार ही बोलेगी और इसे नवकार ही समझेगी - यह विवाद करने के लिए नहीं और ना ही कार्यक्रम को असफल करने के लिए लिखा है, - यह जानबूझकर आज ही लिखा है ताकि कार्यक्रम में कोई बाधा ना आए, ना विवाद हो - यह इसीलिए लिखा है क्योंकि आज तक हुई गलती हम आगे ना दोहराएं और हम भी इसे समझे और सभी को समझाएं - सही समझ से सकल जैन समाज की एकता और अखंडता बनी रहे *धर्म का मर्म* शब्दार्थ णमो = नमस्कार, प्रणाम, वंदन कार = पुनः पुनः सही उच्चारण णमो अरिहंताणं णमो सिद्धाणं णमो आइरियाणं णमो उवज्झायाणं णमो लोए सव्वसाहूणं एसो पंच णमोयारो सव्व पावप्पणासणो मंगलाणं च सव्वेसिं पढमं होहि मंगलं 2026-04-10 15:42:12
74976 49028270 1.श्री सम्मेद शिखर जी *सावधान* कल विश्व नवकार दिवस मनाया गया, विश्व में जैन धर्म को प्रसिद्ध करने के लिए यह उपक्रम सराहनीय है परंतु इसमें हमसे *बहुत गंभीर भूल हो रही है* इसे ध्यान से समझे - णमोकार महामंत्र प्राकृत भाषा में बोला जाता है, इसी भाषा में लिखा गया है, इसमें सभी छंद "ण" से प्रारंभ होते है, - प्राचीन जैन आगमों और ग्रंथों में इसका मूल नाम “णमोकार मंत्र” लिखा है - इसमें बारंबार "णमो" शब्द का उच्चारण आया है इसलिए इसे णमोकार मंत्र कहते हैं, बारंबार एक ही शब्द दोहराने को "कार" कहते है जैसे जयजयकार हाहाकार - हमारे श्वेतांबर भाई "न" से णमोकार मंत्र कहते हैं न से भी कहे तो यह मंत्र नमोकार होना चाहिए था नवकार नहीं, - "णमोकार" प्राकृत शब्द है परंतु प्राकृत भाषा के (अपभ्रंश) विकृत उच्चारण से, अशुद्ध उच्चारण से, या संस्कृत के प्रभाव से नमस्कार शब्द बना है - अगर संस्कृत भाषा में भी कहे तो इसे नमस्कार मंत्र कहना चाहिए परंतु इसे नवकार क्यों कहा गया? क्यों किया गया? यह समझ नहीं आता - अतः इसे णमोकार कहना ही उचित है, आगम प्रमाण है, नवकार कहना उचित नहीं है - यह भाषा की चूक है और इसी गलत परंपरा से हम मूल शब्द और भाषा से दूर होते चले जाएंगे - अगर हम ही गलत बोलेंगे तो अगली पीढ़ी इसे क्या समझ पाएगी कि यह णमोकार मंत्र है नवकार नहीं, वह तो इसे नवकार ही बोलेगी और इसे नवकार ही समझेगी - यह विवाद करने के लिए नहीं और ना ही कार्यक्रम को असफल करने के लिए लिखा है, - यह जानबूझकर आज ही लिखा है ताकि कार्यक्रम में कोई बाधा ना आए, ना विवाद हो - यह इसीलिए लिखा है क्योंकि आज तक हुई गलती हम आगे ना दोहराएं और हम भी इसे समझे और सभी को समझाएं - सही समझ से सकल जैन समाज की एकता और अखंडता बनी रहे *धर्म का मर्म* शब्दार्थ णमो = नमस्कार, प्रणाम, वंदन कार = पुनः पुनः सही उच्चारण णमो अरिहंताणं णमो सिद्धाणं णमो आइरियाणं णमो उवज्झायाणं णमो लोए सव्वसाहूणं एसो पंच णमोयारो सव्व पावप्पणासणो मंगलाणं च सव्वेसिं पढमं होहि मंगलं 2026-04-10 15:42:12